Shuru
Apke Nagar Ki App…
बारिस बहुत दिन बाद आज बारिश आने से गर्मी और उम्स बड़ा वातावरण से छुटकारा मिला आज कोजरा गांव में जमाजम बारिश की धमाकेदार एंट्री हो गई है गर्मी और उमस से थोड़ा बहुत छुटकारा मिला है और किसानों के लिए भी अपनी फसलों को जीवादन मिलने की संभावना और थोड़ी बहुत बारिश आकर फिर वापस धूप खिल गई है
Naresh Valand
बारिस बहुत दिन बाद आज बारिश आने से गर्मी और उम्स बड़ा वातावरण से छुटकारा मिला आज कोजरा गांव में जमाजम बारिश की धमाकेदार एंट्री हो गई है गर्मी और उमस से थोड़ा बहुत छुटकारा मिला है और किसानों के लिए भी अपनी फसलों को जीवादन मिलने की संभावना और थोड़ी बहुत बारिश आकर फिर वापस धूप खिल गई है
More news from राजस्थान and nearby areas
- बारिस बहुत दिन बाद आज बारिश आने से गर्मी और उम्स बड़ा वातावरण से छुटकारा मिला आज कोजरा गांव में जमाजम बारिश की धमाकेदार एंट्री हो गई है गर्मी और उमस से थोड़ा बहुत छुटकारा मिला है और किसानों के लिए भी अपनी फसलों को जीवादन मिलने की संभावना और थोड़ी बहुत बारिश आकर फिर वापस धूप खिल गई है2
- जावाल के आस पास गांवों में आज अच्छी बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी जावाल के आस पास गांवों में बारिश अच्छी आई जिसमें गांवों में लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और किसानो को खुशी मिलेगी2
- बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत..... बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत रानी/नाडोल। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शनिवार शाम हुई बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम करीब 5 से 6 बजे तक लगभग एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से नाडोल सहित आसपास के गांवों का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उनके लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। लगातार उमस भरे मौसम से परेशान आमजन ने बारिश का आनंद लिया। कई स्थानों पर लोगों ने घरों से बाहर निकलकर ठंडी फुहारों का आनंद उठाया। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह खुशनुमा हो गया।1
- उदयपुर पहुंचे राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगे भाग1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज झाड़ोल दौरे पर, बीड़ा में ग्राम विकास चौपाल में करेंगे संवाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज झाड़ोल दौरे पर, बीड़ा में ग्राम विकास चौपाल में करेंगे संवाद1
- एमबी में वार्ता सफल, ठेका कर्मियों को मिला भरोसा प्रदर्शन के बाद mb चिकित्सा लय के प्रधानाचार्य डॉक्टर राहुल जी जैन ने बात की एमबी में वार्ता सफल, ठेका कर्मियों को मिला भरोसा प्रदर्शन के बाद एमबी चिकित्सालय के प्रधानाचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि ठेकेदार से वार्ता के बाद सहमति बनी है। प्रत्येक कार्मिक को हर माह 7 तारीख तक वेतन, समय पर पीएफ-ईएसआई तथा निर्धारित कार्य दिवस मिलेंगे। कार्मिकों और ठेकेदार के बीच संवाद कराकर अस्पताल की व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएंगी।1
- बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* *बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* उपखण्ड बाली क्षेत्र बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी महिलाओं को दिया रोजगार, सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी बेड़ा कस्बे के युवा उद्यमी मुकेश ओझा ने उदयपुर के पास जसवंतगढ़ में अपनी सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकार के दम पर आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है उन्होंने जंगलों में मिलने वाले सीताफल और जामुन जैसे फलों का प्रसंस्करण कर फूड प्रोसेसिंग का कार्य शुरू किया, जिससे आज करीब 300 आदिवासी महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है । डीके देवासी को जानकारी गिरीश वियास देते हुए मुकेश ओझा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी मात्रा में सीताफल और जामुन उपलब्ध होते हैं, लेकिन समय पर बाजार नहीं मिलने के कारण अधिकांश फल खराब हो जाते थे किसानों और आदिवासी परिवारों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था इसी समस्या को अवसर में बदलने की सोच के साथ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट की नवम्बर 2025 में सखी एग्रो कम्पनी से शुरुआत की कंपनी के माध्यम से महिलाएं फल संग्रह, छंटाई, गूदा निकालने, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। यह पहल आदिवासी परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है ओझा ने बताया कि कंपनी प्राकृतिक स्वाद और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सीताफल और जामुन से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है। इन उत्पादों में किसी प्रकार के कृत्रिम स्वाद या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भविष्य में इस पहल का विस्तार कर और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगलों से मिलने वाले फल बेकार चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें उचित दाम मिलने लगे हैं महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आया है मुकेश ओझा की यह पहल आज ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास अब सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन गया है2