राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक अब 11 जुलाई की जगह 6 जुलाई को अयोध्या में होगी। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक मणि रामदास जी की छावनी के बजाय कारसेवक पुरम में आयोजित की जा सकती है, हालांकि इसके दिन और जगह में बदलाव के कारणों का अभी पता नहीं चला है। इस बीच, मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए; पूछताछ के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां वकील अनूप अवस्थी ने इसकी सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की है। हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए पूछा कि इतनी जल्दी क्या है और स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई छुट्टियों के बाद ही होगी। दूसरी ओर, पुलिस सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे जेल में बंद 8 आरोपियों के बैंक खाते खंगालने के लिए एसबीआई की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची। इन 8 में से 7 आरोपियों के खाते इसी ब्रांच में हैं, और पुलिस ने उनके बैंक स्टेटमेंट हासिल किए हैं। अब यह जांच की जाएगी कि मंदिर में नौकरी मिलने के बाद से उनके खातों में कितनी राशि आई है। पुलिस ने बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया है। इसी कड़ी में, सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन पुलिस ने उनकी रिमांड नहीं मांगी। इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और उनकी अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है, तब तक वे जेल में ही रहेंगे। उधर, अयोध्या के वकीलों ने एक बड़ी बैठक कर यह फैसला लिया है कि वे राम मंदिर चोरी मामले के इन 8 आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक अब 11 जुलाई की जगह 6 जुलाई को अयोध्या में होगी। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक मणि रामदास जी की छावनी के बजाय कारसेवक पुरम में आयोजित की जा सकती है, हालांकि इसके दिन और जगह में बदलाव के कारणों का अभी पता नहीं चला है। इस बीच, मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए; पूछताछ के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां वकील अनूप अवस्थी ने इसकी सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की है। हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए पूछा कि इतनी जल्दी क्या है और स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई छुट्टियों के बाद ही होगी। दूसरी ओर, पुलिस सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे जेल में बंद 8 आरोपियों के बैंक खाते खंगालने के लिए एसबीआई की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची। इन 8 में से 7 आरोपियों के खाते इसी ब्रांच में हैं, और पुलिस ने उनके बैंक स्टेटमेंट हासिल किए हैं। अब यह जांच की जाएगी कि मंदिर में नौकरी मिलने के बाद से उनके खातों में कितनी राशि आई है। पुलिस ने बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया है। इसी कड़ी में, सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन पुलिस ने उनकी रिमांड नहीं मांगी। इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और उनकी अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है, तब तक वे जेल में ही रहेंगे। उधर, अयोध्या के वकीलों ने एक बड़ी बैठक कर यह फैसला लिया है कि वे राम मंदिर चोरी मामले के इन 8 आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे।
- महोबा उपकारागार का त्रैमासिक निरीक्षण पूरा हो गया है। इस दौरान, नवनिर्मित मुलाक़ात शेड का भी उद्घाटन किया गया।1
- सोमवार को हमीरपुर के मौदहा में बुंदेलखंड नव निर्माण सेना भारत के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। यह ज्ञापन भरत तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विनय तिवारी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कराई जाए, ताकि निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके। साथ ही, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा जांच प्रक्रिया की उच्चस्तरीय निगरानी कर उसकी प्रगति समय-समय पर सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की गई। संगठन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार ने इसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।2
- झांसी के गुरसराय स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र गुरसराय के पुरानी गुरसराय फीडर की मशीन में अचानक ब्लास्ट हो जाने के कारण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इस घटना के चलते गुरसराय में लगभग 30 मिनट से विद्युत आपूर्ति बंद है। घटना के तुरंत बाद उपकेंद्र पर मेंटीनेंस कार्य शुरू कर दिया गया है। अवर अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। विद्युत विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अवर अभियंता दीपक कुमार ने उपभोक्ताओं से थोड़े समय तक सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की है, साथ ही यह आश्वासन भी दिया है कि मेंटीनेंस कार्य पूरा होते ही विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।1
- छतरपुर जिले के नौगांव में पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों और आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। इस कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी अमित मेश्राम, थाना प्रभारी संजय राय, लुगासी चौकी प्रभारी ओशो गुप्ता और सब इंस्पेक्टर प्रमोद रोहित ने संयुक्त रूप से उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण संदेश दिए।1
- छतरपुर जिला अस्पताल में "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज, 29 जून को रात करीब 8:00 बजे संपन्न हुआ। छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के नेतृत्व में, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह और साइबर प्रभारी नेहा गुर्जर की टीम ने अस्पताल परिसर का दौरा किया। पुलिस दल ने वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ सदस्यों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया। पुलिस टीम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की और उन्हें यह भी बताया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत कैसे दर्ज कराई जाए। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य आमजन को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।1
- महोबा जिले की पनवाड़ी ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ा एक सच सामने आया है। इस घटना से ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था की असलियत उजागर हुई है।1
- छतरपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और टीकमगढ़ लोकसभा सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने आज 29 जून को दोपहर करीब 2:00 बजे राहुल गांधी के 'गुमशुदा' पोस्टरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि, "यह तो उन्हें चिंतन करना चाहिए कि इस तरह की स्थितियां क्यों निर्मित हों।" डॉ. वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति या दल को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं और जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर कैसी धारणा बन रही है। इस संवेदनशील मुद्दे पर उन्होंने कोई सीधा राजनीतिक आरोप लगाने से परहेज किया। उनका यह बयान दिशा समिति की बैठक के बाद मीडिया के साथ एक अनौपचारिक चर्चा के दौरान सामने आया, जिसके उपरांत राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर गरमागरम चर्चा शुरू हो गई है।1
- पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशों पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन ईगल" के तहत बाँदा की कमासिन पुलिस को नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 1 किलो 300 ग्राम अवैध सूखे गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 28 और 29 जून की देर रात को हुई, जब थाना कमासिन पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजापुर-बबेरु मार्ग पर इटर्रा बढ़ौनी तिराहे के पास एक संदिग्ध युवक गांजा लेकर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर रिशु पुत्र शिवशंकर को मौके से दबोच लिया, जो ग्राम लोहरा, थाना कमासिन का निवासी है। अभियुक्त की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से कुल 1 किलो 300 ग्राम अवैध सूखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे को तुरंत कब्जे में लेकर आरोपी रिशु के खिलाफ थाना कमासिन में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने स्पष्ट कहा है कि जनपद को नशामुक्त बनाने के लिए "ऑपरेशन ईगल" लगातार जारी रहेगा और नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की भैंसदेही विधानसभा की झल्लार ग्राम पंचायत का एक शर्मनाक कारनामा सामने आया है, जहाँ एक मृत गौ माता को ग्राम पंचायत द्वारा संचालित कचरा वाहन में रस्सी से बाँधकर लगभग एक किलोमीटर तक सड़क पर घसीटा गया। यह अत्यंत निंदनीय घटना उस समय सामने आई है जब मध्यप्रदेश में गौ माता को सम्मानजनक अंतिम संस्कार देने की बात की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसे अमानवीय व्यवहार की घटनाएँ लगातार हो रही हैं। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर स्थानीय गौ सेवक शिवा आर्य, अन्य ग्रामीण और राष्ट्रीय हिन्दू सेना के कार्यकर्ताओं ने तत्काल वाहन को रुकवाया। उन्होंने इस अमानवीय कृत्य पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद जागरूक युवक शिवा आर्य ने गौ माता का अंतिम संस्कार किया और उनके शव को रखने के लिए तत्काल वाहन बुलाया।1