छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी अंचल तामिया में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। तामिया विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलाखारी में लंबे समय से किसी डॉक्टर की पदस्थापना न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर की गैर-मौजूदगी के चलते उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें बीमार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अनुसार, इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें और मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। डॉक्टर की नियुक्ति न होने से देलाखारी क्षेत्र के हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। देलाखारी के उपसरपंच राजदीप साहू ने इस स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलाखारी में जल्द से जल्द डॉक्टर की नियुक्ति की जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें और क्षेत्रवासियों को बेहतर उपचार मिल सके। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाते हैं।
छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी अंचल तामिया में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। तामिया विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलाखारी में लंबे समय से किसी डॉक्टर की पदस्थापना न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर की गैर-मौजूदगी के चलते उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें बीमार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अनुसार, इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें और मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। डॉक्टर की नियुक्ति न होने से देलाखारी क्षेत्र के हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। देलाखारी के उपसरपंच राजदीप साहू ने इस स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलाखारी में जल्द से जल्द डॉक्टर की नियुक्ति की जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें और क्षेत्रवासियों को बेहतर उपचार मिल सके। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाते हैं।
- छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी अंचल तामिया में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। तामिया विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलाखारी में लंबे समय से किसी डॉक्टर की पदस्थापना न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर की गैर-मौजूदगी के चलते उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें बीमार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अनुसार, इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें और मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। डॉक्टर की नियुक्ति न होने से देलाखारी क्षेत्र के हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। देलाखारी के उपसरपंच राजदीप साहू ने इस स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलाखारी में जल्द से जल्द डॉक्टर की नियुक्ति की जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें और क्षेत्रवासियों को बेहतर उपचार मिल सके। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाते हैं।1
- 16 जून को हरिद्वार की पावन धरती पर चल रहे राष्ट्रीय चिंतन शिविर में जिला अध्यक्ष ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित शिव मंदिर परिसर में स्वर श्रीनाद संगीत विद्यालय द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर के युवक-युवतियों ने गीत-संगीत के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर, स्वर श्रीनाद संगीत विद्यालय ने सभी प्रतिभावान युवक-युवतियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में नगर के सम्मानीय नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।3
- Available for Sale Locality : छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ के पास Area (dimensions) : एक एकड़ कृषि भूमि Expected Price : 1500000 Property Type : Agricultural / Farm Land कृषि क्षेत्र हेतु एक एकड़ जमीन तत्काल बेचना है जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर मोहखेड़ के पास अर्जेंट बेचना है1
- छिंदवाड़ा जिले के ओझल ढाना तिराहा के पास एक युवक नशे की हालत में अपनी टू-व्हीलर बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद युवक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।1
- चौरई ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित थे। किसानों ने अपनी समस्याओं को ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के सामने रखा।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित मारूपुरा वार्ड निवासी शिवहरे परिवार की समाजसेवी श्रीमती सुनीता शिवहरे 'राम रहीम रोटी बैंक' के माध्यम से लगातार जरूरतमंद, लाचार और वृद्धजनों को भोजन कराने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। हाल ही में, उन्होंने शुक्रवार से मंगलवार तक लगातार पाँच दिनों तक सैकड़ों भूखों को भोजन कराकर मानवता की मिसाल पेश की है। श्रीमती शिवहरे गरीबों की भोजन व्यवस्था में सदैव बढ़-चढ़कर सहयोग करती हैं।1
- विश्व विख्यात पर्यटन स्थल तामिया में वर्षाकाल के दौरान सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने और संभावित खतरों को कम करने के उद्देश्य से समिति सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। परिक्षेत्र तामिया में वर्षा ऋतु में लाखों पर्यटक मनोरम वन, पहाड़ियों और झरनों जैसे छोटा महादेव और झिंगरिया वाटरफॉल देखने आते हैं। इस अवधि में भूस्खलन, फिसलन, नदियों में उफान, आँधी-तूफान से पेड़ गिरना और अत्यधिक कोहरे के कारण दृश्यता में कमी आना सामान्य बात है, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। इन्हीं आशंकाओं और विगत वर्षों में हुए हादसों को ध्यान में रखते हुए, मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड के तत्वावधान में गंतव्य स्थलों के आसपास के ग्रामों के समिति सदस्यों के लिए प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना भी था। इस कार्यशाला में समिति सदस्यों को इको पर्यटन की अवधारणा समझाते हुए इसे अपनी जीवनशैली में अपनाने और पर्यटकों को "अपना कचरा अपने साथ लेकर जाए" का संदेश देने को कहा गया। उन्हें पर्यटकों को विगत वर्षों के हादसों की जानकारी देकर सुरक्षित पर्यटन करने और घर लौटने के लिए प्रेरित करने का प्रचार-प्रसार करने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। वन्यजीवों की बढ़ती बहुलता और हिंसक वन्यजीवों के विचरण की जानकारी पर्यटकों तक समिति सदस्यों और संबंधित वन रक्षकों द्वारा पहुँचाने की अपील की गई। वर्षाकाल के दौरान भूस्खलन, फिसलन, नदियों में उफान, पेड़ गिरने और कम दृश्यता जैसे कारणों से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए समाचार पत्रों और डिजिटल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार की बात भी रखी गई। इसके अतिरिक्त, रोजगार के विभिन्न अवसर और आत्मनिर्भरता हेतु होम स्टे संचालकों और समिति सदस्यों को समूह बनाकर अचार, महुआ लड्डू, कोदो, कुट्की, मक्का आदि के छोटे पैकेट बनाकर बेचने का सुझाव दिया गया। उन्हें यह भी समझाया गया कि वे शहरी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पारंपरिक ज्ञान, नृत्य, गायन, भोजन और बैलगाड़ी में घुमाने जैसी गतिविधियों को समूह में शामिल करें। कचरा प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश इको पर्यटन बोर्ड के माध्यम से वन विभाग द्वारा विभिन्न पर्यटन स्थलों पर डस्टबीन लगाने की बात भी कही गई। मुख्य वन संरक्षक छिंदवाड़ा, श्री कमल अरोरा और वनमंडल अधिकारी पश्चिम छिंदवाड़ा, श्री साहिल गर्ग के निर्देशानुसार, परिक्षेत्र अधिकारी तामिया, हिमांशु विश्वकर्मा और परिक्षेत्र के स्टाफ द्वारा मोयापानी और पीपरढार ग्रामों में यह जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन उपवनमंडल अधिकारी तामिया, श्रीमती सीमा ठाकुर ने किया। कार्यशाला में समिति अध्यक्ष, घानाकौडिया सरपंच, पूर्व सरपंच, होम स्टे संचालक और समीपवर्ती ग्रामों तथा ढानों के समिति सदस्य उपस्थित रहे।1