जनपद श्रावस्ती के भिनगा अंतर्गत मंगल भट्ठा के पास एक जमीन पर नगर पालिका परिषद भिनगा पर गंभीर लापरवाही और गंदे पानी की अवैध निकासी के आरोप लगे हैं। भू-स्वामी निसार अहमद ने शिकायत की है कि नगर पालिका परिषद द्वारा आसपास के पूरे मोहल्ले का गंदा पानी उनकी निजी जमीन पर नाला खुदवाकर बहाया जा रहा है, जिसके कारण उनकी जमीन पर लगातार जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। भिनगा निवासी निसार अहमद का कहना है कि वे अपनी इस जमीन पर घर का निर्माण करवाना चाहते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उन्हें ऐसा करने में भारी कठिनाई हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार नगर पालिका परिषद भिनगा को लिखित पत्र देकर पानी की निकासी बंद करने की मांग की, परंतु उनका आरोप है कि नगर पालिका परिषद के ईओ (कार्यकारी अधिकारी) और अध्यक्ष द्वारा अभी तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस अनदेखी से परेशान होकर, निसार अहमद ने उप जिलाधिकारी को तहसील दिवस में एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने इसमें मांग की है कि नगर पालिका परिषद द्वारा उनकी जमीन पर बहाया जा रहा गंदा पानी तुरंत बंद किया जाए और ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर उचित कार्यवाही की जाए। प्रार्थी का कहना है कि वे कई सालों से इस समस्या से जूझ रहे हैं और यदि जलभराव ऐसे ही जारी रहा, तो वे अपने रहने के घर का निर्माण नहीं कर पाएंगे। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि नगर पालिका परिषद पर उचित कार्यवाही कर उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
जनपद श्रावस्ती के भिनगा अंतर्गत मंगल भट्ठा के पास एक जमीन पर नगर पालिका परिषद भिनगा पर गंभीर लापरवाही और गंदे पानी की अवैध निकासी के आरोप लगे हैं। भू-स्वामी निसार अहमद ने शिकायत की है कि नगर पालिका परिषद द्वारा आसपास के पूरे मोहल्ले का गंदा पानी उनकी निजी जमीन पर नाला खुदवाकर बहाया जा रहा है, जिसके कारण उनकी जमीन पर लगातार जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। भिनगा निवासी निसार अहमद का कहना है कि वे अपनी इस जमीन पर घर का निर्माण करवाना
चाहते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उन्हें ऐसा करने में भारी कठिनाई हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार नगर पालिका परिषद भिनगा को लिखित पत्र देकर पानी की निकासी बंद करने की मांग की, परंतु उनका आरोप है कि नगर पालिका परिषद के ईओ (कार्यकारी अधिकारी) और अध्यक्ष द्वारा अभी तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस अनदेखी से परेशान होकर, निसार अहमद ने उप जिलाधिकारी को तहसील दिवस में एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने इसमें
मांग की है कि नगर पालिका परिषद द्वारा उनकी जमीन पर बहाया जा रहा गंदा पानी तुरंत बंद किया जाए और ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर उचित कार्यवाही की जाए। प्रार्थी का कहना है कि वे कई सालों से इस समस्या से जूझ रहे हैं और यदि जलभराव ऐसे ही जारी रहा, तो वे अपने रहने के घर का निर्माण नहीं कर पाएंगे। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि नगर पालिका परिषद पर उचित कार्यवाही कर उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
- बहराइच में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज सभागार में पर्यावरण, जल संरक्षण एवं नशा उन्मूलन विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना, जल बचाना और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करना था। कार्यक्रम में उपस्थित नगर एवं ग्रामीण अंचल के विभिन्न विद्यालयों व महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आचार्यों, प्राचार्यों, प्रबंधकों सहित बड़ी संख्या में समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरणविदों ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण तथा अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे जन जागरण अभियान से जन-जन को जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. हरिशंकर सिंह ने ज़ोर दिया कि पर्यावरण और जल संरक्षण मानव जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने सभी से सामूहिक रूप से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और उनका संरक्षण करने का दायित्व निभाने का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण मानवानुकूल बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नशा उन्मूलन एक सामाजिक जिम्मेदारी है और हम सभी को मिलकर अवैध नशे के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाना चाहिए, तभी इस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय ने छात्रों और युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान को समाज हित में आवश्यक बताया। उपनिदेशक कृषि (डी.डी.ए.जी.) विनय वर्मा ने स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति आधारित परंपरागत खेती-किसानी अपनाने पर जोर दिया और रसायन व उर्वरक रहित कृषि, गौ पालन तथा सब्जी उत्पादन के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की बात कही। आयोजक महामना मालवीय मिशन के अवध अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि उनका संगठन पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर स्थानीय जन सहयोग से उनका संरक्षण कर रहा है, साथ ही अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान भी चला रहा है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा एवं समाजशास्त्री डॉ. तस्लीम जैदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरणविद राकेश चंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल शिक्षा निकेतन की प्राचार्य अर्चना मराठे ने की। इस अवसर पर मालवीय मिशन के जिला संयोजक अनिल मिश्रा एडवोकेट, संघ विचारक ओम प्रकाश सक्सेना, संविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी, प्रवक्ता डॉ. पंकज श्रीवास्तव, शिक्षाविद अरशद रईस, योगाचार्य सुशील बाजपेई, प्रोफेसर सरिता वर्मा सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान तथा अवैध नशा कारोबार पर नियंत्रण के लिए सतत जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शामिल हुए 200 छात्र-छात्राओं को बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ द्वारा प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया। आयोजन में प्राचार्य दिलशाद बानो, शिक्षाविद डॉ. अनिल श्रीवास्तव, मनीषा खन्ना, दुर्गेश नंदनी, प्रशासनिक अधिकारी कृष्णा लाल, गायत्री परिजन जगदीश मिश्र, मीना पांडेय सहित सैकड़ों लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा विरोधी अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरण अभियान चलाने का संकल्प दोहराया।4
- दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ के साथ ही वे सदन में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रखेंगे। खड़गे ने इस अवसर पर संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के अपने संकल्प को दोहराया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता भी सदन में मौजूद थे।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में इंडो-नेपाल बॉर्डर से, प्रसिद्ध शायर हयात नेपाली ने एक गहरा संदेश दिया है। उन्होंने अपने शायराना अंदाज़ में कहा कि, "वक्त के साथ तुम अपने को बदल दो वरना-ख़ाक रख देंगे हथेली पर जमाने वाले।" यह कथन समय के साथ परिवर्तन और अनुकूलन की अनिवार्यता पर प्रकाश डालता है।2
- आज 28 जून 2026 को नानपारा स्थित सिटी मैक्स पॉलीक्लिनिक, नवाबगंज रोड, बेलवा भारी में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ नवजीवन हॉस्पिटल नानपारा के डायरेक्टर डॉ आर.आर. निषाद जी (एमबीबीएस, एमएमए, जनरल फिजिशियन) ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर किया। शिविर में डॉ असद सिद्दीकी, डॉ शाजिद खान, डॉ सना फारुखी और रोहित निषाद सहित क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का लाभ उठाया।1
- बहराइच में क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम और थाना रामगांव की संयुक्त टीम की अपराधियों के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में एक ₹50,000 के इनामी अभियुक्त के बायें पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त का दर्जनों चोरी के मुकदमों का आपराधिक इतिहास है और वह थाना बौंडी का हिस्ट्रीशीटर भी है, जो कई चोरी के मामलों में वांछित था। मुठभेड़ के दौरान पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव सहित अन्य उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।1
- अयोध्या एसोसिएशन की एक बैठक में वकीलों ने यह मांग उठाई है कि चम्पतराय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को अयोध्या छोड़ना होगा। वकीलों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ये तीनों लोग तीन दिनों के भीतर अयोध्या नहीं छोड़ते हैं, तो पूरी अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा और किसी भी व्यक्ति को शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश में राप्ती नदी की बाढ़ के कारण हर साल लोगों का जीवन प्रभावित होता है और उनकी ज़िंदगियां उजड़ जाती हैं। इस वार्षिक प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के बावजूद, प्रभावित लोगों को अभी भी राहत का इंतज़ार है।1
- ओवैसी की एक रैली के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के खेमे में हलचल मची हुई है। सपा के कार्यकर्ता अब अपनी पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं, साथ ही चेतावनी दे रहे हैं कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो इसके परिणाम 'घातक' हो सकते हैं। इस स्थिति से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ता बेहद उत्साहित हैं। AIMIM के जिला बहराइच के जिला सचिव मो. मंशाद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह तो बस 'शुरुआत' है। मो. मंशाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब 'हक लिया जाएगा, मांगा नहीं जाएगा'। सपा खेमे में भी AIMIM को लेकर चर्चा तेज हो गई है।2
- नेपाल में सरकार बदलने के बाद, नई नेपाली सरकार द्वारा लगातार वर्तमान भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसने भारत के लिए चिंता का विषय उत्पन्न कर दिया है। ये आरोप विशेष रूप से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों, तस्करी और घुसपैठियों जैसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों से संबंधित हैं। इन लगातार लगाए जा रहे आरोपों को भारत सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया गया है। इसी पृष्ठभूमि में, एक बहुआयामी दल ने अपनी अपील और मांग प्रस्तुत की है, जिसमें नेपाल सरकार द्वारा भारत पर लगाए जा रहे सीमा सुरक्षा संबंधी आरोपों को विशेष रूप से चिंताजनक करार दिया गया है।1