बहराइच में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज सभागार में पर्यावरण, जल संरक्षण एवं नशा उन्मूलन विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना, जल बचाना और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करना था। कार्यक्रम में उपस्थित नगर एवं ग्रामीण अंचल के विभिन्न विद्यालयों व महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आचार्यों, प्राचार्यों, प्रबंधकों सहित बड़ी संख्या में समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरणविदों ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण तथा अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे जन जागरण अभियान से जन-जन को जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. हरिशंकर सिंह ने ज़ोर दिया कि पर्यावरण और जल संरक्षण मानव जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने सभी से सामूहिक रूप से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और उनका संरक्षण करने का दायित्व निभाने का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण मानवानुकूल बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नशा उन्मूलन एक सामाजिक जिम्मेदारी है और हम सभी को मिलकर अवैध नशे के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाना चाहिए, तभी इस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय ने छात्रों और युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान को समाज हित में आवश्यक बताया। उपनिदेशक कृषि (डी.डी.ए.जी.) विनय वर्मा ने स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति आधारित परंपरागत खेती-किसानी अपनाने पर जोर दिया और रसायन व उर्वरक रहित कृषि, गौ पालन तथा सब्जी उत्पादन के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की बात कही। आयोजक महामना मालवीय मिशन के अवध अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि उनका संगठन पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर स्थानीय जन सहयोग से उनका संरक्षण कर रहा है, साथ ही अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान भी चला रहा है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा एवं समाजशास्त्री डॉ. तस्लीम जैदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरणविद राकेश चंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल शिक्षा निकेतन की प्राचार्य अर्चना मराठे ने की। इस अवसर पर मालवीय मिशन के जिला संयोजक अनिल मिश्रा एडवोकेट, संघ विचारक ओम प्रकाश सक्सेना, संविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी, प्रवक्ता डॉ. पंकज श्रीवास्तव, शिक्षाविद अरशद रईस, योगाचार्य सुशील बाजपेई, प्रोफेसर सरिता वर्मा सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान तथा अवैध नशा कारोबार पर नियंत्रण के लिए सतत जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शामिल हुए 200 छात्र-छात्राओं को बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ द्वारा प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया। आयोजन में प्राचार्य दिलशाद बानो, शिक्षाविद डॉ. अनिल श्रीवास्तव, मनीषा खन्ना, दुर्गेश नंदनी, प्रशासनिक अधिकारी कृष्णा लाल, गायत्री परिजन जगदीश मिश्र, मीना पांडेय सहित सैकड़ों लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा विरोधी अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरण अभियान चलाने का संकल्प दोहराया।
बहराइच में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज सभागार में पर्यावरण, जल संरक्षण एवं नशा उन्मूलन विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना, जल बचाना और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करना था। कार्यक्रम में उपस्थित नगर एवं ग्रामीण अंचल के विभिन्न विद्यालयों व महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आचार्यों, प्राचार्यों, प्रबंधकों सहित बड़ी संख्या में समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरणविदों ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण तथा अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे जन जागरण अभियान से जन-जन को जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामना मालवीय मिशन
के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. हरिशंकर सिंह ने ज़ोर दिया कि पर्यावरण और जल संरक्षण मानव जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने सभी से सामूहिक रूप से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और उनका संरक्षण करने का दायित्व निभाने का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण मानवानुकूल बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नशा उन्मूलन एक सामाजिक जिम्मेदारी है और हम सभी को मिलकर अवैध नशे के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाना चाहिए, तभी इस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय ने छात्रों और युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान को समाज हित में आवश्यक बताया। उपनिदेशक कृषि (डी.डी.ए.जी.) विनय वर्मा ने स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति आधारित परंपरागत
खेती-किसानी अपनाने पर जोर दिया और रसायन व उर्वरक रहित कृषि, गौ पालन तथा सब्जी उत्पादन के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की बात कही। आयोजक महामना मालवीय मिशन के अवध अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि उनका संगठन पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर स्थानीय जन सहयोग से उनका संरक्षण कर रहा है, साथ ही अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान भी चला रहा है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा एवं समाजशास्त्री डॉ. तस्लीम जैदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरणविद राकेश चंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल शिक्षा निकेतन की प्राचार्य अर्चना मराठे ने की। इस अवसर पर मालवीय मिशन के जिला संयोजक अनिल मिश्रा एडवोकेट, संघ विचारक
ओम प्रकाश सक्सेना, संविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी, प्रवक्ता डॉ. पंकज श्रीवास्तव, शिक्षाविद अरशद रईस, योगाचार्य सुशील बाजपेई, प्रोफेसर सरिता वर्मा सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान तथा अवैध नशा कारोबार पर नियंत्रण के लिए सतत जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शामिल हुए 200 छात्र-छात्राओं को बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ द्वारा प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया। आयोजन में प्राचार्य दिलशाद बानो, शिक्षाविद डॉ. अनिल श्रीवास्तव, मनीषा खन्ना, दुर्गेश नंदनी, प्रशासनिक अधिकारी कृष्णा लाल, गायत्री परिजन जगदीश मिश्र, मीना पांडेय सहित सैकड़ों लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा विरोधी अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरण अभियान चलाने का संकल्प दोहराया।
- अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में आज बहराइच के बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज सभागार में पर्यावरण, जल संरक्षण एवं नशा उन्मूलन विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालय व महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आचार्यों, प्राचार्यों और प्रबंधकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाजसेवी, शिक्षाशास्त्री व पर्यावरणविद् उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण, जल संरक्षण और अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे जन जागरण अभियान से हर व्यक्ति को जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य अतिथि महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं० हरिशंकर सिंह ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण व जल संरक्षण मानव जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता है; हम सभी को मिलकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए और उनका संरक्षण भी करना चाहिए ताकि पर्यावरण मानवानुकूल बना रहे। उन्होंने नशा उन्मूलन को सामाजिक अभिशाप बताते हुए अवैध नशा के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रध्दा पाण्डेय ने बताया कि छात्रों व युवाओं में नशा का प्रचलन तेज़ी से बढ़ रहा है, जिस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान आवश्यक है। उपनिदेशक कृषि (डी०डी०ए०जी०) विनय वर्मा ने स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति आधारित परंपरागत खेती, रसायन व उर्वरक रहित कृषि, गौ पालन और सब्जी उत्पादन पर बल दिया। आयोजक महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि संगठन पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर उनके संरक्षण का प्रभावी प्रयास कर रहा है और अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान चला रहा है। इस कार्यक्रम का संचालन शिक्षा एवं समाज शास्त्री डॉ तस्लीमा जैदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरणविद राकेश चंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट ने दिया। बाल शिक्षा निकेतन की प्राचार्य अर्चना मराठे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मालवीय मिशन जिला संयोजक अनिल मिश्रा एडवोकेट, संघ विचारक ओम प्रकाश सक्सेना, संविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी, प्रवक्ता डॉ पंकज श्रीवास्तव, शिक्षाविद अरशद रईस और योगाचार्य सुशील बाजपाई सहित अन्य वक्ताओं ने भी जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सहभागी 200 छात्र-छात्राओं को बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ द्वारा प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया। समापन अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा विरोधी एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरण अभियान चलाए जाने का संकल्प दोहराया।4
- बहराइच जिले में नानपारा-लखीमपुर मुख्य मार्ग पर इंडियन बैंक के निकट सड़क खराब होने और जलभराव के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2026 की पहली ही बरसात में इस सड़क पर पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह सड़क पिछले लगभग पांच वर्षों तक जर्जर हालत में रही। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व यहाँ सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन सड़क के केवल एक तरफ नाली का निर्माण हुआ और दूसरी तरफ नाली नहीं बनी, जिसके चलते इतने कम समय में ही सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और जूते भीग जाते हैं। इंडियन बैंक की गुरगुट्टा शाखा के प्रबंधक विपुल सिंह ने भी बताया कि सोमवार सुबह बैंक पहुँचने पर उन्हें भी जलभराव का सामना करना पड़ा और अंततः उन्हें पानी से होकर बैंक जाना पड़ा, जिससे उनके जूते भीग गए। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहली बरसात में ही ऐसा हुआ है और आगे बरसात के दौरान लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से सड़क की मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।1
- जनपद बहराइच के थाना रामगांव अंतर्गत मंसूपुर खसा मोहम्मदपुरपर में बीती रात 1:51 बजे रामगांव पुलिस पर शिवसेना जिला प्रमुख के घर में जबरन घुसने और बदसलूकी करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मी शराब के नशे में धुत थे, जिन्होंने घर का दरवाजा जबरन खुलवाया और अंदर घुस गए। आरोप है कि उन्होंने महिलाओं से बदतमीजी की और अश्लील गालियां भी दीं। जिला प्रमुख के अनुसार, पुलिस ने वारंट होने का दावा किया, जबकि वह वारंट 15 दिन पहले ही वापस लिया जा चुका था। पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनकी कोई बात नहीं सुनी और शिवसेना अध्यक्ष के साथ धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें जबरन घसीटकर मोटरसाइकिल पर बिठाया। पूछताछ पर उन्होंने एक पुराने वारंट का जिक्र किया, जिसे 10/07/62/026 को ही रिकॉल कर लिया गया था। बाद में उन्हें प्रधान प्रतिनिधि श्री दिलीप यादव जी के घर ले जाकर सुपुर्दगीनामा लिखकर छोड़ दिया गया। इस घटना में दरोगा फूलचंद यादव और सुरेंद्र वर्मा के साथ चार अन्य अज्ञात सिपाही शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर अपनी नेम प्लेट भी नहीं लगाई थी और गुंडे-बदमाशों जैसा व्यवहार किया। शिवसेना जिला प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह हरकतें उनके द्वारा भ्रष्टाचार मिटाने पर बनाए गए कई वीडियो के कारण की गई हैं, जिससे पुलिसकर्मी उनसे नाराज थे। उन्होंने कहा कि इस घटना से उनके सम्मान को गहरी ठेस पहुंची है और जब जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो आम आदमी की बदतमीजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। शिकायत में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि पुलिस ने घर में घुसकर महिलाओं से भी बदतमीजी की और अश्लील गालियां दीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं से दुर्व्यवहार करने वाले गुंडों पर कार्रवाई की बात करती है, वहाँ अब पुलिसकर्मियों को कौन सजा देगा?4
- बहराइच में रुपईडीहा पुलिस ने गोवध और पशु क्रूरता के एक मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर इन दोनों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक महिला बहराइच की निवासी है, जबकि दूसरा आरोपी नौशाद गोंडा का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से अवैध गोवध और पशु क्रूरता जैसे अपराधों में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाईयाँ की जाती रहेंगी।1
- बहराइच में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज सभागार में पर्यावरण, जल संरक्षण एवं नशा उन्मूलन विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण करना, जल बचाना और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करना था। कार्यक्रम में उपस्थित नगर एवं ग्रामीण अंचल के विभिन्न विद्यालयों व महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आचार्यों, प्राचार्यों, प्रबंधकों सहित बड़ी संख्या में समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरणविदों ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण तथा अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे जन जागरण अभियान से जन-जन को जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. हरिशंकर सिंह ने ज़ोर दिया कि पर्यावरण और जल संरक्षण मानव जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने सभी से सामूहिक रूप से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और उनका संरक्षण करने का दायित्व निभाने का आह्वान किया, ताकि पर्यावरण मानवानुकूल बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नशा उन्मूलन एक सामाजिक जिम्मेदारी है और हम सभी को मिलकर अवैध नशे के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाना चाहिए, तभी इस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय ने छात्रों और युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान को समाज हित में आवश्यक बताया। उपनिदेशक कृषि (डी.डी.ए.जी.) विनय वर्मा ने स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति आधारित परंपरागत खेती-किसानी अपनाने पर जोर दिया और रसायन व उर्वरक रहित कृषि, गौ पालन तथा सब्जी उत्पादन के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की बात कही। आयोजक महामना मालवीय मिशन के अवध अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि उनका संगठन पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर स्थानीय जन सहयोग से उनका संरक्षण कर रहा है, साथ ही अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान भी चला रहा है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा एवं समाजशास्त्री डॉ. तस्लीम जैदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरणविद राकेश चंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल शिक्षा निकेतन की प्राचार्य अर्चना मराठे ने की। इस अवसर पर मालवीय मिशन के जिला संयोजक अनिल मिश्रा एडवोकेट, संघ विचारक ओम प्रकाश सक्सेना, संविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी, प्रवक्ता डॉ. पंकज श्रीवास्तव, शिक्षाविद अरशद रईस, योगाचार्य सुशील बाजपेई, प्रोफेसर सरिता वर्मा सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने जल एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान तथा अवैध नशा कारोबार पर नियंत्रण के लिए सतत जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शामिल हुए 200 छात्र-छात्राओं को बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ द्वारा प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया। आयोजन में प्राचार्य दिलशाद बानो, शिक्षाविद डॉ. अनिल श्रीवास्तव, मनीषा खन्ना, दुर्गेश नंदनी, प्रशासनिक अधिकारी कृष्णा लाल, गायत्री परिजन जगदीश मिश्र, मीना पांडेय सहित सैकड़ों लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा विरोधी अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरण अभियान चलाने का संकल्प दोहराया।4
- दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ के साथ ही वे सदन में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रखेंगे। खड़गे ने इस अवसर पर संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के अपने संकल्प को दोहराया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता भी सदन में मौजूद थे।1
- आज 28 जून 2026 को नानपारा स्थित सिटी मैक्स पॉलीक्लिनिक, नवाबगंज रोड, बेलवा भारी में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ नवजीवन हॉस्पिटल नानपारा के डायरेक्टर डॉ आर.आर. निषाद जी (एमबीबीएस, एमएमए, जनरल फिजिशियन) ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर किया। शिविर में डॉ असद सिद्दीकी, डॉ शाजिद खान, डॉ सना फारुखी और रोहित निषाद सहित क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का लाभ उठाया।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में इंडो-नेपाल बॉर्डर से, प्रसिद्ध शायर हयात नेपाली ने एक गहरा संदेश दिया है। उन्होंने अपने शायराना अंदाज़ में कहा कि, "वक्त के साथ तुम अपने को बदल दो वरना-ख़ाक रख देंगे हथेली पर जमाने वाले।" यह कथन समय के साथ परिवर्तन और अनुकूलन की अनिवार्यता पर प्रकाश डालता है।2