पूरनपुर/पीलीभीत में समाजवादी पार्टी ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से 129 विधानसभा के महासचिव निशान अहमद के सेक्टर के बूथ अध्यक्षों का सत्यापन कराया है। यह प्रक्रिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर की गई, जिसका निरीक्षण समाजवादी मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव मो. अरशद दद्दा और राष्ट्रीय सचिव ठाकुर मीनू सिंह ने निशान अहमद के आवास पर पहुँचकर किया। इस दौरान नेताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया, यह कहते हुए कि पार्टी की असली ताकत बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और एक मजबूत संगठनात्मक ढांचे में निहित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बूथ अध्यक्षों का सत्यापन अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे संगठन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और उसे मजबूत बनाया जा सके। राष्ट्रीय सचिवों ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि पार्टी में निष्ठावान, कर्मठ और सक्रिय साथियों को उनकी योग्यता और मेहनत के अनुरूप जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएँगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक पहुँचाएँ। बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई और बूथ स्तर तक पार्टी की पहुँच को मजबूत करने की रणनीति तैयार की गई। नेताओं ने दोहराया कि मजबूत बूथ ही मजबूत संगठन की पहचान होते हैं, और भविष्य में पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हर कार्यकर्ता की भूमिका अहम है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अहीद खान, नाबिर अली मंसूरी, सालमन खान, टीटीएस, बिलाल खान, फैजान बेग, नदीम खान, मोहम्मद अली रजा, फहीम खान, सलमान, शाहबाज खान, साजिद खान, नाजिम खान, ओवैस, अमन, शादाब शाह, जीशान, रज्जब, वाजिद, फुरकान, महेंद्र, अमानत, सद्दाम, शाहिद अली सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूरनपुर/पीलीभीत में समाजवादी पार्टी ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से 129 विधानसभा के महासचिव निशान अहमद के सेक्टर के बूथ अध्यक्षों का सत्यापन कराया है। यह प्रक्रिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर की गई, जिसका निरीक्षण समाजवादी मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव मो. अरशद दद्दा और राष्ट्रीय सचिव ठाकुर मीनू सिंह ने निशान अहमद के आवास पर पहुँचकर किया। इस दौरान नेताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया, यह कहते हुए कि पार्टी की असली ताकत बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और एक मजबूत संगठनात्मक ढांचे में निहित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बूथ अध्यक्षों का सत्यापन अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे संगठन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और उसे मजबूत बनाया जा सके। राष्ट्रीय सचिवों ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि पार्टी में निष्ठावान,
कर्मठ और सक्रिय साथियों को उनकी योग्यता और मेहनत के अनुरूप जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएँगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक पहुँचाएँ। बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई और बूथ स्तर तक पार्टी की पहुँच को मजबूत करने की रणनीति तैयार की गई। नेताओं ने दोहराया कि मजबूत बूथ ही मजबूत संगठन की पहचान होते हैं, और भविष्य में पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हर कार्यकर्ता की भूमिका अहम है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अहीद खान, नाबिर अली मंसूरी, सालमन खान, टीटीएस, बिलाल खान, फैजान बेग, नदीम खान, मोहम्मद अली रजा, फहीम खान, सलमान, शाहबाज खान, साजिद खान, नाजिम खान, ओवैस, अमन, शादाब शाह, जीशान, रज्जब, वाजिद, फुरकान, महेंद्र, अमानत, सद्दाम, शाहिद अली सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली के मालखाने से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने के गहने गायब होने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने अदालत में जो दलील पेश की, उसने सभी को अचंभित कर दिया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कुछ सोने के गहने बारिश के कारण खराब हो गए, जबकि शेष बचे हुए गहनों को बंदर उठा ले गए। पुलिस के इस असाधारण स्पष्टीकरण पर अदालत ने गहरी हैरानी व्यक्त की है और इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। करोड़ों के गहनों के इस तरह गायब होने को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, और यह पूरा मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर बस जाए।" यह महत्वपूर्ण बयान रोहिंग्या और अन्य अवैध घुसपैठियों के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजना है कि भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रिकॉर्ड सुनिश्चित किए जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, घुसपैठ के मामलों पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इस पूरे मामले में सरकार का मुख्य संदेश स्पष्ट है: अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- पीलीभीत में 'नारी शक्ति' का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ महिलाओं ने एक शराब के ठेके के विरोध में सड़क पर शराब की बोतलें बहा दीं। यह प्रदर्शन शराब पर चल रहे संग्राम का हिस्सा था, जिसमें महिलाओं ने इस ठेके को बंद करने की मांग को लेकर अपना कड़ा विरोध जताया। महिलाओं का कहना है कि इस शराब के ठेके के कारण गाँव के कई हंसते-खेलते परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं और घरों की आर्थिक स्थिति भी चरमरा गई है। इस मामले में महिला प्रधान ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि यह शराब का ठेका बंद नहीं हुआ, तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।1
- पीलीभीत में एक हिंदू परिवार के घर के ठीक पीछे अवैध रूप से एक मजार का निर्माण किया गया था। इस मामले को लेकर शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए थे। प्रशासन के आदेशों के बाद, वहीं के ग्रामीणों ने मिलकर उस अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया।1
- Post by Sudheer Kumar1
- ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद यूनुस ने पसमांदा मुस्लिम समाज को मुख्य धारा में लाने के विषय पर विस्तृत और सटीक चर्चा की है। इस चर्चा का मुख्य केंद्र पसमांदा मुस्लिम समुदाय के उत्थान और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के तरीकों पर रहा।1
- आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है, जहाँ वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व ग्राम प्रधान विजय चंद्र ने इस सीट से अपनी प्रबल दावेदारी पेश की है। गंगोलीहाट स्थित अपने निजी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में, विजय चंद्र ने अपनी लंबी राजनीतिक सेवा और पारिवारिक विरासत का उल्लेख करते हुए पार्टी आलाकमान से टिकट की मांग की। एक पूर्व सैनिक के पुत्र, उन्होंने बताया कि उन्होंने 1996 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़कर राजनीतिक सफर शुरू किया था और तब से युवा मोर्चा सहित पार्टी के विभिन्न पदों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लगातार जनसंपर्क अभियानों में उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है, जो उनकी प्रबल दावेदारी का आधार है। विजय चंद्र ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में लगभग 60 नई सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनमें से आधी से अधिक सड़कें बनकर तैयार हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, हाईटेक बस अड्डे का निर्माण और पर्यटकों के लिए आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में डिग्री कॉलेज के निर्माण को मुख्यमंत्री की एक ऐतिहासिक सौगात बताया। साथ ही, मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत माँ हाट कालिका मंदिर, पाताल भुवनेश्वर और माँ कोटगाड़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य तेज़ी से जारी है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने 'हर घर नल योजना' के तहत विधानसभा क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के काम को स्थानीय किसानों के लिए वरदान बताया। विजय चंद्र ने अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं, यदि उन्हें पार्टी का आशीर्वाद और जनता का सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करेंगे और गंगोलीहाट को विकास के मामले में एक मॉडल विधानसभा बनाएंगे। उनकी प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था को सुदृढ़ करना, क्षेत्र से पलायन रोकना, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोज़गार से जोड़ना, तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोज़गार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना शामिल है। भविष्य की रणनीति और अन्य दावेदारों के सवालों पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी में हर पदाधिकारी और कार्यकर्ता को दावेदारी का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि यदि पार्टी आलाकमान उनके बजाय किसी अन्य प्रत्याशी को टिकट देती है, तो भी वे संगठन के फैसले का सम्मान करेंगे और ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे भारतीय जनता पार्टी को नुकसान पहुंचे। उन्होंने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता सदैव कमल का फूल ही रहेगा, और वे पार्टी में रहकर आजीवन सेवा करते रहेंगे।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें श्रमिक बंद गेट या बैरिकेड पार करके अपने कार्यस्थल पर पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति रोजगार की मजबूरी और समय पर ड्यूटी पहुंचने के दबाव के कारण उत्पन्न हुई है। लोगों का कहना है कि देर से पहुंचने पर वेतन कटौती के डर से कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालने को विवश हैं। श्रमिकों की इस जोखिम भरी कोशिश ने एक बहस छेड़ दी है कि इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की है, सुरक्षा व्यवस्था की है या फिर परिस्थितियों से जूझ रहे स्वयं श्रमिकों की। इस पूरे मामले को लेकर श्रमिक हितों और कार्यस्थल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1