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मुंबई इस वक्त एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना कर रहा है, जहाँ पानी का संकट खत्म होते ही अब जलभराव की आफत आ गई है। शहर का हाल ऐसा है कि एक दिन यह पानी की एक-एक बूँद को तरस रहा था, और अगले ही दिन यह सैलाब में डूबा हुआ नज़र आ रहा है। यह स्थिति मुंबई के लिए एक बड़ा सवाल खड़ी करती है कि क्या यह उसकी नियति है।
Mohammad Afzal
मुंबई इस वक्त एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना कर रहा है, जहाँ पानी का संकट खत्म होते ही अब जलभराव की आफत आ गई है। शहर का हाल ऐसा है कि एक दिन यह पानी की एक-एक बूँद को तरस रहा था, और अगले ही दिन यह सैलाब में डूबा हुआ नज़र आ रहा है। यह स्थिति मुंबई के लिए एक बड़ा सवाल खड़ी करती है कि क्या यह उसकी नियति है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज के थरवई थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव से एक महिला अपने मायके जाने के लिए निकली थी, लेकिन वह लापता हो गई है।2
- उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के सुगम आवागमन और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मण्डल रेल प्रबंधक (DRM), प्रयागराज, श्री रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रयागराज मंडल द्वारा कानपुर सेंट्रल स्टेशन से दो विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही, यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए फतेहपुर पैसेंजर ट्रेन के रूट में विस्तार कर उसे प्रयागराज तक चलाने का निर्णय लिया गया है, ताकि परीक्षार्थियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- प्रयागराज के थरवई थाना क्षेत्र में एक पीड़ित व्यक्ति ने भू-माफियाओं पर अपनी भू-धारी जमीन पर जबरन निर्माण करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे उसे जान का खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विपक्षी लोगों की होगी। व्यक्ति लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन थरवई थाने की पुलिस और अफसर उसकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।3
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज के जसरा में गुरुवार शाम 5 बजे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। केसरवानी वैश्य धर्मशाला से निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। हरिनाम संकीर्तन और जयघोष के बीच कलश यात्रा ने पूरे बाजार का भ्रमण किया, जिससे कस्बे का वातावरण भक्तिमय हो उठा। कलश यात्रा के दौरान, विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों और समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। सेवाभाव दिखाते हुए जगह-जगह शर्बत, पेयजल और नाश्ते की व्यवस्था की गई। श्रद्धालु पूरे रास्ते भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे। यह श्रीमद्भागवत कथा शुक्रवार से शुरू होकर अगले गुरुवार तक चलेगी। इस कथा का वाचन श्रीधाम वृंदावन से पधारीं कथा व्यास देवी रश्मि किशोरी करेंगी, वहीं अयोध्या धाम से आए विजय रामदास महाराज का सान्निध्य भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। आयोजन को सफल बनाने में सुरेंद्र केसरवानी (सोनू) ने विशेष सहयोगी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर शंभूनाथ खरे, शंभूनाथ केसरवानी, शंकरलाल केसरवानी, मधुकर, राजू केसरवानी, सतीश कुमार खरे, सुधीर केसरवानी, कमलाकर सिंह, रतन केसरवानी, शशि केसरवानी, लवकुश सोनी, रविंद्र सिंह, बृजेश यादव (सहारा), दिनेश पटेल, हरिराम त्रिपाठी, राजाबाबू पाठक, जितेंद्र केसरवानी (जीतू), रामचंद्र सोनकर, रमाकांत यादव, अजय साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।3
- प्रतापगढ़ जनपद में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशों पर, कोतवाली देहात थाना प्रभारी पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में कटरा मेदनीगंज चौकी प्रभारी अभिषेक वर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ परीक्षा अवधि के दौरान लगातार क्षेत्र में मौजूद रहे। पुलिस टीम ने कटरा मेदनीगंज और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी बरती। परीक्षा केंद्रों पर आने-जाने वाले परीक्षार्थियों को बिना किसी परेशानी के समय पर पहुँचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और यातायात को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। पुलिस की सतर्कता और प्रभावी यातायात प्रबंधन के परिणामस्वरूप, पूरे क्षेत्र में कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। पुलिस के इस सहयोगात्मक रवैये की परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों ने खूब सराहना की। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की प्रशंसा करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय पहल बताया।2
- मुंबई इस वक्त एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना कर रहा है, जहाँ पानी का संकट खत्म होते ही अब जलभराव की आफत आ गई है। शहर का हाल ऐसा है कि एक दिन यह पानी की एक-एक बूँद को तरस रहा था, और अगले ही दिन यह सैलाब में डूबा हुआ नज़र आ रहा है। यह स्थिति मुंबई के लिए एक बड़ा सवाल खड़ी करती है कि क्या यह उसकी नियति है।1