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*सड़क पर दम तोड़ रही गौवंश की जिंदगी, बछड़े की मौत पर मां गाय का करुण विलाप* शिवपुरी जिले के दिनारा क्षेत्र के अशोक होटल-पिछोर तिराहे के पास बुधवार को एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक मासूम बछड़े की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौ सेवक कल्लू महाराज और अन्य लोगों ने जब बछड़े के शव को वहां से हटाने का प्रयास किया तो उसकी मां गाय बार-बार वाहन के आगे आकर रास्ता रोकती रही। यह मार्मिक दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मां गाय अपने मृत बछड़े से दूर होने को तैयार नहीं थी। वह बार-बार शव ले जा रहे लोगों के सामने आकर खड़ी हो जाती थी। मानो वह अपने बच्चे को अपने से दूर नहीं जाने देने की गुहार लगा रही हो। मां और बछड़े के इस रिश्ते का यह दृश्य इंसानियत को झकझोर देने वाला था। गौ सेवक कल्लू महाराज ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज रफ्तार और थोड़ी सी लापरवाही किसी इंसान ही नहीं, बल्कि किसी बेजुबान जीव की जिंदगी भी छीन सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर घूमने वाले गौवंश की सुरक्षा के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। कल्लू महाराज ने गौवंश की स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन से स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई। उनका कहना है कि कई लोग गाय के दूध देना बंद करने के बाद उसे सड़क पर छोड़ देते हैं। इसके बाद वही गौवंश दुर्घटनाओं, भूख और अन्य परेशानियों का शिकार होता है। उन्होंने जगह-जगह बेहतर गौशालाएं बनाने, उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने और बेसहारा गौवंश के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा उनके लिए केवल दिखावा नहीं, बल्कि वर्षों से चला आ रहा संकल्प है। उनका दावा है कि वह करीब 25 वर्षों से गौ सेवा के कार्य में जुटे हैं और सड़क पर घायल या संकट में पड़े गौवंश की मदद करने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से गौ सेवा से जुड़े जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी सहयोग देने की अपील की। कल्लू महाराज ने कहा कि गौ माता की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए वाहन चालकों, पशुपालकों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विशेषकर पशुपालकों से उन्होंने अपील की कि दूध देना बंद करने के बाद गौवंश को सड़कों पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित व्यवस्था करें। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि गौशालाओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, चारे, उपचार और देखभाल की नियमित निगरानी की जाए। उनका कहना है कि केवल योजनाएं और कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। दिनारा की इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर घूमते गौवंश की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। एक मासूम बछड़े की मौत और उसकी मां का शव के पीछे दौड़ना हर संवेदनशील व्यक्ति को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर बेजुबानों की जिंदगी बचाने के लिए आखिर हम अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे

10 hrs ago
user_Kuldeep gupta
Kuldeep gupta
पत्रकारिता शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

*सड़क पर दम तोड़ रही गौवंश की जिंदगी, बछड़े की मौत पर मां गाय का करुण विलाप* शिवपुरी जिले के दिनारा क्षेत्र के अशोक होटल-पिछोर तिराहे के पास बुधवार को एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक मासूम बछड़े की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौ सेवक कल्लू महाराज और अन्य लोगों ने जब बछड़े के शव को वहां से हटाने का प्रयास किया तो उसकी मां गाय बार-बार वाहन के आगे आकर रास्ता रोकती रही। यह मार्मिक दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मां गाय अपने मृत बछड़े से दूर होने को तैयार नहीं थी। वह बार-बार शव ले जा रहे लोगों के सामने आकर खड़ी हो जाती थी। मानो वह अपने बच्चे को अपने से दूर नहीं जाने देने की गुहार लगा रही हो। मां और बछड़े के इस रिश्ते का यह दृश्य इंसानियत को झकझोर देने वाला था। गौ सेवक कल्लू महाराज ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज रफ्तार और थोड़ी सी लापरवाही किसी इंसान ही नहीं, बल्कि किसी बेजुबान जीव की जिंदगी भी छीन सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर घूमने वाले गौवंश की सुरक्षा के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। कल्लू महाराज ने गौवंश की स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन से स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई। उनका कहना है कि कई लोग गाय के दूध देना बंद करने के बाद उसे सड़क पर छोड़ देते हैं। इसके बाद वही गौवंश दुर्घटनाओं, भूख और अन्य परेशानियों का शिकार होता है। उन्होंने जगह-जगह बेहतर गौशालाएं बनाने, उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने और बेसहारा गौवंश के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा उनके लिए केवल दिखावा नहीं, बल्कि वर्षों से चला आ रहा संकल्प है। उनका दावा है कि वह करीब 25 वर्षों से गौ सेवा के कार्य में जुटे हैं और सड़क पर घायल या संकट में पड़े गौवंश की मदद करने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से गौ सेवा से जुड़े जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी सहयोग देने की अपील की। कल्लू महाराज ने कहा कि गौ माता की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए वाहन चालकों, पशुपालकों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विशेषकर पशुपालकों से उन्होंने अपील की कि दूध देना बंद करने के बाद गौवंश को सड़कों पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित व्यवस्था करें। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि गौशालाओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, चारे, उपचार और देखभाल की नियमित निगरानी की जाए। उनका कहना है कि केवल योजनाएं और कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। दिनारा की इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर घूमते गौवंश की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। एक मासूम बछड़े की मौत और उसकी मां का शव के पीछे दौड़ना हर संवेदनशील व्यक्ति को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर बेजुबानों की जिंदगी बचाने के लिए आखिर हम अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे

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  • 5 िवप्टी सेडिकल कॉलेज में उपचाट के दोटा् औौत डॉक्टटों पर ल्ठापटवाहटी क लणाए 3ाटोप
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    5
िवप्टी सेडिकल कॉलेज में उपचाट
के दोटा् औौत डॉक्टटों पर ल्ठापटवाहटी
क लणाए 3ाटोप
    user_उमाशंकर कुशवाहा
    उमाशंकर कुशवाहा
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *सड़क पर दम तोड़ रही गौवंश की जिंदगी, बछड़े की मौत पर मां गाय का करुण विलाप* शिवपुरी जिले के दिनारा क्षेत्र के अशोक होटल-पिछोर तिराहे के पास बुधवार को एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक मासूम बछड़े की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौ सेवक कल्लू महाराज और अन्य लोगों ने जब बछड़े के शव को वहां से हटाने का प्रयास किया तो उसकी मां गाय बार-बार वाहन के आगे आकर रास्ता रोकती रही। यह मार्मिक दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मां गाय अपने मृत बछड़े से दूर होने को तैयार नहीं थी। वह बार-बार शव ले जा रहे लोगों के सामने आकर खड़ी हो जाती थी। मानो वह अपने बच्चे को अपने से दूर नहीं जाने देने की गुहार लगा रही हो। मां और बछड़े के इस रिश्ते का यह दृश्य इंसानियत को झकझोर देने वाला था। गौ सेवक कल्लू महाराज ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज रफ्तार और थोड़ी सी लापरवाही किसी इंसान ही नहीं, बल्कि किसी बेजुबान जीव की जिंदगी भी छीन सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर घूमने वाले गौवंश की सुरक्षा के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। कल्लू महाराज ने गौवंश की स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन से स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई। उनका कहना है कि कई लोग गाय के दूध देना बंद करने के बाद उसे सड़क पर छोड़ देते हैं। इसके बाद वही गौवंश दुर्घटनाओं, भूख और अन्य परेशानियों का शिकार होता है। उन्होंने जगह-जगह बेहतर गौशालाएं बनाने, उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने और बेसहारा गौवंश के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा उनके लिए केवल दिखावा नहीं, बल्कि वर्षों से चला आ रहा संकल्प है। उनका दावा है कि वह करीब 25 वर्षों से गौ सेवा के कार्य में जुटे हैं और सड़क पर घायल या संकट में पड़े गौवंश की मदद करने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से गौ सेवा से जुड़े जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी सहयोग देने की अपील की। कल्लू महाराज ने कहा कि गौ माता की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए वाहन चालकों, पशुपालकों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विशेषकर पशुपालकों से उन्होंने अपील की कि दूध देना बंद करने के बाद गौवंश को सड़कों पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित व्यवस्था करें। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि गौशालाओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, चारे, उपचार और देखभाल की नियमित निगरानी की जाए। उनका कहना है कि केवल योजनाएं और कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। दिनारा की इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर घूमते गौवंश की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। एक मासूम बछड़े की मौत और उसकी मां का शव के पीछे दौड़ना हर संवेदनशील व्यक्ति को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर बेजुबानों की जिंदगी बचाने के लिए आखिर हम अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे
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    *सड़क पर दम तोड़ रही गौवंश की जिंदगी, बछड़े की मौत पर मां गाय का करुण विलाप*

शिवपुरी जिले के  दिनारा क्षेत्र के अशोक होटल-पिछोर तिराहे के पास बुधवार को एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक मासूम बछड़े की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौ सेवक कल्लू महाराज और अन्य लोगों ने जब बछड़े के शव को वहां से हटाने का प्रयास किया तो उसकी मां गाय बार-बार वाहन के आगे आकर रास्ता रोकती रही। यह मार्मिक दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मां गाय अपने मृत बछड़े से दूर होने को तैयार नहीं थी। वह बार-बार शव ले जा रहे लोगों के सामने आकर खड़ी हो जाती थी। मानो वह अपने बच्चे को अपने से दूर नहीं जाने देने की गुहार लगा रही हो। मां और बछड़े के इस रिश्ते का यह दृश्य इंसानियत को झकझोर देने वाला था।
गौ सेवक कल्लू महाराज ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज रफ्तार और थोड़ी सी लापरवाही किसी इंसान ही नहीं, बल्कि किसी बेजुबान जीव की जिंदगी भी छीन सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर घूमने वाले गौवंश की सुरक्षा के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है।
कल्लू महाराज ने गौवंश की स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन से स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई। उनका कहना है कि कई लोग गाय के दूध देना बंद करने के बाद उसे सड़क पर छोड़ देते हैं। इसके बाद वही गौवंश दुर्घटनाओं, भूख और अन्य परेशानियों का शिकार होता है। उन्होंने जगह-जगह बेहतर गौशालाएं बनाने, उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने और बेसहारा गौवंश के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि गौ सेवा उनके लिए केवल दिखावा नहीं, बल्कि वर्षों से चला आ रहा संकल्प है। उनका दावा है कि वह करीब 25 वर्षों से गौ सेवा के कार्य में जुटे हैं और सड़क पर घायल या संकट में पड़े गौवंश की मदद करने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से गौ सेवा से जुड़े जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी सहयोग देने की अपील की।
कल्लू महाराज ने कहा कि गौ माता की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए वाहन चालकों, पशुपालकों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विशेषकर पशुपालकों से उन्होंने अपील की कि दूध देना बंद करने के बाद गौवंश को सड़कों पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित व्यवस्था करें।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि गौशालाओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, चारे, उपचार और देखभाल की नियमित निगरानी की जाए। उनका कहना है कि केवल योजनाएं और कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
दिनारा की इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर घूमते गौवंश की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। एक मासूम बछड़े की मौत और उसकी मां का शव के पीछे दौड़ना हर संवेदनशील व्यक्ति को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर बेजुबानों की जिंदगी बचाने के लिए आखिर हम अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे
    user_Kuldeep gupta
    Kuldeep gupta
    पत्रकारिता शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • नगर में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳 नगर में आज स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान हुआ। इस अवसर पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए देश की एकता और अखंडता का संकल्प लिया।
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    नगर में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳
नगर में आज स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान हुआ। इस अवसर पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए देश की एकता और अखंडता का संकल्प लिया।
    user_Deepak Journalist
    Deepak Journalist
    TV News Anchor नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है। 15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है। 15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
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    कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल

शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है।

15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल
शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है।
15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जल संसाधन विभाग अनु०विभागीय कार्यलय बना जुआरी,शराबी,नशे व आवारा तत्वों का मुख्यलय जिम्मेदार रहते हैं नदारद , *रिपोर्टर हेमंत भार्गव* **जल संसाधन विभाग का कार्यालय बना उपेक्षा का शिकार! **कभी अधिकारियों की मौजूदगी से गुलजार रहने वाला परिसर आज आवारा तत्वों का ठिकाना बनने के आरोपों से घिरा—साल में दो बार ही साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की सुध लेने का दावा करैरा। नगर के बीचों-बीच स्थित जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय की मौजूदा स्थिति जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कभी अधिकारियों की सक्रियता और विभागीय गतिविधियों का केंद्र रहा यह कार्यालय अब लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। आलम यह है कि कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में गंदगी, अव्यवस्था तथा असामाजिक तत्वों की कथित आवाजाही आम बात बन गई है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कार्यालय कभी-कभार ही खुला दिखाई देता है। उनका आरोप है कि वर्ष में महज दो अवसरों पर ही कार्यालय एवं उसके आसपास साफ-सफाई, प्रकाश और पानी जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद दिखाई देती है, जबकि शेष दिनों में परिसर की स्थिति बदहाल बनी रहती है। कहीं जुआ, कहीं नशे का आरोप, तो कहीं खुले में गंदगी स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यालय परिसर के आसपास कथित तौर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां लोगों को जुआ खेलते, नशे का सेवन करते और खुले में पेशाब करते हुए देखे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यही नहीं, परिसर के आसपास गंदगी पसरी रहने से वातावरण भी दूषित बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर कभी जल संसाधन विभाग के अधिकारी बैठकर विभागीय कार्यों की निगरानी किया करते थे, वही परिसर अब विभागीय उपेक्षा के चलते अपनी पुरानी गरिमा खोता नजर आ रहा है। अधिकारियों के क्वार्टरों के सामने गैर-विभागीय गतिविधियों के भी आरोप मामला केवल कार्यालय परिसर की बदहाली तक सीमित नहीं बताया जा रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए क्वार्टरों के आसपास भी अव्यवस्था का आलम है। आरोप है कि कुछ क्वार्टरों में शिक्षा विभाग के शिक्षक निवास कर रहे हैं, जबकि कुछ आवासों में राजस्व विभाग के कर्मचारी भी रह रहे हैं। वहीं, क्वार्टरों के आसपास मिस्त्रियों द्वारा बड़े वाहनों की मरम्मत का कार्य किए जाने की बात भी सामने आ रही है। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस भवन और परिसर का निर्माण जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए किया गया था, वहां वर्तमान में किन लोगों को रहने और अन्य गतिविधियां संचालित करने की अनुमति है? कभी दो मुख्य द्वार और स्वच्छ वातावरण, अब बदहाली का आलम स्थानीय लोगों की मानें तो कुछ समय पहले तक कार्यालय की बाउंड्री व्यवस्थित थी और दो मुख्य द्वारों के साथ परिसर साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित नजर आता था। लेकिन समय के साथ रखरखाव के अभाव में व्यवस्था बिखरती चली गई। आज कार्यालय के आसपास गंदगी, अव्यवस्थित वातावरण और कथित असामाजिक गतिविधियों के चलते यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर के बीचों-बीच कार्यालय, फिर जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कार्यालय नगर के बीचों-बीच स्थित है। यहां से आए दिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों का आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से बताई जा रही समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी समय-समय पर कार्यालय का निरीक्षण करें, परिसर की साफ-सफाई कराएं, प्रकाश एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाएं, तो कार्यालय की पुरानी गरिमा वापस लौट सकती है। अब देखना यह है कि जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल परिसर की सुध कब लेते हैं और वर्षों से उपेक्षित नजर आ रहे कार्यालय को फिर से विभागीय गतिविधियों का केंद्र कब बनाया जाता है।
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    जल संसाधन विभाग अनु०विभागीय कार्यलय बना जुआरी,शराबी,नशे व आवारा तत्वों का मुख्यलय जिम्मेदार रहते हैं नदारद ,

*रिपोर्टर हेमंत भार्गव* 
**जल संसाधन विभाग का कार्यालय बना उपेक्षा का शिकार!
**कभी अधिकारियों की मौजूदगी से गुलजार रहने वाला परिसर आज आवारा तत्वों का ठिकाना बनने के आरोपों से घिरा—साल में दो बार ही साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की सुध लेने का दावा
करैरा। नगर के बीचों-बीच स्थित जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय की मौजूदा स्थिति जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कभी अधिकारियों की सक्रियता और विभागीय गतिविधियों का केंद्र रहा यह कार्यालय अब लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। आलम यह है कि कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में गंदगी, अव्यवस्था तथा असामाजिक तत्वों की कथित आवाजाही आम बात बन गई है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कार्यालय कभी-कभार ही खुला दिखाई देता है। उनका आरोप है कि वर्ष में महज दो अवसरों पर ही कार्यालय एवं उसके आसपास साफ-सफाई, प्रकाश और पानी जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद दिखाई देती है, जबकि शेष दिनों में परिसर की स्थिति बदहाल बनी रहती है।
कहीं जुआ, कहीं नशे का आरोप, तो कहीं खुले में गंदगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यालय परिसर के आसपास कथित तौर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां लोगों को जुआ खेलते, नशे का सेवन करते और खुले में पेशाब करते हुए देखे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यही नहीं, परिसर के आसपास गंदगी पसरी रहने से वातावरण भी दूषित बना हुआ है।
नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर कभी जल संसाधन विभाग के अधिकारी बैठकर विभागीय कार्यों की निगरानी किया करते थे, वही परिसर अब विभागीय उपेक्षा के चलते अपनी पुरानी गरिमा खोता नजर आ रहा है।
अधिकारियों के क्वार्टरों के सामने गैर-विभागीय गतिविधियों के भी आरोप
मामला केवल कार्यालय परिसर की बदहाली तक सीमित नहीं बताया जा रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए क्वार्टरों के आसपास भी अव्यवस्था का आलम है। आरोप है कि कुछ क्वार्टरों में शिक्षा विभाग के शिक्षक निवास कर रहे हैं, जबकि कुछ आवासों में राजस्व विभाग के कर्मचारी भी रह रहे हैं।
वहीं, क्वार्टरों के आसपास मिस्त्रियों द्वारा बड़े वाहनों की मरम्मत का कार्य किए जाने की बात भी सामने आ रही है। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस भवन और परिसर का निर्माण जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए किया गया था, वहां वर्तमान में किन लोगों को रहने और अन्य गतिविधियां संचालित करने की अनुमति है?
कभी दो मुख्य द्वार और स्वच्छ वातावरण, अब बदहाली का आलम
स्थानीय लोगों की मानें तो कुछ समय पहले तक कार्यालय की बाउंड्री व्यवस्थित थी और दो मुख्य द्वारों के साथ परिसर साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित नजर आता था। लेकिन समय के साथ रखरखाव के अभाव में व्यवस्था बिखरती चली गई।
आज कार्यालय के आसपास गंदगी, अव्यवस्थित वातावरण और कथित असामाजिक गतिविधियों के चलते यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर के बीचों-बीच कार्यालय, फिर जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कार्यालय नगर के बीचों-बीच स्थित है। यहां से आए दिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों का आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से बताई जा रही समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी समय-समय पर कार्यालय का निरीक्षण करें, परिसर की साफ-सफाई कराएं, प्रकाश एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाएं, तो कार्यालय की पुरानी गरिमा वापस लौट सकती है।
अब देखना यह है कि जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल परिसर की सुध कब लेते हैं और वर्षों से उपेक्षित नजर आ रहे कार्यालय को फिर से विभागीय गतिविधियों का केंद्र कब बनाया जाता है।
    user_Hemant Kumar bhargav
    Hemant Kumar bhargav
    Karera, Shivpuri•
    8 hrs ago
  • सिरसौद सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा यात्रा में झूमे बच्चे शिवपुरी जिले के सिरसौद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 9 बजे शासकीय एवं अर्धशासकीय विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदारों ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देशभक्ति के राष्ट्रगीतों पर बच्चे उत्साह के साथ झूमते और नाचते नजर आए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकालकर गांव की गलियों में देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा में बच्चों के साथ ग्रामीण भी शामिल हुए और भारत माता के जयकारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा। सिरसौद सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा यात्रा में झूमे बच्चे शिवपुरी जिले के सिरसौद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 9 बजे शासकीय एवं अर्धशासकीय विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदारों ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देशभक्ति के राष्ट्रगीतों पर बच्चे उत्साह के साथ झूमते और नाचते नजर आए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकालकर गांव की गलियों में देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा में बच्चों के साथ ग्रामीण भी शामिल हुए और भारत माता के जयकारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा।
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    सिरसौद सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा यात्रा में झूमे बच्चे

शिवपुरी जिले के सिरसौद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 9 बजे शासकीय एवं अर्धशासकीय विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदारों ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देशभक्ति के राष्ट्रगीतों पर बच्चे उत्साह के साथ झूमते और नाचते नजर आए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकालकर गांव की गलियों में देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा में बच्चों के साथ ग्रामीण भी शामिल हुए और भारत माता के जयकारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा।
सिरसौद सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा यात्रा में झूमे बच्चे
शिवपुरी जिले के सिरसौद सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 9 बजे शासकीय एवं अर्धशासकीय विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदारों ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। देशभक्ति के राष्ट्रगीतों पर बच्चे उत्साह के साथ झूमते और नाचते नजर आए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकालकर गांव की गलियों में देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा में बच्चों के साथ ग्रामीण भी शामिल हुए और भारत माता के जयकारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा।
    user_Sachin jha
    Sachin jha
    दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • school ke bare mein jankari Panchayat ka madhyamik vidyalay ramdhani ke bare mein jankari ismein Safai ke bare mein Safai Ho jaaye iski bhai badhiya school ban jaaye
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    school ke bare mein jankari Panchayat ka
madhyamik vidyalay ramdhani ke bare mein jankari ismein Safai ke bare mein Safai Ho jaaye iski bhai badhiya school ban jaaye
    user_Hrdas Emr tje
    Hrdas Emr tje
    Farmer Karera, Shivpuri•
    13 hrs ago
  • भौंती थाना परिसर में पीएम श्री विद्यालय भौंती के छात्र-छात्राओं ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस। 🇮🇳 इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। 🇮🇳 जय हिन्द 🇮🇳 | जय भारत 🇮🇳 भौंती थाना परिसर में पीएम श्री विद्यालय भौंती के छात्र-छात्राओं ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस। 🇮🇳 इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। 🇮🇳 जय हिन्द 🇮🇳 | जय भारत 🇮🇳
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    भौंती थाना परिसर में पीएम श्री विद्यालय भौंती के छात्र-छात्राओं ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस। 🇮🇳

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। 🇮🇳

जय हिन्द 🇮🇳 | जय भारत 🇮🇳


भौंती थाना परिसर में पीएम श्री विद्यालय भौंती के छात्र-छात्राओं ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस। 🇮🇳
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। 🇮🇳
जय हिन्द 🇮🇳 | जय भारत 🇮🇳
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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