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पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत नाजुक हो चुकी है, जहाँ आज लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को जान से मारने का प्रयास किया गया।
Golu Yadav बिहारी
पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत नाजुक हो चुकी है, जहाँ आज लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को जान से मारने का प्रयास किया गया।
More news from Siwan and nearby areas
- इस बार बांकीपुर यह साबित करने जा रहा है कि बिहार की जनता अब अरवा-उसना चावल, जाति-धर्म के समीकरणों और पैसे के प्रलोभन से ऊपर उठकर अपना मत दे सकती है। यह दावा किया गया है कि बांकीपुर के मतदाता इन पुरानी धारणाओं से आगे बढ़कर एक सही व्यक्ति का चुनाव करने में सक्षम हैं।1
- डीबी रोड, सहर्षा पर फ्लेक्स तस्वीरें लगाने के संबंध में चर्चा चल रही है। इन फ्लेक्स तस्वीरों के मीटर के विषय में लोग बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान, एक शक्तिशाली उद्घोष किया गया है: "हमारा देश महान है, हम उसके जय हनुमान हैं; हम से जो टकराएगा, वह महादेव के आगे झुक जाएगा।"1
- मुजफ्फरपुर जिले के अमनौर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहकों को अपने बैंक संबंधी कार्यों को कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग विभिन्न कामों के लिए बैंक पहुँचे, उन्हें सिर्फ़ परेशानियाँ ही मिल रही हैं और उनका काम नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को एक जनहित मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है, जिसकी जानकारी आकाश प्रियदर्शी से संबंधित है और यह विषय अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।1
- Post by Kaushal kumar1
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- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के भावी उम्मीदवार डॉ. दिव्य ज्योति ने बिहटा के अमहारा स्थित डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस में ग्लोबल शिक्षक आईकॉन अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य निजी और सरकारी शिक्षकों के लिए समान अवसर, महिला शिक्षकों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण, वित्त रहित शिक्षकों के अधिकार, और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही जैसे मुद्दों को मजबूती से विधान परिषद तक पहुँचाना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ. दिव्य ज्योति ने स्पष्ट किया कि एमएलसी फंड किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि शिक्षक समाज और शिक्षा व्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जिसका उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए। वहीं, डॉ. अशोक गगन ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज को अब एक ऐसे संघर्षशील, ईमानदार और जवाबदेह नेतृत्व की आवश्यकता है, जो शिक्षकों की आवाज को प्रभावी ढंग से विधान परिषद तक पहुँचा सके। यह शिक्षण संवाद कार्यक्रम देखते ही देखते एक भव्य रूप ले लिया, जहाँ सभी शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं ने 'डॉ. दिव्य ज्योति जिंदाबाद' के नारों से हुंकार भरी। पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और अतिथियों में विशेष उत्साह देखने को मिला, और सभी ने प्रतिज्ञा ली कि इस बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में परिवर्तन लाना है और शिक्षकों की आवाज बुलंद करते हुए डॉ. दिव्य ज्योति के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। कई वक्ताओं ने इस आयोजन को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी और सकारात्मक पहल बताया। उपस्थित लोगों ने आग्रह किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहें, ताकि शिक्षा एवं शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर संवाद एवं समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सके। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शिक्षकों और प्राचार्यों को शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में उनके विशेष योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध साहित्यकार हेमंत कुमार ने मंच समन्वयक के रूप में कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस आयोजन में दिलीप शर्मा, चंदन सिंह, चिंटू पटेल, पीयूष प्रसाद, रणजीत प्रसाद, रवि पासवान, जावेद अंसारी, नितेश कुमार, रितेश कुमार, अजित शर्मा, सुधीर कुमार, संजय कुमार, श्रवण कुमार, ई. आशीष सिन्हा, पंकज रजक सहित सैकड़ों शिक्षक, शिक्षाविद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अंत में डॉ. दिव्य ज्योति ने डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस, अमहारा, बिहटा, पटना की प्रबंधन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह शिक्षक सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।1
- महंगाई के इस दौर में लोगों की जिंदगी कैसी चल रही है, इस प्रश्न का उत्तर एक अनूठे ढंग से सामने आया है। जब यह सवाल पूछा गया तो जवाब में एक 'सफर पर चलने' का निमंत्रण मिला, जिससे वास्तविक स्थिति को विस्तार से समझाया जा सके। इस अनुभव को जानने और सुनने के लिए सभी को इस सफर में साथ चलने और पूरी बात सुनने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के करेंसी सिस्टम में एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत जल्द ही ₹100, ₹200 और ₹500 के कागजी नोटों की जगह प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट जारी किए जा सकते हैं। यह कदम देश में करेंसी की टिकाऊपन और सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआई इस दिशा में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत, इन नए प्लास्टिक नोटों का कुछ चुनिंदा शहरों में परीक्षण किया जाएगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो प्लास्टिक नोटों को धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जा सकता है, जिससे पूरे करेंसी सिस्टम में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। प्लास्टिक नोट कई मायनों में कागजी नोटों से बेहतर माने जाते हैं। ये अधिक टिकाऊ, वाटरप्रूफ और सुरक्षित होते हैं, जिससे ये जल्दी खराब नहीं होते और लंबे समय तक चलते हैं। इससे नोटों की छपाई पर होने वाला भारी खर्च भी कम होने की उम्मीद है। देश में डिजिटल भुगतान और UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद, नकदी की मांग अभी भी काफी अधिक बनी हुई है। ऐसे में, आरबीआई का यह कदम भारत के करेंसी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगा।1
- बिहार के हाजीपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यक्ति का दावा है कि उनकी पत्नी, जिन्हें बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा शिक्षिका के तौर पर नियुक्त किया गया है, ने सरकारी नौकरी मिलने के बाद उन्हें और उनके 10 वर्षीय बेटे को छोड़ दिया है।1