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इस बार बांकीपुर यह साबित करने जा रहा है कि बिहार की जनता अब अरवा-उसना चावल, जाति-धर्म के समीकरणों और पैसे के प्रलोभन से ऊपर उठकर अपना मत दे सकती है। यह दावा किया गया है कि बांकीपुर के मतदाता इन पुरानी धारणाओं से आगे बढ़कर एक सही व्यक्ति का चुनाव करने में सक्षम हैं।
जनसत्ता NEWS@
इस बार बांकीपुर यह साबित करने जा रहा है कि बिहार की जनता अब अरवा-उसना चावल, जाति-धर्म के समीकरणों और पैसे के प्रलोभन से ऊपर उठकर अपना मत दे सकती है। यह दावा किया गया है कि बांकीपुर के मतदाता इन पुरानी धारणाओं से आगे बढ़कर एक सही व्यक्ति का चुनाव करने में सक्षम हैं।
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- यह तीखी आलोचना की गई है कि मतदाताओं ने मात्र 10 हज़ार रुपये में अपना वोट बेचकर न केवल अपने मतदान के अधिकार का सौदा किया है, बल्कि इसके साथ ही अपने बच्चों के भविष्य को भी अनजाने में बड़े दांव पर लगा दिया है।1
- सिवान जिले की तरवारा पंचायत की जनता ने अपने जन प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, तरवारा पंचायत में जितने भी प्रतिनिधि आए हैं, उन सभी ने जनता को ठगने का काम किया है। शिकायत है कि किसी भी प्रतिनिधि ने पंचायत की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के लिए कोई पहल नहीं की। बड़हरिया रोड का दृश्य भी यही दर्शाता है कि तरवारा पंचायत में जमीनी स्तर पर कोई विकास कार्य नहीं हुआ है, बल्कि सारा विकास केवल कागजों पर ही सिमट कर रह गया है।1
- हुसैनगंज प्रखंड के तहत गोपालपुर नगर पंचायत में शनिवार की शाम 4 बजे नगर विकास कार्यों के लिए सशक्त स्थायी समिति का चुनाव संपन्न हुआ। यह चुनाव उत्क्रमित मध्य विद्यालय सह उच्च माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर में आयोजित किया गया, जिसमें डीपीआरओ बालेंदु कुमार पाण्डेय, बीडीओ राहुल कुमार और बीपीआरओ विकास शशि की उपस्थिति रही। चुनाव के लिए कुल चार सदस्यों ने नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, स्थायी समिति एक के लिए वार्ड सदस्य मुकेश चौधरी ने स्वेच्छा से अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके परिणामस्वरूप, शाहआलम अंसारी (समिति एक से), कमरूद्दीन अंसारी (समिति दो से) और मेहंदी इमाम (समिति तीन से) को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। निर्वाचित हुए तीनों सदस्यों को निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्य पार्षद इमाम ज़ाकिर ने अपने सहयोगियों के साथ पौधा भेंट कर जिलाधिकारी का स्वागत किया। मौके पर उप मुख्य पार्षद फ़हद अहमद अंसारी, कार्यपालक पदाधिकारी सूरज सिंह, सैफ अली सहित सभी पार्षद उपस्थित रहे।1
- मशरख स्थित प्रसिद्ध कौलेश्वर नाथ मंदिर के प्रांगण में 5 बार के विधायक श्री केदार नाथ सिंह पहुंचे हैं। उनकी उपस्थिति में, मंदिर परिसर में 60 फीट के एक घाट का निर्माण कराया जाएगा।1
- बलिया में जिलाधिकारी/अध्यक्ष मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश और कोषाध्यक्ष/जिला समन्वयक शैलेन्द्र पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में गुरुवार, 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निधरिया स्थित राजकीय बालिका गृह में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी बलिया और जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के समाजकार्य विभाग से इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं ने बालिका गृह की बच्चियों के बीच सेनेटरी पैड वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान बच्चियों को मासिक धर्म के समय स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अधीक्षिका अमिता रानी जैन ने इस विषय को महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सुरक्षित सेनेटरी पैड के उपयोग से कई प्रकार के संक्रमण एवं बीमारियों से बचाव संभव है। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर पूजा सिंह ने भी बच्चियों को नियमित स्वच्छता अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। इंटर्नशिप कर रही छात्राओं ने मासिक धर्म से जुड़े विभिन्न मिथकों और भ्रांतियों के बारे में भी बच्चियों को जागरूक किया तथा स्वच्छता अपनाने का सुझाव दिया। इस कार्यक्रम में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय समाजकार्य विभाग से इंटर्नशिप कर रहे छात्र अविनाश सिंह नंदन, नितेश पाठक, खुश्बू तिवारी, राधा पर्वत, रुचि वर्मा, गरिमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- इस बार बांकीपुर यह साबित करने जा रहा है कि बिहार की जनता अब अरवा-उसना चावल, जाति-धर्म के समीकरणों और पैसे के प्रलोभन से ऊपर उठकर अपना मत दे सकती है। यह दावा किया गया है कि बांकीपुर के मतदाता इन पुरानी धारणाओं से आगे बढ़कर एक सही व्यक्ति का चुनाव करने में सक्षम हैं।1
- गोपालगंज जिले के मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरिया पंचायत के टंढसपुर गांव में गंडक नदी में नाव पलटने से तीन बच्चियों के लापता होने का मामला पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार की सुबह तेज आंधी, तूफान और बारिश के बीच तब हुआ जब किसान खेती का काम समाप्त करके नाव से वापस लौट रहे थे। हादसे के दूसरे दिन भी, गंडक नदी में लापता तीनों बच्चियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।1