अंबिकापुर /पानी संकट से परेशान व्यापारी ने सरकारी सड़क पर करा दिया बोरवेल, जानकारी के बाद भी अफसरों ने नहीं की कार्रवाई अंबिकापुर नगर निगम प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. अंबिकापुर शहर में स्थित राम मंदिर गली में एक व्यापारी के द्वारा सड़क में ही बोरवेल कर दिया गया, व्यापारी का कहना है कि पिछले 45 सालों से हुए जल संकट से जूझ रहे हैं, नगर निगम के द्वारा जो पानी आपूर्ति किया जाता है वह पर्याप्त नहीं होता है. इसकी वजह से उन्हें पानी की टंकी मंगानी पड़ती है, वहीं दूसरी तरफ सड़क में बोर करने की शिकायत कई लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों के पास की लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. व्यापारी ने सरकारी सड़क पर करा दिया बोरवेल अंबिकापुर नगर निगम का उड़नदस्ता दल पूरी तरीके से निष्क्रिय हो चुका है, ऐसा इसलिए क्योंकि रविवार को नगर निगम के उड़न रास्ता टीम के पास एक शिकायत पहुंची थी कि राम मंदिर रोड में एक व्यापारी के द्वारा सड़क पर बोर कराया जा रहा है. पिछले 24 घंटे से बोरवेल का काम चल रहा है, लेकिन रविवार को करीब 4:00 बजे उड़न दस्ता की टीम मौके पर पहुंची और बिना कार्रवाई वापस लौट गई, इसकी शिकायत जिला प्रशासन के अधिकारियों से हुई, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. स्थानीय लोगों का कहना था कि अगर कोई सामान्य व्यक्ति इस तरीके से सड़क पर बोर करता तो सबसे पहले बोर मशीन को जप्त कर लिया जाता, उसके बाद जुर्माना अलग से लगाया जाता, लेकिन इस मामले में कार्रवाई नहीं होने से सड़क के किनारे और मनमर्जी तरीके से बोर करेंगे. अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में सरकारी जमीन में निजी लोगों के द्वारा इस तरह बोर कराना जहां नियम के विपरीत है वहीं जहां सड़क में मोड़ पर बोर कराया गया है उससे हादसे का भी खतरा बना रहेगा. बताया जाता है कि बोर से पहले स्थानीय नेताओं और अफसरों से सेटिंग कर सड़क पर बोर कराया गया है. बोर कराने वाले व्यापारी सुरेश जलान का कहना है कि उनका परिवार पिछले 45 सालों से जल संकट से जूझ रहा है. कई बार उन्होंने नगर निगम से पानी उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, नगर निगम से महज कुछ मिनट ही पानी नल से आता है जो पर्याप्त नहीं होता है और गर्मी के दिनों में परेशानी और भी अधिक बढ़ जाती है इसके कारण उनके द्वारा हर रोज ₹700 का पानी खरीदा जाता है और इससे परेशान होकर उन्होंने इस तरह बोरवेल करने का फैसला लिया. जानकारी के बाद भी अफसरों ने नहीं की कार्रवाई इस मामले को लेकर मौके पर पहुंचे नगर निगम के उड़नदस्ता प्रभारी से बात किया गया तो उनका कहना था कि आज रविवार है और कार्यवाही करने वाले इंजीनियर व कर्मचारी छुट्टी में है. इसकी वजह से आज कार्रवाई नहीं की जा रही है. हालांकि इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई होगी उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
अंबिकापुर /पानी संकट से परेशान व्यापारी ने सरकारी सड़क पर करा दिया बोरवेल, जानकारी के बाद भी अफसरों ने नहीं की कार्रवाई अंबिकापुर नगर निगम प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. अंबिकापुर शहर में स्थित राम मंदिर गली में एक व्यापारी के द्वारा सड़क में ही बोरवेल कर दिया गया, व्यापारी का कहना है कि पिछले 45 सालों से हुए जल संकट से जूझ रहे हैं, नगर निगम के द्वारा जो पानी आपूर्ति किया जाता है वह पर्याप्त नहीं होता है. इसकी वजह से उन्हें पानी की टंकी मंगानी पड़ती है, वहीं दूसरी तरफ सड़क में बोर करने की शिकायत कई लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों के पास की लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. व्यापारी ने सरकारी सड़क पर करा दिया बोरवेल अंबिकापुर नगर निगम का उड़नदस्ता दल पूरी तरीके से निष्क्रिय हो चुका है, ऐसा इसलिए क्योंकि रविवार को नगर निगम के उड़न रास्ता टीम के पास एक शिकायत पहुंची थी कि राम मंदिर रोड में एक व्यापारी के द्वारा सड़क पर बोर कराया जा रहा है. पिछले 24 घंटे से बोरवेल का काम चल रहा है, लेकिन रविवार को करीब 4:00 बजे उड़न दस्ता की टीम मौके पर पहुंची और बिना कार्रवाई वापस लौट गई, इसकी शिकायत जिला प्रशासन के अधिकारियों से हुई, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. स्थानीय लोगों का कहना था कि अगर कोई सामान्य व्यक्ति इस तरीके से सड़क पर बोर करता तो सबसे पहले बोर मशीन को जप्त कर लिया जाता, उसके बाद जुर्माना अलग से लगाया जाता, लेकिन इस मामले में कार्रवाई नहीं होने से सड़क के किनारे और मनमर्जी तरीके से बोर करेंगे. अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में सरकारी जमीन में निजी लोगों के द्वारा इस तरह बोर कराना जहां नियम के विपरीत है वहीं जहां सड़क में मोड़ पर बोर कराया गया है उससे हादसे का भी खतरा बना रहेगा. बताया जाता है कि बोर से पहले स्थानीय नेताओं और अफसरों से सेटिंग कर सड़क पर बोर कराया गया है. बोर कराने वाले व्यापारी सुरेश जलान का कहना है कि उनका परिवार पिछले 45 सालों से जल संकट से जूझ रहा है. कई बार उन्होंने नगर निगम से पानी उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, नगर निगम से महज कुछ मिनट ही पानी नल से आता है जो पर्याप्त नहीं होता है और गर्मी के दिनों में परेशानी और भी अधिक बढ़ जाती है इसके कारण उनके द्वारा हर रोज ₹700 का पानी खरीदा जाता है और इससे परेशान होकर उन्होंने इस तरह बोरवेल करने का फैसला लिया. जानकारी के बाद भी अफसरों ने नहीं की कार्रवाई इस मामले को लेकर मौके पर पहुंचे नगर निगम के उड़नदस्ता प्रभारी से बात किया गया तो उनका कहना था कि आज रविवार है और कार्यवाही करने वाले इंजीनियर व कर्मचारी छुट्टी में है. इसकी वजह से आज कार्रवाई नहीं की जा रही है. हालांकि इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई होगी उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
- अंबिकापुर /पानी संकट से परेशान व्यापारी ने सरकारी सड़क पर करा दिया बोरवेल, जानकारी के बाद भी अफसरों ने नहीं की कार्रवाई अंबिकापुर नगर निगम प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. अंबिकापुर शहर में स्थित राम मंदिर गली में एक व्यापारी के द्वारा सड़क में ही बोरवेल कर दिया गया, व्यापारी का कहना है कि पिछले 45 सालों से हुए जल संकट से जूझ रहे हैं, नगर निगम के द्वारा जो पानी आपूर्ति किया जाता है वह पर्याप्त नहीं होता है. इसकी वजह से उन्हें पानी की टंकी मंगानी पड़ती है, वहीं दूसरी तरफ सड़क में बोर करने की शिकायत कई लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों के पास की लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. व्यापारी ने सरकारी सड़क पर करा दिया बोरवेल अंबिकापुर नगर निगम का उड़नदस्ता दल पूरी तरीके से निष्क्रिय हो चुका है, ऐसा इसलिए क्योंकि रविवार को नगर निगम के उड़न रास्ता टीम के पास एक शिकायत पहुंची थी कि राम मंदिर रोड में एक व्यापारी के द्वारा सड़क पर बोर कराया जा रहा है. पिछले 24 घंटे से बोरवेल का काम चल रहा है, लेकिन रविवार को करीब 4:00 बजे उड़न दस्ता की टीम मौके पर पहुंची और बिना कार्रवाई वापस लौट गई, इसकी शिकायत जिला प्रशासन के अधिकारियों से हुई, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. स्थानीय लोगों का कहना था कि अगर कोई सामान्य व्यक्ति इस तरीके से सड़क पर बोर करता तो सबसे पहले बोर मशीन को जप्त कर लिया जाता, उसके बाद जुर्माना अलग से लगाया जाता, लेकिन इस मामले में कार्रवाई नहीं होने से सड़क के किनारे और मनमर्जी तरीके से बोर करेंगे. अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में सरकारी जमीन में निजी लोगों के द्वारा इस तरह बोर कराना जहां नियम के विपरीत है वहीं जहां सड़क में मोड़ पर बोर कराया गया है उससे हादसे का भी खतरा बना रहेगा. बताया जाता है कि बोर से पहले स्थानीय नेताओं और अफसरों से सेटिंग कर सड़क पर बोर कराया गया है. बोर कराने वाले व्यापारी सुरेश जलान का कहना है कि उनका परिवार पिछले 45 सालों से जल संकट से जूझ रहा है. कई बार उन्होंने नगर निगम से पानी उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, नगर निगम से महज कुछ मिनट ही पानी नल से आता है जो पर्याप्त नहीं होता है और गर्मी के दिनों में परेशानी और भी अधिक बढ़ जाती है इसके कारण उनके द्वारा हर रोज ₹700 का पानी खरीदा जाता है और इससे परेशान होकर उन्होंने इस तरह बोरवेल करने का फैसला लिया. जानकारी के बाद भी अफसरों ने नहीं की कार्रवाई इस मामले को लेकर मौके पर पहुंचे नगर निगम के उड़नदस्ता प्रभारी से बात किया गया तो उनका कहना था कि आज रविवार है और कार्यवाही करने वाले इंजीनियर व कर्मचारी छुट्टी में है. इसकी वजह से आज कार्रवाई नहीं की जा रही है. हालांकि इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई होगी उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.1
- शिक्षक प्रीमियर लीग का शानदार समापन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय भाजपा नेता सुनील गुप्ता1
- कुड़केला धान मंडी में हाथी का कहर, 30 हजार क्विंटल धान पर संकट के बादल छाल/धरमजयगढ़ - जिले के कुड़केला स्थित धान मंडी में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक मंडी परिसर में घुस आया। हाथी ने मंडी में जमकर उत्पात मचाते हुए धान से भरी बोरियों को इधर-उधर पटक दिया, जिससे हजारों क्विंटल धान के क्षतिग्रस्त होने की आशंका गहरा गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी के अचानक प्रवेश से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। जान का खतरा देखते हुए मंडी में मौजूद कर्मचारी इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि “रात के अंधेरे में हाथी के सामने टिक पाना मुश्किल था, जान बचाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई।” जानकारी के अनुसार, वर्तमान में मंडी परिसर में करीब 30 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। ऐसे में एक ओर जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी ओर समय पर धान का उठाव नहीं होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलने की आशंका है। हाथी के उत्पात के बाद मंडी प्रबंधन और स्थानीय किसानों में दहशत का माहौल है। सामने आई तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह धान से भरी बोरियां अस्त-व्यस्त पड़ी हुई हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। घटना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी किया है और रात के समय मंडी क्षेत्र की ओर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बावजूद इसके सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में खुले में रखे धान की सुरक्षा आखिर कैसे सुनिश्चित की जाएगी? गौरतलब है कि कुड़केला धान मंडी पहले से ही अव्यवस्थाओं और विवादों को लेकर चर्चा में रही है। हाल ही में मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर खबरें सामने आई थीं और अब हाथी के आतंक ने मंडी प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि शीघ्र ही धान का उठाव एवं ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन, वन विभाग और मंडी प्रबंधन मिलकर इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।2
- कुनकुरी पण्डरीपानी में महादेव राजा को ला चुके हैं1
- चैनपुर थाना अंतर्गत जमगाई गांव में सोमवार की सुबह बच्चों के बीच हुए आपसी विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया। देखते ही देखते यह विवाद दो परिवारों के बीच खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। घटना में दोनों पक्षों से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- Post by राहुल कुमार1
- dakad wala video ❤️❤️❤️1
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