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चींटीमिटी मेला और तोर सिंदरी मेला गये दो व्यक्तियों की देर रात वाहन की चपेट में आकर हुई मौत
कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
चींटीमिटी मेला और तोर सिंदरी मेला गये दो व्यक्तियों की देर रात वाहन की चपेट में आकर हुई मौत
- Keshar singhChakradharpur, West Singhbhum, Jharkhand🙏on 23 April
- User6273Chakradharpur, West Singhbhum😢on 23 April
- User6273Chakradharpur, West Singhbhum😂on 23 April
- User6273Chakradharpur, West Singhbhum😂on 23 April
- Rajnikanta MahtoChakradharpur, West Singhbhum🤝on 19 April
- User9662Godda, Jharkhand👌on 17 April
- LlHat Gamharia, West Singhbhum😂on 16 April
More news from Saraikela Kharsawan and nearby areas
- राजनगर : यंग स्टार ग्रुप बुरुडीह विक्रमपुर के द्वारा 14 जनवरी 2026 को तड़का दहन , टुसू पर्व , खेलकूद प्रतियोगिता एवं संस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन।1
- 2000 क्या 5000 भी जरूरत पड़ेगी तो बाटेंगे? पूर्व वार्ड पार्षद मो० असलम रांची के वार्ड नंबर 22 में लोगों को बांटे 2000 से अधिक कंबल।1
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- *सिसई प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती* सिसई: प्रखंड क्षेत्र के विद्यालयों में धूमधाम से मनाई गई स्वामी विवेकानंद की 163 वीं जयन्ती युवा दिवस समारोह आयोजित किया गया। बिरसा मुंडा पब्लिक स्कूल पुसो के प्रिंसिपल पुरुषोत्तम कुशवाहा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाया था, स्वामी जी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व पंथ महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वहीं राजकीय कृत 10+2 विद्यालय पुसो मे भी स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया जिसमें, सुमन कुमारी, रिफाना खातून, श्यामकिशोर साहू, पूनम देवी, सहोदरा कुमारी, रविन्द्र राम, राजेश कुमार महली,पप्पु कुमार रवि दास , बीपीन पाठक , नीरज महली , धनेश राम,संतोष राम और विधालय के युवा विद्यार्थी शामिल थे।1
- सिसई : *रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विधा मंंदिर में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को "युवा दिवस" के रूप में हर्सोलास के साथ मनाया गया* सिसई (गुमला)। सोमवार को रणजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा सिसई में स्वामी विवेकानंद जयंती को "युवा दिवस" के रूप में हर्सोलास के साथ मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्जवलन व पुष्पार्चन के साथ किया गया। मंच संचालन कक्षा दशम कक्षा की बहनें श्रेया कुमारी तथा सोनी लकड़ा ने किया। स्वामी विवेकानंद जी के संबंध में बोलते हुए कक्षा अष्टम की बहन रिया रानी ने एक कहानी के माध्यम से बताया कि भय के ऊपर जीत को ही स्वामी जी ने सफलता का मूलमंत्र कहा है । कक्षा अष्टम के ही भैया मोहित कुमार साहू ने स्वामी जी की एक अन्य उक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि ज्ञान ही सभी तरह के भय के ऊपर विजय का एकमात्र सूत्र है। कक्षा सप्तम की बहन कुमकुम ने सभी भैया बहनों को युवाओं के कर्तव्यों की शपथ दिलाई। इसके अलावा कक्षा सप्तम की बहन रितिका साहू , कक्षा सप्तम के भैया उपेन्द्र कुमार ओहदार , किशन कुमार साहू और भैया अनुराग साहू ने स्वामी जी के कहे गए ओजपूर्ण संवादों से सारे भैया बहनों को बांधे रखा। जयंती प्रमुख मृत्युंजय कुमार मिश्र ने स्वामी जी की जीवन की बातें बताते हुए सभी भैया / बहनों में ज्ञान प्राप्ति के प्रति जबरदस्त तरीके से इच्छाशक्ति का संचार करने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा कि जबतक हम अंदर से चाह न लें तबतक किसी भी कार्य के संपादित होने में हमेशा संशय बना रहता है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा ने बच्चों को कार्यक्रम में उत्साह पूर्वक हिस्सा लेने पर हर्ष जताया तथा सभी को उत्तिष्ठत ! जाग्रत ! प्राप्य वरान् निबोधत ! "स्वामी जी के मंत्र को बतलाते हुए अपने अंदर ज्ञान पीपासा जगाने की अपील की। इसके लिए उन्होंने अनुशासन को प्रमुख हथियार बतलाया। अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इस मौके पर विधालय के सभी आचार्य, आचार्या एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे।4
- Post by Mukesh Gope1
- समाजसेवी स्वभाव के धनी श्याम देव प्रसाद का 11 जनवरी को पटना स्थित मेडिन हॉस्पिटल में ब्रेन हेमरेज के कारण निधन शोक की लहर हिसुआ (नवादा) संजय वर्मा हिसुआ प्रखंड के दोना पंचायत अंतर्गत सचौल गांव निवासी एवं समाजसेवी स्वभाव के श्यामदेव प्रसाद का 11 जनवरी को पटना स्थित मेडिन हॉस्पिटल में ब्रेन हेमरेज के कारण निधन हो गया। लगभग 80 वर्ष के थे, उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इलाजरत थे, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। स्वर्गीय श्यामदेव प्रसाद अर्जुन महतो, छोटे लाल प्रसाद एवं रामस्वरूप प्रसाद के बड़े भाई थे। वे अपने सरल, मिलनसार और समाज के प्रति सदैव सक्रिय रहने वाले व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी के कारण वे गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी सम्मानित माने जाते थे। आम लोगों की समस्याओं को लेकर वे हमेशा आगे रहते थे और यथासंभव सहयोग करते थे। स्वर्गीय श्याम देव प्रसाद ने हिसुआ पोस्ट ऑफिस में हेड पोस्ट मास्टर के पद पर रहकर लंबे समय तक ईमानदारी और निष्ठा के साथ सेवा दी थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभागीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ आम जनता की सेवा को प्राथमिकता दी, जिसके कारण वे कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों के बीच लोकप्रिय रहे। उनके निधन से शोकाकुल परिवार में भरापूरा परिवार मौजूद है। वे राजेंद्र प्रसाद, किशोरी प्रसाद, नंदलाल प्रसाद, जनार्दन प्रसाद, राजकुमार प्रसाद, जोगेश्वर प्रसाद, मुखिया रामध्यान प्रसाद, अनिल प्रसाद, नीतीश कुमार, अजित, सुरजीत, सुभाष, गुड्डू, विकास सहित पत्रकार संजय वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, अजय कुमार एवं विनोद कुमार के मामा जी थे। अंतिम संस्कार ढांढंर नदी के तट पर किया गया, जहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक एवं रिश्तेदार उपस्थित होकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। लोगों ने उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।4