नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में कथित धर्मांतरण विवाद के चलते पैदा हुए तनाव के बाद, अब दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों की मौजूदगी में आयोजित एक बैठक के उपरांत, आदिवासी समाज और दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने मिलकर आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने पर रजामंदी दी है। उल्लेखनीय है कि इस विवाद के कारण गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। लगातार संवाद और समझाइश के प्रयासों के परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने अपने मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया और समझौते पर पहुंचे। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। वर्तमान में गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, और पुलिस तथा प्रशासन द्वारा हालातों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में कथित धर्मांतरण विवाद के चलते पैदा हुए तनाव के बाद, अब दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों की मौजूदगी में आयोजित एक बैठक के उपरांत, आदिवासी समाज और दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने मिलकर आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने पर रजामंदी दी है। उल्लेखनीय है कि इस विवाद के कारण गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। लगातार संवाद और समझाइश के प्रयासों के परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने अपने मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया और समझौते पर पहुंचे। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। वर्तमान में गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, और पुलिस तथा प्रशासन द्वारा हालातों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
- नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में हाल ही में धर्मांतरण को लेकर हुए विवाद के बाद ग्रामीणों ने एक ग्रामसभा आयोजित कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गांव में बढ़ते तनाव और सामाजिक मतभेदों को देखते हुए, ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है कि समुदाय विशेष से जुड़े बाहरी व्यक्तियों के गांव में बिना अनुमति प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी लोगों की गतिविधियों के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा था, जिससे स्थानीय लोगों के बीच असंतोष और तनाव पैदा हो गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए, ग्रामसभा में गांव की शांति, सामाजिक एकता और पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी ने गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही प्रशासन से अवांछित गतिविधियों पर नजर रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इधर, प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि कानून के दायरे में रहकर सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गाँव में धर्मांतरण विवाद गहरा गया है, जिसके समाधान हेतु आदिवासी समुदाय ने एक महत्वपूर्ण ग्राम सभा का आयोजन किया है। इस ग्राम सभा में मतांतरित परिवारों को एक महीने का समय दिया गया है। आदिवासियों ने स्पष्ट प्रस्ताव रखा है कि इन परिवारों को या तो ईसाई धर्म को मानना छोड़कर आदिवासी रीति-नीति को अपनाना होगा, नहीं तो उन्हें गाँव छोड़ना पड़ेगा।1
- छत्तीसगढ़ के भरण्डा गांव में धर्मांतरण से जुड़े एक मामले को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। स्थिति को शांत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।1
- कोंडागांव जिले में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने मंगलवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों में 19 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 1.66 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसका उद्देश्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना और ग्रामीण विकास को गति देना है। विधायक उसेंडी ने कुल 166.72 लाख रुपये के 19 विकास कार्यों की सौगात ग्राम चिखलपुटी, ग्राम कुकाड़गारपाल, ग्राम बड़ेकनेरा, ग्राम बड़ेबेंदरी और ग्राम छोटे भिरावण्ड के ग्रामवासियों को दी। ग्राम पंचायत चिखलपुटी में 40.73 लाख रुपये की लागत से चार विकास कार्य, जिसमें पुलिस लाइन के पास सामुदायिक भवन, उत्तम जैन के घर से गायत्री परिवार मंदिर तक द्वितीय श्रेणी सड़क, दंतेश्वरी अस्पताल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग से पवन तिवारी के घर तक 250 मीटर सीसी सड़क और प्राथमिक शाला भवन का निर्माण शामिल है, भूमिपूजन किया गया। ग्राम पंचायत कुकाड़गारपाल में 28.23 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग से नयापारा मार्ग तक 300 मीटर सीसी सड़क और स्कूलपारा स्थित माध्यमिक शाला के नवीन भवन का भूमिपूजन हुआ। इसी क्रम में ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में 46.79 लाख रुपये के आठ विकास कार्य, जिनमें बाजार स्थल के पास बाउंड्रीवाल, बाजारपारा चौक गुड़ी के पास सामुदायिक भवन, प्लाटपारा में शेड, कदमपारा में रोहित भोयर के घर के पास शेड, डोंगरीगुड़ा प्राथमिक शाला का नवीन भवन, शिवनाभाटा डेम में स्नानघाट, गौशाला मार्ग में सीसी सड़क और राजापारा में सामुदायिक भवन के पास रंगमंच निर्माण शामिल हैं, भूमिपूजित किए गए। ग्राम पंचायत बड़ेबेंदरी में 21.14 लाख रुपये की लागत से अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और प्राथमिक शाला काड़कीपारा में अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन हुआ, जबकि ग्राम पंचायत छोटेभिरावंड में 29.83 लाख रुपये की लागत से पंचायत भवन के सामने शेड, नवीन उच्च प्राथमिक शाला भवन और मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय शेड निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, जिनसे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 सफल वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगातार तीन कार्यकाल तक देश का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं, तथा उनके नेतृत्व में आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, महिला सशक्तिकरण, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक एवं जनहितकारी कार्य हुए हैं। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।4
- कांकेर शहर के ऊपर-नीचे रोड पर स्थित एक विशाल पीपल का पेड़ बुधवार दोपहर मेनरोड पर अचानक गिर गया। यह घटना पेड़ की जड़ें सड़ जाने के कारण हुई, जिससे वह धराशायी हो गया। पेड़ गिरने से उसकी चपेट में कई वाहन आ गए, जिसके परिणामस्वरूप वे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। हालांकि, इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।3
- नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में कथित धर्मांतरण विवाद के चलते पैदा हुए तनाव के बाद, अब दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों की मौजूदगी में आयोजित एक बैठक के उपरांत, आदिवासी समाज और दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने मिलकर आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने पर रजामंदी दी है। उल्लेखनीय है कि इस विवाद के कारण गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। लगातार संवाद और समझाइश के प्रयासों के परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने अपने मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया और समझौते पर पहुंचे। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। वर्तमान में गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, और पुलिस तथा प्रशासन द्वारा हालातों पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- ऊपर-नीचे रोड पर एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक गिर गया, जिसके कारण चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और एक संभावित दुर्घटना टल गई।1