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चित्रकूट में चल रहे निर्माण कार्यों का बहाना बनाकर जानबूझकर की जा रही लापरवाही के कारण कामदगिरि बाई पास रोड को बंद कर दिया गया है। ठेकेदार को यह भली-भांति मालूम था कि बरसात आने में कुछ ही समय बाकी है, इसके बावजूद आधी नाली का निर्माण होने के बाद भी दोनों तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया। इस वजह से वहां से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस घोर लापरवाही को देखते हुए सतना जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इस काम को पूरा कराने का अनुरोध किया गया है ताकि बंद पड़े रास्ते को जल्द से जल्द खोला जा सके।
खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
चित्रकूट में चल रहे निर्माण कार्यों का बहाना बनाकर जानबूझकर की जा रही लापरवाही के कारण कामदगिरि बाई पास रोड को बंद कर दिया गया है। ठेकेदार को यह भली-भांति मालूम था कि बरसात आने में कुछ ही समय बाकी है, इसके बावजूद आधी नाली का निर्माण होने के बाद भी दोनों तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया। इस वजह से वहां से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस घोर लापरवाही को देखते हुए सतना जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इस काम को पूरा कराने का अनुरोध किया गया है ताकि बंद पड़े रास्ते को जल्द से जल्द खोला जा सके।
More news from मैहर and nearby areas
- सतना जिले के मैहर में कोटेदार पर कार्यवाही किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि क्या कोटेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।1
- Post by Anand Singh1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे। ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।1
- सतना के रामपुर बघेलान में आक्रोशित लोगों ने कलेक्टर की गाड़ी का घेराव कर दिया है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में गहरा गुस्सा देखा गया और उन्होंने गाड़ी को रोककर उसके सामने जमकर नारेबाजी की। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- राजस्थान के टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे की एक शराब की दुकान में उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक एक तेंदुआ दुकान के अंदर घुस गया और उसने सेल्समैन संजय गुर्जर पर हमला कर दिया। घायल होने के बावजूद संजय गुर्जर ने हिम्मत नहीं हारी और बहादुरी से तेंदुए का सामना किया। उन्होंने खुद को बचाते हुए तुरंत दुकान से बाहर निकलकर उसका शटर नीचे गिरा दिया, जिससे तेंदुआ दुकान के अंदर ही कैद हो गया और बाजार में मौजूद कई लोगों की जान बच गई। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां जमा हुई भारी भीड़ को काबू करने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार, जयपुर से आई विशेष रेस्क्यू टीम ने करीब 5 घंटे के कड़े ऑपरेशन के बाद तेंदुए को बेहोश (ट्रैंक्विलाइज) कर सुरक्षित काबू में कर लिया।1