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​सौ शैय्या अस्पताल में मानवता शर्मसार: घायल विधवा से 'वसूली', 24 घंटे बाद भी नहीं हुआ एक्स-रे ​छिबरामऊ (कन्नौज): विकास खंड छिबरामऊ के दिलु नगला स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बदहाली और संवेदनहीनता रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामले में एक सड़क हादसे में घायल होकर आई विधवा महिला को इलाज के नाम पर न केवल आर्थिक रूप से लूटा गया, बल्कि घंटों दर्द से तड़पने के बावजूद समय पर उसका एक्स-रे तक नहीं किया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर तानाशाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। ​हादसे के बाद अस्पताल पहुंची थी पीड़िता प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम परीक्षितपुर सदरपुर (द्वारकापुरी) निवासिनी मीणा (45) पत्नी स्वर्गीय रामदीन बीते दिन सुबह करीब 11 बजे बाइक से जा रही थीं। रास्ते में अचानक सामने कुत्ता आ जाने से बाइक असंतुलित होकर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सौ शैय्या अस्पताल लाया गया, जहाँ से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलनी शुरू हुई। ​इलाज से पहले 'जेब' पर वार पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचते ही इलाज शुरू करने के बजाय उन्हें दवाइयों के नाम पर बाहर के जाल में फंसाया गया। आरोप है कि एक मेडिकल स्टोर संचालक के माध्यम से ₹1100 का बिल बताकर महिला से ₹900 की अवैध वसूली की गई। बेसहारा महिला के पास पैसे नहीं थे, उन्होंने पास आए एक रिश्तेदार से हाथ जोड़कर उधार लिए और तब जाकर दवा मिल सकी। ​एक्स-रे के लिए 24 घंटे का इंतजार अस्पताल की लापरवाही यहीं नहीं रुकी। महिला के हाथ-पैर में गंभीर चोट थी और उसे तत्काल एक्स-रे की आवश्यकता थी, लेकिन इमरजेंसी होने के बावजूद उस दिन एक्स-रे नहीं किया गया। अगले दिन जब दर्द से कराहती हुई महिला दोबारा एक्स-रे कक्ष पहुंची, तो वहां तैनात टेक्नीशियन ने उसे घंटों लाइन में खड़ा रखा। परिजनों का आरोप है कि कर्मचारी का व्यवहार बेहद अड़ियल था और वह इमरजेंसी केस को प्राथमिकता देने को तैयार नहीं था। ​"अस्पताल या लूट का अड्डा" पीड़िता के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल अब केवल सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। यहाँ गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है, केवल पैसे वालों का इलाज प्राथमिकता पर होता है। परिजनों ने कहा, "इससे बेहतर तो निजी अस्पताल हैं, जहाँ कम से कम समय पर इलाज तो मिल जाता है। यहाँ तो सरकारी व्यवस्था को लूट का अड्डा बना दिया गया है।" ​सौ शैय्या अस्पताल में मानवता शर्मसार: घायल विधवा से 'वसूली', 24 घंटे बाद भी नहीं हुआ एक्स-रे ​छिबरामऊ (कन्नौज): विकास खंड छिबरामऊ के दिलु नगला स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बदहाली और संवेदनहीनता रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामले में एक सड़क हादसे में घायल होकर आई विधवा महिला को इलाज के नाम पर न केवल आर्थिक रूप से लूटा गया, बल्कि घंटों दर्द से तड़पने के बावजूद समय पर उसका एक्स-रे तक नहीं किया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर तानाशाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। ​हादसे के बाद अस्पताल पहुंची थी पीड़िता प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम परीक्षितपुर सदरपुर (द्वारकापुरी) निवासिनी मीणा (45) पत्नी स्वर्गीय रामदीन बीते दिन सुबह करीब 11 बजे बाइक से जा रही थीं। रास्ते में अचानक सामने कुत्ता आ जाने से बाइक असंतुलित होकर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सौ शैय्या अस्पताल लाया गया, जहाँ से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलनी शुरू हुई। ​इलाज से पहले 'जेब' पर वार पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचते ही इलाज शुरू करने के बजाय उन्हें दवाइयों के नाम पर बाहर के जाल में फंसाया गया। आरोप है कि एक मेडिकल स्टोर संचालक के माध्यम से ₹1100 का बिल बताकर महिला से ₹900 की अवैध वसूली की गई। बेसहारा महिला के पास पैसे नहीं थे, उन्होंने पास आए एक रिश्तेदार से हाथ जोड़कर उधार लिए और तब जाकर दवा मिल सकी। ​एक्स-रे के लिए 24 घंटे का इंतजार अस्पताल की लापरवाही यहीं नहीं रुकी। महिला के हाथ-पैर में गंभीर चोट थी और उसे तत्काल एक्स-रे की आवश्यकता थी, लेकिन इमरजेंसी होने के बावजूद उस दिन एक्स-रे नहीं किया गया। अगले दिन जब दर्द से कराहती हुई महिला दोबारा एक्स-रे कक्ष पहुंची, तो वहां तैनात टेक्नीशियन ने उसे घंटों लाइन में खड़ा रखा। परिजनों का आरोप है कि कर्मचारी का व्यवहार बेहद अड़ियल था और वह इमरजेंसी केस को प्राथमिकता देने को तैयार नहीं था। ​"अस्पताल या लूट का अड्डा" पीड़िता के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल अब केवल सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। यहाँ गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है, केवल पैसे वालों का इलाज प्राथमिकता पर होता है। परिजनों ने कहा, "इससे बेहतर तो निजी अस्पताल हैं, जहाँ कम से कम समय पर इलाज तो मिल जाता है। यहाँ तो सरकारी व्यवस्था को लूट का अड्डा बना दिया गया है।"

3 hrs ago
user_पत्रकार Munish Singh
पत्रकार Munish Singh
Grain Wholesaler छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

​सौ शैय्या अस्पताल में मानवता शर्मसार: घायल विधवा से 'वसूली', 24 घंटे बाद भी नहीं हुआ एक्स-रे ​छिबरामऊ (कन्नौज): विकास खंड छिबरामऊ के दिलु नगला स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बदहाली और संवेदनहीनता रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामले में एक सड़क हादसे में घायल होकर आई विधवा महिला को इलाज के नाम पर न केवल आर्थिक रूप से लूटा गया, बल्कि घंटों दर्द से तड़पने के बावजूद समय पर उसका एक्स-रे तक नहीं किया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर तानाशाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। ​हादसे के बाद अस्पताल पहुंची थी पीड़िता प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम परीक्षितपुर सदरपुर (द्वारकापुरी) निवासिनी मीणा (45) पत्नी स्वर्गीय रामदीन बीते दिन सुबह करीब 11 बजे बाइक से जा रही थीं। रास्ते में अचानक सामने कुत्ता आ जाने से बाइक असंतुलित होकर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सौ शैय्या अस्पताल लाया गया, जहाँ से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलनी शुरू हुई। ​इलाज से पहले 'जेब' पर वार पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचते ही इलाज शुरू करने के बजाय उन्हें दवाइयों के नाम पर बाहर के जाल में फंसाया गया। आरोप है कि एक मेडिकल स्टोर संचालक के माध्यम से ₹1100 का बिल बताकर महिला से ₹900 की अवैध वसूली की गई। बेसहारा महिला के पास पैसे नहीं थे, उन्होंने पास आए एक रिश्तेदार से हाथ जोड़कर उधार लिए और तब जाकर दवा मिल सकी। ​एक्स-रे के लिए 24 घंटे का इंतजार अस्पताल की लापरवाही यहीं नहीं रुकी। महिला के हाथ-पैर में गंभीर चोट थी और उसे तत्काल एक्स-रे की आवश्यकता थी, लेकिन इमरजेंसी होने के बावजूद उस दिन एक्स-रे नहीं किया गया। अगले दिन जब दर्द से कराहती हुई महिला दोबारा एक्स-रे कक्ष पहुंची, तो वहां तैनात टेक्नीशियन ने उसे घंटों लाइन में खड़ा रखा। परिजनों का आरोप है कि कर्मचारी का व्यवहार बेहद अड़ियल था और वह इमरजेंसी केस को प्राथमिकता देने को तैयार नहीं था। ​"अस्पताल या लूट का अड्डा" पीड़िता के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल अब केवल सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। यहाँ गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है, केवल पैसे वालों का इलाज प्राथमिकता पर होता है। परिजनों ने कहा, "इससे बेहतर तो निजी अस्पताल हैं, जहाँ कम से कम समय पर इलाज तो मिल जाता है। यहाँ तो सरकारी व्यवस्था को लूट का अड्डा बना दिया गया है।" ​सौ

शैय्या अस्पताल में मानवता शर्मसार: घायल विधवा से 'वसूली', 24 घंटे बाद भी नहीं हुआ एक्स-रे ​छिबरामऊ (कन्नौज): विकास खंड छिबरामऊ के दिलु नगला स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बदहाली और संवेदनहीनता रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामले में एक सड़क हादसे में घायल होकर आई विधवा महिला को इलाज के नाम पर न केवल आर्थिक रूप से लूटा गया, बल्कि घंटों दर्द से तड़पने के बावजूद समय पर उसका एक्स-रे तक नहीं किया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर तानाशाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। ​हादसे के बाद अस्पताल पहुंची थी पीड़िता प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम परीक्षितपुर सदरपुर (द्वारकापुरी) निवासिनी मीणा (45) पत्नी स्वर्गीय रामदीन बीते दिन सुबह करीब 11 बजे बाइक से जा रही थीं। रास्ते में अचानक सामने कुत्ता आ जाने से बाइक असंतुलित होकर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सौ शैय्या अस्पताल लाया गया, जहाँ से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलनी शुरू हुई। ​इलाज से पहले 'जेब' पर वार पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचते ही इलाज शुरू करने के बजाय उन्हें दवाइयों के नाम पर बाहर के जाल में फंसाया गया। आरोप है कि एक मेडिकल स्टोर संचालक के माध्यम से ₹1100 का बिल बताकर महिला से ₹900 की अवैध वसूली की गई। बेसहारा महिला के पास पैसे नहीं थे, उन्होंने पास आए एक रिश्तेदार से हाथ जोड़कर उधार लिए और तब जाकर दवा मिल सकी। ​एक्स-रे के लिए 24 घंटे का इंतजार अस्पताल की लापरवाही यहीं नहीं रुकी। महिला के हाथ-पैर में गंभीर चोट थी और उसे तत्काल एक्स-रे की आवश्यकता थी, लेकिन इमरजेंसी होने के बावजूद उस दिन एक्स-रे नहीं किया गया। अगले दिन जब दर्द से कराहती हुई महिला दोबारा एक्स-रे कक्ष पहुंची, तो वहां तैनात टेक्नीशियन ने उसे घंटों लाइन में खड़ा रखा। परिजनों का आरोप है कि कर्मचारी का व्यवहार बेहद अड़ियल था और वह इमरजेंसी केस को प्राथमिकता देने को तैयार नहीं था। ​"अस्पताल या लूट का अड्डा" पीड़िता के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल अब केवल सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। यहाँ गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है, केवल पैसे वालों का इलाज प्राथमिकता पर होता है। परिजनों ने कहा, "इससे बेहतर तो निजी अस्पताल हैं, जहाँ कम से कम समय पर इलाज तो मिल जाता है। यहाँ तो सरकारी व्यवस्था को लूट का अड्डा बना दिया गया है।"

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    ​सौ शैय्या अस्पताल में मानवता शर्मसार: घायल विधवा से 'वसूली', 24 घंटे बाद भी नहीं हुआ एक्स-रे
​छिबरामऊ (कन्नौज): विकास खंड छिबरामऊ के दिलु नगला स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बदहाली और संवेदनहीनता रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामले में एक सड़क हादसे में घायल होकर आई विधवा महिला को इलाज के नाम पर न केवल आर्थिक रूप से लूटा गया, बल्कि घंटों दर्द से तड़पने के बावजूद समय पर उसका एक्स-रे तक नहीं किया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर तानाशाही और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
​हादसे के बाद अस्पताल पहुंची थी पीड़िता प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम परीक्षितपुर सदरपुर (द्वारकापुरी) निवासिनी मीणा (45) पत्नी स्वर्गीय रामदीन बीते दिन सुबह करीब 11 बजे बाइक से जा रही थीं। रास्ते में अचानक सामने कुत्ता आ जाने से बाइक असंतुलित होकर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सौ शैय्या अस्पताल लाया गया, जहाँ से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलनी शुरू हुई।
​इलाज से पहले 'जेब' पर वार पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचते ही इलाज शुरू करने के बजाय उन्हें दवाइयों के नाम पर बाहर के जाल में फंसाया गया। आरोप है कि एक मेडिकल स्टोर संचालक के माध्यम से ₹1100 का बिल बताकर महिला से ₹900 की अवैध वसूली की गई। बेसहारा महिला के पास पैसे नहीं थे, उन्होंने पास आए एक रिश्तेदार से हाथ जोड़कर उधार लिए और तब जाकर दवा मिल सकी।
​एक्स-रे के लिए 24 घंटे का इंतजार अस्पताल की लापरवाही यहीं नहीं रुकी। महिला के हाथ-पैर में गंभीर चोट थी और उसे तत्काल एक्स-रे की आवश्यकता थी, लेकिन इमरजेंसी होने के बावजूद उस दिन एक्स-रे नहीं किया गया। अगले दिन जब दर्द से कराहती हुई महिला दोबारा एक्स-रे कक्ष पहुंची, तो वहां तैनात टेक्नीशियन ने उसे घंटों लाइन में खड़ा रखा। परिजनों का आरोप है कि कर्मचारी का व्यवहार बेहद अड़ियल था और वह इमरजेंसी केस को प्राथमिकता देने को तैयार नहीं था।
​"अस्पताल या लूट का अड्डा" पीड़िता के परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल अब केवल सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। यहाँ गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है, केवल पैसे वालों का इलाज प्राथमिकता पर होता है। परिजनों ने कहा, "इससे बेहतर तो निजी अस्पताल हैं, जहाँ कम से कम समय पर इलाज तो मिल जाता है। यहाँ तो सरकारी व्यवस्था को लूट का अड्डा बना दिया गया है।"
    user_पत्रकार Munish Singh
    पत्रकार Munish Singh
    Grain Wholesaler छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • फर्रुखाबाद : चूल्हे की चिंगारी से लगी भीषण आग आधा दर्जन झोपड़ियां जलकर राख झोपड़ियों में रखा सामान जलकर राख 2 मवेशी झुलसे, ग्रामीणों में अफरा-तफरी बाढ़ पीड़ित परिवार झोपड़ियों में रह रहे थे खाना बनाते समय हुआ हादसा लेखपाल व राजस्व टीम मौके पर नुकसान का आकलन किया जा रहा थाना शमसाबाद क्षेत्र का मामला फारूखाबाद
    1
    फर्रुखाबाद  : चूल्हे की चिंगारी से लगी भीषण आग
आधा दर्जन झोपड़ियां जलकर राख
झोपड़ियों में रखा सामान जलकर राख 
2 मवेशी झुलसे, ग्रामीणों में अफरा-तफरी
बाढ़ पीड़ित परिवार झोपड़ियों में रह रहे थे
खाना बनाते समय हुआ हादसा
लेखपाल व राजस्व टीम मौके पर
नुकसान का आकलन किया जा रहा
थाना शमसाबाद क्षेत्र का मामला
फारूखाबाद
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    32 min ago
  • Post by CITY NEWS
    1
    Post by CITY NEWS
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • फर्रुखाबाद ब्रेकिंग चूल्हे की चिंगारी से आधा दर्जन झोपड़ियां जलकर राख देखते ही देखते धू- धू जली झोपड़ी झोपड़ियों में रखा सामान जलकर हुआ राख आग में दो मवेशी झुलसे, ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी बाढ़ पीड़ित परिवार झोपड़ियों में रह रहे थे, खाना बनाते समय हुआ हादसा तेज हवा के कारण आग ने कई झोपड़ियों को लिया चपेट में ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत व मुआवजे की मांग की लेखपाल व राजस्व टीम मौके पर, नुकसान का आकलन जारी थाना शमसाबाद के गंगा कटरी के समैचीपुर चितार गांव का मामला
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    फर्रुखाबाद  ब्रेकिंग
चूल्हे की चिंगारी से आधा दर्जन झोपड़ियां जलकर राख
देखते ही देखते धू- धू जली झोपड़ी
झोपड़ियों में रखा सामान जलकर हुआ राख 
आग में दो मवेशी झुलसे, ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी
बाढ़ पीड़ित परिवार झोपड़ियों में रह रहे थे, खाना बनाते समय हुआ हादसा
तेज हवा के कारण आग ने कई झोपड़ियों को लिया चपेट में
ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत व मुआवजे की मांग की
लेखपाल व राजस्व टीम मौके पर, नुकसान का आकलन जारी
थाना शमसाबाद के गंगा कटरी  के समैचीपुर चितार गांव का मामला
    user_Amit farukhabad indiakhasnews
    Amit farukhabad indiakhasnews
    Reporter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    1
    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • vakeel shahab
    1
    vakeel shahab
    user_Advocate Shahwaz khan
    Advocate Shahwaz khan
    फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by AnujRajput
    1
    Post by AnujRajput
    user_AnujRajput
    AnujRajput
    फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • महिला ने कैदी को थमाई गन जरूर देखे ये खबर
    1
    महिला ने कैदी को थमाई गन जरूर देखे ये खबर
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    34 min ago
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