हंटरगंज (चतरा) के उरैली गांव की 35 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता रंजू देवी का गुरुवार अहले सुबह सर्पदंश से निधन हो गया। उनकी मृत्यु की खबर सुनते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आज जैसे ही उनके घर से अर्थी निकली, हजारों लोगों की आँखें नम हो गईं और महिलाएं, बुजुर्ग तथा बच्चे समेत पूरा गांव उन्हें अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा। रंजू देवी जेएसएलपीएस से जुड़ी थीं और गांव के विकास कार्यों में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाती थीं। ग्रामीण उन्हें केवल एक गृहणी नहीं, बल्कि 'गांव की बेटी' मानते थे, जो हर सुख-दुख में सबके साथ खड़ी रहती थीं। जेएसएलपीएस की उनकी साथी महिलाओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बिना गांव की हर योजना अधूरी लगेगी। अंतिम यात्रा में उरैली और आसपास के गांवों से हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने 'रंजू देवी अमर रहें' के नारे लगाए। पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं और बच्चों ने भी नम आँखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दुखद घटना से रंजू देवी के तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं, जिसके मद्देनजर मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से परिवार को तुरंत मुआवजा देने और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने की मांग की।
हंटरगंज (चतरा) के उरैली गांव की 35 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता रंजू देवी का गुरुवार अहले सुबह सर्पदंश से निधन हो गया। उनकी मृत्यु की खबर सुनते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आज जैसे ही उनके घर से अर्थी निकली, हजारों लोगों की आँखें नम हो गईं और महिलाएं, बुजुर्ग तथा बच्चे समेत पूरा गांव उन्हें अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा। रंजू देवी जेएसएलपीएस से जुड़ी थीं और गांव के विकास कार्यों में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाती थीं। ग्रामीण उन्हें केवल एक गृहणी नहीं, बल्कि 'गांव की बेटी' मानते थे, जो हर सुख-दुख में सबके
साथ खड़ी रहती थीं। जेएसएलपीएस की उनकी साथी महिलाओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बिना गांव की हर योजना अधूरी लगेगी। अंतिम यात्रा में उरैली और आसपास के गांवों से हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने 'रंजू देवी अमर रहें' के नारे लगाए। पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं और बच्चों ने भी नम आँखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दुखद घटना से रंजू देवी के तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं, जिसके मद्देनजर मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से परिवार को तुरंत मुआवजा देने और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने की मांग की।
- हंटरगंज (चतरा) के उरैली गांव की 35 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता रंजू देवी का गुरुवार अहले सुबह सर्पदंश से निधन हो गया। उनकी मृत्यु की खबर सुनते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आज जैसे ही उनके घर से अर्थी निकली, हजारों लोगों की आँखें नम हो गईं और महिलाएं, बुजुर्ग तथा बच्चे समेत पूरा गांव उन्हें अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा। रंजू देवी जेएसएलपीएस से जुड़ी थीं और गांव के विकास कार्यों में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाती थीं। ग्रामीण उन्हें केवल एक गृहणी नहीं, बल्कि 'गांव की बेटी' मानते थे, जो हर सुख-दुख में सबके साथ खड़ी रहती थीं। जेएसएलपीएस की उनकी साथी महिलाओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बिना गांव की हर योजना अधूरी लगेगी। अंतिम यात्रा में उरैली और आसपास के गांवों से हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने 'रंजू देवी अमर रहें' के नारे लगाए। पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं और बच्चों ने भी नम आँखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दुखद घटना से रंजू देवी के तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं, जिसके मद्देनजर मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से परिवार को तुरंत मुआवजा देने और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने की मांग की।2
- चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के उरैली गांव में 40 वर्षीय रंजू कुमारी की विषैले सांप के डसने से दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के पति रवि कुमार यादव सहित पूरे परिवार में गहरा मातम पसर गया है, और पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात रंजू कुमारी शौच के लिए घर से बाहर खेत की ओर गई थीं, तभी उन्हें एक विषैले सांप ने डस लिया। अंधेरा होने के कारण उन्होंने इसे किसी चींटी या कीड़े का काटना समझा और घर लौटकर सो गईं। गुरुवार सुबह जब घर के अन्य सदस्य जागे लेकिन रंजू कुमारी नहीं उठीं, तो परिजनों को संदेह हुआ और वे उन्हें कमरे में अचेत अवस्था में पाए। इसके बाद ग्रामीण और परिजन तुरंत उन्हें हंटरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना गुरुवार सुबह हंटरगंज थाना पुलिस को दी गई। पुलिस तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, शव का पंचनामा तैयार किया, और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि रंजू कुमारी मिलनसार स्वभाव की थीं और गांव के सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती थीं, जिस कारण उनकी असामयिक मौत से उरैली गांव में गहरा शोक व्याप्त है।1
- गया जिले के शेरघाटी में मोहर्रम के मद्देनजर पुलिस प्रशासन, शांति समिति और मोहर्रम कमेटी के बीच एक बैठक का आयोजन किया गया।1
- आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस-प्रशासन सक्रिय मोड में है। इसी क्रम में एसडीपीओ सनी वर्धन के नेतृत्व में एक प्रशासनिक टीम ने प्रतापपुर प्रखंड में मुहर्रम जुलूस के मार्गों का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ ने कई स्थानों पर घरों से गंदा पानी सड़क पर बहते और सड़क किनारे ईंट, बालू, छरी जैसी निर्माण सामग्री रखी मिलने पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तुरंत एक विशेष अभियान चलाने और सख्त निर्देश जारी किए कि घरों का गंदा पानी सड़क पर बिल्कुल न बहाया जाए, साथ ही सभी अवरोधकों को तत्काल हटाया जाए। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। एसडीपीओ ने इस अवसर पर कहा कि मुहर्रम भाईचारे का प्रतीक है और पर्व के दौरान सुरक्षा तथा स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इस निरीक्षण में बीडीओ अभिषेक पांडे, थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी सहित अन्य पुलिस बल और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी।1
- बिहार के गया जिले में मोहनपुर स्थित चोवारी इलाके के निवासियों ने नदी पर पुल बनाने की पुरजोर माँग की है। उनका आरोप है कि उनकी बातों पर कोई सुनवाई नहीं होती और उन्हें अनदेखा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से यह शिकायत की है कि उनके विधायक, श्री ज्योति मांझी, उनके गाँव-घर की तरफ आते तक नहीं हैं, जिससे उनकी बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- चतरा के पत्थलगड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित उमाकांत पाठक खेल मैदान में प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण को लेकर एक सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान जिला खेल पदाधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग के अभियंताओं की एक टीम ने स्थल का निरीक्षण किया और निर्माण के प्राक्कलन से संबंधित विषयों पर चर्चा की। यह सर्वेक्षण सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास की अनुशंसा के बाद प्रशासनिक स्तर पर स्टेडियम निर्माण की तैयारियों के तहत किया गया है।1
- 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में डीएसपी पद पर सफलता प्राप्त कर चयनित हुए रफीगंज प्रखंड के अरथुआ गांव निवासी भरत राम के पुत्र सूर्यप्रकाश कुमार का रफीगंज पहुँचने पर स्थानीय लोगों ने बैंड-बाजे और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने खुशी व्यक्त करते हुए मिठाई बांटी और उन्हें बधाई दी। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि सूर्यप्रकाश की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। स्वागत कार्यक्रम के तहत, रफीगंज प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया गया। इस अवसर पर शिक्षक सुरेन्द्र कुमार, अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष सह पूर्व उप चेयरमैन हरेंद्र कुमार, दिलकेश्वर राम, रणविजय यादव, संतोष यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने सूर्यप्रकाश कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपनी सफलता का श्रेय सूर्यप्रकाश कुमार ने अपने माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया। उन्होंने छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निरंतर मेहनत और सही दिशा में अध्ययन करने की सलाह देते हुए कहा कि लगन और कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने पर सफलता निश्चित रूप से मिलती है।1
- चतरा जिले में आगामी मुहर्रम को देखते हुए पुलिस बल ने एक 'मॉक ड्रिल' का आयोजन किया। इस अभ्यास के दौरान, पुलिस बल ने सड़कों पर उतरकर उपद्रवियों से निपटने के लिए अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया, जिसमें वाटर कैनन और आंसू गैस जैसे उपकरणों का इस्तेमाल शामिल था।1