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राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता शहर में एक परिवार के घर से ₹50 लाख रुपये मूल्य के गहनों की चोरी की घटना सामने आई है। यह वारदात तब हुई जब पीड़ित परिवार अपने किसी रिश्तेदार के घर गया हुआ था। उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए चोरों ने घर को पूरी तरह से साफ कर दिया और गहने लेकर फरार हो गए।
रमेश सिंह
राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता शहर में एक परिवार के घर से ₹50 लाख रुपये मूल्य के गहनों की चोरी की घटना सामने आई है। यह वारदात तब हुई जब पीड़ित परिवार अपने किसी रिश्तेदार के घर गया हुआ था। उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए चोरों ने घर को पूरी तरह से साफ कर दिया और गहने लेकर फरार हो गए।
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- जैसलमेर में गायों की गंभीर दुर्दशा सामने आई है, जहाँ पानी की कमी के कारण वे प्यासी मर रही हैं। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस गंभीर संकट के बीच, जैसलमेर के युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी से हस्तक्षेप करने और इस मामले में कुछ ठोस कदम उठाने की अपील की गई है, क्योंकि आरोप है कि पानी के अभाव में गायें प्यासी मर रही हैं और भाजपा सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही है।1
- एक हवलदार गर्मी से राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर (AC) चलाकर बैठे थे, तभी अचानक मंत्रीजी का आगमन हुआ। मंत्रीजी के आते ही हवलदार की सारी 'गर्मी' उतर गई, जिसका तात्पर्य है कि उनकी सुख-शांति या आरामदायक स्थिति भंग हो गई। हालांकि, इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि मंत्रीजी की अपनी AC चालू थी या बंद।1
- Post by Rajendra1
- रियांबड़ी उपखण्ड क्षेत्र के झींटियां गांव स्थित श्री रूप रजत गौशाला में बुधवार, 27 मई 2026 से श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ नानी बाई रो मायरो एवं मीरा चरित्र कथा का शुभारंभ हुआ। कथा आयोजन के पहले दिन सुबह एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस कलश यात्रा में साध्वी श्री मनुश्रीथा जी और गादी पति राजकुमारी बाई जी रथों में सवार होकर शामिल हुईं, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बन गया। ग्रामीणों ने जयकारों के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।4
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में स्थित ग्राम झींटियां की श्री रूप रजत गौशाला में बुधवार, 27 मई 2026 से सात दिवसीय धार्मिक आयोजन 'नानी बाई रो मायरो एवं मीरा चरित्र कथा' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन सुबह एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा का मुख्य आकर्षण साध्वी श्री मनुश्रीथा जी और गादीपति राजकुमारी बाई जी रहीं, जो सजे-धजे रथों में विराजमान होकर यात्रा में शामिल हुईं। गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भक्तजन इस दौरान भजन-कीर्तन करते हुए और जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। गौशाला परिसर में कथा आयोजन के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा है। कथा के सात दिनों तक, प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और गौसेवा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्री रूप रजत गौशाला के सचिव बलदेव राम गोदारा ने जानकारी दी कि यह कथा 27 मई से शुरू होकर 2 जून 2026 तक चलेगी। उन्होंने क्षेत्र के सभी गौभक्तों और श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कोषाध्यक्ष सुशील आंवला, उपाध्यक्ष राकेश ककड़वा, सदस्य बाबूलाल प्रजापत, नरपत सिंह, सीताराम ककड़वा, शंकर जी कसवा, महेंद्र भंडारी, नाकोड़ा इवेंट और समस्त ग्रामवासी झींटियां सक्रिय रूप से व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं। ग्रामीणों में कथा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरे गांव में एक धार्मिक और सकारात्मक माहौल बना हुआ है। आयोजकों का उद्देश्य है कि इस कथा के माध्यम से भक्ति, संस्कार और गौसेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सके।1
- Available for Sale - Independent House / Villa Locality : ब्यावर Area (dimensions) : 150 गज Expected Price : 6500000 Property Type : Independent House / Villa Property Condition : New Bedrooms (BHK) : 4 BHK Furnishing : Unfurnished श्याम सैनी पाली रोड बर3
- लगातार बढ़ती भीषण गर्मी के बीच, सोशल मीडिया पर गर्मी से बचने के लिए अपनाए जा रहे अलग-अलग जुगाड़ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी क्रम में, एक वीडियो काफी चर्चा में है जिसमें पुराने दौर की एक तकनीक को दिखाया गया है, जिसके माध्यम से लोग बिना फ्रिज के पानी को ठंडा रखते थे। इस पारंपरिक तरीके को अब लोग 'बिना लाइट का देसी फ्रिज' कहकर पुकार रहे हैं। यह वायरल वीडियो राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों का बताया जा रहा है, जहाँ यह दिखाया गया है कि कैसे वहाँ के लोग बिना फ्रिज के पानी को शीतल रखते थे। वीडियो में दिख रहा यह देसी फ्रिज एक झोपड़ीनुमा घर के बीच में बना हुआ है। इसमें एक पाइप लगा है जिसके ऊपर रस्सी से बना एक कवर चढ़ा हुआ है, ठीक वैसे ही जैसे राजस्थान के ग्रामीण अपनी पानी की बोतलों को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस देसी फ्रिज में ऊपर से पानी डालने के लिए जगह बनी है और नीचे की तरफ एक नल भी लगा हुआ है। कुछ वायरल वीडियो में यह दावा भी किया जा रहा है कि यह तकनीक 1950 के दशक से चली आ रही है और यहाँ के निवासी इसी विधि से इलेक्ट्रॉनिक फ्रिज के बिना पानी को ठंडा रखते थे। एक यूजर द्वारा साझा किए गए इस वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है। यह वीडियो इस बात का अंदाजा देता है कि जब एसी और फ्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं नहीं थीं, तब गर्म प्रदेशों में रहने वाले लोग गर्मी से बचाव के लिए किस तरह की खास तकनीकों का इस्तेमाल करते थे। इस देसी फ्रिज के कई वीडियो अब यूट्यूब पर भी अपलोड किए जा रहे हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं।1
- 1 जून से ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर की जानकारी देने वाली बहुरंगी पोस्ट का विमोचन भी कर दिया गया है।1