लगातार बढ़ती भीषण गर्मी के बीच, सोशल मीडिया पर गर्मी से बचने के लिए अपनाए जा रहे अलग-अलग जुगाड़ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी क्रम में, एक वीडियो काफी चर्चा में है जिसमें पुराने दौर की एक तकनीक को दिखाया गया है, जिसके माध्यम से लोग बिना फ्रिज के पानी को ठंडा रखते थे। इस पारंपरिक तरीके को अब लोग 'बिना लाइट का देसी फ्रिज' कहकर पुकार रहे हैं। यह वायरल वीडियो राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों का बताया जा रहा है, जहाँ यह दिखाया गया है कि कैसे वहाँ के लोग बिना फ्रिज के पानी को शीतल रखते थे। वीडियो में दिख रहा यह देसी फ्रिज एक झोपड़ीनुमा घर के बीच में बना हुआ है। इसमें एक पाइप लगा है जिसके ऊपर रस्सी से बना एक कवर चढ़ा हुआ है, ठीक वैसे ही जैसे राजस्थान के ग्रामीण अपनी पानी की बोतलों को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस देसी फ्रिज में ऊपर से पानी डालने के लिए जगह बनी है और नीचे की तरफ एक नल भी लगा हुआ है। कुछ वायरल वीडियो में यह दावा भी किया जा रहा है कि यह तकनीक 1950 के दशक से चली आ रही है और यहाँ के निवासी इसी विधि से इलेक्ट्रॉनिक फ्रिज के बिना पानी को ठंडा रखते थे। एक यूजर द्वारा साझा किए गए इस वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है। यह वीडियो इस बात का अंदाजा देता है कि जब एसी और फ्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं नहीं थीं, तब गर्म प्रदेशों में रहने वाले लोग गर्मी से बचाव के लिए किस तरह की खास तकनीकों का इस्तेमाल करते थे। इस देसी फ्रिज के कई वीडियो अब यूट्यूब पर भी अपलोड किए जा रहे हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
लगातार बढ़ती भीषण गर्मी के बीच, सोशल मीडिया पर गर्मी से बचने के लिए अपनाए जा रहे अलग-अलग जुगाड़ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी क्रम में, एक वीडियो काफी चर्चा में है जिसमें पुराने दौर की एक तकनीक को दिखाया गया है, जिसके माध्यम से लोग बिना फ्रिज के पानी को ठंडा रखते थे। इस पारंपरिक तरीके को अब लोग 'बिना लाइट का देसी फ्रिज' कहकर पुकार रहे हैं। यह वायरल वीडियो राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों का बताया जा रहा है, जहाँ यह दिखाया गया है कि कैसे वहाँ के लोग बिना फ्रिज के पानी को शीतल रखते थे। वीडियो में दिख रहा यह देसी फ्रिज एक झोपड़ीनुमा घर के बीच में बना हुआ है। इसमें एक पाइप लगा है जिसके ऊपर रस्सी से बना एक कवर चढ़ा हुआ है, ठीक वैसे ही जैसे राजस्थान के ग्रामीण अपनी पानी की बोतलों को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस देसी फ्रिज में ऊपर से पानी डालने के लिए जगह बनी है और नीचे की तरफ एक नल भी लगा हुआ है। कुछ वायरल वीडियो में यह दावा भी किया जा रहा है कि यह तकनीक 1950 के दशक से चली आ रही है और यहाँ के निवासी इसी विधि से इलेक्ट्रॉनिक फ्रिज के बिना पानी को ठंडा रखते थे। एक यूजर द्वारा साझा किए गए इस वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है। यह वीडियो इस बात का अंदाजा देता है कि जब एसी और फ्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं नहीं थीं, तब गर्म प्रदेशों में रहने वाले लोग गर्मी से बचाव के लिए किस तरह की खास तकनीकों का इस्तेमाल करते थे। इस देसी फ्रिज के कई वीडियो अब यूट्यूब पर भी अपलोड किए जा रहे हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
- लगातार बढ़ती भीषण गर्मी के बीच, सोशल मीडिया पर गर्मी से बचने के लिए अपनाए जा रहे अलग-अलग जुगाड़ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी क्रम में, एक वीडियो काफी चर्चा में है जिसमें पुराने दौर की एक तकनीक को दिखाया गया है, जिसके माध्यम से लोग बिना फ्रिज के पानी को ठंडा रखते थे। इस पारंपरिक तरीके को अब लोग 'बिना लाइट का देसी फ्रिज' कहकर पुकार रहे हैं। यह वायरल वीडियो राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों का बताया जा रहा है, जहाँ यह दिखाया गया है कि कैसे वहाँ के लोग बिना फ्रिज के पानी को शीतल रखते थे। वीडियो में दिख रहा यह देसी फ्रिज एक झोपड़ीनुमा घर के बीच में बना हुआ है। इसमें एक पाइप लगा है जिसके ऊपर रस्सी से बना एक कवर चढ़ा हुआ है, ठीक वैसे ही जैसे राजस्थान के ग्रामीण अपनी पानी की बोतलों को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस देसी फ्रिज में ऊपर से पानी डालने के लिए जगह बनी है और नीचे की तरफ एक नल भी लगा हुआ है। कुछ वायरल वीडियो में यह दावा भी किया जा रहा है कि यह तकनीक 1950 के दशक से चली आ रही है और यहाँ के निवासी इसी विधि से इलेक्ट्रॉनिक फ्रिज के बिना पानी को ठंडा रखते थे। एक यूजर द्वारा साझा किए गए इस वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है। यह वीडियो इस बात का अंदाजा देता है कि जब एसी और फ्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं नहीं थीं, तब गर्म प्रदेशों में रहने वाले लोग गर्मी से बचाव के लिए किस तरह की खास तकनीकों का इस्तेमाल करते थे। इस देसी फ्रिज के कई वीडियो अब यूट्यूब पर भी अपलोड किए जा रहे हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं।1
- अभिनेत्री हेमा मालिनी ने साझा किया है कि योग ने उनके जीवन को किस प्रकार संतुलित, समृद्ध और सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इस #InternationalDayOfYoga के अवसर पर, उन्होंने सभी से योग को अपनाने और जीवन को उसकी पूर्ण क्षमता के साथ जीने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, कल्याण और आंतरिक शांति को भी सशक्त करता है।1
- हजरत ख़्वाज़ा गरीब नवाज की दरगाह में ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई, जहाँ राजस्थान सहित देश के विभिन्न शहरों से आए हजारों जायरीन शामिल हुए। ये सभी जायरीन ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में ईद उल अजहा की नमाज अदा करने पहुँचे थे। इस अवसर पर शाहजानी मस्जिद में मौलाना अब्दुल गफूर सहाब ने ईद उल अजहा की नमाज अदा कराई। जायरीन हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में ईद की नमाज अदा करने को अपनी खुशनसीबी मानते हैं।1
- श्री राम सेवा हिंदुस्तान द्वारा आज ग्यारस के शुभ अवसर पर टीवी हॉस्पिटल, अंबे भाटी में एक समाज सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत मरीजों, अस्पताल स्टाफ और जरूरतमंद लोगों के बीच लगभग 90 किलो आम वितरित किए गए। युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवी लाल सोनी ने इस सेवा अभियान का नेतृत्व किया। कार्यक्रम के दौरान खाटू श्याम बाबा को भोग लगाकर सभी की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की गई। इस अवसर पर सूरत तंबोली और जिला संयोजक बसंतर नायक सहित संस्था के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। श्री राम सेवा हिंदुस्तान ने बताया कि उनके द्वारा लगातार समाज सेवा के कार्य किए जा रहे हैं और भविष्य में भी इसी तरह जरूरतमंद लोगों की सेवा जारी रहेगी।1
- never aapke liye Kash Hai origin audio God doesn't understand Korea both the new one1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सफलतापूर्वक अपने 12 साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान सरकार ने भारत को #ViksitBharat की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों और कल्याणकारी पहलों को लागू किया है। 'राष्ट्र प्रथम' की भावना से प्रेरित होकर, सरकार ने पिछले एक दशक में विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख नीतिगत बदलाव किए हैं। इन निर्णयों और भारतीय विकास यात्रा पर उनके प्रभाव को दर्शाने वाली एक विशेष श्रृंखला डीडी न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत की जा रही है।1
- अजमेर जिले के बोराडा क्षेत्र में सामने आया कार में आग लगने का मामला अब एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस वारदात में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, पूर्व सरपंच पूसी देवी, निवर्तमान जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान चौधरी और उनकी गोद ली हुई बेटी महिमा की निर्मम मौत हुई है। प्रारंभिक जांच में परिवार के ही कुछ सदस्यों पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है, जिसके चलते पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला स्वयं मौके पर मौजूद रहकर जांच की निगरानी कर रहे हैं, जबकि एफएसएल टीम और पुलिस सभी पहलुओं से साक्ष्य जुटाने में जुटी है। घटनास्थल और घर से मिले सुरागों के आधार पर जांच को तेज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द ही एक बड़ा खुलासा होने की संभावना है।1