सीकर जिले के लोसल में कचरा संग्रहण करने वाले 'टैंपू' ठेकेदार अपनी मनमर्जी से चला रहे हैं, जिससे नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिकायत के बावजूद, नगर पालिका में कोई सुनवाई नहीं होती और कोई भी अधिकारी लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देता, जिससे स्थानीय नागरिक अत्यधिक परेशान हैं। कचरा उठाने का कोई निश्चित समय तय नहीं है; दोपहर की तेज धूप में भी टैंपू चलाए जाते हैं, जिसके कारण चालक जल्दबाजी में काम निपटाते हैं। कंपनी के सुपरवाइजर केवल दो-तीन जगहों से कचरा उठवाकर फोटो खींचते हैं और फिर चले जाते हैं, उन्हें नागरिकों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। यह आरोप है कि लोसल में लोग अपनी मनमर्जी से काम करते हैं और उन्हें नागरिकों की परेशानी से कोई मतलब नहीं है। मैनेजर और सुपरवाइजर पर केवल पैसे कमाने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि जिन लोगों की नगर पालिका में स्थायी नौकरी है, वे टैंपू चला रहे हैं, जबकि बेरोजगार लोग घर पर बैठे हैं। यहां तक कि दूसरे गांवों के लोगों को टैंपू चलाने के लिए लगा रखा है, जिससे स्थानीय युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण घरों में दो-तीन दिनों तक कचरे के डिब्बे भरे रहते हैं, जिससे घरों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। इतनी गंभीर समस्या होने के बावजूद, कोई भी अखबार इस खबर को प्रकाशित नहीं करता है, जिससे लोगों की आवाज अनसुनी रह जाती है।
सीकर जिले के लोसल में कचरा संग्रहण करने वाले 'टैंपू' ठेकेदार अपनी मनमर्जी से चला रहे हैं, जिससे नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिकायत के बावजूद, नगर पालिका में कोई सुनवाई नहीं होती और कोई भी अधिकारी लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देता, जिससे स्थानीय नागरिक अत्यधिक परेशान हैं। कचरा उठाने का कोई निश्चित समय तय नहीं है; दोपहर की तेज धूप में भी टैंपू चलाए जाते हैं, जिसके कारण चालक जल्दबाजी में काम निपटाते हैं। कंपनी के सुपरवाइजर केवल दो-तीन जगहों से कचरा उठवाकर फोटो खींचते हैं और फिर चले जाते हैं, उन्हें नागरिकों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। यह आरोप है कि लोसल में लोग अपनी मनमर्जी से काम करते हैं और उन्हें नागरिकों की परेशानी से कोई मतलब नहीं है। मैनेजर और सुपरवाइजर पर केवल पैसे कमाने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि जिन लोगों की नगर पालिका में स्थायी नौकरी है, वे टैंपू चला रहे हैं, जबकि बेरोजगार लोग घर पर बैठे हैं। यहां तक कि दूसरे गांवों के लोगों को टैंपू चलाने के लिए लगा रखा है, जिससे स्थानीय युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण घरों में दो-तीन दिनों तक कचरे के डिब्बे भरे रहते हैं, जिससे घरों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। इतनी गंभीर समस्या होने के बावजूद, कोई भी अखबार इस खबर को प्रकाशित नहीं करता है, जिससे लोगों की आवाज अनसुनी रह जाती है।
- जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र के निमेड़ा गांव में टॉरेंट कंपनी के CNG गैस सिलेंडरों से भरा एक ट्रक पलट गया, जिससे आस-पास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ट्रक पलटते ही सिलेंडरों से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा ट्रक की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही के चलते हुआ। घटना की सूचना मिलने पर बिंदायका थाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बिंदायका फायर स्टेशन से तीन दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुंचे और गैस रिसाव को रोकने के प्रयास शुरू किए गए। इसके साथ ही टॉरेंट गैस कंपनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस की टीम ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने दो क्रेन की सहायता से ट्रक को साइड में हटाकर सुचारू करवाया। सूचना पर SDM डॉ. खुशबू शर्मा और बिंदायका थाना प्रभारी विनोद कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले को लेकर जांच करने में जुटी हुई है।1
- रामपुर में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहाँ एक भैंसा कसाईखाने से अपनी जान बचाने के लिए भागा और सीधे एक छत पर चढ़ गया। कत्ल के डर से भैंसे के इस तरह छत पर पहुँचने के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास का माहौल गरमा गया। इस हैरान कर देने वाले नजारे को देखकर लोग दंग रह गए।1
- चिड़ावा स्थित पंडित गणेशनारायण बावलिया महाराज मंदिर में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक भव्य महा-आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने सामूहिक रूप से जल संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और अभियान के प्रदेश सहसंयोजक प्रेम सिंह बाजौर ने जल संरक्षण में जनभागीदारी की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने भविष्य में संभावित जल संकट को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि जल संरक्षण को एक जनआंदोलन का रूप देना अत्यंत आवश्यक है। वहीं, अभियान के प्रदेश संयोजक मुकेश दाधीच ने जानकारी दी कि पूरे प्रदेश में जल संवर्धन, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इस अवसर पर पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, ओबीसी आयोग के सदस्य पवन मावण्डिया, अभियान के जिला समन्वयक विशंभर पूनियां, भाजपा नगर अध्यक्ष नरेंद्र गिरधर, और पूर्व प्रधान कैलाश मेघवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- बीदासर में शनिवार को एक रेतीले बवंडर ने दस्तक दी, जिसके चलते क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।1
- आज अपने जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के कई ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार रखे। इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर उनका तीखा हमला रहा। बेनीवाल ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में मदन राठौड़ को आड़े हाथों लिया और उन पर सीधे सियासी तीर छोड़े। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वे जनहित के मुद्दों पर किसी भी तरह की नरमी बरतने वाले नहीं हैं।1
- सरकार जल्द ही प्लास्टिक के नए नोट जारी करने जा रही है। इन प्लास्टिक के नोटों की मुख्य विशेषता यह होगी कि वे न तो आसानी से गलेंगे और न ही फटेंगे, जिससे उनकी टिकाऊपन बढ़ेगी।1
- झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के गांव कासनी में एक घर पर आकाशीय बिजली गिरने से लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना रोहिताश पुत्र प्रताप सिंह कुमावत के मकान पर हुई। बिजली गिरने से उनके घर का इन्वर्टर, वायरिंग और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खराब हो गए, साथ ही मकान के चोबारे को भी नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिजली गिरते ही इतना जोरदार धमाका हुआ कि आसपास के लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए। इस धमाके की आवाज पूरे क्षेत्र में सुनाई दी, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। इस घटना से प्रभावित परिवार को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए। गौरतलब है कि झुंझुनूं जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है।1
- राजस्थान के शाहपुरा क्षेत्र स्थित रामपुरा भोमदास जोहड़ा अब मछलियों का कब्रिस्तान बन गया है। यहाँ ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण हजारों से अधिक मछलियों की मौत हो गई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, कांग्रेस कमेटी के लोग पानी का टैंक उपलब्ध कराने और संबंधित प्रक्रियाओं में सहयोग कर रहे हैं।1
- कुदरत के कहर के आगे मजबूत टावर भी धराशायी हो गए हैं। इस घटना को देखते हुए सभी को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ हमेशा खतरनाक नतीजे पेश करती है।1