राजस्थान के दौसा जिले के राहुवास में स्थित जिला अस्पताल की 100 करोड़ रुपये की इमारत महज एक साल के भीतर गंभीर दरारों से जूझ रही है। भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में आई इस इमारत की दरारों को ठीक करने के बजाय, ठेकेदार द्वारा उन पर एल्युमिनियम की प्लेटें जड़ दी गई हैं। इसे निर्माण में मानकों की अनदेखी और सबूतों को मिटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने इसे ड्रेनेज पाइपलाइन की समस्या बताकर पल्ला झाड़ लिया है, लेकिन यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या निर्माण से पहले मिट्टी और संरचना का परीक्षण केवल फाइलों तक सीमित था, और ये प्लेटें तकनीकी सुधार के लिए लगाई गईं या भ्रष्टाचार छिपाने के लिए? खेमराज जोशी की इस ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अब इस मामले में वैज्ञानिक जांच और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है। रीबार स्कैनर (GPR), अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी (UPV) टेस्ट, कोअर कटिंग टेस्ट और केमिकल एनालिसिस जैसे परीक्षणों की मांग की जा रही है ताकि कंक्रीट की गुणवत्ता, सामग्री के अनुपात और लोहे के उपयोग की वास्तविकता सामने आ सके। जनता की मेहनत की कमाई से बनी इस इमारत की दुर्दशा पर सवाल उठाए गए हैं कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा—निर्माण करने वाला ठेकेदार या बहाने बनाने वाले अधिकारी? जब तक इस मामले की परत-दर-परत सच्चाई सामने नहीं आ जाती और रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जाती रहेगी।
राजस्थान के दौसा जिले के राहुवास में स्थित जिला अस्पताल की 100 करोड़ रुपये की इमारत महज एक साल के भीतर गंभीर दरारों से जूझ रही है। भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में आई इस इमारत की दरारों को ठीक करने के बजाय, ठेकेदार द्वारा उन पर एल्युमिनियम की प्लेटें जड़ दी गई हैं। इसे निर्माण में मानकों की अनदेखी और
सबूतों को मिटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने इसे ड्रेनेज पाइपलाइन की समस्या बताकर पल्ला झाड़ लिया है, लेकिन यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या निर्माण से पहले मिट्टी और संरचना का परीक्षण केवल फाइलों तक सीमित था, और ये प्लेटें तकनीकी सुधार के लिए लगाई गईं या भ्रष्टाचार छिपाने के लिए? खेमराज जोशी
की इस ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अब इस मामले में वैज्ञानिक जांच और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है। रीबार स्कैनर (GPR), अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी (UPV) टेस्ट, कोअर कटिंग टेस्ट और केमिकल एनालिसिस जैसे परीक्षणों की मांग की जा रही है ताकि कंक्रीट की गुणवत्ता, सामग्री के अनुपात और लोहे के उपयोग की वास्तविकता सामने आ सके। जनता की मेहनत
की कमाई से बनी इस इमारत की दुर्दशा पर सवाल उठाए गए हैं कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा—निर्माण करने वाला ठेकेदार या बहाने बनाने वाले अधिकारी? जब तक इस मामले की परत-दर-परत सच्चाई सामने नहीं आ जाती और रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जाती रहेगी।
- दौसा की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने महिला सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को लालसोट स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें पीएम श्री अशोक शर्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, एवीपी स्कूल और राजकीय कन्या महाविद्यालय शामिल रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, 1091, पुलिस कंट्रोल रूम के 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्हें राजकोप सिटिजन ऐप के उपयोग और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की जानकारी दी गई। इसके अलावा, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा की तकनीक और सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति भी छात्राओं को जागरूक किया गया ताकि वे संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रह सकें। साइबर सुरक्षा सत्र में ऑनलाइन ठगी, फर्जी नौकरी, लॉटरी के झांसे और डिजिटल अरेस्ट जैसे खतरों से आगाह करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई। छात्राओं को बताया गया कि वे कभी भी अपना ओटीपी, बैंक पासवर्ड या निजी जानकारी साझा न करें और सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करें। साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। दौसा पुलिस का कहना है कि महिलाओं और छात्राओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।1
- दौसा शहर के गणेश नगर क्षेत्र में वार्ड नंबर 48 के तहत रोडवेज बस डिपो के पास एक आम रास्ते पर कथित अतिक्रमण और बिना अनुमति के बेसमेंट की खुदाई का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने इस अवैध निर्माण पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, विश्वप्रिय नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी सरकारी अनुमति के आम रास्ते पर अवैध कब्जा कर बेसमेंट की गहरी खुदाई करवाई जा रही है। इस निर्माण कार्य में मूलचंद नामक व्यक्ति पर भी सहयोग करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से प्रतिदिन लगभग 10 से 20 हजार लोगों का आवागमन होता है, लेकिन इस बेतरतीब निर्माण के कारण पूरा रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन खुले बेसमेंट और गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों के लिए हर समय दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे रात के समय या भीड़भाड़ के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से इस अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तुरंत हटाने, आम रास्ते को सुरक्षित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।4
- कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने पांचना बांध से जुड़े मामले को लेकर किसान भाइयों से शांति बनाए रखने की अपील की है।1
- जयपुर द्वितीय के बस्सी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जीआरएस एंटरप्राइजेज पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रामक लेबल वाले कैफिनेटेड बेवरेज ड्रिंक के 10,000 से अधिक कैन जब्त किए हैं। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी शुभमंगला के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इस प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर नमूनीकरण की प्रक्रिया पूरी की। अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मित्तल के अनुसार, कार्रवाई के दौरान रेड बुल एनर्जी ड्रिंक के 1512 कैन, कैंपा एनर्जी के 4928 कैन और प्रीडेटर एनर्जी के 3608 कैन सीज किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि एफएसएसएआई के मानकों के अनुसार बेवरेज के लेबलों पर 'स्टीमूलेट्स माइंड', 'एनरर्जाइज बॉडीज', 'एनर्जी ड्रिंक', 'स्पोर्ट्स ड्रिंक' या 'हेल्थी ड्रिंक' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। एफएसएसएआई ने इस संबंध में नामी बेवरेज ब्रांडों को नोटिस भेजकर जवाब भी तलब किया है। विभाग का मानना है कि उच्च कैफीन युक्त ऐसे ड्रिंक गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। जब्त माल और लिए गए नमूनों को आगे की जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला जयपुर भेजा जा रहा है, और लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस छापामार कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद यादव, अवधेश गुप्ता और नंदकिशोर कुमावत शामिल रहे।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर राजस्थान समान नागरिक संहिता 2026 के मसले पर संभाग स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, विधि विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया गया, जिसमें विभिन्न संगठनों और वर्गों से जुड़े लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। प्रशासन की ओर से इस विषय पर सुझाव देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। अब राज्य के आमजन 25 जुलाई तक अपने सुझाव संबंधित अधिकारियों या मंच तक पहुंचा सकेंगे।1
- गंगापुर सिटी में शुक्रवार देर रात लूट और मारपीट की एक वारदात सामने आई है। पीड़ित राहुल तलजा ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 10 जुलाई की रात करीब 1:45 बजे वह अपनी दुकान बंद करके गुरुद्वारे के पास स्थित अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान मुंह पर रुमाल बांधे चार अज्ञात युवकों ने उन्हें घेर लिया और डंडों से मारपीट करते हुए गले से सोने की चेन झपट ली। घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, हालांकि पीड़ित ने उनका पीछा करने का भी प्रयास किया। इस पूरी वारदात की फुटेज पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसे पीड़ित ने साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंपने की बात कही है। राहुल तलजा ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी और लूटी गई सोने की चेन बरामद करने की मांग की है। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- जयपुर के बगरू में एसबीआई से सीधा लाइव दिखाया जा रहा है। इस लाइव कवरेज को देखने के लिए दर्शकों से 'जस्ट जयपुर लाइव' के साथ लगातार जुड़े रहने की अपील की गई है।1
- दौसा जिले के लालसोट में जच्चा खाना और सुलभ कॉम्प्लेक्स के पास कचरे के ढेर में एक नंदी महाराज भोजन की तलाश करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने चिंता जाहिर की है कि इस कचरे में सिरिंज और इंजेक्शन जैसे हानिकारक मेडिकल कचरे भी मौजूद हैं, जिससे गौवंश के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों ने नगर परिषद और जिला अस्पताल प्रशासन से कचरे को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने और उसका उचित निस्तारण करने की सख्त मांग की है।1