ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? #Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? #Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या
ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? #Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? #Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या
- असम में बच्चों के सामने फुटबॉल से खेलता दिखा जंगली हाथी असम में बच्चों के सामने फुटबॉल से खेलता दिखा जंगली हाथी असम के नुमालीगढ़ स्थित बागीधाला टी एस्टेट में एक जंगली हाथी फुटबॉल को लात मारता हुआ कैमरे में कैद हुआ. बच्चे मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे, तभी हाथी वहां पहुंच गया और बच्चे गेंद छोड़कर दूर चले गए. इसके बाद हाथी खाली मैदान में गेंद को लात मारता नजर आया. फॉरेस्ट स्टाफ ने लोगों को ऐसे हाथियों के पास जाने या भीड़ लगाने से बचने की सलाह दी है. #Assam1
- *💥 🔝 FNB 💥* *रील बनाने पहुंचे युवकों से पुलिस ने ‘डक वॉक’ करा दी* हमीरपुर में जान जोखिम में डालकर बंधे(नहर) पर नहाने की रील्स बनाने पहुंचे आधा दर्जन युवकों से पुलिस ने 'डक वॉक' करा दी. इतना ही नहीं आगे से मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी. रील के चक्कर में यहा अब तक कई युवकों की जान जा चुकी है. जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई की. *💥 🔝 FNB 💥* *रील बनाने पहुंचे युवकों से पुलिस ने ‘डक वॉक’ करा दी* हमीरपुर में जान जोखिम में डालकर बंधे(नहर) पर नहाने की रील्स बनाने पहुंचे आधा दर्जन युवकों से पुलिस ने 'डक वॉक' करा दी. इतना ही नहीं आगे से मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी. रील के चक्कर में यहा अब तक कई युवकों की जान जा चुकी है. जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई की.1
- सिविल अस्पताल की छत पर शराब की बोतलें मिलने का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल सिविल अस्पताल की छत पर शराब की बोतलें मिलने का दावा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल MAIHAR :- मैहर सिविल अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में *छत पर शराब की खाली बोतलें मिलने की बात सामने आने* से अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में जहां मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए पहुंचते हैं, वहां परिसर के ऐसे हिस्से में शराब की बोतलों का मिलना चिंता का विषय माना जा रहा है। सवाल यह है कि अस्पताल की छत तक शराब की बोतलें कैसे पहुंचीं? क्या अस्पताल परिसर की नियमित निगरानी की जाती है? यदि निगरानी होती है तो ऐसी स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से कैसे बची? यह मामला केवल अनुशासन का नहीं, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली से भी जुड़ा हुआ है। प्रशासन को चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करे कि बोतलें वहां कैसे पहुंचीं और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करानी चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन को भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच एवं कार्रवाई करेगा, या अस्पताल की छत पर मिली शराब की बोतलों का मामला भी अन्य व्यवस्थागत सवालों की तरह अनदेखा रह जाएगा?2
- खबर अमरपाटन/रामनगर हाथी ने खेतों में मचाई तबाही, फसलें हुईं बर्बाद हाथी ने खेतों में मचाई तबाही, फसलें हुईं बर्बाद मैहर जिले में पिछले करीब एक हफ्ते से भटक रहा हाथी अब गांवों के खेतों तक पहुंच गया है। देर रात गोरसरी गांव में E5 हाथी के नजर आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हाथी ने खेतों में घुसकर खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू कर आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश शुरू कर दी। वन विभाग की टीम हाथी की लगातार निगरानी कर रही है। पिछले कई दिनों से इलाके में हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल है। वहीं किसान अपनी फसलों की सुरक्षा और संभावित नुकसान को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।1
- इनका उद्देश्य एक-एक जाति वर्ग में फूट डालो राज करो देखेंगे क्या बोल रहा है जिन्होंने हिंदू मुस्लिम की बात करके धर्म की मलाई खाना1
- भारत इंटरनेशनल स्कूल में दोहरे उत्सव की धूम: गणेश पूजा के साथ मनाया गया हिंदी दिवस रामपुर बघेलान। स्थानीय भारत इंटरनेशनल स्कूल में आज गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दोहरे उत्सव को लेकर स्कूल परिसर में भारी उत्साह देखा गया, जहां बच्चों के भीतर अध्यात्म, कला और अपनी संस्कृति के प्रति चेतना जगाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संचालक श्री सुनील सोनी एवं श्रीमती पद्मा सोनी ने भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस विशेष अवसर पर संस्था संचालक श्री सुनील सोनी जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए हिंदी दिवस और मातृभाषा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा के प्रति सदैव आदर और सम्मान की भावना रखनी चाहिए, क्योंकि भाषा ही हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़कर रखती है। वहीं, स्कूल के प्राचार्य श्री मनीष तिवारी जी ने भी भगवान गणेश जी से बच्चों के लिए अच्छे संस्कार, बुद्धि और विवेक की कामना की। उत्सव को और रंगीन बनाने के लिए स्कूल में हिंदी लेखन, फैंसी ड्रेस और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी कला, वेशभूषा और भाषा कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस मौके पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।3
- *संजय गांधी में फिर लापरवाही उजागर, ICU में भर्ती मरीज 5 घंटे से बिना इलाज के तड़प रहा* *रीवा -* संजय गांधी अस्पताल की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक नया वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें *ग्राम धमना, पोस्ट मजगवां, तहसील अमरपाटन, जिला सतना* निवासी *अजय कुशवाहा* ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन 5 घंटे बीत जाने के बाद भी ICU में भर्ती उनकी पत्नी का इलाज शुरू नहीं किया गया है। परिजन का कहना है कि 5 घंटे से मरीज तड़प रहा है पर डॉक्टर देखने तक नहीं आए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही इसी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे थे। मृतका के पिता आज भी सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठे न्याय मांग रहे हैं, बावजूद इसके अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया* *संजय गांधी में फिर लापरवाही उजागर, ICU में भर्ती मरीज 5 घंटे से बिना इलाज के तड़प रहा* *रीवा -* संजय गांधी अस्पताल की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक नया वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें *ग्राम धमना, पोस्ट मजगवां, तहसील अमरपाटन, जिला सतना* निवासी *अजय कुशवाहा* ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन 5 घंटे बीत जाने के बाद भी ICU में भर्ती उनकी पत्नी का इलाज शुरू नहीं किया गया है। परिजन का कहना है कि 5 घंटे से मरीज तड़प रहा है पर डॉक्टर देखने तक नहीं आए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही इसी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे थे। मृतका के पिता आज भी सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठे न्याय मांग रहे हैं, बावजूद इसके अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। *राइजिंग सतना रामदत्त दाहिया*1
- Ⓜ️🅿️ बड़ी खबर | सिंगरौली में निलंबन झेल चुके अधिकारी की सतना में सीएसपी पदस्थापना पर सवाल सतना। सिंगरौली जिले में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ रहे पुलिस अधिकारी मनीष त्रिपाठी की सतना नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके सिंगरौली कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार, ट्रकों की इंट्री और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों तथा कथित वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि सिंगरौली के मोरवा थाना प्रभारी रहते हुए मनीष त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबन का सामना भी करना पड़ा था। इसी दौरान ट्रकों की इंट्री को लेकर कथित ऑडियो सामने आने तथा एक एएसआई के साथ मारपीट की घटना को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार माध्यम द्वारा नहीं की जाती है और वायरल सामग्री को अपने आप में प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकती है। अब सतना में महत्वपूर्ण सीएसपी पद पर उनकी पदस्थापना के बाद सवाल उठ रहा है कि पूर्व में निलंबन जैसी विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारी को महत्वपूर्ण फील्ड जिम्मेदारी सौंपने के पीछे विभाग का क्या आधार रहा है? क्या ऐसे विवादों से जुड़े अधिकारी सतना में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कानून-व्यवस्था स्थापित करने में सफल होंगे? मामले में पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग उठ रही है कि मनीष त्रिपाठी के विरुद्ध पूर्व विभागीय कार्रवाई, निलंबन और वर्तमान पदस्थापना के आधार की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके। #Satna #SatnaNews #Singrauli #Police #CSP #MadhyaPradesh #BreakingNews Ⓜ️🅿️ बड़ी खबर | सिंगरौली में निलंबन झेल चुके अधिकारी की सतना में सीएसपी पदस्थापना पर सवाल सतना। सिंगरौली जिले में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ रहे पुलिस अधिकारी मनीष त्रिपाठी की सतना नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके सिंगरौली कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार, ट्रकों की इंट्री और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों तथा कथित वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि सिंगरौली के मोरवा थाना प्रभारी रहते हुए मनीष त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबन का सामना भी करना पड़ा था। इसी दौरान ट्रकों की इंट्री को लेकर कथित ऑडियो सामने आने तथा एक एएसआई के साथ मारपीट की घटना को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार माध्यम द्वारा नहीं की जाती है और वायरल सामग्री को अपने आप में प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकती है। अब सतना में महत्वपूर्ण सीएसपी पद पर उनकी पदस्थापना के बाद सवाल उठ रहा है कि पूर्व में निलंबन जैसी विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारी को महत्वपूर्ण फील्ड जिम्मेदारी सौंपने के पीछे विभाग का क्या आधार रहा है? क्या ऐसे विवादों से जुड़े अधिकारी सतना में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कानून-व्यवस्था स्थापित करने में सफल होंगे? मामले में पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग उठ रही है कि मनीष त्रिपाठी के विरुद्ध पूर्व विभागीय कार्रवाई, निलंबन और वर्तमान पदस्थापना के आधार की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके। #Satna #SatnaNews #Singrauli #Police #CSP #MadhyaPradesh #BreakingNews1