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भारत इंटरनेशनल स्कूल में दोहरे उत्सव की धूम: गणेश पूजा के साथ मनाया गया हिंदी दिवस रामपुर बघेलान। स्थानीय भारत इंटरनेशनल स्कूल में आज गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दोहरे उत्सव को लेकर स्कूल परिसर में भारी उत्साह देखा गया, जहां बच्चों के भीतर अध्यात्म, कला और अपनी संस्कृति के प्रति चेतना जगाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के संचालक श्री सुनील सोनी एवं श्रीमती पद्मा सोनी ने भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस विशेष अवसर पर संस्था संचालक श्री सुनील सोनी जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए हिंदी दिवस और मातृभाषा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा के प्रति सदैव आदर और सम्मान की भावना रखनी चाहिए, क्योंकि भाषा ही हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़कर रखती है। वहीं, स्कूल के प्राचार्य श्री मनीष तिवारी जी ने भी भगवान गणेश जी से बच्चों के लिए अच्छे संस्कार, बुद्धि और विवेक की कामना की। उत्सव को और रंगीन बनाने के लिए स्कूल में हिंदी लेखन, फैंसी ड्रेस और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी कला, वेशभूषा और भाषा कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस मौके पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

1 hr ago
user_Satish Shukla
Satish Shukla
रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago
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भारत इंटरनेशनल स्कूल में दोहरे उत्सव की धूम: गणेश पूजा के साथ मनाया गया हिंदी दिवस रामपुर बघेलान। स्थानीय भारत इंटरनेशनल स्कूल में आज गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दोहरे उत्सव को लेकर स्कूल परिसर में भारी उत्साह देखा गया, जहां बच्चों के भीतर अध्यात्म, कला और अपनी संस्कृति के प्रति चेतना जगाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था

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के संचालक श्री सुनील सोनी एवं श्रीमती पद्मा सोनी ने भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस विशेष अवसर पर संस्था संचालक श्री सुनील सोनी जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए हिंदी दिवस और मातृभाषा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा के प्रति सदैव आदर और सम्मान की भावना रखनी चाहिए, क्योंकि भाषा ही हमें अपनी

जड़ों और संस्कृति से जोड़कर रखती है। वहीं, स्कूल के प्राचार्य श्री मनीष तिवारी जी ने भी भगवान गणेश जी से बच्चों के लिए अच्छे संस्कार, बुद्धि और विवेक की कामना की। उत्सव को और रंगीन बनाने के लिए स्कूल में हिंदी लेखन, फैंसी ड्रेस और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी कला, वेशभूषा और भाषा कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस मौके पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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  • Ⓜ️🅿️ बड़ी खबर | सिंगरौली में निलंबन झेल चुके अधिकारी की सतना में सीएसपी पदस्थापना पर सवाल सतना। सिंगरौली जिले में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ रहे पुलिस अधिकारी मनीष त्रिपाठी की सतना नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके सिंगरौली कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार, ट्रकों की इंट्री और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों तथा कथित वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि सिंगरौली के मोरवा थाना प्रभारी रहते हुए मनीष त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबन का सामना भी करना पड़ा था। इसी दौरान ट्रकों की इंट्री को लेकर कथित ऑडियो सामने आने तथा एक एएसआई के साथ मारपीट की घटना को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार माध्यम द्वारा नहीं की जाती है और वायरल सामग्री को अपने आप में प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकती है। अब सतना में महत्वपूर्ण सीएसपी पद पर उनकी पदस्थापना के बाद सवाल उठ रहा है कि पूर्व में निलंबन जैसी विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारी को महत्वपूर्ण फील्ड जिम्मेदारी सौंपने के पीछे विभाग का क्या आधार रहा है? क्या ऐसे विवादों से जुड़े अधिकारी सतना में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कानून-व्यवस्था स्थापित करने में सफल होंगे? मामले में पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग उठ रही है कि मनीष त्रिपाठी के विरुद्ध पूर्व विभागीय कार्रवाई, निलंबन और वर्तमान पदस्थापना के आधार की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके। #Satna #SatnaNews #Singrauli #Police #CSP #MadhyaPradesh #BreakingNews Ⓜ️🅿️ बड़ी खबर | सिंगरौली में निलंबन झेल चुके अधिकारी की सतना में सीएसपी पदस्थापना पर सवाल सतना। सिंगरौली जिले में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ रहे पुलिस अधिकारी मनीष त्रिपाठी की सतना नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके सिंगरौली कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार, ट्रकों की इंट्री और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों तथा कथित वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि सिंगरौली के मोरवा थाना प्रभारी रहते हुए मनीष त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबन का सामना भी करना पड़ा था। इसी दौरान ट्रकों की इंट्री को लेकर कथित ऑडियो सामने आने तथा एक एएसआई के साथ मारपीट की घटना को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार माध्यम द्वारा नहीं की जाती है और वायरल सामग्री को अपने आप में प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकती है। अब सतना में महत्वपूर्ण सीएसपी पद पर उनकी पदस्थापना के बाद सवाल उठ रहा है कि पूर्व में निलंबन जैसी विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारी को महत्वपूर्ण फील्ड जिम्मेदारी सौंपने के पीछे विभाग का क्या आधार रहा है? क्या ऐसे विवादों से जुड़े अधिकारी सतना में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कानून-व्यवस्था स्थापित करने में सफल होंगे? मामले में पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग उठ रही है कि मनीष त्रिपाठी के विरुद्ध पूर्व विभागीय कार्रवाई, निलंबन और वर्तमान पदस्थापना के आधार की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके। #Satna #SatnaNews #Singrauli #Police #CSP #MadhyaPradesh #BreakingNews
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    Ⓜ️🅿️ बड़ी खबर | सिंगरौली में निलंबन झेल चुके अधिकारी की सतना में सीएसपी पदस्थापना पर सवाल

सतना। सिंगरौली जिले में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ रहे पुलिस अधिकारी मनीष त्रिपाठी की सतना नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके सिंगरौली कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार, ट्रकों की इंट्री और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों तथा कथित वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा हुई थी।

बताया जाता है कि सिंगरौली के मोरवा थाना प्रभारी रहते हुए मनीष त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबन का सामना भी करना पड़ा था। इसी दौरान ट्रकों की इंट्री को लेकर कथित ऑडियो सामने आने तथा एक एएसआई के साथ मारपीट की घटना को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी।

हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार माध्यम द्वारा नहीं की जाती है और वायरल सामग्री को अपने आप में प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकती है।

अब सतना में महत्वपूर्ण सीएसपी पद पर उनकी पदस्थापना के बाद सवाल उठ रहा है कि पूर्व में निलंबन जैसी विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारी को महत्वपूर्ण फील्ड जिम्मेदारी सौंपने के पीछे विभाग का क्या आधार रहा है?

क्या ऐसे विवादों से जुड़े अधिकारी सतना में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कानून-व्यवस्था स्थापित करने में सफल होंगे?

मामले में पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग उठ रही है कि मनीष त्रिपाठी के विरुद्ध पूर्व विभागीय कार्रवाई, निलंबन और वर्तमान पदस्थापना के आधार की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।

#Satna #SatnaNews #Singrauli #Police #CSP #MadhyaPradesh #BreakingNews


Ⓜ️🅿️ बड़ी खबर | सिंगरौली में निलंबन झेल चुके अधिकारी की सतना में सीएसपी पदस्थापना पर सवाल
सतना। सिंगरौली जिले में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ रहे पुलिस अधिकारी मनीष त्रिपाठी की सतना नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उनके सिंगरौली कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार, ट्रकों की इंट्री और कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों तथा कथित वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा हुई थी।
बताया जाता है कि सिंगरौली के मोरवा थाना प्रभारी रहते हुए मनीष त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी और उन्हें निलंबन का सामना भी करना पड़ा था। इसी दौरान ट्रकों की इंट्री को लेकर कथित ऑडियो सामने आने तथा एक एएसआई के साथ मारपीट की घटना को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी।
हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार माध्यम द्वारा नहीं की जाती है और वायरल सामग्री को अपने आप में प्रमाण नहीं माना जा सकता। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकती है।
अब सतना में महत्वपूर्ण सीएसपी पद पर उनकी पदस्थापना के बाद सवाल उठ रहा है कि पूर्व में निलंबन जैसी विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारी को महत्वपूर्ण फील्ड जिम्मेदारी सौंपने के पीछे विभाग का क्या आधार रहा है?
क्या ऐसे विवादों से जुड़े अधिकारी सतना में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कानून-व्यवस्था स्थापित करने में सफल होंगे?
मामले में पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग उठ रही है कि मनीष त्रिपाठी के विरुद्ध पूर्व विभागीय कार्रवाई, निलंबन और वर्तमान पदस्थापना के आधार की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
#Satna #SatnaNews #Singrauli #Police #CSP #MadhyaPradesh #BreakingNews
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    10 hrs ago
  • खबर अमरपाटन/रामनगर हाथी ने खेतों में मचाई तबाही, फसलें हुईं बर्बाद हाथी ने खेतों में मचाई तबाही, फसलें हुईं बर्बाद मैहर जिले में पिछले करीब एक हफ्ते से भटक रहा हाथी अब गांवों के खेतों तक पहुंच गया है। देर रात गोरसरी गांव में E5 हाथी के नजर आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हाथी ने खेतों में घुसकर खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू कर आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश शुरू कर दी। वन विभाग की टीम हाथी की लगातार निगरानी कर रही है। पिछले कई दिनों से इलाके में हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल है। वहीं किसान अपनी फसलों की सुरक्षा और संभावित नुकसान को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
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    खबर अमरपाटन/रामनगर हाथी ने खेतों में मचाई तबाही, फसलें हुईं बर्बाद
हाथी ने खेतों में मचाई तबाही, फसलें हुईं बर्बाद
मैहर जिले में पिछले करीब एक हफ्ते से भटक रहा हाथी अब गांवों के खेतों तक पहुंच गया है। देर रात गोरसरी गांव में E5 हाथी के नजर आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हाथी ने खेतों में घुसकर खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू कर आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश शुरू कर दी। वन विभाग की टीम हाथी की लगातार निगरानी कर रही है। पिछले कई दिनों से इलाके में हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल है। वहीं किसान अपनी फसलों की सुरक्षा और संभावित नुकसान को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत श्रमिकों का पंजीयन अभियान ग्राम पंचायतों में असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना यानी PM-SYM से जोड़ने के लिए पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। निर्देश के अनुसार, ग्राम पंचायत स्तर पर CSC VLE द्वारा पात्र श्रमिकों का ऑनलाइन पंजीयन कराया जाएगा। पंचायत सचिव और GRS को श्रमिकों की सूची उपलब्ध कराने तथा योजना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के पंजीयन को भी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही गई है। अभियान के तहत प्रतिदिन लगभग 50 से 100 पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कराने और इसकी जानकारी संबंधित ग्रुप में साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस योजना के लिए 18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, जैसे कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार और स्ट्रीट वेंडर आदि पात्र हो सकते हैं। पंजीयन के लिए ई-श्रम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज आवश्यक बताए गए हैं। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ₹5,000 प्रतिमाह तक की पेंशन का प्रावधान है, जो योजना के नियमों और अंशदान के अनुसार देय होती है। प्रशासन की ओर से पात्र श्रमिकों से अपील की गई है कि वे योजना की पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेकर अपने नजदीकी CSC केंद्र या ग्राम पंचायत में संपर्क करें और पात्र होने पर पंजीयन कराएं। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे
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    प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत श्रमिकों का पंजीयन अभियान

ग्राम पंचायतों में असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना यानी PM-SYM से जोड़ने के लिए पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है।
निर्देश के अनुसार, ग्राम पंचायत स्तर पर CSC VLE द्वारा पात्र श्रमिकों का ऑनलाइन पंजीयन कराया जाएगा। पंचायत सचिव और GRS को श्रमिकों की सूची उपलब्ध कराने तथा योजना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के पंजीयन को भी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही गई है।
अभियान के तहत प्रतिदिन लगभग 50 से 100 पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कराने और इसकी जानकारी संबंधित ग्रुप में साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना के लिए 18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, जैसे कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार और स्ट्रीट वेंडर आदि पात्र हो सकते हैं। पंजीयन के लिए ई-श्रम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज आवश्यक बताए गए हैं।
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ₹5,000 प्रतिमाह तक की पेंशन का प्रावधान है, जो योजना के नियमों और अंशदान के अनुसार देय होती है।
प्रशासन की ओर से पात्र श्रमिकों से अपील की गई है कि वे योजना की पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेकर अपने नजदीकी CSC केंद्र या ग्राम पंचायत में संपर्क करें और पात्र होने पर पंजीयन कराएं।
ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदीप सर ने छात्रों को संबोधित किया और अकादमी में मेधावी छात्रों को पुरस्कार वितरित किया गया प्रदीप सर ने छात्रों को कहा की शिक्षा वो शेरनी का दूध है , जो जितना पियेगा वो उतना दहाड़ेगा प्रदीप सर की धमाकेदार स्पीच स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर
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    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदीप सर ने छात्रों को संबोधित किया और अकादमी में मेधावी छात्रों को पुरस्कार वितरित किया गया
प्रदीप सर ने छात्रों को कहा की शिक्षा वो शेरनी का दूध है , जो जितना पियेगा वो उतना दहाड़ेगा
प्रदीप सर की धमाकेदार स्पीच स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर
    user_Pradeep sir
    Pradeep sir
    Teacher उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • लोकेशन रीवा। डिप्टी CM पर अभय मिश्रा का DNA वाला तंज, गौशालाओं के प्रेम पर उठाए सवाल, बोले- ‘स्वास्थ्य छोड़ पशुपालन संभालिए’। कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद रीवा में सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने रविवार देर शाम प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला पर तीखा हमला बोला। विधायक ने उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए गौशालाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। अभय मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पिता मवेशियों का व्यवसाय करते थे और “इसका असर उनके DNA में भी दिखाई देता है।” विधायक ने आरोप लगाया कि इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग की बजाय बसामन मामा समेत गौशालाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने गौशालाओं की फंडिंग और उसके लेखा-जोखा को लेकर भी सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अभय मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे मानव जीवन से जुड़े स्वास्थ्य विभाग से खुद को अलग कर पशुपालन विभाग में चले जाएं, ताकि कम से कम लोगों की जान से जुड़े सवाल तो न उठें। रीवा की सियासत में अब स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा निजी और राजनीतिक हमलों तक पहुंच गया है- DNA से लेकर गौशालाओं की फंडिंग तक, अभय मिश्रा के बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। हालांकि विधायक द्वारा लगाए गए गौशाला फंडिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के जवाब पर हैं।
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    लोकेशन रीवा।

डिप्टी CM पर अभय मिश्रा का DNA वाला तंज, गौशालाओं के प्रेम पर उठाए सवाल, बोले- ‘स्वास्थ्य छोड़ पशुपालन संभालिए’।

कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद रीवा में सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने रविवार देर शाम प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला पर तीखा हमला बोला। विधायक ने उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए गौशालाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। अभय मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पिता मवेशियों का व्यवसाय करते थे और “इसका असर उनके DNA में भी दिखाई देता है।” विधायक ने आरोप लगाया कि इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग की बजाय बसामन मामा समेत गौशालाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने गौशालाओं की फंडिंग और उसके लेखा-जोखा को लेकर भी सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अभय मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे मानव जीवन से जुड़े स्वास्थ्य विभाग से खुद को अलग कर पशुपालन विभाग में चले जाएं, ताकि कम से कम लोगों की जान से जुड़े सवाल तो न उठें। रीवा की सियासत में अब स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा निजी और राजनीतिक हमलों तक पहुंच गया है- DNA से लेकर गौशालाओं की फंडिंग तक, अभय मिश्रा के बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। हालांकि विधायक द्वारा लगाए गए गौशाला फंडिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के जवाब पर हैं।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • इनका उद्देश्य एक-एक जाति वर्ग में फूट डालो राज करो देखेंगे क्या बोल रहा है जिन्होंने हिंदू मुस्लिम की बात करके धर्म की मलाई खाना
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    इनका उद्देश्य एक-एक जाति वर्ग में फूट डालो राज करो देखेंगे क्या बोल रहा है  जिन्होंने हिंदू मुस्लिम की बात करके धर्म की मलाई खाना
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer Maihar, Satna•
    3 min ago
  • *बड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी* *अमरपाटन। जनपद पंचायत* अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल के ग्रामीण इन दिनों सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। *बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों* को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को होती है। ग्रामीणों ने संबंधित *जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन* से मांग की है कि गांव की सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। *सवाल यह है कि ग्रामीणों* की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? *बड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी* *अमरपाटन। जनपद पंचायत* अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल के ग्रामीण इन दिनों सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। *बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों* को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को होती है। ग्रामीणों ने संबंधित *जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन* से मांग की है कि गांव की सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। *सवाल यह है कि ग्रामीणों* की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे?
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    *बड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी*

*अमरपाटन। जनपद पंचायत* अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल के ग्रामीण इन दिनों सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है।
*बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों* को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को होती है।
ग्रामीणों ने संबंधित *जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन* से मांग की है कि गांव की सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके।
*सवाल यह है कि ग्रामीणों* की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे?
*बड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी*
*अमरपाटन। जनपद पंचायत* अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल के ग्रामीण इन दिनों सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है।
*बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों* को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को होती है।
ग्रामीणों ने संबंधित *जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन* से मांग की है कि गांव की सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके।
*सवाल यह है कि ग्रामीणों* की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे?
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? #Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके। सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? #Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या
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    ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है।

बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके।

सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे?

#Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या


ड़ी खबर | पाल गांव में सड़क नहीं, बारिश में ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
अमरपाटन। जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत पाल में सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। गांव में पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो गया है।
बारिश के दौरान कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में आवागमन सुचारु हो सके।
सवाल यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कब होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे?
#Amarpatan #Pal #RoadProblem #ग्रामीणसमस्या #बारिश #सड़कसमस्या
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    11 hrs ago
  • डिलीवरी के नाम पर कथित वसूली! गरीब मरीज जाएं तो जाएं कहां? पैसे के अभाव में किसी गरीब की प्रसूता को इलाज से वंचित या रेफर किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सामाजिक संगठनों की मांग बीएमओ के कमीशन एवं परसेंट (महिनवारी) के आधार पर क्षेत्र के दर्जनो फर्जी झोलाछाप डॉक्टर की चल रही है क्लिनिक दलालों के माध्यम से अपने मनपसंद मेडिकल की दुकानों एवं फर्जी क्लिनिक को में मरीज को भेजा जाता है कमीशन फिक्स डिलीवरी करने के बहाने भोली भाली जनता से की जा रही है अवैध वसूली एक ओर मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार मोहन यादव के द्वारा लगातार प्रयास रहते हैं वहीं सवालों के घेरे में आपको बता दे मऊगंज जिला के स्वास्थ्य के चर्चा में आया काफी दिनों से जहां इन दिनों प्रदेशभर में स्वास्थ्य की व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगता लापरवाही का आरोप लगा रहा है वही जहां प्रदेश भर में कल्पना मिश्रा के मामले को लेकर आमरण अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। बात करते हैं मऊगंज जिले के हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां कागजों में दौड़ रहा है वहीं क्षेत्र में जहां दर्जनों फर्जी क्लीनिक एवं झोलाछाप डॉक्टर संचालित हो रहे हैं। वही मिली जानकारी के अनुसार फर्जी झोलाछाप डॉक्टर अवैध क्लिनिको से बीएमओ के महिनवारी कमीशन पहुंच रहा है उन्हीं के संरक्षण में क्षेत्र में लगातार झोलाछाप डॉक्टर एवं अवैध क्लिनिक को संचालित हो रही है बात करें कोई भी मरीज दवाई करने के लिए अस्पताल में जाता है वहीं अस्पताल के आसपास एवं डॉक्टर के चाहे तो आसपास घूमते रहते हैं वहीं अपने मनपसंद मेडिकल की दुकानों में पर्ची लिखी जाती है वहीं से उन लोगों को मेडिकल से दवाई लेने के लिए बोला जाता है। जहां कमीशन सेट होता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नाम न बताने के आधार पर उन्होंने बताया कि कुछ दवाइयां का मालिक बीएमओ के संबंधित के द्वारा क्षेत्र में संचालित कराया जा रहा है उन्हें की कंपनी की दवाई लेने का दबाव बनाया जाता है वही बात करते हैं जहां ग्रामीण क्षेत्र एवं अदवाचाल क्षेत्र की डिलीवरी के लिए महिलाओं को लाया जाता है लेकिन कागजों में तीन से चार दिनों तक रखने को कागज में चढ़ाया जाता है लेकिन डिलीवरी के होने के बाद कुछ ही घंटे में डिस्चार्ज कर दिया जाता है वहीं एक डिलीवरी के नाम पर हजार से ₹1500 की अवैध वसूली की जाती है चर्चा के दौरान जहां नाम न बताने के शर्त पर कहा जिम्मेदार तक भी कमीशन दी जाती है जो उनके द्वारा के द्वारा डिमांड की जाती है वही स्वास्थ्य से मिलने वाली कैंटीन से व्यवस्था भी कागजों में चल रही है। लोगों ने बताया कि कई वर्षों से पदस्थ होने पर जहां तानाशाही रवैया भी देखा जा रहा है ग्रामीणों ने मांग की है कमिश्नर से की जांच कर कर संबंधित अधिकारी को हटाया जाए नहीं आगामी दिनों कमिश्नर कलेक्टर एसपी सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने और अचौक निरीक्षण अस्पताल का किया था कई कमियां मिली थी वही कमिश्नर के द्वारा कार्यवाही की बात की गई थी लेकिन राजनीतिक पकड़ होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं हुई क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। डिलीवरी के नाम पर कथित वसूली! गरीब मरीज जाएं तो जाएं कहां? पैसे के अभाव में किसी गरीब की प्रसूता को इलाज से वंचित या रेफर किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वहीं गंभीर आरोप लगाया गया है। फिलहाल इन आरोपों को कौन सही जांच करेगा। आरोपी पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ब्यूटी चीफ रीवा अभिषेक पांडे
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    डिलीवरी के नाम पर कथित वसूली! गरीब मरीज जाएं तो जाएं कहां?

पैसे के अभाव में किसी गरीब की प्रसूता को इलाज से वंचित या रेफर किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सामाजिक संगठनों की मांग 

बीएमओ के कमीशन एवं परसेंट (महिनवारी) के आधार पर क्षेत्र के दर्जनो फर्जी झोलाछाप डॉक्टर की चल रही है क्लिनिक

दलालों के माध्यम से अपने मनपसंद मेडिकल की दुकानों एवं फर्जी क्लिनिक को में मरीज को भेजा जाता है कमीशन फिक्स 

डिलीवरी करने के बहाने भोली भाली जनता से की जा रही है अवैध वसूली 


एक ओर मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार मोहन यादव के द्वारा लगातार प्रयास रहते हैं वहीं सवालों के घेरे में आपको बता दे मऊगंज जिला के स्वास्थ्य के चर्चा में आया काफी दिनों से जहां इन दिनों प्रदेशभर में स्वास्थ्य की व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगता लापरवाही का आरोप लगा रहा है वही जहां प्रदेश भर में कल्पना मिश्रा के मामले को लेकर आमरण अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। बात करते हैं मऊगंज जिले के हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां कागजों में दौड़ रहा है वहीं क्षेत्र में जहां दर्जनों फर्जी क्लीनिक एवं झोलाछाप डॉक्टर संचालित हो रहे हैं। वही मिली जानकारी के अनुसार फर्जी झोलाछाप डॉक्टर  अवैध क्लिनिको से बीएमओ के  महिनवारी कमीशन पहुंच रहा है उन्हीं के संरक्षण में क्षेत्र में लगातार झोलाछाप डॉक्टर एवं अवैध क्लिनिक को संचालित हो रही है बात करें कोई भी मरीज दवाई करने के लिए अस्पताल में जाता है वहीं अस्पताल के आसपास एवं डॉक्टर के चाहे तो आसपास घूमते रहते हैं वहीं अपने मनपसंद मेडिकल की दुकानों में पर्ची लिखी जाती है वहीं से उन लोगों को मेडिकल से दवाई लेने के लिए बोला जाता है। जहां कमीशन सेट होता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नाम न बताने के आधार पर उन्होंने बताया कि कुछ दवाइयां का मालिक बीएमओ के संबंधित के द्वारा क्षेत्र में संचालित कराया जा रहा है उन्हें की कंपनी की दवाई लेने का दबाव बनाया जाता है वही बात करते हैं जहां ग्रामीण क्षेत्र एवं अदवाचाल क्षेत्र की डिलीवरी के लिए महिलाओं को लाया जाता है लेकिन कागजों में तीन से चार दिनों तक रखने को कागज में चढ़ाया जाता है लेकिन डिलीवरी के होने के बाद कुछ ही घंटे में डिस्चार्ज कर दिया जाता है वहीं एक डिलीवरी के नाम पर हजार से ₹1500 की अवैध वसूली की जाती है चर्चा के दौरान जहां नाम न बताने के शर्त पर कहा जिम्मेदार तक भी कमीशन दी जाती है जो उनके द्वारा के द्वारा डिमांड की जाती है वही स्वास्थ्य से मिलने वाली कैंटीन से व्यवस्था भी कागजों में चल रही है। लोगों ने बताया कि कई वर्षों से पदस्थ होने पर जहां तानाशाही रवैया भी देखा जा रहा है ग्रामीणों ने मांग की है कमिश्नर से की जांच कर कर संबंधित अधिकारी को हटाया जाए नहीं आगामी दिनों कमिश्नर कलेक्टर एसपी सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने और अचौक निरीक्षण अस्पताल का किया था कई कमियां मिली थी वही कमिश्नर के द्वारा कार्यवाही की बात की गई थी लेकिन राजनीतिक पकड़ होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं हुई क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
डिलीवरी के नाम पर कथित वसूली! गरीब मरीज जाएं तो जाएं कहां?
पैसे के अभाव में किसी गरीब की प्रसूता को इलाज से वंचित या रेफर किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वहीं गंभीर आरोप लगाया गया है। फिलहाल इन आरोपों को कौन सही जांच करेगा। आरोपी पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ब्यूटी चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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