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jawa sitalaha tamas nadi teji se bada hai kripiya sabadhan rahe surchit rahe jawa sitalaha tamas nadi teji se bada hai

1 hr ago
user_Rajesh Vishwakarma
Rajesh Vishwakarma
जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

jawa sitalaha tamas nadi teji se bada hai kripiya sabadhan rahe surchit rahe jawa sitalaha tamas nadi teji se bada hai

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *अल्ट्राटेक के खिलाफ युवाओं की हुंकार* *दिलीप दुबे के नेतृत्व में भारी बारिश के बीच प्लांट गेट पर डटे सैकड़ों युवा, छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन* मैहर। अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ युवाओं का आंदोलन सोमवार को जोरदार तरीके से सामने आया। युवा नेता दिलीप दुबे के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने भारी बारिश के बावजूद प्लांट गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। युवाओं ने स्थानीय रोजगार, ओवरलोडिंग सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। बारिश लगातार जारी रहने के बावजूद प्रदर्शनकारी प्लांट गेट पर डटे रहे। युवाओं का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और अन्य सुविधाओं में क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। *ओवरलोडिंग का भी उठाया मुद्दा* प्रदर्शन के दौरान ओवरलोड वाहनों की आवाजाही का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। युवाओं का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही और कथित ओवरलोडिंग से सड़क सुरक्षा प्रभावित होने के साथ ही आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभागों से इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। *छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन* दिलीप दुबे के नेतृत्व में युवाओं ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों से संबंधित हैं। इन मांगों पर कंपनी और प्रशासन को गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने चाहिए। भारी बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी से आंदोलन को लेकर चर्चा तेज हो गई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। युवाओं ने प्रशासन से मांग की कि कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाए, ताकि क्षेत्र में रोजगार, परिवहन और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर बनी नाराजगी दूर हो सके।
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    *अल्ट्राटेक के खिलाफ युवाओं की हुंकार*

*दिलीप दुबे के नेतृत्व में भारी बारिश के बीच प्लांट गेट पर डटे सैकड़ों युवा, छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन*

मैहर। अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ युवाओं का आंदोलन सोमवार को जोरदार तरीके से सामने आया। युवा नेता दिलीप दुबे के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने भारी बारिश के बावजूद प्लांट गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। युवाओं ने स्थानीय रोजगार, ओवरलोडिंग सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
बारिश लगातार जारी रहने के बावजूद प्रदर्शनकारी प्लांट गेट पर डटे रहे। युवाओं का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और अन्य सुविधाओं में क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। *ओवरलोडिंग का भी उठाया मुद्दा*
प्रदर्शन के दौरान ओवरलोड वाहनों की आवाजाही का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। युवाओं का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही और कथित ओवरलोडिंग से सड़क सुरक्षा प्रभावित होने के साथ ही आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभागों से इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। *छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन*
दिलीप दुबे के नेतृत्व में युवाओं ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों से संबंधित हैं। इन मांगों पर कंपनी और प्रशासन को गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने चाहिए। भारी बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी से आंदोलन को लेकर चर्चा तेज हो गई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। युवाओं ने प्रशासन से मांग की कि कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाए, ताकि क्षेत्र में रोजगार, परिवहन और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर बनी नाराजगी दूर हो सके।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सकरौहा में बारिश का कहर: घरों में घुसा तीन फीट पानी, दर्जनों कच्चे मकान धराशायी गृहस्थी बर्बाद, सड़कों और नालियों का मिटा नामोनिशान; ओवरफ्लो अमृत सरोवर ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत मानिकपुर/चित्रकूट। लगातार हो रही बारिश ने मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरौहा में ग्रामीणों की जिंदगी को बेहाल कर दिया है। गांव की सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, वहीं कई घरों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। कई दिनों से घरों में पानी भरे रहने के कारण दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए, जिससे गरीब ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी पलभर में बर्बाद हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और अमृत सरोवर के ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी घरों और रास्तों में जमा हो गया है। हालात यह हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीण ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हो गया। गांव का पानी बाहर निकालने के लिए पर्याप्त नाली नहीं होने से पानी घरों में भरता रहा। कई दिनों तक पानी भरे रहने के कारण उनका कच्चा मकान कमजोर होकर आखिरकार गिर गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों ने जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी होती तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। बताया गया कि पंकज, केशव, राजेश, रामबाबू, सुशील पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, घनश्याम सेन, चंद्रपाल, तीरथ, छोटा, कलुवा, मंगल समेत कई ग्रामीणों के घर भी कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। मलबे में तब्दील हुई गृहस्थी, मदद की आस में ग्रामीण मकान गिरने से ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा संकट आशियाने और गृहस्थी बचाने का खड़ा हो गया है। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, घरेलू सामान समेत जरूरी सामग्री पानी और मलबे की भेंट चढ़ गई। गरीब परिवारों के लिए यह नुकसान किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था करना जिम्मेदार तंत्र की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते नालियों और पानी की निकासी का इंतजाम किया गया होता तो कई परिवारों को अपना घर और गृहस्थी नहीं गंवानी पड़ती। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षति का सर्वे कराने, जल निकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा मकान गिरने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है। बड़ा सवाल: जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं हुई? सकरौहा में बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने गांव की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गांव में समय रहते नालियों और जल निकासी की व्यवस्था होती तो बारिश का पानी इस तरह घरों में नहीं घुसता। अब देखना यह है कि दर्जनों परिवारों के आशियाने उजड़ने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाते हैं या फिर ग्रामीण इसी तरह पानी और मलबे के बीच मदद की बाट जोहते रहेंगे।
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    सकरौहा में बारिश का कहर: घरों में घुसा तीन फीट पानी, दर्जनों कच्चे मकान धराशायी

गृहस्थी बर्बाद, सड़कों और नालियों का मिटा नामोनिशान; ओवरफ्लो अमृत सरोवर ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत

मानिकपुर/चित्रकूट। लगातार हो रही बारिश ने मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरौहा में ग्रामीणों की जिंदगी को बेहाल कर दिया है। गांव की सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, वहीं कई घरों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। कई दिनों से घरों में पानी भरे रहने के कारण दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए, जिससे गरीब ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी पलभर में बर्बाद हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और अमृत सरोवर के ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी घरों और रास्तों में जमा हो गया है। हालात यह हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीण ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हो गया। गांव का पानी बाहर निकालने के लिए पर्याप्त नाली नहीं होने से पानी घरों में भरता रहा। कई दिनों तक पानी भरे रहने के कारण उनका कच्चा मकान कमजोर होकर आखिरकार गिर गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों ने जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी होती तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती।
बताया गया कि पंकज, केशव, राजेश, रामबाबू, सुशील पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, घनश्याम सेन, चंद्रपाल, तीरथ, छोटा, कलुवा, मंगल समेत कई ग्रामीणों के घर भी कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं।
मलबे में तब्दील हुई गृहस्थी, मदद की आस में ग्रामीण
मकान गिरने से ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा संकट आशियाने और गृहस्थी बचाने का खड़ा हो गया है। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, घरेलू सामान समेत जरूरी सामग्री पानी और मलबे की भेंट चढ़ गई। गरीब परिवारों के लिए यह नुकसान किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था करना जिम्मेदार तंत्र की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते नालियों और पानी की निकासी का इंतजाम किया गया होता तो कई परिवारों को अपना घर और गृहस्थी नहीं गंवानी पड़ती।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षति का सर्वे कराने, जल निकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा मकान गिरने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है।
बड़ा सवाल: जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं हुई?
सकरौहा में बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने गांव की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गांव में समय रहते नालियों और जल निकासी की व्यवस्था होती तो बारिश का पानी इस तरह घरों में नहीं घुसता।
अब देखना यह है कि दर्जनों परिवारों के आशियाने उजड़ने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाते हैं या फिर ग्रामीण इसी तरह पानी और मलबे के बीच मदद की बाट जोहते रहेंगे।
    user_अजय पाण्डेय पत्रकार
    अजय पाण्डेय पत्रकार
    मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा गोपीपुरवा मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा गोपीपुरवा, मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि वर्तमान में रपटे के ऊपर से पानी का प्रवाह हो रहा है, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त स्थल पर स्थायी समाधान के लिए पिछले वर्ष कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रेषित की गई थी, जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रस्तावित कार्य के अंतर्गत लगभग 30 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए लगभग ₹1.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है।
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    चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा गोपीपुरवा मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। 
चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा गोपीपुरवा, मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। 
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि वर्तमान में रपटे के ऊपर से पानी का प्रवाह हो रहा है, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त स्थल पर स्थायी समाधान के लिए पिछले वर्ष कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रेषित की गई थी, जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
प्रस्तावित कार्य के अंतर्गत लगभग 30 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए लगभग ₹1.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है।
    user_Vimal Kumar
    Vimal Kumar
    Local News Reporter Manikpur, Chitrakoot•
    12 hrs ago
  • 🚨 चित्रकूट पुलिस अलर्ट: मंदाकिनी नदी की बाढ़ को लेकर रामघाट व निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र का निरीक्षण #चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के मद्देनजर अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को रामघाट, निर्मोही अखाड़ा सहित अन्य बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। रामघाट के निचले घाटों, दुकानों और निर्मोही अखाड़ा के समीप कुछ क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर गया है। पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय लोगों, पुजारियों, दुकानदारों और नाविकों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। 🔹 हर घंटे जलस्तर की निगरानी कर कंट्रोल रूम को सूचना देने के निर्देश। 🔹 जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ के साथ समन्वय कर 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश। 🔹 निचले इलाकों में फंसे लोगों को तत्काल बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश। 🔹 घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर स्नान व आवागमन पर प्रतिबंध। 🔹 लाउड हेलर के माध्यम से लगातार लोगों को सावधान किया जा रहा है। ⚠️ पुलिस की अपील: मंदाकिनी नदी का जलस्तर अभी स्थिर नहीं है। नागरिक नदी एवं घाटों के आसपास न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या जिला कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें। निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्वी, चौकी प्रभारी रामघाट सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। #Chitrakoot #चित्रकूट #MandakiniRiver #मंदाकिनी_नदी #FloodAlert #बाढ़_अलर्ट #ChitrakootPolice
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    🚨 चित्रकूट पुलिस अलर्ट: मंदाकिनी नदी की बाढ़ को लेकर रामघाट व निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र का निरीक्षण
#चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के मद्देनजर अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को रामघाट, निर्मोही अखाड़ा सहित अन्य बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। रामघाट के निचले घाटों, दुकानों और निर्मोही अखाड़ा के समीप कुछ क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर गया है। पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय लोगों, पुजारियों, दुकानदारों और नाविकों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
🔹 हर घंटे जलस्तर की निगरानी कर कंट्रोल रूम को सूचना देने के निर्देश।
🔹 जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ के साथ समन्वय कर 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश।
🔹 निचले इलाकों में फंसे लोगों को तत्काल बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश।
🔹 घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर स्नान व आवागमन पर प्रतिबंध।
🔹 लाउड हेलर के माध्यम से लगातार लोगों को सावधान किया जा रहा है।
⚠️ पुलिस की अपील: मंदाकिनी नदी का जलस्तर अभी स्थिर नहीं है। नागरिक नदी एवं घाटों के आसपास न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या जिला कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्वी, चौकी प्रभारी रामघाट सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
#Chitrakoot #चित्रकूट #MandakiniRiver #मंदाकिनी_नदी #FloodAlert #बाढ़_अलर्ट #ChitrakootPolice
    user_छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    Reporter मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ | चित्रकूट 🚨 🌧️ 24 घंटे की मूसलाधार बारिश से हनुवा पुल के ऊपर बह रहा पानी, एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित चित्रकूट। जिले में पिछले करीब 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मानिकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत हनुवा स्थित पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे मुख्य संपर्क मार्ग बाधित हो गया है और स्कूली बच्चों, राहगीरों व वाहनों का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों के मुताबिक सरैया-हनुवा मार्ग गढ़चपा, कौबरा, बराछी, रामपुर, बांधी समेत कई गांवों को जोड़ता है। बारिश के दौरान हनुवा के साथ कौबरा और बराछी पुल पर भी जलस्तर बढ़ने से एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों, सांसद, विधायक और मंत्री को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दो दिन पहले मऊ-मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी इसी मार्ग से गुजरे, लेकिन पुल की स्थिति का जायजा नहीं लिया। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द पुल का निर्माण अथवा स्थायी समाधान नहीं हुआ तो सभी ग्रामीण एकजुट होकर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जवाब देने की भी चेतावनी दी है। 📢 चित्रकूट न्यूज लाइव 🎥 ग्राउंड रिपोर्ट | जनसमस्या की आवाज #चित्रकूट #हनुवा #मानिकपुर #बारिश #बाढ़ #ग्रामीणसमस्या #हनुवापुल #ChitrakootNewsLive
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    ब्रेकिंग न्यूज़ | चित्रकूट 🚨

🌧️ 24 घंटे की मूसलाधार बारिश से हनुवा पुल के ऊपर बह रहा पानी, एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित

चित्रकूट। जिले में पिछले करीब 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मानिकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत हनुवा स्थित पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे मुख्य संपर्क मार्ग बाधित हो गया है और स्कूली बच्चों, राहगीरों व वाहनों का आवागमन प्रभावित है।

ग्रामीणों के मुताबिक सरैया-हनुवा मार्ग गढ़चपा, कौबरा, बराछी, रामपुर, बांधी समेत कई गांवों को जोड़ता है। बारिश के दौरान हनुवा के साथ कौबरा और बराछी पुल पर भी जलस्तर बढ़ने से एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों, सांसद, विधायक और मंत्री को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दो दिन पहले मऊ-मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी इसी मार्ग से गुजरे, लेकिन पुल की स्थिति का जायजा नहीं लिया।

अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द पुल का निर्माण अथवा स्थायी समाधान नहीं हुआ तो सभी ग्रामीण एकजुट होकर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जवाब देने की भी चेतावनी दी है।

📢 चित्रकूट न्यूज लाइव
🎥 ग्राउंड रिपोर्ट | जनसमस्या की आवाज

#चित्रकूट #हनुवा #मानिकपुर #बारिश #बाढ़ #ग्रामीणसमस्या #हनुवापुल #ChitrakootNewsLive
    user_Chitrakootnewslive
    Chitrakootnewslive
    News Anchor मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • भारत देश हमारा प्यारा हिंदुस्तान हमारा जान एक मिशन रीवा मध्य प्रदेश तहसील हजूर ब्लॉक रायपुर कर्चुलियान निवासी चमार ग्राम पंचायत बरा पैपखार 396 पोस्ट मनकहरी आंगनबाड़ी केंद्र सरकार
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    भारत देश हमारा प्यारा हिंदुस्तान हमारा जान एक मिशन 
रीवा मध्य प्रदेश तहसील हजूर ब्लॉक रायपुर कर्चुलियान निवासी चमार ग्राम पंचायत बरा पैपखार 396 पोस्ट मनकहरी आंगनबाड़ी केंद्र सरकार
    user_Pradhan Kumar
    Pradhan Kumar
    Taxi Driver रायपुर - करचुलियां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मानिकपुर गुरौला रोड 52 नंबर पुल में पानी का जल स्तर बढ़ चुका है आज की ताजा खबर/.. मानिकपुर में भारी बारिश के कारण आवागमन बंद हुआ जो मानिकपुर से कई गांव का संपर्क टूट
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    मानिकपुर गुरौला रोड 52 नंबर पुल में पानी का जल स्तर बढ़ चुका है
आज की ताजा खबर/.. मानिकपुर में भारी बारिश के कारण आवागमन बंद हुआ जो मानिकपुर से कई गांव का संपर्क टूट
    user_Saurabh yadav
    Saurabh yadav
    Farmer मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कौशाम्बी जनपद के सचवारा गांव में जलभराव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण । ग्राम प्रधान व सिक्रेटरी द्वारा गांव में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु नहीं की गई कोई उचित व्यवस्था । कौशाम्बी जनपद के सचवारा गांव में जलभराव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण । ग्राम प्रधान व सिक्रेटरी द्वारा गांव में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु नहीं की गई कोई उचित व्यवस्था । गांव के गरीब लोगों के कच्चे मकान जलभराव के करण से गिर गया है । लोगों को आने जाने के लिए भी हो रही है बहुत समस्याएं ।
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    कौशाम्बी जनपद के सचवारा गांव में जलभराव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण । ग्राम प्रधान व सिक्रेटरी द्वारा गांव में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु नहीं की गई कोई उचित व्यवस्था । 
कौशाम्बी जनपद के सचवारा गांव में जलभराव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण । ग्राम प्रधान व सिक्रेटरी द्वारा गांव में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु नहीं की गई कोई उचित व्यवस्था । गांव के गरीब लोगों के कच्चे मकान जलभराव के करण से गिर गया है । लोगों को आने जाने के लिए भी हो रही है बहुत समस्याएं ।
    user_Indian National News INN
    Indian National News INN
    पत्रकार चैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    38 min ago
  • मानिकपुर गुरौला संपर्क मार्ग पर आवागमन करने वालों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है चित्रकूट मानिकपुर.. गुरौला का संपर्क मत टूट
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    मानिकपुर गुरौला संपर्क मार्ग पर आवागमन करने वालों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है
चित्रकूट मानिकपुर.. गुरौला का संपर्क मत टूट
    user_Saurabh yadav
    Saurabh yadav
    Farmer मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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