सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने मनाई कजली तीज, सुख-समृद्धि की कामना रोहित जोशी। खंडप क्षेत्र में सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व कजली तीज श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की और अपने पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर तीज माता की विधिवत पूजा की। मिट्टी की तालाबड़ी बनाकर उसमें पूजन सामग्री अर्पित की गई तथा तीज माता की कथा सुनी गई। शाम को महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज माता की पूजा कर पारंपरिक गीतों और भजनों का गायन किया। पर्व के दौरान झूले, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। नवविवाहित महिलाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवतियों ने भी उत्साहपूर्वक पर्व में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे को कजली तीज की शुभकामनाएं दीं। पूरे क्षेत्र में दिनभर तीज के गीतों और उल्लास की गूंज सुनाई दी। महिलाओं ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हुए पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया।
सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने मनाई कजली तीज, सुख-समृद्धि की कामना रोहित जोशी। खंडप क्षेत्र में सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व कजली तीज श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की और अपने पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर तीज माता की विधिवत पूजा की। मिट्टी की तालाबड़ी बनाकर उसमें पूजन सामग्री अर्पित की गई तथा तीज माता की कथा
सुनी गई। शाम को महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज माता की पूजा कर पारंपरिक गीतों और भजनों का गायन किया। पर्व के दौरान झूले, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। नवविवाहित महिलाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवतियों ने भी उत्साहपूर्वक पर्व में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे को कजली तीज की शुभकामनाएं दीं। पूरे क्षेत्र में दिनभर तीज के गीतों और उल्लास की गूंज सुनाई दी। महिलाओं ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हुए पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया।
- पाली में कांग्रेस की पत्रकार वार्ता, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता का आयोजन कर भाजपा पर सिंबल गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि कांग्रेस की ओर से सोमवार को निर्वाचन अधिकारी को 65 सिंबल जमा करवाए गए थे परंतु भाजपा के दबाव में आकर कांग्रेस के 2 सिंबल गायब के दिए किए गए। वहीं दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील भंडारी ने इन आरोपों को निराधार बताया है।1
- पाली में हाल ही में सामने आई गौमाता के साथ दरिंदगी (अपकृत्य) की घटना के बाद सनातन सेना, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) समेत विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी किशनदास (पुत्र भंवरदास वैष्णव) को गिरफ्तार कर लिया है। 법적 कानूनी प्रक्रियाओं और सजा की संभावनाओं का विवरण इस प्रकार है: फांसी (मृत्युदंड) का कानूनी प्रावधान: भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत पशु क्रूरता या पशु के साथ अमानवीय कृत्य (जैसे BNS की धारा 325 या IPC की धारा 377) के मामलों में अधिकतम सजा 5 से 10 वर्ष तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। वर्तमान भारतीय कानून में पशु के साथ क्रूरता करने पर मृत्युदंड (फांसी) का सीधा कानूनी प्रावधान नहीं है। संगठनों की मांग: शिवसेना और अन्य हिंदू संगठनों ने पाली कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने, मामले को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल कर त्वरित सुनवाई कराने और कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। संभावित कड़ी कार्रवाई: यद्यपि कानून में फांसी का प्रावधान नहीं है, लेकिन सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए प्रशासन इस मामले में सख्त धाराओं के तहत कोर्ट में मजबूत चार्जशीट पेश कर आरोपी को कानून के तहत अधिकतम संभव सजा दिला सकता2
- पाली-पीआरओ एवं पीओ प्रथम को ईवीएम संचालन व मतगणना प्रक्रिया का प्रशिक्षण पीआरओ एवं पीओ प्रथम को ईवीएम संचालन व मतगणना प्रक्रिया का प्रशिक्षण1
- नेपाल बाढ़ के बीच इंसानियत के दो चेहरे, एक ने लुटा तो दूसरे दिखाई इंसानियत नेपाल: बाढ़ और तबाही के बीच सोशल मीडिया पर सामने आए दो वीडियो चर्चा में हैं। एक वीडियो में एक व्यक्ति के बाढ़ में मृत बताई जा रही महिला के कानों से सोने के झुमके निकालते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वहीं, दूसरे वीडियो में एक व्यक्ति को बाढ़ के मलबे में मिले लाखों रुपये के सोने के आभूषण और नकदी उनके कथित मालिक को लौटाते हुए दिखाया गया है। इन दोनों वीडियो ने आपदा के बीच इंसानियत और लालच के अलग-अलग पहलुओं को सामने ला दिया है। हालांकि, दोनों घटनाओं के वीडियो और उनसे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।1
- हत्या के बाद 1 साल से बदल रहा था ठिकाने, दोस्त के घर पहुंचते ही पुलिस ने दबोचा इनामी बदमाश जोधपुर। डांगियावास थाना पुलिस ने हत्या के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे 23 वर्षीय आरोपी प्रकाश मेघवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात के बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक में भेष बदलकर फरारी काट रहा था। पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था और वह पुलिस की टॉप-10 वांछित बदमाशों की सूची में शामिल था। पुलिस को सोमवार को सूचना मिली कि प्रकाश क्षेत्र में अपने एक दोस्त के घर पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही डांगियावास थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी का पीछा किया और उसे दबोच लिया। सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहा था गांव पुलिस के अनुसार आरोपी के घर पर 4 सितंबर को एक सामाजिक कार्यक्रम होना था। इसमें शामिल होने के लिए वह क्षेत्र में वापस आने वाला था। इससे पहले ही पुलिस को उसके आने की सूचना मिल गई और टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से किया था हमला मामला 21 जुलाई 2025 का है। सेवकी खुर्द निवासी रामूराम मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनका बेटा महीपाल सालवा कलां में मोबाइल की दुकान चलाता था। रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद करने के बाद वह अपने साथी सुनील के साथ बाइक से गांव लौट रहा था। सालवा कलां से बाहर निकलते ही पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने बाइक रुकवा ली। इसके बाद महीपाल पर लाठी, चाकू और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महीपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले में शामिल अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी, लेकिन प्रकाश मेघवाल लगातार फरार चल रहा था। महाराष्ट्र-कर्नाटक में बदलता रहा ठिकाने और भेष हत्या के बाद प्रकाश महाराष्ट्र और कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर भेष बदलकर रह रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। सोमवार को उसके क्षेत्र में लौटने की सूचना मिलने पर थानाधिकारी राजूराम काला के नेतृत्व में टीम ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में SI मानाराम, कांस्टेबल मनीष, रिछपालसिंह, सुरेन्द्रसिंह, रमेश और नेमाराम शामिल रहे। रिछपालसिंह की कार्रवाई में विशेष भूमिका रही। #NewsUpdate #BreakingNews #BreakingUpdate1
- यह देख सकते हो दोस्तों यह राणासर की न्यूज़ है और यह पूर्णिया में रिटायरमेंट हुए हैं हमारे मतलब बड़े चाचा है तो बहुत ही अच्छा कार्यक्रम था और यह बहुत ही अच्छे टीचर रहे हैं और आज बहुत ही अच्छा कार्यक्रम था1
- वार्ड नंबर 26 में भाजपा को झटका, पांच निर्दलीय उम्मीदवारों ने भरा नामांकन पाली। नगर निकाय चुनाव को लेकर पाली में सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को वार्ड नंबर 26 में उस समय राजनीतिक चर्चा तेज हो गई, जब पांच उम्मीदवारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल किया। खास बात यह रही कि नामांकन भरने वाले सभी पांचों उम्मीदवार पूर्व में भाजपा से जुड़े रहे हैं और पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। वार्ड नंबर 26 में भाजपा को झटका, पांच निर्दलीय उम्मीदवारों ने भरा नामांकन पाली। नगर निकाय चुनाव को लेकर पाली में सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को वार्ड नंबर 26 में उस समय राजनीतिक चर्चा तेज हो गई, जब पांच उम्मीदवारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल किया। खास बात यह रही कि नामांकन भरने वाले सभी पांचों उम्मीदवार पूर्व में भाजपा से जुड़े रहे हैं और पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों में पूर्व भाजपा सभापति कुसुम सोनी, जिला उपाध्यक्ष प्रवीण आचार्य, बहादुर सिंह राठौड़, धीरेंद्र चौहान और गोपाल सिंह सोलंकी शामिल हैं। इन पांचों के निर्दलीय मैदान में उतरने से वार्ड नंबर 26 का चुनाव मुकाबला रोचक हो गया है। राजनीतिक गलियारों में इन उम्मीदवारों के नामांकन को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पार्टी से जुड़े रहे इन नेताओं के निर्दलीय चुनाव लड़ने से स्थानीय स्तर पर भाजपा के समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, पांचों उम्मीदवारों के समर्थकों में भी उत्साह देखने को मिला। अब वार्ड नंबर 26 में चुनावी मुकाबला बहुकोणीय होता नजर आ रहा है। नामांकन के बाद प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं से संपर्क साधने में जुटेंगे। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन पांचों निर्दलीय उम्मीदवारों में से कौन मजबूत चुनौती पेश करता है और चुनावी समीकरण किस करवट बैठते हैं।1
- केमिकल से तैयार हो रहे नकली अनार के दाने? वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति लकड़ी की मदद से सफेद पदार्थ को लाल रंग के केमिकल में डालता दिखाई देता है। बाहर निकालने पर वह पदार्थ अनार के दाने जैसा नजर आता है। वीडियो में इसके बाद ऐसे दानों को एक-एक करके अनार के अंदर फिट करते हुए दिखाया गया है। दावा है कि तैयार नकली अनार को बाजार में बेचा जा रहा है और ग्राहक इसकी पहचान भी नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाए गए इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे सत्यापित खबर के बजाय जागरूकता के लिए सामने आया दावा समझना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा को लेकर FSSAI पहले ही फलों में प्रतिबंधित रसायनों, कृत्रिम रंग और गैर-अनुमत पदार्थों के इस्तेमाल पर निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। 👉 इस वीडियो का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि जागरूक करना है। किसी भी फल को केवल देखकर नकली न मानें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के मामले में संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से शिकायत करें। सावधान रहें, जागरूक रहें और बिना पुष्टि के किसी वायरल दावे को सच न मानें।1
- उड़वारिया स्कूल में छात्रों ने फिर जड़ा ताला, बोले- 'जब टीचर आएंगे, तभी लौटेंगे' शिक्षकों की कमी से जूझ रहे रेवदर के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल उड़वारिया में एक बार फिर छात्रों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और घर लौट गए। करीब 5-6 किलोमीटर दूर के गांवों से पढ़ने आए छात्र बिना शिक्षकों के हताश होकर घर लौट गए। छात्रों ने दो-टूक अल्टीमेटम दिया है कि 'जब टीचर आएंगे, तब ही स्कूल आकर पढ़ेंगे, तब तक घर रहकर ही पढ़ाई करेंगे।' सूचना मिलने पर प्रशासक, अभिभावक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रधानाचार्य से बातचीत की। अस्थायी व्यवस्था का ग्रामीणों ने किया विरोध प्रधानाचार्य ने स्थिति संभालने के लिए पीईईओ क्षेत्र के किसी अन्य स्कूल से एक टीचर लगाने का प्रस्ताव रखा। लेकिन ग्रामीणों ने इस व्यवस्था का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का तर्क था कि दूसरे स्कूल का टीचर यहां लाने से आसपास के गांवों के लोगों के बीच आपसी विवाद और मनमुटाव पैदा होगा। हमें स्थायी समाधान चाहिए। अंग्रेजी पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में कुल 418 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इसके बावजूद कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। स्कूल में शिक्षकों के कुल 22 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 10 पद खाली पड़े हैं। 24 अगस्त को भजन-कीर्तन कर जताया था विरोध इससे पहले 24 अगस्त को भी छात्रों और ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया था। तब छात्रों ने स्कूल के बाहर बैठकर भजन-कीर्तन करते हुए विभाग को संदेश दिया था कि 'यदि स्कूल में पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे, तो छात्रों को पढ़ाई के बजाय भजन-कीर्तन ही करना पड़ेगा।' विभाग की लापरवाही से फिर जड़ा ताला ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पूर्व में हुए प्रदर्शन के बाद डीईईओ ने तंवरी स्कूल में कार्यरत व्याख्याता अश्विनी सुथार का डेपुटेशन उड़वारिया स्कूल में करने के आदेश दिए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने बिना जमीनी हकीकत जाने आदेश निकाल दिए, क्योंकि उक्त शिक्षक पहले से ही कलेक्ट्रेट में डेपुटेशन पर चल रहे थे। अधिकारियों ने लिया एक्शन, एक शिक्षक की हुई वापसी ताजा प्रदर्शन और स्कूल में तालाबंदी की सूचना मिलते ही सीबीईओ गमनाराम कोली और आरपी मुकेश कुमार स्कूल पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईईओ ने स्कूल के ही शिक्षक श्रवण सिंह मीणा का डेपुटेशन शिवगंज ब्लॉक से रद्द कर दिया है और उन्हें तुरंत प्रभाव से वापस उड़वारिया स्कूल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।1