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Subodh Kumar
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- बरसाम गांव में हाई वोल्टेज तार: परिवारों को खतरा 96670154731
- क्या है सरकार का आदेश? आदेश में कहा गया है कि इस दौरान केवल स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय (Establishment and Committed Expenditure) का ही भुगतान होगा. यानी सिर्फ सरकारी कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, और संविदा कर्मियों के मानदेय का ही भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा अन्य किसी भी तरह के बिल या निकासी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार का कहना है कि फाइनेंसियल ईयर के आखिरी महीनों में ट्रेजरी में बिलों की बाढ़ आ जाती है. एक साथ बहुत सारे बिल आने से बजट मैनेजमेंट बिगड़ता है और काम का दबाव भी बढ़ जाता है. बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियमों का पालन करते हुए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि फिजूलखर्ची न हो और सरकारी पैसों का सही तरीके से हिसाब-किताब रहे. 10 मार्च के बाद ही बाकी जरूरी बिलों की जांच-परख कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी. बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें ठेकेदारों और विभागों पर असर इस सरकारी आदेश का असर पूरे बिहार के कई विभागों पर पड़ रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पथ निर्माण, और ग्रामीण सड़क निर्माण जैसे दर्जनों विभाग अब अपने बिल ट्रेजरी में जमा नहीं कर पा रहे हैं. कई लोगों के अरबों रुपये के बिल ट्रेजरी में जाकर लटक गए हैं. मार्च में ही होली का त्योहार भी है, इसलिए भुगतान न होने की वजह से ठेकेदारों और काम करने वाले लोग निराश हैं. विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का पालन करें और केवल जरूरी हो तभी भुगतान करें.1
- कानपुर बार एसोसिएशन के होली मिलन समारोह में विवाद खड़ा हो गया। कानपुर कचहरी परिसर के बाहर रशियन डांसरों के साथ वकीलों ने होली मनाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। #Kanpur #HoliMilan #BarAssociation #ViralVideo #Controversy1
- रहठा हत्याकांड पर पीड़ित परिवार से मिले पप्पू यादव, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग4
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- एंबुलेंस नहीं आई, बेटे ने लोडर पर ले जाते हुए खो दिया पिता | छतरपुर की दर्दनाक घटना मध्य प्रदेश के Chhatarpur से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। हार्ट अटैक आने के बाद परिवार ने एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन आरोप है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। मजबूरी में बेटे को अपने पिता को लोडर पर अस्पताल ले जाना पड़ा। रास्ते भर वह अपने पिता की जान बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन ट्रैफिक जाम और इलाज में देरी के कारण उनकी मौत हो गई। यह घटना आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और सिस्टम की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। 👉 ऐसी ही ज़मीनी और सच्ची खबरों के लिए Lock MooD News को फॉलो करें।1
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- जिला छपरा में एक बकरी का बच्चा कुएं में गिर जाता है, जिसे बचाने के लिए एक बच्चे को रस्सी के सहारे कुएं के नीचे भेजा जाता1
- गांव के लड़का लड़की आपस में प्रेम कर बैठा लड़का का हुआ ह*त्या1