10 मार्च तक वेतन और पेंशन को छोड़ अन्य सभी सरकारी निकासी पर रोक लगा दी है. क्या है सरकार का आदेश? आदेश में कहा गया है कि इस दौरान केवल स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय (Establishment and Committed Expenditure) का ही भुगतान होगा. यानी सिर्फ सरकारी कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, और संविदा कर्मियों के मानदेय का ही भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा अन्य किसी भी तरह के बिल या निकासी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार का कहना है कि फाइनेंसियल ईयर के आखिरी महीनों में ट्रेजरी में बिलों की बाढ़ आ जाती है. एक साथ बहुत सारे बिल आने से बजट मैनेजमेंट बिगड़ता है और काम का दबाव भी बढ़ जाता है. बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियमों का पालन करते हुए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि फिजूलखर्ची न हो और सरकारी पैसों का सही तरीके से हिसाब-किताब रहे. 10 मार्च के बाद ही बाकी जरूरी बिलों की जांच-परख कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी. बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें ठेकेदारों और विभागों पर असर इस सरकारी आदेश का असर पूरे बिहार के कई विभागों पर पड़ रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पथ निर्माण, और ग्रामीण सड़क निर्माण जैसे दर्जनों विभाग अब अपने बिल ट्रेजरी में जमा नहीं कर पा रहे हैं. कई लोगों के अरबों रुपये के बिल ट्रेजरी में जाकर लटक गए हैं. मार्च में ही होली का त्योहार भी है, इसलिए भुगतान न होने की वजह से ठेकेदारों और काम करने वाले लोग निराश हैं. विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का पालन करें और केवल जरूरी हो तभी भुगतान करें.
10 मार्च तक वेतन और पेंशन को छोड़ अन्य सभी सरकारी निकासी पर रोक लगा दी है. क्या है सरकार का आदेश? आदेश में कहा गया है कि इस दौरान केवल स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय (Establishment and Committed Expenditure) का ही भुगतान होगा. यानी सिर्फ सरकारी कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, और संविदा कर्मियों के मानदेय का ही भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा अन्य किसी भी तरह के बिल या निकासी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार का कहना है कि फाइनेंसियल ईयर के आखिरी महीनों में ट्रेजरी में बिलों की बाढ़ आ जाती है. एक साथ बहुत सारे बिल आने से बजट मैनेजमेंट बिगड़ता है और काम का दबाव भी बढ़ जाता है. बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियमों का पालन करते हुए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि फिजूलखर्ची न हो और सरकारी पैसों का सही तरीके से हिसाब-किताब रहे. 10 मार्च के बाद ही बाकी जरूरी बिलों की जांच-परख कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी. बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें ठेकेदारों और विभागों पर असर इस सरकारी आदेश का असर पूरे बिहार के कई विभागों पर पड़ रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पथ निर्माण, और ग्रामीण सड़क निर्माण जैसे दर्जनों विभाग अब अपने बिल ट्रेजरी में जमा नहीं कर पा रहे हैं. कई लोगों के अरबों रुपये के बिल ट्रेजरी में जाकर लटक गए हैं. मार्च में ही होली का त्योहार भी है, इसलिए भुगतान न होने की वजह से ठेकेदारों और काम करने वाले लोग निराश हैं. विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का पालन करें और केवल जरूरी हो तभी भुगतान करें.
- Csi newsफारबिसगंज, अररिया, बिहार🙏11 hrs ago
- Csi newsफारबिसगंज, अररिया, बिहार👏11 hrs ago
- जोगबनी में डीएनपी लिटिल स्कूल का 15वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ संपन्न जोगबनी (अररिया) सीमावर्ती शहर जोगबनी के पटेल नगर स्थित डीएनपी देव नारायण प्रसाद लिटिल स्कूल का 15वां वर्षगाँठ समारोह शनिवार को सांस्कृतिक, भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जहाँ बच्चों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति से माहौल उल्लासमय बना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय देव नारायण प्रसाद की स्मृति में दीप प्रज्वलन कर की गई। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक प्रवीण सिन्हा, प्रधानाध्यापक वंदना सिन्हा, जोगबनी नगर परिषद के पूर्व उपमुख्य पार्षद नरेश प्रसाद, स्कूल जिला अध्यक्ष सूर्य नारायण सिन्हा, पूर्णिया से आए डॉ. संजय कुमार सिन्हा, सत्यदेव प्रसाद, शिव नारायण साह, मीरा पाल, नीता सिन्हा सहित अन्य सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि स्कूल की मूल सोच यही है कि “हर बच्चा शिक्षित हो और शिक्षा से कोई वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय छोटे-छोटे बच्चों को भी खेल-खेल में और सरल तरीकों से शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने नृत्य, गीत और विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास देखकर अभिभावक भावुक हो उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा प्रांगण गूंज उठा। अतिथियों ने विद्यालय की 15 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह का गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संस्थान समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने विद्यालय परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया। स्थापना दिवस का यह समारोह शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक समरसता का सुंदर संगम बनकर सभी के दिलों में यादगार बन गया।1
- क्या है सरकार का आदेश? आदेश में कहा गया है कि इस दौरान केवल स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय (Establishment and Committed Expenditure) का ही भुगतान होगा. यानी सिर्फ सरकारी कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, और संविदा कर्मियों के मानदेय का ही भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा अन्य किसी भी तरह के बिल या निकासी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार का कहना है कि फाइनेंसियल ईयर के आखिरी महीनों में ट्रेजरी में बिलों की बाढ़ आ जाती है. एक साथ बहुत सारे बिल आने से बजट मैनेजमेंट बिगड़ता है और काम का दबाव भी बढ़ जाता है. बिहार कोषागार संहिता 2011 के नियमों का पालन करते हुए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि फिजूलखर्ची न हो और सरकारी पैसों का सही तरीके से हिसाब-किताब रहे. 10 मार्च के बाद ही बाकी जरूरी बिलों की जांच-परख कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी. बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें ठेकेदारों और विभागों पर असर इस सरकारी आदेश का असर पूरे बिहार के कई विभागों पर पड़ रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पथ निर्माण, और ग्रामीण सड़क निर्माण जैसे दर्जनों विभाग अब अपने बिल ट्रेजरी में जमा नहीं कर पा रहे हैं. कई लोगों के अरबों रुपये के बिल ट्रेजरी में जाकर लटक गए हैं. मार्च में ही होली का त्योहार भी है, इसलिए भुगतान न होने की वजह से ठेकेदारों और काम करने वाले लोग निराश हैं. विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नियम का पालन करें और केवल जरूरी हो तभी भुगतान करें.1
- कानपुर बार एसोसिएशन के होली मिलन समारोह में विवाद खड़ा हो गया। कानपुर कचहरी परिसर के बाहर रशियन डांसरों के साथ वकीलों ने होली मनाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। #Kanpur #HoliMilan #BarAssociation #ViralVideo #Controversy1
- रहठा हत्याकांड पर पीड़ित परिवार से मिले पप्पू यादव, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग4
- yah Road bahut Khatarnak1
- baccha chori ka ghatna araria1
- तो फिर रात में जावे गुस्सा भवानीपुर में आग लगी तागड़ी पर अफसोसकी बात 😭1
- रहठा हत्याकांड पर पीड़ित परिवार से मिले पप्पू यादव, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग1