ग्राम पंचायत खोरी में रात्रि चौपाल और जनसुनवाई कार्यक्रम उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में किया बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता कस्बा स्थित ग्राम पंचायत खोरी में उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा के नेतृत्व में रात्रि चौपाल व जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस मौके पर ग्राम पंचायत प्रशासक सुनीता मीणा, ग्राम विकास अधिकारी हेमराज मीणा व कनिष्ठ सहायक रामफूल मीणा व वार्ड पंच मौजूद थे इस मौके पर सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे इस दौरान उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने जब सुनवाई कार्यक्रम में मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनी ओर मौके पर ही अधिकारियों को अवगत कराया जिससे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हुआ ग्राम पंचायत खोरी में रात्रि चौपाल और जनसुनवाई कार्यक्रम उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में किया बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता कस्बा स्थित ग्राम पंचायत खोरी में उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा के नेतृत्व में रात्रि चौपाल व जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस मौके पर ग्राम पंचायत प्रशासक सुनीता मीणा, ग्राम विकास अधिकारी हेमराज मीणा व कनिष्ठ सहायक रामफूल मीणा व वार्ड पंच मौजूद थे इस मौके पर सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे इस दौरान उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने जब सुनवाई कार्यक्रम में मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनी ओर मौके पर ही अधिकारियों को अवगत कराया जिससे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हुआ इसी के साथ ही तहसीलदार रमेश चंद्र मीणा, अतिरिक्त विकास अधिकारी नाथूलाल मीणा, व नंदलाल कोली, व कजोड़ मीणा मौजूद थे इसी के साथ ही जलदाय विभाग के अधिकारी नंदकिशोर मीणा, सीएचसी अधिकारी डा धर्मेंद्र शर्मा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसखोह के प्रिंसिपल पवन शर्मा, PWD अधिकारी सुमन लता मीणा, उद्यान विभाग अधिकारी रवि कुमार,बांसखोह चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार व सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे इस दौरान ग्रामीण महेश मीणा, शंकर मीणा,राजेंद्र मीणा,ग्यारसीलाल मीणा अन्य काफी संख्या में लोग मौजूद थे
ग्राम पंचायत खोरी में रात्रि चौपाल और जनसुनवाई कार्यक्रम उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में किया बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता कस्बा स्थित ग्राम पंचायत खोरी में उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा के नेतृत्व में रात्रि चौपाल व जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस मौके पर ग्राम पंचायत प्रशासक सुनीता मीणा, ग्राम विकास अधिकारी हेमराज मीणा व कनिष्ठ सहायक रामफूल मीणा व वार्ड पंच मौजूद थे इस मौके पर सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद
थे इस दौरान उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने जब सुनवाई कार्यक्रम में मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनी ओर मौके पर ही अधिकारियों को अवगत कराया जिससे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हुआ ग्राम पंचायत खोरी में रात्रि चौपाल और जनसुनवाई कार्यक्रम उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में किया बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता कस्बा स्थित ग्राम पंचायत खोरी में उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा के नेतृत्व में रात्रि चौपाल व जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस
मौके पर ग्राम पंचायत प्रशासक सुनीता मीणा, ग्राम विकास अधिकारी हेमराज मीणा व कनिष्ठ सहायक रामफूल मीणा व वार्ड पंच मौजूद थे इस मौके पर सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे इस दौरान उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने जब सुनवाई कार्यक्रम में मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनी ओर मौके पर ही अधिकारियों को अवगत कराया जिससे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हुआ इसी के साथ ही तहसीलदार रमेश चंद्र मीणा,
अतिरिक्त विकास अधिकारी नाथूलाल मीणा, व नंदलाल कोली, व कजोड़ मीणा मौजूद थे इसी के साथ ही जलदाय विभाग के अधिकारी नंदकिशोर मीणा, सीएचसी अधिकारी डा धर्मेंद्र शर्मा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसखोह के प्रिंसिपल पवन शर्मा, PWD अधिकारी सुमन लता मीणा, उद्यान विभाग अधिकारी रवि कुमार,बांसखोह चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार व सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे इस दौरान ग्रामीण महेश मीणा, शंकर मीणा,राजेंद्र मीणा,ग्यारसीलाल मीणा अन्य काफी संख्या में लोग मौजूद थे
- ग्राम पंचायत खोरी में रात्रि चौपाल और जनसुनवाई कार्यक्रम उपखंड अधिकारी के नेतृत्व में किया बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता कस्बा स्थित ग्राम पंचायत खोरी में उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा के नेतृत्व में रात्रि चौपाल व जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस मौके पर ग्राम पंचायत प्रशासक सुनीता मीणा, ग्राम विकास अधिकारी हेमराज मीणा व कनिष्ठ सहायक रामफूल मीणा व वार्ड पंच मौजूद थे इस मौके पर सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे इस दौरान उपखंड अधिकारी डॉ गरिमा शर्मा ने जब सुनवाई कार्यक्रम में मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनी ओर मौके पर ही अधिकारियों को अवगत कराया जिससे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हुआ इसी के साथ ही तहसीलदार रमेश चंद्र मीणा, अतिरिक्त विकास अधिकारी नाथूलाल मीणा, व नंदलाल कोली, व कजोड़ मीणा मौजूद थे इसी के साथ ही जलदाय विभाग के अधिकारी नंदकिशोर मीणा, सीएचसी अधिकारी डा धर्मेंद्र शर्मा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसखोह के प्रिंसिपल पवन शर्मा, PWD अधिकारी सुमन लता मीणा, उद्यान विभाग अधिकारी रवि कुमार,बांसखोह चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार व सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे इस दौरान ग्रामीण महेश मीणा, शंकर मीणा,राजेंद्र मीणा,ग्यारसीलाल मीणा अन्य काफी संख्या में लोग मौजूद थे4
- दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था वो उस समय पर वो कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में गांव के लोगों को उस समय पर मुआवजा राशि भी प्रदान कर दिया था। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ *लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महाविद्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय कुछ व्यक्तियों के द्वारा स्टे लगा दिया गया था इसके चलते कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दि गई थी। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* *प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महाविद्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ एवं हानि* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- यह किया हो रहाहै भाई इंडिया में भाई बेशर्मी की हद पर करदी1
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