किसान के घर शराब रख फंसाने की साजिश का आरोप पीड़ित ने आईजी, एसपी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार रीवा, जिले के गुढ़ विधानसभा के जरहा गाँव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक साधारण किसान को अवैध शराब के झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई है। पीड़ित किसान अनुराग सिंह ने आरोप लगाया है कि पुरानी चुनावी रंजिश के चलते उनके घर में अवैध रूप से शराब रखवाई गई और उसके बाद आबकारी विभाग से छापा डलवाया गया। पीड़ित अनुराग सिंह के अनुसार, यह पूरी घटना 11 अप्रैल 2026 की है। जब वे अपने खेत पर काम कर रहे थे, तब आबकारी विभाग की टीम ने उनके घर पर दबिश दी और वहाँ से 16 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की। अनुराग सिंह का दावा है कि जिस समय यह कार्रवाई हुई, वे घर पर मौजूद नहीं थे और उन्हें फोन पर इसकी सूचना मिली। मीडिया से बात करते हुए अनुराग सिंह ने बताया कि जरहा गाँव के ही कुछ रसूखदार व्यक्तियों, जिनमें उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह के नाम प्रमुख हैं, ने उन्हें फंसाने की यह योजना बनाई है। पीड़ित का कहना है कि पंचायत चुनाव के दौरान इन लोगों ने अपने पक्ष में वोट देने का दबाव बनाया था। मगर मेरे द्वारा मना करने पर इन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अब उसी रंजिश को निकालने के लिए इन्होंने चोरी-छिपे मेरे सूने घर में शराब रखवाई और आबकारी विभाग को सूचना देकर छापा डलवा दिया। पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से अवैध शराब और नशीली कफ सिरप के कारोबार में लिप्त हैं। उनके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। अनुराग सिंह ने पुलिस अधीक्षक रीवा और कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि: आबकारी विभाग की कार्रवाई की पुनः समीक्षा की जाए। आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच हो। झूठे मामले में उनका नाम हटाया जाए और असली दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या एक निर्दोष किसान को न्याय मिल पाता है या वह इस रसूखदारों की साजिश का शिकार बनकर रह जाएगा। किसान के घर शराब रख फंसाने की साजिश का आरोप पीड़ित ने आईजी, एसपी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार रीवा, जिले के गुढ़ विधानसभा के जरहा गाँव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक साधारण किसान को अवैध शराब के झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई है। पीड़ित किसान अनुराग सिंह ने आरोप लगाया है कि पुरानी चुनावी रंजिश के चलते उनके घर में अवैध रूप से शराब रखवाई गई और उसके बाद आबकारी विभाग से छापा डलवाया गया। पीड़ित अनुराग सिंह के अनुसार, यह पूरी घटना 11 अप्रैल 2026 की है। जब वे अपने खेत पर काम कर रहे थे, तब आबकारी विभाग की टीम ने उनके घर पर दबिश दी और वहाँ से 16 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की। अनुराग सिंह का दावा है कि जिस समय यह कार्रवाई हुई, वे घर पर मौजूद नहीं थे और उन्हें फोन पर इसकी सूचना मिली। मीडिया से बात करते हुए अनुराग सिंह ने बताया कि जरहा गाँव के ही कुछ रसूखदार व्यक्तियों, जिनमें उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह के नाम प्रमुख हैं, ने उन्हें फंसाने की यह योजना बनाई है। पीड़ित का कहना है कि पंचायत चुनाव के दौरान इन लोगों ने अपने पक्ष में वोट देने का दबाव बनाया था। मगर मेरे द्वारा मना करने पर इन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अब उसी रंजिश को निकालने के लिए इन्होंने चोरी-छिपे मेरे सूने घर में शराब रखवाई और आबकारी विभाग को सूचना देकर छापा डलवा दिया। पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से अवैध शराब और नशीली कफ सिरप के कारोबार में लिप्त हैं। उनके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। अनुराग सिंह ने पुलिस अधीक्षक रीवा और कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि: आबकारी विभाग की कार्रवाई की पुनः समीक्षा की जाए। आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच हो। झूठे मामले में उनका नाम हटाया जाए और असली दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या एक निर्दोष किसान को न्याय मिल पाता है या वह इस रसूखदारों की साजिश का शिकार बनकर रह जाएगा।
किसान के घर शराब रख फंसाने की साजिश का आरोप पीड़ित ने आईजी, एसपी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार रीवा, जिले के गुढ़ विधानसभा के जरहा गाँव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक साधारण किसान को अवैध शराब के झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई है। पीड़ित किसान अनुराग सिंह ने आरोप लगाया है कि पुरानी चुनावी रंजिश के चलते उनके घर में अवैध रूप से शराब रखवाई गई और उसके बाद आबकारी विभाग से छापा डलवाया गया। पीड़ित अनुराग सिंह के अनुसार, यह पूरी घटना 11 अप्रैल 2026 की है। जब वे अपने खेत पर काम कर रहे थे, तब आबकारी विभाग की टीम ने उनके घर पर दबिश दी और वहाँ से 16 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की। अनुराग सिंह का दावा है कि जिस समय यह कार्रवाई हुई, वे घर पर मौजूद नहीं थे और उन्हें फोन पर इसकी सूचना मिली। मीडिया से बात करते हुए अनुराग सिंह ने बताया कि जरहा गाँव के ही कुछ रसूखदार व्यक्तियों, जिनमें उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह के नाम प्रमुख हैं, ने उन्हें फंसाने की यह योजना बनाई है। पीड़ित का कहना है कि पंचायत चुनाव के दौरान इन लोगों ने अपने पक्ष में वोट देने का दबाव बनाया था। मगर मेरे द्वारा मना करने पर इन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अब उसी रंजिश को निकालने के लिए इन्होंने चोरी-छिपे मेरे सूने घर में शराब रखवाई और आबकारी विभाग को सूचना देकर छापा डलवा दिया। पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से अवैध शराब और नशीली कफ सिरप के कारोबार में लिप्त हैं। उनके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। अनुराग सिंह ने पुलिस अधीक्षक रीवा और कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि: आबकारी विभाग की कार्रवाई की पुनः समीक्षा की जाए। आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच हो। झूठे मामले में उनका नाम हटाया जाए और असली दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या एक निर्दोष किसान को न्याय मिल पाता है या वह इस रसूखदारों की साजिश का शिकार बनकर रह जाएगा। किसान के घर शराब रख फंसाने की साजिश का आरोप पीड़ित ने आईजी, एसपी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार रीवा, जिले के गुढ़ विधानसभा के जरहा गाँव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक साधारण किसान को अवैध शराब के झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई है। पीड़ित किसान अनुराग सिंह ने आरोप लगाया है कि पुरानी चुनावी रंजिश के चलते उनके घर में अवैध रूप से शराब रखवाई गई और उसके बाद आबकारी विभाग से छापा डलवाया गया। पीड़ित अनुराग सिंह के अनुसार, यह पूरी घटना 11 अप्रैल 2026 की है। जब वे अपने खेत पर काम कर रहे थे, तब आबकारी विभाग की टीम ने उनके घर पर दबिश दी और वहाँ से 16 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की। अनुराग सिंह का दावा है कि जिस समय यह कार्रवाई हुई, वे घर पर मौजूद नहीं थे और उन्हें फोन पर इसकी सूचना मिली। मीडिया से बात करते हुए अनुराग सिंह ने बताया कि जरहा गाँव के ही कुछ रसूखदार व्यक्तियों, जिनमें उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह के नाम प्रमुख हैं, ने उन्हें फंसाने की यह योजना बनाई है। पीड़ित का कहना है कि पंचायत चुनाव के दौरान इन लोगों ने अपने पक्ष में वोट देने का दबाव बनाया था। मगर मेरे द्वारा मना करने पर इन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अब उसी रंजिश को निकालने के लिए इन्होंने चोरी-छिपे मेरे सूने घर में शराब रखवाई और आबकारी विभाग को सूचना देकर छापा डलवा दिया। पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से अवैध शराब और नशीली कफ सिरप के कारोबार में लिप्त हैं। उनके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। अनुराग सिंह ने पुलिस अधीक्षक रीवा और कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि: आबकारी विभाग की कार्रवाई की पुनः समीक्षा की जाए। आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच हो। झूठे मामले में उनका नाम हटाया जाए और असली दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या एक निर्दोष किसान को न्याय मिल पाता है या वह इस रसूखदारों की साजिश का शिकार बनकर रह जाएगा।
- किसान के घर शराब रख फंसाने की साजिश का आरोप पीड़ित ने आईजी, एसपी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार रीवा, जिले के गुढ़ विधानसभा के जरहा गाँव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक साधारण किसान को अवैध शराब के झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई है। पीड़ित किसान अनुराग सिंह ने आरोप लगाया है कि पुरानी चुनावी रंजिश के चलते उनके घर में अवैध रूप से शराब रखवाई गई और उसके बाद आबकारी विभाग से छापा डलवाया गया। पीड़ित अनुराग सिंह के अनुसार, यह पूरी घटना 11 अप्रैल 2026 की है। जब वे अपने खेत पर काम कर रहे थे, तब आबकारी विभाग की टीम ने उनके घर पर दबिश दी और वहाँ से 16 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की। अनुराग सिंह का दावा है कि जिस समय यह कार्रवाई हुई, वे घर पर मौजूद नहीं थे और उन्हें फोन पर इसकी सूचना मिली। मीडिया से बात करते हुए अनुराग सिंह ने बताया कि जरहा गाँव के ही कुछ रसूखदार व्यक्तियों, जिनमें उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह के नाम प्रमुख हैं, ने उन्हें फंसाने की यह योजना बनाई है। पीड़ित का कहना है कि पंचायत चुनाव के दौरान इन लोगों ने अपने पक्ष में वोट देने का दबाव बनाया था। मगर मेरे द्वारा मना करने पर इन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अब उसी रंजिश को निकालने के लिए इन्होंने चोरी-छिपे मेरे सूने घर में शराब रखवाई और आबकारी विभाग को सूचना देकर छापा डलवा दिया। पीड़ित ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी उमेश सिंह और वीरेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से अवैध शराब और नशीली कफ सिरप के कारोबार में लिप्त हैं। उनके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। अनुराग सिंह ने पुलिस अधीक्षक रीवा और कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि: आबकारी विभाग की कार्रवाई की पुनः समीक्षा की जाए। आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच हो। झूठे मामले में उनका नाम हटाया जाए और असली दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या एक निर्दोष किसान को न्याय मिल पाता है या वह इस रसूखदारों की साजिश का शिकार बनकर रह जाएगा।1
- Post by Bolti Divare1
- पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने हाई स्कूल परीक्षा 2026 में प्रदेश टॉप कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सरस्वती ज्ञान मंदिर गुनौर की कक्षा 10 वीं की छात्रा ने 500 में प्राप्त किये 499 अंक। #mpboard #mpboardexam #mpboardresult #topper #madhyapradesh1
- ग्राम पुरवा में प्रवीण कुमार शुक्ल की तीन एकड़ खेत की गेहूं की फसल सोनू गुप्ता पिता गोमती राहुल पटेल पिता उमाशंकर ने गाली दिये फरसा कट्टा दिखा कर गेहूं की खड़ी फसल काट कर ले गये2
- सतना-बेला मार्ग में भीषण जाम 2 किलोमीटर तक लगी वाहनों की लाइन, जाम में एंबुलेंस भी फसी1
- देवेन्द्र नगर निवसी रवि रजक पिता गिरधारी लाल रजक उमरा 26 वर्ष जो पथरी का ऑपरेशन पाठक अस्पताल में करवाये थे उनकी हालत खराब होने पर रीवा रेफर कर दिया गया था जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई इस संबंध में परिवारजनों का दावा है कि युवक की किडनी निकल ली गई है2
- Post by Prakash Pathak Satna1
- कलेक्टर रीवा नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने किया विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कलेक्टर ने उद्यानिकी, कृषि एवं शिक्षा विभाग के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की तथा उनका वेतन काटने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर उपस्थित रहे अन्यथा अनुपस्थित रहने पर सीधे निलंबन की कार्यवाही होगी।1