धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए दस दिवसीय गणेश उत्सव के समापन पर अनंत चतुर्थी के अवसर पर धूमधाम से गणपति बप्पा की विदाई की गई, इस अवसर पर बेटमा नगर में अलग-अलग स्थान से विसर्जन जुलूस निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए एवं ढोल एवं तासे की थाप पर खूब थिरके वही छत्रपति शिवाजी मित्र मंडल द्वारा निकाले गए विसर्जन जुलूस में आदिवासी नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा । जुलूस में श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के खूब जयकारे लगाए पूरा बेटमा नगर भक्ति मय हो गया। घरों में संस्थानों में एवं गली मोहल्लों में स्थापित गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन छोटा बेटमा स्थित किशनपुरा तालाब पर किया गया। जहां पर हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया, तालाब पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए पहुंचे और श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा अर्चना कर बप्पा का विसर्जन किया । गणेश विसर्जन के दौरान लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने विशेष पुलिस बल लगा रखा था एवं स्थानीय गोताखोर भी नदी में गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करने में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे थे ।
धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए दस दिवसीय गणेश उत्सव के समापन पर अनंत चतुर्थी के अवसर पर धूमधाम से गणपति बप्पा की विदाई की गई, इस अवसर पर बेटमा नगर में अलग-अलग स्थान से विसर्जन जुलूस निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए एवं ढोल एवं तासे की थाप पर खूब थिरके वही छत्रपति शिवाजी मित्र मंडल द्वारा निकाले गए विसर्जन जुलूस में आदिवासी नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा । जुलूस में श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के खूब जयकारे लगाए पूरा बेटमा नगर भक्ति मय हो गया। घरों में संस्थानों में एवं गली मोहल्लों में स्थापित गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन छोटा बेटमा स्थित किशनपुरा तालाब पर किया गया। जहां पर हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया, तालाब पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए पहुंचे और श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा अर्चना कर बप्पा का विसर्जन किया । गणेश विसर्जन के दौरान लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने विशेष पुलिस बल लगा रखा था एवं स्थानीय गोताखोर भी नदी में गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करने में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे थे ।
- धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए दस दिवसीय गणेश उत्सव के समापन पर अनंत चतुर्थी के अवसर पर धूमधाम से गणपति बप्पा की विदाई की गई, इस अवसर पर बेटमा नगर में अलग-अलग स्थान से विसर्जन जुलूस निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए एवं ढोल एवं तासे की थाप पर खूब थिरके वही छत्रपति शिवाजी मित्र मंडल द्वारा निकाले गए विसर्जन जुलूस में आदिवासी नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा । जुलूस में श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के खूब जयकारे लगाए पूरा बेटमा नगर भक्ति मय हो गया। घरों में संस्थानों में एवं गली मोहल्लों में स्थापित गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन छोटा बेटमा स्थित किशनपुरा तालाब पर किया गया। जहां पर हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया, तालाब पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए पहुंचे और श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा अर्चना कर बप्पा का विसर्जन किया । गणेश विसर्जन के दौरान लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने विशेष पुलिस बल लगा रखा था एवं स्थानीय गोताखोर भी नदी में गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करने में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे थे ।1
- हम ये समझते थे कि हमारी इंदौर की यह सँस्कृति खत्म हो जाएगी मगर इंदौरी किसी भंगेड़ी से कम नही है वो अगर ठान ले तो उनके लिए कुछ असम्भव नही इंदौर, हाल फिलहाल में चिकमंगलूर चौराहे पर हु ओर आप जो घर मे बैठे है वो इस शहर के मिजाज का अंदाजा नहीं लगा सकते है क्यो की अब हम कूप मण्डूक हो चुके है ,थक गए या बोरिया गए है, मगर इस शहर की ऊर्जा अलग है ,माँ अहिल्या ओर माँ नर्मदा का जो आशीष ओर पुनयाई ओर आशीर्वाद है वो सदैव बना रहेगा, आप गाड़ियों का काफिला इस वीडियो में देखे, महिलाओं का हुजूम देखे, माताएं अपने बच्चों को इस सँस्कृति से रूबरू कराना चाह1 रही है और शासन इसे मिट्टी में मिलाने में तुला है, दुसरो के पाप गिना देने से अपने कम नही हो जाते बहरहाल मेने ऐसा उत्साह अपने बाल्यकाल में ही देखा था, आश्चर्य चकित हु में ,मेरी सोच के विपरीत जब माहौल देखा तो मुझे यह लिखना पड़ा कि आपके विचार नईं पीढ़ी से कतई मेल नहीं खाते है हम ,आप खारिज हो चुके है, दम्भ भरने वाले, सत्य को सत्य कहने वाले जिन्होंने चश्मे लगा रखे है ,बहरहाल सुकून मिला इंदौर की सँस्कृति को सास लेते हुवे माँ अहिल्या ओर माँ नर्मदा की कृपा बनी रहे बस🙏🏻✒️🦚🚩हर्षवाल3
- आनंद चवदस का झिलमिलता निकला ता हुआ निकाला कारवां जेल रोड इंदौर हर साल की तरह इस साल में 2026 में भी झंकियों का झिलमिलता निकला कारवा लाखों की तादाद में इंदौरी पहुंचे इसे देखने1
- इंदौर में 103 साल पुरानी परंपरा | किन्नर समाज करता है अनंत चतुर्दशी की झांकियों का स्वागत1
- इंदौर में अनंत चतुर्दशी का पर्व और झांकियों का परंपरागत आयोजन 100 साल से भी अधिक समय से होता आ रहा है। मालवा क्षेत्र की इस ऐतिहासिक परंपरा को देखने के लिए मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि दूसरे प्रदेशों से भी लोग इंदौर पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी झांकियों और अखाड़ों का कारवां शहर के अलग-अलग स्थानों से निकलकर राजवाड़ा पहुंच रहा है। इंदौर की ऐतिहासिक झांकियां अपने-अपने स्थानों से निकलकर निर्धारित मार्ग से होते हुए राजवाड़ा पहुंचती हैं। रास्ते में कई स्थानों पर मंच बनाकर झांकियों और अखाड़ों का स्वागत किया जाता है। यहां कलाकारों और प्रतिभागियों का सम्मान भी किया जाता है। इस पूरे आयोजन में किन्नर समाज की भी विशेष भूमिका रही है। नंदलालपुरा क्षेत्र में किन्नर समाज द्वारा पिछले 103 वर्षों से झांकियों और अखाड़ों के स्वागत एवं सम्मान के लिए मंच लगाया जाता है। यहां हर साल झांकियों और अखाड़ों का गर्मजोशी से स्वागत किया जाता है। नंदलालपुरा गादी की महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, बहुचर नंद गिरी महामंडलेश्वर, सोना मंगला नंद गिरी महामंडलेश्वर सहित किन्नर समाज की ओर से झांकियों और अखाड़ों का स्वागत किया जाता है इस दौरान पायल गुरु, शिमला गुरु, झूमर गुरु, गोल्डन गुरु और पूजा गुरु सहित किन्नर समाज के अन्य सदस्य भी मौजूद रहते हैं। इंदौर की यह ऐतिहासिक परंपरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण है। झांकियों और अखाड़ों के स्वागत के दौरान शहर में उत्सव और श्रद्धा का अलग ही माहौल देखने को मिलता है। Indore TV news 24x71
- इंदौर में अनंत चतुर्थी का पर्व परंपरागत आयोजन 100 वर्ष से भी अधिक समय से होता रहा है इंदौर में अनंत चतुर्दशी का पर्व और झांकियों का परंपरागत आयोजन 100 साल से भी अधिक समय से होता आ रहा है। मालवा क्षेत्र की इस ऐतिहासिक परंपरा को देखने के लिए मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि दूसरे प्रदेशों से भी लोग इंदौर पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी झांकियों और अखाड़ों का कारवां शहर के अलग-अलग स्थानों से निकलकर राजवाड़ा पहुंच रहा है। इंदौर की ऐतिहासिक झांकियां अपने-अपने स्थानों से निकलकर निर्धारित मार्ग से होते हुए राजवाड़ा पहुंचती हैं। रास्ते में कई स्थानों पर मंच बनाकर झांकियों और अखाड़ों का स्वागत किया जाता है। यहां कलाकारों और प्रतिभागियों का सम्मान भी किया जाता है। इस पूरे आयोजन में किन्नर समाज की भी विशेष भूमिका रही है। नंदलालपुरा क्षेत्र में किन्नर समाज द्वारा पिछले 103 वर्षों से झांकियों और अखाड़ों के स्वागत एवं सम्मान के लिए मंच लगाया जाता है। यहां हर साल झांकियों और अखाड़ों का गर्मजोशी से स्वागत किया जाता है। नंदलालपुरा गादी की महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, बहुचर नंद गिरी महामंडलेश्वर, सोना मंगला नंद गिरी महामंडलेश्वर सहित किन्नर समाज की ओर से झांकियों और अखाड़ों का स्वागत किया जाता है इस दौरान पायल गुरु, शिमला गुरु, झूमर गुरु, गोल्डन गुरु और पूजा गुरु सहित किन्नर समाज के अन्य सदस्य भी मौजूद रहते हैं। इंदौर की यह ऐतिहासिक परंपरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण है। झांकियों और अखाड़ों के स्वागत के दौरान शहर में उत्सव और श्रद्धा का अलग ही माहौल देखने को मिलता है।4
- ग्रीन अडानी कंपनी में निवेश के नाम पर ठगी का आरोप, 50 लाख रुपए लेकर पहुंचा था फरियादी ग्रीन अडानी कंपनी में निवेश के नाम पर ठगी का आरोप, 50 लाख रुपए लेकर पहुंचा था फरियादी इंदौर में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है एमजी रोड थाना क्षेत्र में झाबुआ निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है कि आरोपियों ने ग्रीन अडानी कंपनी में निवेश के नाम पर उससे संपर्क किया और एक करोड़ रुपए निवेश करने पर रकम दोगुनी कर वापस देने का झांसा दिया आरोपियों के झांसे में आकर फरियादी 50 लाख रुपए लेकर झाबुआ से इंदौर पहुंचा और आरोपियों को रकम सौंप दी दरअसल, झाबुआ निवासी फरियादी के मुताबिक कुछ लोगों ने उससे ग्रीन अडानी कंपनी में निवेश के नाम पर संपर्क किया था आरोपियों ने उसे बताया कि अगर वह कंपनी में एक करोड़ रुपए निवेश करता है तो उसकी रकम दोगुनी होकर वापस मिलेगी इसके बाद फरियादी आरोपियों के झांसे में आ गया और 50 लाख रुपए लेकर इंदौर पहुंचा, जहां उसने आरोपियों को रकम सौंप दी ,मामले की शिकायत मिलने के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जांच के दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला है, जिसमें रुपयों के लेनदेन का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी हैमामले में पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है1
- इंदौर के गुलज़ार कॉलोनी नूरी कॉलोनी में दबंगों ने किया आम रास्ता बंद रहवासियों को काफी परेशानी दरअसल गुलज़ार कॉलोनी ओर नूरी कॉलोनी को जोड़ने वाले रस्ते में एक सरकारी जमीन हे जिससे कॉलोनी के लोग आम रास्ते के रूप में इस्तेमाल करते हे उस पर पास ही रहने वाले ने कब्जे की नियत से बंद कर दिया हे इस वजह से कॉलोनी के लोग रेलवे लाइन क्रॉस कर के आते हे जिसकी वजह से आज एक महिला जो कॉलोनी में अपने रिश्तेदार के यहां आई हुई थी रेलवे पटरी से आते वक्त ट्रेन से टकरा गई ओर उसकी मृत्यु हो गई अगर ये रास्ता चालू होता तो उस महिला को अपनी जान से ना जाना पड़ता इस घटना से कॉलोनी के लोगों में काफी आक्रोश हे ओर वो चाहते हे के प्रशासन इस ओर ध्यान दे नहीं तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतर कर प्रशासन को जगाना पड़ेगा आज एक मौत हुई हे कल उनके परिवार के साथ भी ये घटन हो सकती हे बच्चे ही स्कूल जाने में परेशान होते हे क्षेत्रीय पार्षद को भी रहवासी घेरा ओर अपनी समस्या बताई सादिक खान भी यही चाहते हे के ये रास्ता खुले लेकिन उन दबंगों के कारण कुछ कर रही पा रहे हे इस मामले में प्रशासन को ध्यान देना बहुत जरूरी हे Indore TV news 24x71