ग्राम पंचायत आड़ावाल के आश्रित ग्राम नारायणपाल और भरनी जोदरागुड़ा पारा में नव निर्मित माता गुड़ी का लोकार्पण एक श्रद्धापूर्ण, भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल रहे, जहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। दोनों माता गुड़ियों के लोकार्पण के पश्चात आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक लखेश्वर बघेल ने देवगुड़ियों को संस्कृति संरक्षण का केंद्र बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक जीवन से है, और देवगुड़ियों की भूमिका इसे संरक्षित रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। विधायक ने बताया कि सरकार बस्तर की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिसके तहत विभिन्न गांवों की देवगुड़ियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें। उन्होंने जोर दिया कि देवगुड़ी केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं है, बल्कि गांव की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, जहाँ नेग-नीति, परंपराएं, रीति-रिवाज और सामुदायिक निर्णयों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं। लखेश्वर बघेल ने देवगुड़ी को बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक और लोगों की आस्था का केंद्र बताते हुए इसके संरक्षण और विकास को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी करार दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन द्वारा देवगुड़ियों के संरक्षण एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि बस्तर की परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बालेश चंद्र दुबे, जिला महामंत्री मानसिंह कवासी, जनपद सदस्य हेमराज बघेल, सरपंच अमृत कश्यप, रूपसाय कोराम, उपसरपंच दिलीप ठाकुर, पुजारी बासुदेव बघेल, श्यामसुंदर कश्यप, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक रीति-रिवाजों, सामुदायिक सहभागिता और अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। ग्रामीणों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए लच्छू राम बघेल ने विधायक लखेश्वर बघेल की इस उपलब्धि को बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और आगे बढ़ाने के उनके संकल्प का प्रमाण बताया।
ग्राम पंचायत आड़ावाल के आश्रित ग्राम नारायणपाल और भरनी जोदरागुड़ा पारा में नव निर्मित माता गुड़ी का लोकार्पण एक श्रद्धापूर्ण, भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल रहे, जहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। दोनों माता गुड़ियों के लोकार्पण के पश्चात आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक लखेश्वर
बघेल ने देवगुड़ियों को संस्कृति संरक्षण का केंद्र बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक जीवन से है, और देवगुड़ियों की भूमिका इसे संरक्षित रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। विधायक ने बताया कि सरकार बस्तर की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिसके तहत विभिन्न गांवों की देवगुड़ियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें। उन्होंने जोर दिया कि देवगुड़ी केवल पूजा-अर्चना का
स्थान नहीं है, बल्कि गांव की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, जहाँ नेग-नीति, परंपराएं, रीति-रिवाज और सामुदायिक निर्णयों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं। लखेश्वर बघेल ने देवगुड़ी को बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक और लोगों की आस्था का केंद्र बताते हुए इसके संरक्षण और विकास को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी करार दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन द्वारा देवगुड़ियों के संरक्षण एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि बस्तर की परंपराओं
और सांस्कृतिक मूल्यों को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बालेश चंद्र दुबे, जिला महामंत्री मानसिंह कवासी, जनपद सदस्य हेमराज बघेल, सरपंच अमृत कश्यप, रूपसाय कोराम, उपसरपंच दिलीप ठाकुर, पुजारी बासुदेव बघेल, श्यामसुंदर कश्यप, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक रीति-रिवाजों, सामुदायिक सहभागिता और अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। ग्रामीणों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए लच्छू राम बघेल ने विधायक लखेश्वर बघेल की इस उपलब्धि को बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और आगे बढ़ाने के उनके संकल्प का प्रमाण बताया।
- मूल पाठ में 'मैं जैसी हूँ' का सीधा और स्पष्ट बयान प्रस्तुत किया गया है।1
- एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस घटना से जुड़ी पूरी वीडियो देखने के लिए दर्शक 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर जा सकते हैं।1
- कंकर जिले के पिड़चोड़ ग्राम में कम्युनिटी पुलिसिंग के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और समझ स्थापित करना था।1
- राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- बस्तर सांसद महेश कश्यप ने झरनीगुडा स्थित अपने निवास पर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम की 134वीं कड़ी सुनी। प्रसारण के उपरांत, सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देश को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 'मन की बात' के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री द्वारा जनभागीदारी की जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया, वे समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। सांसद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का हर संबोधन उन्हें सेवा और समर्पण की नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि उनका दायित्व है कि वे 'मन की बात' के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।4
- बस्तर जिले में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में भानपुरी पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना पर बेडागुड़ा चौक पर घेराबंदी कर एक एक्टिवा (CG17-KX-1688) को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के कब्जे से कुल 30.425 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। इसमें 40 बोतल किंगफिशर बीयर, 7 अद्धा रॉयल स्टैग और 10 पौवा रॉयल चैलेंज शामिल थी। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत 12,940 रुपये आंकी गई है, जबकि एक्टिवा की कीमत 40,000 रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।3