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कुशीनगर के विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत मंशाछपरा से सूर्य नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस जर्जर पुल के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें प्रतिदिन मोटरसाइकिल सवारों का पुल के भीतर गिरना, ट्रैक्टर का पलटना और टेंपो का नहर में समा जाना जैसी घटनाएं शामिल हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति को मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि मानवता का परिचय देते हुए जल्द से जल्द इस पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
Abulaish Ansari Kushinagr News
कुशीनगर के विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत मंशाछपरा से सूर्य नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस जर्जर पुल के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें प्रतिदिन मोटरसाइकिल सवारों का पुल के भीतर गिरना, ट्रैक्टर का पलटना और टेंपो का नहर में समा जाना जैसी घटनाएं शामिल हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति को मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि मानवता का परिचय देते हुए जल्द से जल्द इस पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महिलाओं को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि महिलाओं को कम से कम खाना बनाना आना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी महिला को IAS बनने से पहले एक 'एक्सपर्ट मां' की भूमिका में निपुण होना चाहिए। राज्यपाल के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। लोग इस टिप्पणी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे लेकर इंटरनेट पर काफी गहमागहमी देखी जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महिलाओं को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने कहा कि महिलाओं को खाना बनाना जरूर आना चाहिए। राज्यपाल ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि IAS बनने से पहले महिलाओं का 'एक्सपर्ट मां' बनना अनिवार्य है। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। लोग राज्यपाल के इस विचार पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे लेकर इंटरनेट पर काफी चर्चा हो रही है।1
- कुशीनगर जिले के कसया क्षेत्र से जावेद नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जो अपने वीडियो निर्माण के लिए चर्चा में हैं। उन्हें अपने क्षेत्र में एक अच्छा वीडियो निर्माता बताया जा रहा है और लोगों से उनके काम को पूर्ण समर्थन देने की अपील की गई है।1
- कुशीनगर के कसया में लगातार हो रही बारिश ने सब्जी मंडी की बदहाल व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मंडी परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने से सब्जी का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहाँ कीचड़ और गंदे पानी के बीच व्यापार करना व्यापारियों की मजबूरी बन गया है। इस जलभराव के चलते ग्राहकों का आना-जाना मुश्किल हो गया है, जिससे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी मुरारी कुमार सिंह के अनुसार, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हर बरसात में मंडी की स्थिति खराब हो जाती है। पानी भरने से दुकानों में रखी सब्जियां खराब हो रही हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और बिक्री पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। व्यापारियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और नगर प्रशासन से इस समस्या की शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। प्रशासन से तत्काल जल निकासी कराने और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने की मांग करते हुए व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे मंडी समिति के खिलाफ आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।4
- कुशीनगर के पडरौना स्थित बलूचाहा रोड की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। हल्की बारिश होने के तुरंत बाद सड़क पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जलभराव के चलते पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी जोखिम उठाकर सड़क पार करनी पड़ी। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र की नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। हर साल बरसात के मौसम में यही स्थिति दोहराई जाती है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस लगातार बनी समस्या को लेकर लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका से मांग की है कि नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और जल निकासी के लिए ठोस प्रबंध किए जाएं ताकि भविष्य में उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।1
- कुशीनगर के पडरौना स्थित बलूचाहा रोड की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है, जहाँ हल्की बारिश के कारण सड़क पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। जलभराव के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें दोपहिया वाहन सवारों को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ा और पैदल चलने वालों के लिए भी आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की समय पर सफाई न होना इस समस्या की मुख्य वजह है, जिसके कारण हर साल बरसात में यही स्थिति बनी रहती है। अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे निवासियों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने अब मांग की है कि नालियों की नियमित सफाई के साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें इस वार्षिक जलभराव से राहत मिल सके।4
- कुशीनगर के विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत मंशाछपरा से सूर्य नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस जर्जर पुल के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें प्रतिदिन मोटरसाइकिल सवारों का पुल के भीतर गिरना, ट्रैक्टर का पलटना और टेंपो का नहर में समा जाना जैसी घटनाएं शामिल हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति को मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि मानवता का परिचय देते हुए जल्द से जल्द इस पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।1