गोंडा/अयोध्या से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान पत्र घपले के मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल राम मंदिर ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी उंगली सीधे केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठ रही है। पूर्व सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस विवाद से राम मंदिर और उससे जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह झटका विनय कटियार या बृजभूषण शरण सिंह ने नहीं दिया है, बल्कि यह ट्रस्ट से जुड़े लोगों की वजह से लगा है। बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आ जाएगी। उन्होंने सामने आ रहे दस्तावेजों और अयोध्या में हुई घटनाओं को चिंता का विषय बताया। हालांकि, उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बचाव करते हुए उन्हें पूरी तरह निर्दोष करार दिया। आरोपों की गंभीरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 'बिना धुएं के आग नहीं निकलती', जिसका अर्थ है कि जब धुआं दिखाई दे रहा है तो कहीं न कहीं कुछ सच्चाई जरूर होगी। पूर्व सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष और गंभीर जांच होनी चाहिए। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें इस मामले की जांच तथा आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई हैं।
गोंडा/अयोध्या से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान पत्र घपले के मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल राम मंदिर ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी उंगली सीधे केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठ रही है। पूर्व सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस विवाद से राम मंदिर और उससे जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह झटका विनय कटियार या बृजभूषण शरण सिंह ने नहीं दिया है, बल्कि यह ट्रस्ट से जुड़े लोगों की वजह से लगा है। बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आ जाएगी। उन्होंने सामने आ रहे दस्तावेजों और अयोध्या में हुई घटनाओं को चिंता का विषय बताया। हालांकि, उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बचाव करते हुए उन्हें पूरी तरह निर्दोष करार दिया। आरोपों की गंभीरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 'बिना धुएं के आग नहीं निकलती', जिसका अर्थ है कि जब धुआं दिखाई दे रहा है तो कहीं न कहीं कुछ सच्चाई जरूर होगी। पूर्व सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष और गंभीर जांच होनी चाहिए। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें इस मामले की जांच तथा आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई हैं।
- करणी सेना ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कथित मामले को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। संगठन ने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान करणी सेना के प्रतिनिधियों ने इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दायरे में आने वाले सभी संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाए, क्योंकि संगठन को बड़ी संख्या में लोगों की संलिप्तता की आशंका है। करणी सेना ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने सरकार से यह भी अपील की कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए ताकि श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे और किसी भी अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जा सके। हालांकि, संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है। मामले की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से अभी अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।1
- माननीय जनप्रतिनिधि को दूरभाष के माध्यम से धमकी दिए जाने के प्रकरण के संबंध में थाना कोतवाली नगर में तत्काल अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीमों का गठन कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी नगर श्री आनंद कुमार राय ने दी।1
- गोंडा शहर के राजा मोहल्ला क्षेत्र में स्थित श्रृंगार कुंज ठाकुर मंदिर के बगल बने शंकर जी के मंदिर में चोरी की एक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक युवक मंदिर से सामान चोरी कर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई। इसके बाद मोहल्लेवासियों ने पीछा कर संदिग्ध युवक को पकड़ लिया और उससे पूछताछ भी की। बताया जा रहा है कि बाद में स्थानीय स्तर पर बातचीत के बाद उस संदिग्ध को छोड़ दिया गया। हालांकि, इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने तथा चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और पुलिस को सूचना दिए जाने व आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्थानीय लोग क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।3
- सपा के पूर्व विधायक पवन पांडे ने एक प्रेस वार्ता के दौरान यह मांग की है कि अयोध्या के संत महात्माओं को राम मंदिर ट्रस्ट में स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश के चारों शंकराचार्यों को भी इस ट्रस्ट में जगह दी जानी चाहिए।1
- आज, 16 जून 2026 को अयोध्या के इनायतनगर क्षेत्र में एक नाबालिग हिंदू लड़की और एक भिन्न समुदाय के लड़के के एक साथ रहने की सूचना मिली। यह सूचना मिलते ही कूरेभार पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इनायतनगर पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। इनायतनगर पुलिस द्वारा दोनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ले जाया गया है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी बल्दीराय, श्री आशुतोष कुमार ने बताया कि एक अन्य समुदाय के लड़के ने बहला-फुसलाकर एक नाबालिग हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौके पर कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।1
- अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में एक बड़े अवैध खनन का मामला सामने आया है, जहाँ बालू माफिया सरकारी नहर को ही खनन स्थल बनाकर दिन-रात अवैध बालू निकाल रहे हैं। ग्राम पंचायत हरिहरपुर बलैया और सराय मुगल के बीच स्थित सूखी नहर में बड़े पैमाने पर खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बालू की ढुलाई की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सूखी नहर के अंदर मजदूरों से लगातार खुदाई कराई जा रही है और निकाली गई बालू को खुलेआम ले जाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग, खासकर सिंचाई विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और नहर की संरचना से छेड़छाड़ के बावजूद सिंचाई विभाग की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि नहर की पटरी और तल से अवैध रूप से बालू निकालने से उसकी संरचनात्मक मजबूती कमजोर हो सकती है। आगामी सिंचाई सीजन में पानी छोड़े जाने पर पटरियों के धंसने, कटान होने और आसपास के खेतों तथा गांवों में जलभराव जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। मामले की जानकारी संबंधित सिंचाई विभाग को दे दी गई है, और विभागीय अधिकारियों ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जांच तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या इस अवैध खनन पर रोक लगेगी या सरकारी नहरों को नुकसान पहुँचाने का यह सिलसिला जारी रहेगा।1
- गोंडा/अयोध्या से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान पत्र घपले के मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल राम मंदिर ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी उंगली सीधे केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठ रही है। पूर्व सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस विवाद से राम मंदिर और उससे जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह झटका विनय कटियार या बृजभूषण शरण सिंह ने नहीं दिया है, बल्कि यह ट्रस्ट से जुड़े लोगों की वजह से लगा है। बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आ जाएगी। उन्होंने सामने आ रहे दस्तावेजों और अयोध्या में हुई घटनाओं को चिंता का विषय बताया। हालांकि, उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बचाव करते हुए उन्हें पूरी तरह निर्दोष करार दिया। आरोपों की गंभीरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 'बिना धुएं के आग नहीं निकलती', जिसका अर्थ है कि जब धुआं दिखाई दे रहा है तो कहीं न कहीं कुछ सच्चाई जरूर होगी। पूर्व सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष और गंभीर जांच होनी चाहिए। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें इस मामले की जांच तथा आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई हैं।1
- इन दिनों युवाओं में स्टंट का शौक काफी बढ़ गया है, जिसकी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो युवा चलती गाड़ी की छत पर बैठकर स्टंट करते नजर आ रहे हैं। इस तरह का स्टंट अपनी जान और दूसरों की जान को जोखिम में डालने जैसा है।1