सरकारी धन का दुरुपयोग किस प्रकार होता है इसका जीता जागता उदाहरण *चकरनगर: सरकारी धन के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण, राजपुर में बनी सब्जी मंडी एक दिन भी नहीं हो सकी चालू* *चकरनगर (इटावा) - लोक साधना न्यूज़ | संवाददाता गजेंद्र सिंह चौहान* सरकारी धन का दुरुपयोग किस प्रकार होता है, इसका जीता-जागता उदाहरण चकरनगर क्षेत्र के राजपुर गांव में बनी सब्जी मंडी है। लाखों रुपये की लागत से बनी यह मंडी आज तक एक भी दिन के लिए चालू नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने बताया कि मंडी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसके बाद न तो उसमें दुकानें आवंटित हुईं और न ही किसानों और सब्जी विक्रेताओं को बैठने की व्यवस्था मिली। आज यह मंडी खंडहर में तब्दील होती जा रही है और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिर्फ कागजों में विकास दिखाने के लिए मंडी बना दी गई, लेकिन उसे चालू कराने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। किसानों को आज भी अपनी सब्जी बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों में जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की जांच कराए और मंडी को जल्द से जल्द चालू कराए ताकि किसानों और व्यापारियों को इसका लाभ मिल सके, नहीं तो यह सरकारी धन की बर्बादी का बड़ा उदाहरण बनकर रह जाएगा।
सरकारी धन का दुरुपयोग किस प्रकार होता है इसका जीता जागता उदाहरण *चकरनगर: सरकारी धन के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण, राजपुर में बनी सब्जी मंडी एक दिन भी नहीं हो सकी चालू* *चकरनगर (इटावा) - लोक साधना न्यूज़ | संवाददाता गजेंद्र सिंह चौहान* सरकारी धन का दुरुपयोग किस प्रकार होता है, इसका जीता-जागता उदाहरण चकरनगर क्षेत्र के राजपुर गांव में बनी सब्जी मंडी है। लाखों रुपये की लागत से बनी यह मंडी आज तक एक भी दिन के लिए चालू नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने बताया कि मंडी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसके बाद न तो उसमें दुकानें आवंटित हुईं और न ही किसानों और सब्जी विक्रेताओं को बैठने की व्यवस्था मिली। आज यह मंडी खंडहर में तब्दील होती जा रही है और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिर्फ कागजों में विकास दिखाने के लिए मंडी बना दी गई, लेकिन उसे चालू कराने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। किसानों को आज भी अपनी सब्जी बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों में जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की जांच कराए और मंडी को जल्द से जल्द चालू कराए ताकि किसानों और व्यापारियों को इसका लाभ मिल सके, नहीं तो यह सरकारी धन की बर्बादी का बड़ा उदाहरण बनकर रह जाएगा।
- सरकारी धन का दुरुपयोग किस प्रकार होता है इसका जीता जागता उदाहरण *चकरनगर: सरकारी धन के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण, राजपुर में बनी सब्जी मंडी एक दिन भी नहीं हो सकी चालू* *चकरनगर (इटावा) - लोक साधना न्यूज़ | संवाददाता गजेंद्र सिंह चौहान* सरकारी धन का दुरुपयोग किस प्रकार होता है, इसका जीता-जागता उदाहरण चकरनगर क्षेत्र के राजपुर गांव में बनी सब्जी मंडी है। लाखों रुपये की लागत से बनी यह मंडी आज तक एक भी दिन के लिए चालू नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने बताया कि मंडी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसके बाद न तो उसमें दुकानें आवंटित हुईं और न ही किसानों और सब्जी विक्रेताओं को बैठने की व्यवस्था मिली। आज यह मंडी खंडहर में तब्दील होती जा रही है और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिर्फ कागजों में विकास दिखाने के लिए मंडी बना दी गई, लेकिन उसे चालू कराने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। किसानों को आज भी अपनी सब्जी बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों में जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की जांच कराए और मंडी को जल्द से जल्द चालू कराए ताकि किसानों और व्यापारियों को इसका लाभ मिल सके, नहीं तो यह सरकारी धन की बर्बादी का बड़ा उदाहरण बनकर रह जाएगा।1
- आगामी त्योहारों को लेकर लवेदी पुलिस अलर्ट, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में थानाध्यक्ष ने की पैदल गश्त थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने पुलिस बल के साथ संभाला सुरक्षा का मोर्चा, आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया लवेदी (इटावा)। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए लवेदी थाना पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी भरथना के निर्देशन में थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों, बाजारों एवं संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त की। पैदल गश्त के दौरान पुलिस टीम ने बाजारों और प्रमुख स्थानों पर भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराई। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अराजकता अथवा शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस की इस सक्रियता का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोकना है। लवेदी थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। त्योहारों के मद्देनजर पुलिस की गश्त और निगरानी लगातार जारी रहेगी, ताकि सभी त्योहार आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।4
- *सगे ताऊ के घर से 17 लाख के जेवर चुराने वाला भतीजा गिरफ्तार, 107 ग्राम सोना बरामद* औरैया - अजीतमल पुलिस ने चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी भतीजे को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने रिश्तेदारी का फायदा उठाकर अपने सगे ताऊ के घर से करीब 17 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर चोरी किए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी अंशुल उर्फ यश ने ताऊ के घर की अलमारी का लॉक बेलचे से तोड़कर जेवर चोरी किए और उन्हें मलबे में छिपा दिया था। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को एनएच-19 हाईवे के पास गांधी नगर से गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 107.299 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई जा रही है। एसपी अभिषेक भारती ने घटना के खुलासे की जानकारी देते हुए पुलिस टीम की सराहना की। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।2
- गोबर और मिट्टी के दीये बांटकर दिया सुख-समृद्धि का संदेश सखी ग्रुप ने छोटे दुकानदारों, राहगीरों और महिलाओं को किए निःशुल्क वितरित औरैया। दीपावली पर्व पर पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति की महिला शाखा तुलसी 'सखी ग्रुप' की ओर से गुरुवार को गोबर और मिट्टी से निर्मित दीयों का निःशुल्क वितरण किया गया। संगठन की सदस्यों ने शहर के विभिन्न मोहल्लों में पहुंचकर छोटे दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं, राहगीरों और महिलाओं को दीये वितरित किए। इस पहल से लोगों को स्वदेशी और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन पांच नवंबर 2026 को शाम चार बजे मोहल्ला होमगंज, परिहार टोला, फूलगंज और दिबियापुर रोड के समीप किया गया। यहां ठिलिया-खोमचा लगाने वाले छोटे दुकानदारों और अन्य जरूरतमंद लोगों को गाय के गोबर और मिट्टी से तैयार दीये निःशुल्क दिए गए। महिला शाखा की सदस्यों ने लोगों को इन दीयों के उपयोग के प्रति जागरूक भी किया। स्वच्छता अभियान की ब्रांड एंबेसडर एवं कार्यक्रम संयोजिका पायल पोरवाल ने बताया कि गाय के गोबर से निर्मित दीये शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं। मान्यता है कि इन दीयों की रोशनी से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि, निरोगी काया, धन, यश और वैभव का आगमन होता है। साथ ही नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने लोगों से दीपावली पर गोबर और मिट्टी के दीयों का अधिक से अधिक प्रयोग करने की अपील की। महिला शाखा की प्रभारी बबिता ने भी लोगों को गोबर के दीयों के धार्मिक और पारंपरिक महत्व की जानकारी देते हुए इनके इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से पारंपरिक दीपावली की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में भाजपा नेत्री कोमल पोरवाल, मंगला शुक्ला, अंशू पोरवाल, शकुंतला पोरवाल, ममता सिंह, कुमुदनी पोरवाल, दामिनी गुप्ता, पूजा पोरवाल सहित सखी ग्रुप की अन्य सदस्य मौजूद रहीं।1
- *इटावा में दीपावली व्यापारिक मेले का शुभारंभ विधायिका श्रीमती सरिता भदौरिया ने की स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की अपील* *समूह की महिलाओं द्वारा तैयार हस्त निर्मित उत्पादों की लगीं दुकानें विधायिका ने किया निरीक्षण* ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गुरुवार को राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा में दीपावली व्यापारिक मेले का शुभारंभ भाजपा की सदर विधायिका श्रीमती सरिता भदौरिया ने फीता काटकर किया। मेले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्त निर्मित उत्पादों की विभिन्न दुकानें लगाई गई हैं। उद्घाटन के बाद सदर विधायिका श्रीमती सरिता भदौरिया ने मेले में लगी दुकानों का निरीक्षण किया और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प एवं स्वदेशी उत्पादों को देखा। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेले ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सदर विधायिका ने नगरवासियों से अपील की कि दीपावली के अवसर पर स्वदेशी एवं हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करें। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.74171970641
- इटावा -शहर कोतवाली के बाहर बनी नेकी की दीवार पर दीपावली पर्व के चलते पुराने कपड़ों का भारी ढेर इकठ्ठा होने के चलते स्थानीय निवासियों का असुविधा का सामना करना पड़ रहा था, इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता के निर्देश पर नगरपालिका कर्मचारियों ने वहां से कपड़ों को हटवाने का काम किया, यहां रोज टकों पुराने कपड़े आ रहे हैं इटावा -शहर कोतवाली के बाहर बनी नेकी की दीवार पर दीपावली पर्व के चलते पुराने कपड़ों का भारी ढेर इकठ्ठा होने के चलते स्थानीय निवासियों का असुविधा का सामना करना पड़ रहा था, इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता के निर्देश पर नगरपालिका कर्मचारियों ने वहां से कपड़ों को हटवाने का काम किया, यहां रोज टकों पुराने कपड़े आ रहे हैं1
- कानपुर में ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 घायल कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के दहेली उजागर गांव में गोलीबारी से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार फायरिंग में तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक सभी खतरे से बाहर हैं। पीडित पक्ष का आरोप है कि मामला जमीन पर कब्जे के विरोध से जुड़ा है। पुलिस ने एक आरोपी को लाइसेंसी बंदूक के साथ गिरफ्तार करने की बात कही है। मामले की जांच जारी है। गांव-देहात में बढते जमीनी विवाद और फायरिंग पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं।1
- मंदिर पर बुनियादी सुविधाओं का आज भी है अभाव जिससे रहागीर *चकरनगर: चकरनगर-औरैया-जालौन मार्ग पर कायंची मोड़ के पास बीड़ी वाले बाबा मंदिर पर न लाइट, न पेयजल, राहगीर और पुजारी परेशान* *चकरनगर (इटावा) - लोक साधना न्यूज़ | संवाददाता गजेंद्र सिंह चौहान* चकरनगर से औरैया और जालौन को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर कायंची मोड़ से थोड़ा आगे स्थित प्रसिद्ध बीड़ी वाले बाबा के मंदिर पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मंदिर पर न तो लाइट की व्यवस्था है और न ही पेयजल की। रात के समय अंधेरा होने से इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वहीं दिन में भी पानी के लिए श्रद्धालुओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है। मंदिर पर रहने वाले पुजारी को भी पेयजल की भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह मंदिर इस मार्ग का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां रोज सैकड़ों लोग दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में लोगों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मंदिर पर जल्द से जल्द लाइट और पेयजल की व्यवस्था कराई जाए ताकि राहगीरों और पुजारी को राहत मिल सके।1