रानीवाड़ा: नंदी बछड़े की निर्मम हत्या से सनसनी, धारदार हथियार से वार कर उतारा मौत के घाट रानीवाड़ा। क्षेत्र के बड़गांव से वक्तापुरा जाने वाले सड़क मार्ग पर एक छोटे नंदी बछड़े की निर्मम हत्या का मामला सामने आने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर बछड़े को मौत के घाट उतार दिया। घटना की सूचना मिलते ही रानीवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बछड़े का पोस्टमार्टम करवाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं तथा मामले में कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस घटना को गंभीर मानते हुए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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- जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव किया प्रस्थान जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाडे के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव के लिए किया प्रस्थान भेरुनाथ अखाड़े से ढोल धमाका के साथ शोभायात्रा रवाना हुई शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी इस दौरान महिलाओं ने मांगलिक गीतों का गायन कर भक्ति मैं प्रस्तुति दी शोभायात्रा भेरुनाथ अखाड़े से रवाना होकर अस्पताल चौराया जोशी सर्कल सूरजपोल भीनमाल रोड होते हुए वेरठ गांव पहुंची जहां पर ग्रामीणों ने पीर जी का स्वागत अभिनंदन किया शोभा यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत अभिनंदन किया शोभायात्रा में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे3
- बारिस बहुत दिन बाद आज बारिश आने से गर्मी और उम्स बड़ा वातावरण से छुटकारा मिला आज कोजरा गांव में जमाजम बारिश की धमाकेदार एंट्री हो गई है गर्मी और उमस से थोड़ा बहुत छुटकारा मिला है और किसानों के लिए भी अपनी फसलों को जीवादन मिलने की संभावना और थोड़ी बहुत बारिश आकर फिर वापस धूप खिल गई है2
- बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत..... बारिश से मौसम हुआ सुहावना, गर्मी व उमस से मिली राहत रानी/नाडोल। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शनिवार शाम हुई बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम करीब 5 से 6 बजे तक लगभग एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से नाडोल सहित आसपास के गांवों का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई। जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उनके लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। लगातार उमस भरे मौसम से परेशान आमजन ने बारिश का आनंद लिया। कई स्थानों पर लोगों ने घरों से बाहर निकलकर ठंडी फुहारों का आनंद उठाया। मौसम में आए इस बदलाव से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह खुशनुमा हो गया।1
- राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर जोर की तैयार बैठक हुई राजस्थान1
- ओल्ड सिटी वार्ड 12 नया वार्ड नंबर 14 में दाईजी पुलिया मार्ग पर मंदिरों के बाहर उफनते सिवरेज आम जन परेशान प्रशासन मस्त ओल्ड सिटी वार्ड नंबर 14 में एक बारिश में ही स्मार्ट सिटी के कामों की पोल खुल रही है दाईजी पुलिया मार्ग पर एक बारिश में ही सिवरेज उफनने लग गए है और सबसे बड़ी बात यहाँ मंदिर है और जो भी श्रद्धालु दर्शन करने आ रहे है बदबू से परेशान हो रहे है कई बार स्मार्ट सिटी के अधिकारी ओर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को क्षेत्र वासियों ने बताया पर स्थाई समाधान नहीं हुआ1
- उदयपुर पहुंचे राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगे भाग1
- बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* *बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* उपखण्ड बाली क्षेत्र बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी महिलाओं को दिया रोजगार, सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी बेड़ा कस्बे के युवा उद्यमी मुकेश ओझा ने उदयपुर के पास जसवंतगढ़ में अपनी सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकार के दम पर आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है उन्होंने जंगलों में मिलने वाले सीताफल और जामुन जैसे फलों का प्रसंस्करण कर फूड प्रोसेसिंग का कार्य शुरू किया, जिससे आज करीब 300 आदिवासी महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है । डीके देवासी को जानकारी गिरीश वियास देते हुए मुकेश ओझा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी मात्रा में सीताफल और जामुन उपलब्ध होते हैं, लेकिन समय पर बाजार नहीं मिलने के कारण अधिकांश फल खराब हो जाते थे किसानों और आदिवासी परिवारों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था इसी समस्या को अवसर में बदलने की सोच के साथ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट की नवम्बर 2025 में सखी एग्रो कम्पनी से शुरुआत की कंपनी के माध्यम से महिलाएं फल संग्रह, छंटाई, गूदा निकालने, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। यह पहल आदिवासी परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है ओझा ने बताया कि कंपनी प्राकृतिक स्वाद और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सीताफल और जामुन से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है। इन उत्पादों में किसी प्रकार के कृत्रिम स्वाद या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भविष्य में इस पहल का विस्तार कर और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगलों से मिलने वाले फल बेकार चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें उचित दाम मिलने लगे हैं महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आया है मुकेश ओझा की यह पहल आज ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास अब सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन गया है2