बढ़ती महंगाई और ईंधन की लगातार ऊंची कीमतों का असर अब धनबाद के बस यात्रियों पर पड़ने वाला है, क्योंकि धनबाद बस एसोसिएशन ने किराए में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की पूरी तैयारी कर ली है। एसोसिएशन का कहना है कि परिवहन विभाग से स्वीकृति मिलने के एक सप्ताह के भीतर नई किराया दरें लागू कर दी जाएंगी। धनबाद बस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि किराया वृद्धि के संबंध में परिवहन विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंप दिया गया है। विभाग की अनुमति मिलते ही सभी रूटों पर नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2020 के बाद से बस किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि इस अवधि में डीजल, इंजन ऑयल, स्पेयर पार्ट्स, टायर, वाहन मरम्मत, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन सहित परिचालन से जुड़े सभी खर्चों में लगातार इजाफा हुआ है। संजय सिंह ने कहा कि पिछले छह वर्षों से बस संचालक बढ़ी हुई लागत का बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे थे, लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि किराए में वृद्धि करना आवश्यक हो गया है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण बसों का संचालन करना काफी महंगा हो गया है, जिससे कई बस संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नई दरें लागू होने के बाद धनबाद से पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर, पूर्णिया, रांची, देवघर, दुमका, गिरिडीह, बोकारो, आसनसोल और अन्य शहरों के लिए चलने वाली बसों का किराया बढ़ जाएगा। एसी बसों से पटना, बिहारशरीफ और भागलपुर जाने वाले यात्रियों को लगभग 100 रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं, जबकि पूर्णिया के लिए किराया करीब 120 रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं, नॉन-एसी बसों के किराए में भी विभिन्न रूटों पर 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभावित है। बस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए लिया गया है। इसके अलावा, दो वर्षों से परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया लंबित होने के कारण भी बस संचालकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन को उम्मीद है कि परिवहन विभाग जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगा, जिसके बाद नई किराया दरों को लागू किया जा सकेगा।
बढ़ती महंगाई और ईंधन की लगातार ऊंची कीमतों का असर अब धनबाद के बस यात्रियों पर पड़ने वाला है, क्योंकि धनबाद बस एसोसिएशन ने किराए में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की पूरी तैयारी कर ली है। एसोसिएशन का कहना है कि परिवहन विभाग से स्वीकृति मिलने के एक सप्ताह के भीतर नई किराया दरें लागू कर दी जाएंगी। धनबाद बस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि किराया वृद्धि के संबंध में परिवहन विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंप दिया गया है। विभाग की अनुमति मिलते ही सभी रूटों पर नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2020 के बाद से बस किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि इस अवधि में डीजल, इंजन ऑयल, स्पेयर पार्ट्स, टायर, वाहन मरम्मत, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन सहित परिचालन से जुड़े सभी खर्चों में लगातार इजाफा हुआ है। संजय सिंह ने कहा कि पिछले छह वर्षों से बस संचालक बढ़ी हुई लागत का बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे थे, लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि किराए में वृद्धि करना आवश्यक हो गया है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण बसों का संचालन करना काफी महंगा हो गया है, जिससे कई बस संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नई दरें लागू होने के बाद धनबाद से पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर, पूर्णिया, रांची, देवघर, दुमका, गिरिडीह, बोकारो, आसनसोल और अन्य शहरों के लिए चलने वाली बसों का किराया बढ़ जाएगा। एसी बसों से पटना, बिहारशरीफ और भागलपुर जाने वाले यात्रियों को लगभग 100 रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं, जबकि पूर्णिया के लिए किराया करीब 120 रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं, नॉन-एसी बसों के किराए में भी विभिन्न रूटों पर 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभावित है। बस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए लिया गया है। इसके अलावा, दो वर्षों से परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया लंबित होने के कारण भी बस संचालकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन को उम्मीद है कि परिवहन विभाग जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगा, जिसके बाद नई किराया दरों को लागू किया जा सकेगा।
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर धनबाद में कांग्रेस ने 'हल्लाबोल' प्रदर्शन किया है। इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए, कांग्रेस ने घोषणा की है कि 8 जून को एक 'युवा आक्रोश मार्च' का आयोजन किया जाएगा।1
- बढ़ती महंगाई और ईंधन की लगातार ऊंची कीमतों का असर अब धनबाद के बस यात्रियों पर पड़ने वाला है, क्योंकि धनबाद बस एसोसिएशन ने किराए में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की पूरी तैयारी कर ली है। एसोसिएशन का कहना है कि परिवहन विभाग से स्वीकृति मिलने के एक सप्ताह के भीतर नई किराया दरें लागू कर दी जाएंगी। धनबाद बस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि किराया वृद्धि के संबंध में परिवहन विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंप दिया गया है। विभाग की अनुमति मिलते ही सभी रूटों पर नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2020 के बाद से बस किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि इस अवधि में डीजल, इंजन ऑयल, स्पेयर पार्ट्स, टायर, वाहन मरम्मत, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन सहित परिचालन से जुड़े सभी खर्चों में लगातार इजाफा हुआ है। संजय सिंह ने कहा कि पिछले छह वर्षों से बस संचालक बढ़ी हुई लागत का बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे थे, लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि किराए में वृद्धि करना आवश्यक हो गया है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण बसों का संचालन करना काफी महंगा हो गया है, जिससे कई बस संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नई दरें लागू होने के बाद धनबाद से पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर, पूर्णिया, रांची, देवघर, दुमका, गिरिडीह, बोकारो, आसनसोल और अन्य शहरों के लिए चलने वाली बसों का किराया बढ़ जाएगा। एसी बसों से पटना, बिहारशरीफ और भागलपुर जाने वाले यात्रियों को लगभग 100 रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं, जबकि पूर्णिया के लिए किराया करीब 120 रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं, नॉन-एसी बसों के किराए में भी विभिन्न रूटों पर 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभावित है। बस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए लिया गया है। इसके अलावा, दो वर्षों से परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया लंबित होने के कारण भी बस संचालकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन को उम्मीद है कि परिवहन विभाग जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगा, जिसके बाद नई किराया दरों को लागू किया जा सकेगा।1
- धनबाद स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआईएमएफआर) में 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान परिसर में पौधारोपण के साथ हुआ, जहाँ मुख्य अतिथि, सिंफर निदेशक और सिंफर विज्ञानियों द्वारा 100 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इसके बाद, सीआईएमएफआर सभागार में मुख्य समारोह राष्ट्रगीत के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार अग्रवाल मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर के प्रोफेसर समीर बाजपेयी विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। स्वागत संबोधन में, सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने विश्व पर्यावरण दिवस को केवल उत्सव नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धताओं की समीक्षा का अवसर बताया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी, प्लास्टिक प्रदूषण और सूक्ष्म प्लास्टिक जैसी वैश्विक चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की और वैज्ञानिक समुदाय से अनुसंधान एवं तकनीकी विकास में पर्यावरणीय स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने हेतु अपने स्तर पर कदम उठाने चाहिए। मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति केवल हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति का साधन नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व और भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बीसीसीएल “Responsible Mining is Sustainable Mining” की अवधारणा पर काम कर रहा है और व्यापक वृक्षारोपण, हरित पट्टी विकास, वैज्ञानिक खदान पुनर्वास, वायु गुणवत्ता प्रबंधन, जल उपचार, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरणीय अग्नि नियंत्रण जैसे उपायों से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के लगभग 80 वर्षों के अनुसंधान योगदान की सराहना करते हुए उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रकृति के प्रति संवेदनशील और सम्मानपूर्ण व्यवहार रखने तथा गैर-नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान, एनआईटी रायपुर के प्रो. समीर बाजपेयी ने “Inspired by Nature. For Climate. For Our Future.” विषय पर विश्व पर्यावरण दिवस व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा पर्यावरणीय जन-जागरूकता अभियान है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1972 में हुई थी। प्रो. बाजपेयी ने जलवायु परिवर्तन की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि वर्ष 2024 वैश्विक स्तर पर अब तक का सबसे गर्म वर्ष दर्ज किया गया और पृथ्वी का औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान उत्सर्जन प्रवृत्तियाँ जारी रहीं तो इस शताब्दी के अंत तक वैश्विक तापमान में 2.5 से 4.6 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, जिससे समुद्र स्तर में वृद्धि, प्रवाल भित्तियों का विनाश, हिमखंडों का पिघलना और चरम मौसमीय घटनाओं में वृद्धि जैसी गंभीर स्थितियाँ उत्पन्न होंगी। उन्होंने वनीकरण, आर्द्रभूमि संरक्षण, मैंग्रोव पुनर्स्थापन, टिकाऊ कृषि, शहरी हरित विकास और जल संरक्षण को बढ़ावा देकर प्रकृति-आधारित समाधानों को जलवायु परिवर्तन से निपटने का प्रभावी उपाय बताया। उन्होंने भारत की ‘मिशन लाइफ’ (LiFE), ‘पंचामृत’ तथा पेरिस समझौते के अंतर्गत किए गए जलवायु संकल्पों का उल्लेख करते हुए कहा कि सतत जीवनशैली अपनाकर प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित निबंध लेखन, पोस्टर प्रस्तुतीकरण और चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रशिक्षु अंशुमन कुमार सिंह ने प्रथम, पंकज कुमार ने द्वितीय तथा अनमोल कुमार ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में परियोजना सहयोगी-I बिपासा डे को प्रथम, परियोजना सहयोगी तनु प्रिया को द्वितीय तथा परियोजना सहयोगी-I प्रदीप कुमार यादव को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में डीएमएफए, विशुनपुर की कक्षा-IX की छात्रा रुही सिंह ने प्रथम, कक्षा-VIII के छात्र आदित्य राज साह ने द्वितीय तथा कक्षा-VIII की छात्रा रोली सिंह ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। वैज्ञानिक-जी, सीएसआईआर-सीआईएमएफआर, इंजी. अमरनाथ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया और समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- धनबाद के गोविंदपुर में ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जो तालाब कभी लगभग 27 एकड़ में फैला हुआ था, वह अब सिकुड़कर मात्र 17-18 एकड़ में सिमट गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की ज़मीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है, जिसके ख़िलाफ़ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी शिकायत की है कि आम लोगों के उपयोग में आने वाले रास्तों को बंद किया जा रहा है।1
- तोपचांची थाना अंतर्गत रामाकुंडा खेल मैदान के समीप रविवार की अहले सुबह ग्रामीणों ने एक स्विफ्ट कार (नंबर JH 01AH 9663) को चोरी छिपे मवेशी ले जाते हुए पकड़ा। बताया गया कि उक्त कार में चार मवेशियों को ठूंसकर चोरी छिपे ले जाया जा रहा था। ग्रामीणों की नजर पड़ते ही चोर कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस मामले को लेकर पुलिस द्वारा छानबीन जारी है।1
- सर्रा क्षेत्र में पिछले कुछ घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ एक ओर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात के बीच कुछ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई हैं। सर्रा के मुख्य बाजार और सड़कों पर घुटनों तक बह रहे तेज पानी के वीभत्स रूप के कारण स्थानीय लोगों का कीमती सामान और फुटवियर (चप्पल-जूते) बहने की खबरें आ रही हैं। ऐसी ही एक घटना आज दोपहर सर्रा के मुख्य चौराहे पर देखने को मिली, जब सड़क पार करते समय एक राहगीर का संतुलन बिगड़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि उसकी कीमती चप्पलें देखते ही देखते पैर से निकलकर पानी में तैरती हुई आगे बढ़ गईं। पीड़ित राहगीर असहाय होकर चिल्लाता रहा, "वह गया दो, चप्पल!", लेकिन पानी की रफ्तार के आगे उसकी एक न चली। आस-पास खड़े लोग भी इस नजारे को देखकर हैरान रह गए। यह घटना अब पूरे इलाके में इस बात को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है कि बारिश ने लोगों को पैदल चलने लायक भी नहीं छोड़ा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सर्रा की सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। जल निकासी प्रणाली (ड्रेनेज सिस्टम) फेल होने की वजह से पानी अब दुकानों और घरों के अंदर प्रवेश कर रहा है, जिससे दुकानदारों को लाखों के सामान के बर्बाद होने का डर सता रहा है। पैदल चलने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है, क्योंकि सड़कों पर गड्ढे नहीं दिख रहे और पानी का तेज करंट उन्हें फिसलने पर मजबूर कर रहा है, जिससे उनके जूते-चप्पल बह रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निकाय और प्रशासन से तत्काल सड़कों पर जमे पानी को निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पानी का स्तर कम नहीं होता, तब तक लोगों का घरों से निकलना और सुरक्षित वापस आना मुश्किल रहेगा। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।1
- धनबाद में अवैध लॉटरी का एक विशाल साम्राज्य फल-फूल रहा है। जानकारी के अनुसार, यहां करोड़ों रुपये का अवैध लॉटरी का धंधा धड़ल्ले से जारी है, लेकिन इस गंभीर गतिविधि पर प्रशासन की ओर से पूर्णतः चुप्पी साधी हुई है।2
- नोएडा के बरौला हनुमान मूर्ति के पास एक पति ने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी को रंगे हाथों पकड़ने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद मौके पर जमकर मारपीट हुई, जिसमें स्थानीय भीड़ भी शामिल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को संभाला। इस पूरे मामले को गंभीर बताया जा रहा है।1