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नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग “UGC रोल बैक करो, वरना जनता करेगी सत्ता का रोल बैक” नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग UGC नियमों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा, आर्थिक आधार को महत्व और ‘समान अवसर आयोग’ के गठन समेत छह प्रमुख मांगें नरैनी। UGC के नियमों, आरक्षण व्यवस्था, समान अवसर तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को नरैनी तहसील में राष्ट्रपति महोदय के नाम उपजिलाधिकारी नरैनी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC के वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम से संबंधित शिकायतों में निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक परिस्थितियों को महत्व देने तथा ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन सहित छह प्रमुख मांगें उठाई गईं। ज्ञापन में कहा गया कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के संरक्षण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार, विधिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किए जाना भी आवश्यक है। UGC नियमों पर पुनर्विचार की मांग ज्ञापन में UGC के उच्च शिक्षा से संबंधित वर्तमान नियमों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रावधान पर पुनर्विचार होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों या उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अथवा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका हो। वक्ताओं ने विवादित प्रावधानों को वापस लेने अथवा आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की। SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में SC/ST अधिनियम को लेकर कहा गया कि कानून का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण प्रदान करना है, लेकिन झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की स्थिति में निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रतिनिधियों ने मांग की कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ-साथ झूठी शिकायत प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था हो। आरक्षण में आर्थिक आधार को महत्व देने की मांग ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ आय, संपत्ति, आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक परिस्थिति और वास्तविक आवश्यकता जैसे प्रमाणित मानकों को भी उचित महत्व दिए जाने की मांग की गई। साथ ही आरक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का समय-समय पर तथ्यात्मक आकलन किए जाने की मांग रखी गई, ताकि सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ की मांग सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों की शिक्षा, फीस, छात्रवृत्ति, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जा सकती है। रोहित पाठक बोले—“सरकार UGC रोल बैक नहीं करती तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे” ज्ञापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहित पाठक ने कहा, “यदि सरकार UGC के इन नियमों को रोल बैक नहीं करती है, तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या वर्ग की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी।” उमेश तिवारी—“हमारी लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, समान अवसर के लिए है” वहीं उमेश तिवारी ने कहा, “हमारी मांग किसी के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और समान अवसर सुनिश्चित करने की है। यदि किसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के भविष्य, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर प्रश्न खड़े होते हैं, तो उस व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। हम अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ उठाते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें वास्तविक जरूरत, आर्थिक स्थिति, पात्रता और प्रमाणित तथ्यों को भी महत्व मिले। सैकड़ों लोग रहे मौजूद ज्ञापन कार्यक्रम में उमेश तिवारी, सोनू करवरिया, प्रदीप करवरिया, आदित्य प्रताप सिंह, आनंद पांडेय, रोहित पाठक, जीतू त्रिपाठी, कामता प्रसाद मिश्रा, जागेश्वर प्रसाद पांडेय, पप्पू करवरिया समेत कई सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सवर्ण समाज का कहना है कि सभी मांगें लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति महोदय और सरकार के समक्ष रखी गई हैं तथा संबंधित विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा है।

11 hrs ago
user_कुलदीप कुमार मिश्रा
कुलदीप कुमार मिश्रा
Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग “UGC रोल बैक करो, वरना जनता करेगी सत्ता का रोल बैक” नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग UGC नियमों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा, आर्थिक आधार को महत्व और ‘समान अवसर आयोग’ के गठन समेत छह प्रमुख मांगें नरैनी। UGC के नियमों, आरक्षण व्यवस्था, समान अवसर तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को नरैनी तहसील में राष्ट्रपति महोदय के नाम उपजिलाधिकारी नरैनी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC के वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम से संबंधित शिकायतों में निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक परिस्थितियों को महत्व देने तथा ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन सहित छह प्रमुख मांगें उठाई गईं। ज्ञापन में कहा गया कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के संरक्षण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार, विधिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किए जाना भी आवश्यक है। UGC नियमों पर पुनर्विचार की मांग ज्ञापन में UGC के उच्च शिक्षा से संबंधित वर्तमान नियमों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रावधान पर पुनर्विचार होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों या उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अथवा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका हो। वक्ताओं ने विवादित प्रावधानों को वापस लेने अथवा आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की। SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में SC/ST अधिनियम को लेकर कहा गया कि कानून का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण प्रदान करना है, लेकिन झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की स्थिति में निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रतिनिधियों ने मांग की कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ-साथ झूठी शिकायत प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था हो। आरक्षण में आर्थिक आधार को महत्व देने की मांग ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ आय, संपत्ति, आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक परिस्थिति और वास्तविक आवश्यकता जैसे प्रमाणित मानकों को भी उचित महत्व दिए जाने की मांग की गई। साथ ही आरक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का समय-समय पर तथ्यात्मक आकलन किए जाने की मांग रखी गई, ताकि सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ की मांग सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों की शिक्षा, फीस, छात्रवृत्ति, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जा सकती है। रोहित पाठक बोले—“सरकार UGC रोल बैक नहीं करती तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे” ज्ञापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहित पाठक ने कहा, “यदि सरकार UGC के इन नियमों को रोल बैक नहीं करती है, तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या वर्ग की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी।” उमेश तिवारी—“हमारी लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, समान अवसर के लिए है” वहीं उमेश तिवारी ने कहा, “हमारी मांग किसी के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और समान अवसर सुनिश्चित करने की है। यदि किसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के भविष्य, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर प्रश्न खड़े होते हैं, तो उस व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। हम अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ उठाते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें वास्तविक जरूरत, आर्थिक स्थिति, पात्रता और प्रमाणित तथ्यों को भी महत्व मिले। सैकड़ों लोग रहे मौजूद ज्ञापन कार्यक्रम में उमेश तिवारी, सोनू करवरिया, प्रदीप करवरिया, आदित्य प्रताप सिंह, आनंद पांडेय, रोहित पाठक, जीतू त्रिपाठी, कामता प्रसाद मिश्रा, जागेश्वर प्रसाद पांडेय, पप्पू करवरिया समेत कई सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सवर्ण समाज का कहना है कि सभी मांगें लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति महोदय और सरकार के समक्ष रखी गई हैं तथा संबंधित विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा है।

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  • बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त। बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त।
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    बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से  हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त।
बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से  हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग “UGC रोल बैक करो, वरना जनता करेगी सत्ता का रोल बैक” नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग UGC नियमों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा, आर्थिक आधार को महत्व और ‘समान अवसर आयोग’ के गठन समेत छह प्रमुख मांगें नरैनी। UGC के नियमों, आरक्षण व्यवस्था, समान अवसर तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को नरैनी तहसील में राष्ट्रपति महोदय के नाम उपजिलाधिकारी नरैनी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC के वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम से संबंधित शिकायतों में निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक परिस्थितियों को महत्व देने तथा ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन सहित छह प्रमुख मांगें उठाई गईं। ज्ञापन में कहा गया कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के संरक्षण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार, विधिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किए जाना भी आवश्यक है। UGC नियमों पर पुनर्विचार की मांग ज्ञापन में UGC के उच्च शिक्षा से संबंधित वर्तमान नियमों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रावधान पर पुनर्विचार होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों या उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अथवा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका हो। वक्ताओं ने विवादित प्रावधानों को वापस लेने अथवा आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की। SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में SC/ST अधिनियम को लेकर कहा गया कि कानून का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण प्रदान करना है, लेकिन झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की स्थिति में निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रतिनिधियों ने मांग की कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ-साथ झूठी शिकायत प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था हो। आरक्षण में आर्थिक आधार को महत्व देने की मांग ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ आय, संपत्ति, आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक परिस्थिति और वास्तविक आवश्यकता जैसे प्रमाणित मानकों को भी उचित महत्व दिए जाने की मांग की गई। साथ ही आरक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का समय-समय पर तथ्यात्मक आकलन किए जाने की मांग रखी गई, ताकि सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ की मांग सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों की शिक्षा, फीस, छात्रवृत्ति, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जा सकती है। रोहित पाठक बोले—“सरकार UGC रोल बैक नहीं करती तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे” ज्ञापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहित पाठक ने कहा, “यदि सरकार UGC के इन नियमों को रोल बैक नहीं करती है, तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या वर्ग की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी।” उमेश तिवारी—“हमारी लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, समान अवसर के लिए है” वहीं उमेश तिवारी ने कहा, “हमारी मांग किसी के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और समान अवसर सुनिश्चित करने की है। यदि किसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के भविष्य, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर प्रश्न खड़े होते हैं, तो उस व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। हम अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ उठाते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें वास्तविक जरूरत, आर्थिक स्थिति, पात्रता और प्रमाणित तथ्यों को भी महत्व मिले। सैकड़ों लोग रहे मौजूद ज्ञापन कार्यक्रम में उमेश तिवारी, सोनू करवरिया, प्रदीप करवरिया, आदित्य प्रताप सिंह, आनंद पांडेय, रोहित पाठक, जीतू त्रिपाठी, कामता प्रसाद मिश्रा, जागेश्वर प्रसाद पांडेय, पप्पू करवरिया समेत कई सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सवर्ण समाज का कहना है कि सभी मांगें लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति महोदय और सरकार के समक्ष रखी गई हैं तथा संबंधित विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा है।
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    नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग
“UGC रोल बैक करो, वरना जनता करेगी सत्ता का रोल बैक”
नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग
UGC नियमों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा, आर्थिक आधार को महत्व और ‘समान अवसर आयोग’ के गठन समेत छह प्रमुख मांगें
नरैनी। UGC के नियमों, आरक्षण व्यवस्था, समान अवसर तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को नरैनी तहसील में राष्ट्रपति महोदय के नाम उपजिलाधिकारी नरैनी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC के वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम से संबंधित शिकायतों में निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक परिस्थितियों को महत्व देने तथा ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन सहित छह प्रमुख मांगें उठाई गईं।
ज्ञापन में कहा गया कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के संरक्षण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार, विधिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किए जाना भी आवश्यक है।
UGC नियमों पर पुनर्विचार की मांग
ज्ञापन में UGC के उच्च शिक्षा से संबंधित वर्तमान नियमों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रावधान पर पुनर्विचार होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों या उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अथवा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका हो।
वक्ताओं ने विवादित प्रावधानों को वापस लेने अथवा आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की।
SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा पर जोर
ज्ञापन में SC/ST अधिनियम को लेकर कहा गया कि कानून का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण प्रदान करना है, लेकिन झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की स्थिति में निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ-साथ झूठी शिकायत प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था हो।
आरक्षण में आर्थिक आधार को महत्व देने की मांग
ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ आय, संपत्ति, आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक परिस्थिति और वास्तविक आवश्यकता जैसे प्रमाणित मानकों को भी उचित महत्व दिए जाने की मांग की गई।
साथ ही आरक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का समय-समय पर तथ्यात्मक आकलन किए जाने की मांग रखी गई, ताकि सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ की मांग
सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों की शिक्षा, फीस, छात्रवृत्ति, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
रोहित पाठक बोले—“सरकार UGC रोल बैक नहीं करती तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे”
ज्ञापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहित पाठक ने कहा, “यदि सरकार UGC के इन नियमों को रोल बैक नहीं करती है, तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या वर्ग की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी।”
उमेश तिवारी—“हमारी लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, समान अवसर के लिए है”
वहीं उमेश तिवारी ने कहा, “हमारी मांग किसी के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और समान अवसर सुनिश्चित करने की है। यदि किसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के भविष्य, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर प्रश्न खड़े होते हैं, तो उस व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। हम अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ उठाते रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें वास्तविक जरूरत, आर्थिक स्थिति, पात्रता और प्रमाणित तथ्यों को भी महत्व मिले।
सैकड़ों लोग रहे मौजूद
ज्ञापन कार्यक्रम में उमेश तिवारी, सोनू करवरिया, प्रदीप करवरिया, आदित्य प्रताप सिंह, आनंद पांडेय, रोहित पाठक, जीतू त्रिपाठी, कामता प्रसाद मिश्रा, जागेश्वर प्रसाद पांडेय, पप्पू करवरिया समेत कई सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
सवर्ण समाज का कहना है कि सभी मांगें लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति महोदय और सरकार के समक्ष रखी गई हैं तथा संबंधित विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा है।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बांदा - थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार । बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो कि आज दिनांक 24.09.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस को गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोहल्ला गंगानगर में अपने अर्ध निर्मित प्लॉट में तमंचा लिए है । सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ करते हुए तलाशी ली गई तो उसके पास से एक अवैध तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए । पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गई ।
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    बांदा - थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार । 
बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो कि आज दिनांक 24.09.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस को गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोहल्ला गंगानगर में अपने अर्ध निर्मित प्लॉट में तमंचा लिए है । सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ करते हुए तलाशी ली गई तो उसके पास से एक अवैध तमंचा व  दो जिंदा कारतूस बरामद हुए । पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गई ।
    user_दुर्गेश कश्यप
    दुर्गेश कश्यप
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • अनशन चौथे दिन भी जारी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बरसे सवाल 15 सूत्रीय ज्ञापन में जांच से लेकर 300 बेड अस्पताल शुरू करने तक की मांग बांदा। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालों की बौछार के बीच जदयू का आमरण अनशन चौथे दिन भी अशोक लाट पर जारी रहा। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के दौरान महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष पिंकी प्रजापति ने मंडलायुक्त को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दूसरे जनपद से जांच टीम गठित करने, 300 बेड के मंडलीय अस्पताल को शुरू कराने, नरैनी-बबेरू-अतर्रा के स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार और मेडिकल कॉलेज में कथित अवैध वसूली व बाहर की दवाएं लिखे जाने के आरोपों की जांच की मांग की गई है। कार्यवाहक सीएमएस सहित संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच, आउटसोर्सिंग कर्मियों को समय से वेतन और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग भी उठी। सवाल अब सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था का नहीं, उस सरकारी संवेदनशीलता का है जो मरीज की परेशानी से पहले फाइल की गति नापती नजर आती है। जदयू ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
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    अनशन चौथे दिन भी जारी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बरसे सवाल
15 सूत्रीय ज्ञापन में जांच से लेकर 300 बेड अस्पताल शुरू करने तक की मांग
बांदा। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालों की बौछार के बीच जदयू का आमरण अनशन चौथे दिन भी अशोक लाट पर जारी रहा। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के दौरान महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष पिंकी प्रजापति ने मंडलायुक्त को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में दूसरे जनपद से जांच टीम गठित करने, 300 बेड के मंडलीय अस्पताल को शुरू कराने, नरैनी-बबेरू-अतर्रा के स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार और मेडिकल कॉलेज में कथित अवैध वसूली व बाहर की दवाएं लिखे जाने के आरोपों की जांच की मांग की गई है। कार्यवाहक सीएमएस सहित संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच, आउटसोर्सिंग कर्मियों को समय से वेतन और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग भी उठी।
सवाल अब सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था का नहीं, उस सरकारी संवेदनशीलता का है जो मरीज की परेशानी से पहले फाइल की गति नापती नजर आती है। जदयू ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बांदा ब्रेकिंग जे.एन.पी.जी. कॉलेज के बाहर प्रशासन Vs छात्रसंघ। बांदा। छात्रसंघ के गढ़ पं. जे.एन. पी.जी. कॉलेज, बांदा के सामने बाहर गरीब रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे ऑनलाइन-फोटोकॉपी सेंटर चलाने वाले दुकानदारों पर प्रशासन ने तानाशाही दिखाते हुए बुलडोजर / जेसीबी खड़ा करके 5-5 हजार रुपये का चालान वसूलना शुरू कर दिया। खबर मिलते ही छात्र नेता तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां अधिकारियों के इस अन्याय के खिलाफ तीखी नोकझोंक हुई। छात्र नेता ने अधिकारियों को सीधे शब्दों में कड़ी चेतावनी दी कि अगर गरीबों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो अगली बार चौराहे पर पुतला फूंकने और उग्र आंदोलन करने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे। उन्होंने कहा - "जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाएंगे।" इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने लोकप्रिय सदर विधायक श्री प्रकाश द्विवेदी जी को पूरी घटना से अवगत कराया। विधायक जी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मण्डलायुक्त और जिलाधिकारी से बात की, जिसके बाद तुरंत जेसीबी की तोड़-फोड़ रुकवाई गई और सभी गरीब दुकानदारों का 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी वापस कराया गया। छात्र नेता ने कहा कि गरीबों के हक में इस त्वरित मदद के लिए विधायक जी का दिल से आभार है। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर आगे भी गरीबों और छोटे व्यापारियों को परेशान किया गया तो जरूरत पड़ने पर सीधे न्यायालय में खींचकर तलब कराएंगे। गरीबों के हक की यह लड़ाई यूं ही जारी रहेगी।
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    बांदा ब्रेकिंग 
जे.एन.पी.जी. कॉलेज के बाहर प्रशासन Vs छात्रसंघ।
बांदा। छात्रसंघ के गढ़ पं. जे.एन. पी.जी. कॉलेज, बांदा के सामने बाहर गरीब रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे ऑनलाइन-फोटोकॉपी सेंटर चलाने वाले दुकानदारों पर प्रशासन ने तानाशाही दिखाते हुए बुलडोजर / जेसीबी खड़ा करके 5-5 हजार रुपये का चालान वसूलना शुरू कर दिया।
खबर मिलते ही छात्र नेता तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां अधिकारियों के इस अन्याय के खिलाफ तीखी नोकझोंक हुई। छात्र नेता ने अधिकारियों को सीधे शब्दों में कड़ी चेतावनी दी कि अगर गरीबों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो अगली बार चौराहे पर पुतला फूंकने और उग्र आंदोलन करने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा - "जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाएंगे।"
इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने लोकप्रिय सदर विधायक श्री प्रकाश द्विवेदी जी को पूरी घटना से अवगत कराया। विधायक जी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मण्डलायुक्त और जिलाधिकारी से बात की, जिसके बाद तुरंत जेसीबी की तोड़-फोड़ रुकवाई गई और सभी गरीब दुकानदारों का 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी वापस कराया गया।
छात्र नेता ने कहा कि गरीबों के हक में इस त्वरित मदद के लिए विधायक जी का दिल से आभार है। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर आगे भी गरीबों और छोटे व्यापारियों को परेशान किया गया तो जरूरत पड़ने पर सीधे न्यायालय में खींचकर तलब कराएंगे। गरीबों के हक की यह लड़ाई यूं ही जारी रहेगी।
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • हमीरपुर डीएम अशोक कुमार ने की पहली जनसुनवाई अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश हमीरपुर। नवागत जिलाधिकारी अशोक कुमार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में अपनी पहली जनसुनवाई की। उन्होंने जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण महज औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतों का स्थायी और प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी फरियादी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य समस्याओं का निस्तारण तहसील व ब्लॉक स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती पत्रों को संबंधित अधिकारियों को मार्क कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने गूगल मीट के माध्यम से अधिकारियों से शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को सुगम, संवेदनशील और प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
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    हमीरपुर डीएम अशोक कुमार ने की पहली जनसुनवाई अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश 
हमीरपुर। नवागत जिलाधिकारी अशोक कुमार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में अपनी पहली जनसुनवाई की। उन्होंने जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण महज औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतों का स्थायी और प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी फरियादी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य समस्याओं का निस्तारण तहसील व ब्लॉक स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती पत्रों को संबंधित अधिकारियों को मार्क कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने गूगल मीट के माध्यम से अधिकारियों से शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को सुगम, संवेदनशील और प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाँदा में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ, किसानों को ₹6 लाख तक दीर्घकालीन ऋण की सुविधा। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का प्रमुख उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को खेती और उससे जुड़ी आय अर्जक गतिविधियों के लिए आसान शर्तों पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराना है। इससे किसान कृषि कार्यों, कृषि आधारित व्यवसाय और अन्य आय बढ़ाने वाली गतिविधियों के लिए आवश्यक पूंजी जुटा सकेंगे। समय से ऋण की किस्त चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ देकर ऋण की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
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    बाँदा में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ, किसानों को ₹6 लाख तक दीर्घकालीन ऋण की सुविधा।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का प्रमुख उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को खेती और उससे जुड़ी आय अर्जक गतिविधियों के लिए आसान शर्तों पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराना है। इससे किसान कृषि कार्यों, कृषि आधारित व्यवसाय और अन्य आय बढ़ाने वाली गतिविधियों के लिए आवश्यक पूंजी जुटा सकेंगे। समय से ऋण की किस्त चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ देकर ऋण की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार *थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा व जिन्दा कारतूस बरामद । पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो कि आज दिनांक 24.09.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस को गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोहल्ला गंगानगर में अपने अर्ध निर्मित प्लॉट में तमंचा लिए है । सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ करते हुए तलाशी ली गई तो उसके पास से एक अवैध तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए । पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गई । *बरामदगी-* ▪️01 अवैध तमंचा 315 बोर ▪️02 अवैध जिन्दा कारतूस 315 वोर *गिरफ्तार अभियुक्त-* 1. राजाराम पुत्र बिंदा निवासी बाबा तालाब थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा । *पंजीकृत अभियोग-* ▪️मु0अ0सं0- 487/26 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा । *गिरफ्तार करने वाली टीम-* 1. श्री आकाश शुक्ला चौकी प्रभारी मण्डी समिति 2. कां0 सौरभ यादव 3. कां0 प्रशांत कुमार
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    थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
*थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार 
अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा व जिन्दा कारतूस बरामद ।
पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अवैध तमंचे के साथ भ्रमण कर रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो कि आज दिनांक 24.09.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस को गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोहल्ला गंगानगर में अपने अर्ध निर्मित प्लॉट में तमंचा लिए है । सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ करते हुए तलाशी ली गई तो उसके पास से एक अवैध तमंचा व  दो जिंदा कारतूस बरामद हुए । पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गई । 
*बरामदगी-*
▪️01 अवैध तमंचा 315 बोर
▪️02 अवैध जिन्दा कारतूस 315 वोर
*गिरफ्तार अभियुक्त-*
1. राजाराम पुत्र बिंदा निवासी बाबा तालाब थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा ।
*पंजीकृत अभियोग-*
▪️मु0अ0सं0- 487/26 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा ।
*गिरफ्तार करने वाली टीम-*
1. श्री आकाश शुक्ला चौकी प्रभारी मण्डी समिति 
2. कां0 सौरभ यादव 
3. कां0 प्रशांत कुमार
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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