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कटनी में गरजे धीरेंद्र शास्त्री, बोले— विवाद नहीं, संवाद से निकले समाधान...
Shivcharan Yadav
कटनी में गरजे धीरेंद्र शास्त्री, बोले— विवाद नहीं, संवाद से निकले समाधान...
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- कटनी में गरजे धीरेंद्र शास्त्री, बोले— विवाद नहीं, संवाद से निकले समाधान...1
- बगरोड से शोभा मूर्ता मार्ग समस्याओं का करना पड़ रहा सामना1
- *अवैध रूप से रेत परिवहन करते 2 ट्रेक्टर जब्त* *विजयराघवगढ़ पुलिस की कार्रवाई* श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री कमल मौर्य व श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेन्द्र धार्वे महोदय के मार्गदर्शन पर निरीक्षक अभिषेक चौबे थाना प्रभारी विजयराघवगढ़ की पुलिस टीम के द्वारा अवैध रूप से रेत कारोबारियों के रेत से भरे 2 ट्रेक्टर जब्त कर बीएनएसएस एवं खनन अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। विवरण – दिनांक 02 एवं 03 अगस्त की दरम्यानी रात पुलिस के गश्ती दल को दौराने गश्त ग्राम खेरवा रोड पर एक लाल कलर का महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन नंबर MP 21 ZB 8732 मिला जो रेतभरे हुए था जिससे रेत के संबंध में कागजात चाहे गए जो प्रस्तुत नहीं कर सका अतः ट्रैक्टर के चालक नीरज यादव पिता राम सुजान यादव निवासी ग्राम खजुरा थाना विजयराघवगढ़ के कब्जे से उपरोक्त ट्रैक्टर को मौके पर जप्त किया गया। इसी तरह ग्राम खिरवा रोड पर सिल्वर कलर का एस्सार कंपनी का ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन नंबर MP21 AA 7773 अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाया गया अतः चालक सुखलाल कोल पिता भोला प्रसाद कोल निवासी ग्राम भीमपार तथा थाना विजयराघवगढ़ के कब्जे से उपरोक्त ट्रैक्टर जप्त किया गया। जप्तशुदा दोनों ट्रैक्टर को धारा 106 बीएनएस एवं 4/21 खान एवं खनिज अधिनियम के तहत जप्त किया गया है। भूमिका – इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, सउनि विक्रम सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह एवं आरक्षक पप्पू प्रजापति की मुख्य भूमिका रही।2
- झिंझरी चौकी प्रभारी को बड़ी राहत एसपी कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता ने वापस ली शिकायत, बोले— गुस्से और भावावेश में उठाया था कदम कटनी में झिंझरी पुलिस चौकी प्रभारी के खिलाफ दर्ज शिकायत सोमवार को उस समय पूरी तरह पलट गई, जब शिकायतकर्ता स्वयं अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे और लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस लेने की घोषणा कर दी। शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को दिए आवेदन में स्पष्ट कहा कि घटना के समय पुलिस द्वारा उनके बेटे को साथ ले जाने से वे बेहद आक्रोशित और मानसिक तनाव में थे। उसी भावावेश और गुस्से में उन्होंने चौकी प्रभारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा दी थी। अब पूरे घटनाक्रम पर शांतिपूर्वक विचार करने के बाद उन्होंने अपनी इच्छा से शिकायत वापस लेने का निर्णय लिया है। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव, प्रलोभन या पुलिस की ओर से कोई जबरदस्ती नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह उनकी स्वेच्छा और स्वतंत्र इच्छा से लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद झिंझरी चौकी प्रभारी को बड़ी राहत मिली है। मामले ने यह भी संदेश दिया है कि किसी भी शिकायत को दर्ज कराने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी और गंभीरता से विचार करना आवश्यक है। यदि किसी मामले में तथ्यों की स्थिति जांच के दौरान बदलती है, तो उसका उल्लेख संबंधित जांच प्रक्रिया में किया जाता है। मुख्य बातें शिकायतकर्ता ने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। कहा— गुस्से और तनाव में दर्ज कराई थी शिकायत। शिकायत वापस लेने में किसी दबाव या जबरदस्ती से किया इनकार। मामले में झिंझरी चौकी प्रभारी को मिली बड़ी राहत।1
- झिंझरी चौकी प्रभारी के खिलाफ शिकायत वापस, शिकायतकर्ता बोले- गुस्से में उठाए कदम पर अब स्वेच्छा से वापस ली शिकायत *झिंझरी चौकी प्रभारी के खिलाफ शिकायत वापस, शिकायतकर्ता बोले- गुस्से में उठाए कदम पर अब स्वेच्छा से वापस ली शिकायत* कटनी। झिंझरी पुलिस चौकी प्रभारी के विरुद्ध दर्ज कराई गई शिकायत को शिकायतकर्ता ने सोमवार को औपचारिक रूप से वापस ले लिया। शिकायतकर्ता अपने परिवार के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचा और जांच अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर शिकायत वापस लेने का फैसला सुनाया। मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए शिकायतकर्ता ने स्वीकार किया कि पुलिस द्वारा उनकी बेटी को साथ ले जाने के कारण वे अत्यधिक आक्रोश और भावावेश में आ गए थे। उसी गुस्से और तनाव की स्थिति में उन्होंने चौकी प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी थी। एसपी कार्यालय में शिकायतकर्ता ने किसी भी तरह की पुलिसिया दबाव या जबरदस्ती की खबरों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है और वे पूरी तरह अपनी स्वेच्छा से चौकी प्रभारी पर लगाए गए सभी आरोप वापस ले रहे हैं।1
- *झिंझरी चौकी प्रभारी के खिलाफ शिकायत वापस, शिकायतकर्ता बोले- गुस्से में उठाए कदम पर अब स्वेच्छा से वापस ली शिकायत* *झिंझरी चौकी प्रभारी के खिलाफ शिकायत वापस, शिकायतकर्ता बोले- गुस्से में उठाए कदम पर अब स्वेच्छा से वापस ली शिकायत* कटनी – झिंझरी पुलिस चौकी प्रभारी के विरुद्ध दर्ज कराई गई शिकायत को शिकायतकर्ता ने सोमवार को औपचारिक रूप से वापस ले लिया। शिकायतकर्ता अपने परिवार के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचा और जांच अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर शिकायत वापस लेने का फैसला सुनाया। मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए शिकायतकर्ता ने स्वीकार किया कि पुलिस द्वारा उनके बेटे को साथ ले जाने के कारण वे अत्यधिक आक्रोश और भावावेश में आ गए थे। उसी गुस्से और तनाव की स्थिति में उन्होंने चौकी प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी थी। एसपी कार्यालय में शिकायतकर्ता ने किसी भी तरह की पुलिसिया दबाव या जबरदस्ती की खबरों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है और वे पूरी तरह अपनी स्वेच्छा से चौकी प्रभारी पर लगाए गए सभी आरोप वापस ले रहे हैं।1
- खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण, पेयजल संकट पर एक घंटे तक चक्काजाम बिजली बिल बकाया होने से बंद थी नल-जल योजना, आश्वासन के बाद बहाल हुई पेयजल आपूर्ति बाकल। मध्यप्रदेश के कटनी जिले की बहोरीबंद जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हरिया के रिछारिया मोहल्ला में पेयजल संकट को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। नल-जल योजना से कई दिनों से पानी की आपूर्ति बंद होने से नाराज महिलाओं और ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर बाकल-इमलिया मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। यात्री बसें, दोपहिया वाहन और अन्य वाहन जाम में फंस गए, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना का विद्युत बिल बकाया होने के कारण बिजली विभाग ने योजना का कनेक्शन काट दिया था। इसके चलते कई दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप थी। मजबूरी में लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन उससे निकल रहा पानी दूषित होने की शिकायत है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे पानी के उपयोग से जलजनित बीमारियों और संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। चक्काजाम की सूचना मिलते ही बाकल थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस एवं प्रशासन ने संबंधित विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नल-जल योजना का विद्युत कनेक्शन पुनः जोड़कर पेयजल आपूर्ति बहाल कराई गई। अधिकारियों द्वारा समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर सड़क से जाम हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में पेयजल व्यवस्था फिर बाधित हुई तो वे और उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे। उनका कहना है कि मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस प्रकार की लापरवाही आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है। मामले में जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) का पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।3
- *🔥BIG BREAKING 🚨* CM चंद्रबाबू नायडू ने *"Modi for 2029"* का स्लोगन दिया 🔥 *"मैं पूरे देश से अपील कर रहा हूं* PM नरेंद्र मोदी के बिना, हम 2047 की कल्पना भी नहीं कर सकते " *"आपको सिर्फ़ एक ही बात सोचनी है* देश को उनकी लीडरशिप का आशीर्वाद मिला है" *"वे दुनिया के सबसे बड़े लीडर हैं* अगर हम किसी भी देश में जाते हैं, तो हर कोई उनकी इज़्ज़त करता है" *"यही वह गर्व है जो उन्होंने देश के लिए लाया है। उन्हें वंदन"*1