राजपुर में कानबई माता का विसर्जन, नम आंखों से दी विदाई राजपुर में श्रद्धा, आस्था और भक्ति से सराबोर चार दिवसीय कानबई माता उत्सव का सोमवार को भावुक समापन हुआ। शुक्रवार को विधि-विधान के साथ कानबई माता को घर लाया गया था। इसके बाद चार दिनों तक क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों और उत्सव का माहौल बना रहा। इस दौरान रात्रि में भजन संध्या सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ कानबई माता की आराधना की और माता के आगमन की खुशी में जश्न मनाया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे राजपुर के गणगौर घाट पर विधि-विधान के साथ कानबई माता का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सेंधवा, महाराष्ट्र सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु राजपुर पहुंचे और इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। भरत जगदाले ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को कानबई माता को श्रद्धा के साथ घर लाया गया था। चार दिनों तक माता की पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। सोमवार को गणगौर घाट पर माता का विसर्जन किया गया। माता को विदाई देते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और माहौल भावुक हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी के जीवन में शांति की कामना की। आस्था और भक्ति के बीच कानबई माता को नम आंखों से विदाई दी गई। जय कानबई माता। 🙏
राजपुर में कानबई माता का विसर्जन, नम आंखों से दी विदाई राजपुर में श्रद्धा, आस्था और भक्ति से सराबोर चार दिवसीय कानबई माता उत्सव का सोमवार को भावुक समापन हुआ। शुक्रवार को विधि-विधान के साथ कानबई माता को घर लाया गया था। इसके बाद चार दिनों तक क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों और उत्सव का माहौल बना रहा। इस दौरान रात्रि में भजन संध्या सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ कानबई माता की आराधना की और माता के आगमन की खुशी में जश्न मनाया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे राजपुर के गणगौर घाट पर विधि-विधान के साथ कानबई माता का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सेंधवा, महाराष्ट्र सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु राजपुर पहुंचे और इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। भरत जगदाले ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को कानबई माता को श्रद्धा के साथ घर लाया गया था। चार दिनों तक माता की पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। सोमवार को गणगौर घाट पर माता का विसर्जन किया गया। माता को विदाई देते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और माहौल भावुक हो उठा। श्रद्धालुओं ने माता से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी के जीवन में शांति की कामना की। आस्था और भक्ति के बीच कानबई माता को नम आंखों से विदाई दी गई। जय कानबई माता। 🙏
- सेंधवा में धूमधाम से मनाया कानबाई माता का उत्सव, तीन दिवसीय आयोजन का हुआ समापन मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने घर लाकर की माता की आराधना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय रहा माहौल सेंधवा। शहर में कानबाई माता का तीन दिवसीय धार्मिक एवं पारंपरिक आयोजन बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। तीन दिनों तक श्रद्धालुओं के घरों में कानबाई माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। मान्यता है कि श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर कानबाई माता को अपने घर लाकर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन करते हैं। मन्नत पूरी होने की खुशी में परिवार और समाजजन मिलकर माता की आराधना करते हैं तथा आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं और बच्चों सहित परिवार के सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। माता के भजनों और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। सोमवार को तीन दिवसीय आयोजन का विधि-विधान के साथ समापन हुआ। विसर्जन के दौरान भक्तों की आंखें नम हो गईं। श्रद्धालुओं ने भावुक मन से कानबाई माता को विदाई दी और अगले वर्ष पुनः माता के आगमन की कामना की। कानबाई माता के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास इस पूरे आयोजन में देखने को मिला। भक्तों ने माता से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। जय कानबाई माता। 🙏1
- कचरा वाहन चालक पर सुरक्षा गार्ड ने तानी बंदूक, अंजड़ में मचा हड़कंप2
- धामनोद श्रावण के तीसरे सोमवार धामनोद में गूंजा हर-हर महादेव, नगर हुवा भगवामय 'भव्य डोले में उमड़ा आस्था का सैलाब लोकेशन-धामनोद संवाददाता-जगन्नाथ यादव श्रावण के पावन महीने के तीसरे सोमवार को धामनोद नगरी भगवान भोलेनाथ की भक्ति में पूरी तरह रंगी नजर आई। श्री नर्मदेस्वर डोला समिति के तत्वावधान में बाबा नर्मदेश्वर महादेव का भव्य डोला श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाला गया। बावड़ी मोहल्ला स्थित बाबा नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बाबा भोलेनाथ अपने शाही लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकले। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। भव्य डोला नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ महेश्वर चौराहा स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर पहुंचा, जहां दर्शन-पूजन के बाद पुनः बावड़ी मोहल्ले की ओर रवाना हुआ। डोले में शिव अघोरी हिसार हरियाणा, राजस्थानी लोकनृत्य, राधा-कृष्ण, उज्जैन भस्मरमैया ग्रुप, कांतारा स्वरूप झांकी, बाहुबली हनुमान, बाहुबली शिवजी, सेंधवा के तासे, आरके बैंड इंदौर सहित अनेक आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भजन गायक अंकित गुरु इंदौर, पूनम त्रिपाठी जबलपुर और महाकाल म्यूजिकल ग्रुप धामनोद की शानदार भजन प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए बाबा भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए। डोला मार्ग पर धामनोद के व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भोजन एवं समापन हुआ। पूरा नगर शिवभक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोपेय पदार्थों की सेवा व्यवस्था की। महेश्वर चौराहे पर विशेष म्यूजिकल लाइट आकर्षण का केंद्र रही, जहां युवा जमकर थिरके। अंत में बाबा भुट्टेश्वर महादेव का भव्य डोला पुनः बावड़ी मोहल्ले पहुंचा, जहां विधिवतसमापन रहा।1
- ख़बर का असर अशासकीय विद्यालय सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल उमरबन में अनियमितता के चलते जांच आदेश जारी।1
- बाबा भिलट की नगरी शिखरधाम में 3 दिवसीय मेला हुआ शुरू,अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, बड़वानी। जिले के नागलवाड़ी में स्थित बाबा भिलट देव की नगरी में 3 दिवसीय मेले की शुरुआत हो गई है जिसकी आवश्यक तैयारियों को लेकर अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- विभाजन विभाषिका दिवस पर विचार..... अमृतपाल सिंघ चावला........1
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