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जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जशपुर में 10 वी एवं 12 वी क्लास में अच्छे अंक प्राप्त किए बच्चो को बधाई एवं प्रोत्साहन बड़ाए....
हमर जशपुर
जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जशपुर में 10 वी एवं 12 वी क्लास में अच्छे अंक प्राप्त किए बच्चो को बधाई एवं प्रोत्साहन बड़ाए....
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- Post by हमर जशपुर1
- दिनांक 30/4/2026 दो पहर के 3 बजे बारिस होते समय बीजली के प्रहार् से ग्राम पंचायत् लोखंडी के करम कोना के एक पोवाल् माचे मे आग लगी किसी भी प्रकार का जीव जंतु को कोई हनी नही पहुची। गाव के सभी लोग आग बुझाने पहुचे लेकीन बहुत देर होने के कारण बुझाने मे असमर्थत रे ।1
- गुमला:जिले में कृषि को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं उनसे जुड़े नहर तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। लगभग 7 घंटे तक कड़ी धूप में किए गए इस क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग, उनकी मरम्मति एवं किसानों तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण की शुरुआत कतरी जलाशय से की गई, जहां उपायुक्त ने नहरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि जल का प्रवाह खेतों तक सुचारु रूप से पहुंचे, ताकि रबी सहित सभी फसली चक्र में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। उन्होंने सोलर लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप एवं किसान समृद्धि योजना के तहत इच्छुक किसानों को सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, रबी सीजन से पूर्व इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने एवं किसानों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करने की बात कही, ताकि कोई भी खेत खाली न रहे। *नहरों की मरम्मति, सोलर सिंचाई और मत्स्य विकास को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश* उपायुक्त ने केनाल के किनारे स्थित किसानों को सोलर आधारित पाइप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की मरम्मति हेतु डीपीआर तैयार करने तथा जलाशय रखरखाव में लगे कर्मियों के पारिश्रमिक सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। मत्स्य विकास को बढ़ावा देते हुए उन्होंने मत्स्यपालक समूहों/सोसाइटी के गठन, केज निर्माण एवं स्थानीय नागरिकों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। जलाशय का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलाशय के किनारे कोई भी भूमि अनुपयोगी न रहे। उन्होंने किसानों को प्रेरित कर अधिकतम कृषि गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही, इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, बोटिंग सुविधा प्रारंभ करने एवं आवश्यक डीपीआर तैयार करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया। *79 किमी नहर नेटवर्क के जीर्णोद्धार एवं मसरिया जलाशय के विकास पर भी विशेष फोकस* निरीक्षण के क्रम में घाघरा प्रखंड अंतर्गत डोडांग एवं शिवराजपुर पंचायत में क्षतिग्रस्त नहरों एवं डैम संरचनाओं का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने लीकेज की तत्काल मरम्मति, नहरों की साफ-सफाई (डिसिल्टिंग) एवं प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्निर्माण हेतु एक सप्ताह के भीतर पृथक-पृथक डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतरी जलाशय से शिवराजपुर डैम तक लगभग 79 किलोमीटर लंबे मुख्य नहर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नेटवर्क के समग्र जीर्णोद्धार हेतु योजनाबद्ध कार्य किया जाए, ताकि जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। इसके उपरांत मसरिया जलाशय का भी निरीक्षण किया गया, जहां आसपास के गांवों को जलाशय प्रणाली से जोड़ते हुए कृषि विस्तार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि _"जिले में उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण, मरम्मति एवं वैज्ञानिक प्रबंधन ही कृषि विकास की कुंजी है। किसानों को संसाधन उपलब्ध कराना एवं उन्हें प्रेरित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"_ उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा क्लस्टर आधारित सूची तैयार कर नियमित संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। इस दौरान अपर समाहर्ता, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, माइनर इरिगेशन विभाग के सहायक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी घाघरा, सहायक जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।1
- चैनपुर प्रखंड स्थित केड़ेंग गांव में बुधवार को जमीन सीमांकन करने पहुंचे प्रशासनिक टीम पर हमला हो गया जिसपर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं बता दें कि शिव प्रसाद नामक व्यक्ति द्वारा ज़मीन नापी के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया गया था । जिसपर ऑनलाइन आवेदन के बाद अंचल कार्यालय चैनपुर से एक टीम विवादित भूमि कि नापी के लिए पहुंची थी पर जैसे ही राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिन्हा, नरेंद्र सेठ,और अंचल अमीन उमाशंकर उरांव जैसे ही जमीन नापी शुरू किए वैसे ही आक्रोशित ग्रामीणों ने टीम पर हमला बोल दिया।1
- सिमडेगा:- जिला स्थापना के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर आयोजित 7वीं सब-जूनियर सिमडेगा जिला महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 का गुरुवार को न्यू अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में भव्य उद्घाटन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ उपायुक्त कंचन सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा एवं अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र जी ने ट्रॉफी का अनावरण कर तथा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया।इस अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत से वे अपने परिवार, जिले और राज्य का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अब जिले में दो एस्ट्रोटर्फ मैदान उपलब्ध होने से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।प्रतियोगिता 30 अप्रैल से 3 मई 2026 तक न्यू अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम और पूर्व निर्मित एस्ट्रोटर्फ मैदान में खेली जा रही है। पहली बार जिले में एक साथ दोनों एस्ट्रोटर्फ पर मैच आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतियोगिता में कुल 16 टीमों की 288 अंडर-16 महिला खिलाड़ी भाग ले रही हैं और कुल 32 मैच खेले जाएंगे। सभी टीमों को जिला प्रशासन द्वारा जर्सी उपलब्ध कराई गई है, वहीं प्रत्येक मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का मोमेंटो देकर सम्मानित किया जा रहा है। *पहले दिन कुल पांच मुकाबले खेले गए। पहले मैच में सीनी सिमडेगा ने केवीएस सिमडेगा को 3-0 से हराया, जिसमें सुचिता मुंडू प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। दूसरे मैच में टेसेर और बरवाडीह के बीच 1-1 से ड्रॉ रहा, जिसमें ब्यूटी प्रीति कुल्लू को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। तीसरे मैच में बांसजोर ने ग्रीन गार्डेन खूंटी टोली को 8-0 से पराजित किया, जिसमें प्रतिमा कुमारी ने शानदार प्रदर्शन किया। चौथे मुकाबले में लंबोई ने पीएम श्री विद्यालय बासेन को 13-0 से हराया, जिसमें ओमलीना मुंडू प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। वहीं पांचवां मैच करंगागुड़ी और रेंगारी के बीच गोलरहित ड्रॉ रहा, जिसमें प्रीति मांझी को बेस्ट प्लेयर चुना गया।प्रतियोगिता में जिले के सभी नौ प्रखंडों की टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें बानो, कोलेबिरा, जलडेगा, बांसजोर, ठेठईटांगर, बोलबा, केरसई, पाकरटांड़ और सिमडेगा प्रखंड की टीमें शामिल हैं।कार्यक्रम में जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोणबेगी, कमलेश्वर मांझी समेत खेल विभाग के कोच, कर्मचारी, अंपायर एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे और प्रतियोगिता के सफल संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।*1
- गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत केड़ेंग गांव में जमीन का सीमांकन करने पहुंचे चैनपुर अंचल के कर्मचारियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिंह को ग्रामीणों ने चप्पल से पीटा। माहौल गर्म होता देख राजस्व कर्मचारी वहां से भाग निकले, लेकिन बाद में भी कुछ लोगों ने दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई की है। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया। कर्मचारियों ने पूरे मामले के लिए शिकायत चैनपुर थाना में की है। बताया जाता है कि केड़ेंग निवासी शिव प्रसाद के जमीन का सीमांकन के लिए राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिंह, प्रभारी अंचल निरीक्षक नरेंद्र सेठ और अंचल अमीन उमाशंकर उरांव मौके पर गए थे। पूरी प्रक्रिया से पूर्व सभी अधिकारी एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने राजस्व कर्मचारी सुजीत सिन्हा पर हमला कर दिया। अन्य कर्मचारियों को भी चप्पल से पीटने की सूचना है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- रामप्रवेश गुप्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच महुआडांड़ क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं लोगों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण अधिनियम का समर्थन नहीं किया, जिससे आम जनता, विशेषकर महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी दलों को मिलकर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना चाहिए। इस दौरान कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, अमित जाजवाल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल दिलीप जायसवाल सुनील जायसवाल दिलीप प्रसाद संजय राय विश्वनाथ राम रोहित सिंह विनोद कुमार सिंह राजेंद्र सोनी कृष्णा लोहारा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह अधिनियम ऐतिहासिक कदम है और इसका विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार से मांग की कि इस कानून को जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।3
- सिमडेगा:- जिला स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर नगर भवन, सिमडेगा में पर्पल फेयर सिमडेगा 2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें समावेशी समाज की अवधारणा को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से तथा समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी), रांची, जिला प्रशासन सिमडेगा एवं झारखंड शिक्षा परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य नि:शक्तता आयुक्त झारखंड सरकार अभयनंदन अंबष्ट, सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, उपायुक्त कंचन सिंह एवं सीआरसी रांची के निदेशक सूर्यमणि प्रसाद द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, उनके परिजन, छात्र-छात्राएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। लगभग 400 से अधिक लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। *दिव्यांगजन सशक्तिकरण पर वक्ताओं का जोर* राज्य नि:शक्तता आयुक्त अभयनंदन अंबष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2016 में लागू ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act)’ के बाद देश में दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को लेकर संवेदनशील है और पर्पल फेयर जैसे आयोजन उन्हें मंच, पहचान और अवसर प्रदान करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रमंडल स्तर पर ऐसे आयोजन कर दिव्यांगता के अनुपात का आकलन कर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। *सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा* ने कहा कि दिव्यांगजन किसी भी मायने में कमजोर नहीं हैं, बल्कि उनके भीतर अपार आत्मबल और प्रतिभा होती है। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित पेंशन, शिक्षा, रोजगार एवं आरक्षण जैसी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। *कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी* ने दिव्यांगजनों के प्रति समाज और सरकार की जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि इतने बड़े स्तर पर सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उचित अवसर मिलने पर दिव्यांगजन समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं और हर क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। *उपायुक्त कंचन सिंह* ने कहा कि पर्पल फेयर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समावेशी समाज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के लिए निरंतर योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हाल ही में एलिम्को के सहयोग से आयोजित शिविर में 172 से अधिक लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए, जबकि लगभग 4 हजार दिव्यांगजन पेंशन योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस कार्यक्रम में लगभग 120 लाभार्थियों को मोटराइज्ड व्हीलचेयर सहित विभिन्न उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। *प्रतिभा का प्रदर्शन और आकर्षक प्रस्तुतियां* कार्यक्रम के दौरान 37 दिव्यांग कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। नृत्य, संगीत, कविता पाठ और चित्रकला जैसी गतिविधियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने काफी सराहा। रोजगार, शिक्षा, प्रशिक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा 6 स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी गई। *सहायक उपकरणों का वितरण* कार्यक्रम के दौरान 52 दिव्यांगजन एवं वृद्ध लाभार्थियों के बीच 222 सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इनमें 17 व्हीलचेयर, 1 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 34 कमोड युक्त व्हीलचेयर, 34 कमर बेल्ट, 68 घुटने के सपोर्ट, 34 चलने की छड़ी एवं 34 सिलिकॉन फोम सीट शामिल हैं। इसके अलावा एडिप एवं वयोश्री योजना के अंतर्गत कई लाभार्थियों का आकलन भी किया गया। *सुलभता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान* सीआरसी रांची के निदेशक सूर्यमणि प्रसाद ने बताया कि कार्यक्रम स्थल को दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूर्णतः सुलभ बनाया गया था। रैंप, बाधा-मुक्त शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज की महत्वपूर्ण शक्ति हैं, जिनमें प्रतिभा और चुनौतियां दोनों मौजूद हैं, लेकिन उन्हें मंच की कमी रहती है। पर्पल फेयर इसी दिशा में एक सार्थक पहल है, जो उन्हें अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देता है। उन्होंने झारखंड में दिव्यांगता के प्रतिशत का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित हैं और ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। *समावेशी समाज की दिशा में मजबूत कदम* पर्पल फेयर 2026 ने यह साबित किया कि सही मंच और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। यह आयोजन न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक बना, बल्कि समाज को भी समावेशिता और संवेदनशीलता का संदेश देने में सफल रहा।कार्यक्रम का समापन सीआरसी रांची के सहायक प्राध्यापक (श्रवण एवं वाक्) मुकेश कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे दिव्यांगजनों को और अधिक अवसर मिल सकें।1