सवाई माधोपुर में आज संत स्वामी देवानंद जी महाराज को उनके अनुयायियों ने अंतिम विदाई दी। 5 जून को कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के चंद्रसल मठ में 35 वर्षीय संत स्वामी देवानंद जी महाराज की अज्ञात लोगों द्वारा चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसको लेकर उनके अनुयायियों और हिंदू सनातनी धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उनके पार्थिव शरीर को सवाई माधोपुर के चाणक्य दह आश्रम पर लाया गया, जहां सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंचे और सनातनी रीति-रिवाजों के तहत उन्हें समाधि देकर अंतिम विदाई दी गई। उनकी समाधि चाणक्य दह आश्रम पर ही बनाई जाएगी। इस निर्मम हत्या के बाद, कोटा में सनातनी धार्मिक संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के तहत उन्हें सजा दिलाने की मांग उठाई थी। इसके अतिरिक्त, महाराज के पैतृक गांव रजवाना थाना क्षेत्र चौथ का बरवाड़ा के किसी स्कूल या कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने की भी मांग की गई थी, जिस पर कोटा प्रशासन से सहमति बन गई है। ज्ञातव्य है कि स्वामी देवानंद जी महाराज करीब पांच वर्ष पहले सवाई माधोपुर के इस आश्रम में साधना करते थे और यहीं रहते थे। बाद में कुछ वर्षों से वह कोटा के 11 साल से भी ज़्यादा पुराने चंद्रसल मठ में भी रहने लगे, लेकिन उनका सवाई माधोपुर आना-जाना भी बना रहता था। इस जघन्य हत्या को लेकर उनके अनुयायियों और हिंदू सनातनी धार्मिक संगठनों में गहरा आक्रोश अब भी बरकरार है।
सवाई माधोपुर में आज संत स्वामी देवानंद जी महाराज को उनके अनुयायियों ने अंतिम विदाई दी। 5 जून को कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के चंद्रसल मठ में 35 वर्षीय संत स्वामी देवानंद जी महाराज की अज्ञात लोगों द्वारा चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसको लेकर उनके अनुयायियों और हिंदू सनातनी धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उनके पार्थिव शरीर को सवाई माधोपुर के चाणक्य दह आश्रम पर लाया गया, जहां सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंचे और सनातनी रीति-रिवाजों के तहत उन्हें समाधि देकर अंतिम विदाई दी गई। उनकी समाधि चाणक्य दह आश्रम पर ही बनाई जाएगी। इस निर्मम हत्या के बाद, कोटा में सनातनी धार्मिक संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के तहत उन्हें सजा दिलाने की मांग उठाई थी। इसके अतिरिक्त, महाराज के पैतृक गांव रजवाना थाना क्षेत्र चौथ का बरवाड़ा के किसी स्कूल या कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने की भी मांग की गई थी, जिस पर कोटा प्रशासन से सहमति बन गई है। ज्ञातव्य है कि स्वामी देवानंद जी महाराज करीब पांच वर्ष पहले सवाई माधोपुर के इस आश्रम में साधना करते थे और यहीं रहते थे। बाद में कुछ वर्षों से वह कोटा के 11 साल से भी ज़्यादा पुराने चंद्रसल मठ में भी रहने लगे, लेकिन उनका सवाई माधोपुर आना-जाना भी बना रहता था। इस जघन्य हत्या को लेकर उनके अनुयायियों और हिंदू सनातनी धार्मिक संगठनों में गहरा आक्रोश अब भी बरकरार है।
- चौथ का बरवाड़ा थाना पुलिस ने अवैध बजरी खनन पर कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। थानाधिकारी महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि अवैध बजरी खनन पर पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है, और इसी के तहत तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए हैं।1
- सवाई माधोपुर जिले में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, मानटाउन पुलिस ने बनास नदी की बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर मानटाउन थाना पुलिस द्वारा 7 जून 2026 को गणेश नगर क्षेत्र में गश्त के दौरान यह कार्रवाई की गई। गश्त के दौरान ही पुलिस टीम को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से बनास नदी की बजरी का परिवहन करती हुई मिली थी, जिसे मौके पर जब्त कर थाने लाया गया और एक प्रकरण भी दर्ज किया गया। यह संपूर्ण कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक शहर के सुपरविजन में थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में संचालित की गई। पुलिस ने वाहन के खिलाफ बीएनएस और एमएमडीआर एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध खनन और बजरी परिवहन के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- महंत देवानंद की शव यात्रा आज निकाली जाएगी। उनका अंतिम संस्कार सवाई माधोपुर में संपन्न होगा।1
- राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले में नवलगढ़ विधानसभा से डॉक्टर श्री राजकुमार जी शर्मा साहब पूर्व विधायक रह चुके हैं।1
- राजस्थान के मलारना डूंगर उपखंड के कोथाली गांव में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि यह काम केवल कागजों में चल रहा है, जबकि धरातल पर एक भी श्रमिक मौजूद नहीं है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है। पिछले पखवाड़े में 140 श्रमिकों के नाम दर्ज थे, लेकिन मौके पर किसी ने भी काम नहीं किया और कार्यस्थल पर एक भी श्रमिक नहीं पहुंचा। बताया गया कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति की गई। इस चालू पखवाड़े में भी 1 जून से 70 श्रमिकों की मस्टरोल जारी हुई है, पांच दिन बीत जाने के बावजूद न तो काम शुरू हुआ है और न ही कोई श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 12 महीनों से सिर्फ तीन आदमी फिक्स कर रखे हैं और उनके अलावा किसी अन्य श्रमिक को काम पर नहीं लगाया जाता। ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पंचायत सेक्रेटरी अंकित गुप्ता और पंचायत नरेगा सेक्रेटरी बाबूलाल गुर्जर से शिकायत भी की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायत के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ और दोषी श्रमिकों को हटाकर दूसरों को काम पर नहीं लगाया गया, जिससे मेट और पंचायत सेक्रेटरी के बीच मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। दैनिक भास्कर द्वारा संपर्क किए जाने पर पंचायत सेक्रेटरी अंकित कुमार गुप्ता ने नरेगा से संबंधित किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई और नरेगा सेक्रेटरी बाबूलाल गुर्जर से बात करने को कहा। जब बाबूलाल गुर्जर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका काम केवल मस्टरोल जारी करना है। उन्होंने काम करवाने और श्रमिकों को रोके रखने की सारी जिम्मेदारी मेट पर डाल दी और स्वीकार किया कि वे आज तक कार्यस्थल पर गए ही नहीं हैं। इस तरह, दोनों ही सेक्रेटरी अपनी-अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आए। इसके बाद, पंचायत समिति के जेईएन नरेंद्र मीणा को इस बारे में सूचित किया गया, जिन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही, एसडीएम संदीप कुमार बैहरड़ ने भी मामले की जांच के लिए अधिकारी भेजने की बात कही है।1
- देश में आम आदमी को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है, जहाँ पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब रसोई गैस भी महंगी हो गई है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी की है, जिसकी नई दरें कल आधी रात से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं। यह पिछले तीन महीनों के भीतर दूसरी बार है जब एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे गृहणियों का मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। इस मूल्य वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब ₹913 की जगह ₹942 में मिलेगा। इससे पहले इसी वर्ष 7 मार्च को सिलेंडर के दामों में ₹60 की भारी बढ़ोतरी की गई थी। आँकड़ों के अनुसार, पिछले 14 महीनों में घरेलू गैस की कीमतों में कुल ₹139 का इजाफा हो चुका है, जिसे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा डाका बताया जा रहा है। देश के मुख्य शहरों में भी घरेलू एलपीजी के नए दाम बढ़ गए हैं, जिनमें कोलकाता में ₹968, चेन्नई में ₹957.50, मुंबई में ₹941.50, पटना में ₹1040.00 और जयपुर में ₹945.50 शामिल हैं। घरेलू रसोई गैस के साथ-साथ दिल्ली में अन्य श्रेणियों के सिलेंडर भी ऊंचे स्तर पर हैं, जहाँ कमर्शियल सिलेंडर (19 किलोग्राम) ₹3113.50 और 5 किलोग्राम का छोटा सिलेंडर ₹821.50 में मिल रहा है। दिल्ली की एक गृहणी सुनीता शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले ही सब्जियों और तेल के दाम बढ़े हुए हैं, और अब गैस भी महंगी कर दी गई है, जिससे हर महीने बजट बनाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से आम जनता को राहत देने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों और सूत्रों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक कारण हैं। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर भारत के घरेलू बाजार पर पड़ा है। गैस पाइपलाइन और सप्लाई चेन बाधित होने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है।1
- सवाई माधोपुर में आज संत स्वामी देवानंद जी महाराज को उनके अनुयायियों ने अंतिम विदाई दी। 5 जून को कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के चंद्रसल मठ में 35 वर्षीय संत स्वामी देवानंद जी महाराज की अज्ञात लोगों द्वारा चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसको लेकर उनके अनुयायियों और हिंदू सनातनी धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उनके पार्थिव शरीर को सवाई माधोपुर के चाणक्य दह आश्रम पर लाया गया, जहां सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंचे और सनातनी रीति-रिवाजों के तहत उन्हें समाधि देकर अंतिम विदाई दी गई। उनकी समाधि चाणक्य दह आश्रम पर ही बनाई जाएगी। इस निर्मम हत्या के बाद, कोटा में सनातनी धार्मिक संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के तहत उन्हें सजा दिलाने की मांग उठाई थी। इसके अतिरिक्त, महाराज के पैतृक गांव रजवाना थाना क्षेत्र चौथ का बरवाड़ा के किसी स्कूल या कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने की भी मांग की गई थी, जिस पर कोटा प्रशासन से सहमति बन गई है। ज्ञातव्य है कि स्वामी देवानंद जी महाराज करीब पांच वर्ष पहले सवाई माधोपुर के इस आश्रम में साधना करते थे और यहीं रहते थे। बाद में कुछ वर्षों से वह कोटा के 11 साल से भी ज़्यादा पुराने चंद्रसल मठ में भी रहने लगे, लेकिन उनका सवाई माधोपुर आना-जाना भी बना रहता था। इस जघन्य हत्या को लेकर उनके अनुयायियों और हिंदू सनातनी धार्मिक संगठनों में गहरा आक्रोश अब भी बरकरार है।1
- चौथ का बरवाड़ा थाना पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बनास नदी क्षेत्र से बजरी से भरे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार होने में सफल रहे। यह अभियान थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा और एएसआई बच्चू सिंह के नेतृत्व में चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध खनन और बजरी परिवहन पर अंकुश लगाना है। पुलिस ने जब्त किए गए वाहनों के खिलाफ अवैध खनन और बजरी परिवहन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में पुलिस ने कुल छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर कार्रवाई की है, जिससे बजरी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अवैध खनन और बजरी परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि इन मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।1