रामगंजमंडी क्षेत्र के गोरधनपुरा गांव में मानसून की बेरुखी के बीच अच्छी वर्षा की कामना को लेकर गुरुवार को घास भैरुजी की पारंपरिक सवारी निकाली गई। प्राचीन लोक परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर इंद्रदेव से अच्छी बारिश, समृद्धि और बेहतर फसल की प्रार्थना की। इस शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और जयघोष के बीच सवारी गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जिस पर ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने देवस्थान पर पहुंचकर समय पर वर्षा, अच्छी पैदावार और खुशहाली की कामना की। सवारी के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना की। ग्रामीण प्रहलाद धाकड़ ने बताया कि इस अवसर पर गांव के प्रत्येक घर में भोजन तैयार किया गया और सभी परिवारों ने भगवान को भोग अर्पित कर अच्छी वर्षा के लिए सामूहिक प्रार्थना की। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मिलकर भोजन बनाया और धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई। ग्रामीणों का मानना है कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के आयोजन से क्षेत्र में सुख-समृद्धि आती है और पर्याप्त वर्षा होने से खरीफ फसलों को संजीवनी मिलेगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
रामगंजमंडी क्षेत्र के गोरधनपुरा गांव में मानसून की बेरुखी के बीच अच्छी वर्षा की कामना को लेकर गुरुवार को घास भैरुजी की पारंपरिक सवारी निकाली गई। प्राचीन लोक परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर इंद्रदेव से अच्छी बारिश, समृद्धि और बेहतर फसल की प्रार्थना
की। इस शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और जयघोष के बीच सवारी गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जिस पर ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने देवस्थान पर पहुंचकर समय पर वर्षा, अच्छी पैदावार और खुशहाली की
कामना की। सवारी के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना की। ग्रामीण प्रहलाद धाकड़ ने बताया कि इस अवसर पर गांव के प्रत्येक घर में भोजन तैयार किया गया और सभी परिवारों ने भगवान को भोग अर्पित कर अच्छी वर्षा के लिए सामूहिक प्रार्थना की। महिलाओं, पुरुषों और
बच्चों ने मिलकर भोजन बनाया और धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई। ग्रामीणों का मानना है कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के आयोजन से क्षेत्र में सुख-समृद्धि आती है और पर्याप्त वर्षा होने से खरीफ फसलों को संजीवनी मिलेगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- रामगंजमंडी क्षेत्र के गोरधनपुरा गांव में मानसून की बेरुखी के बीच अच्छी वर्षा की कामना को लेकर गुरुवार को घास भैरुजी की पारंपरिक सवारी निकाली गई। प्राचीन लोक परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर इंद्रदेव से अच्छी बारिश, समृद्धि और बेहतर फसल की प्रार्थना की। इस शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और जयघोष के बीच सवारी गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जिस पर ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने देवस्थान पर पहुंचकर समय पर वर्षा, अच्छी पैदावार और खुशहाली की कामना की। सवारी के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना की। ग्रामीण प्रहलाद धाकड़ ने बताया कि इस अवसर पर गांव के प्रत्येक घर में भोजन तैयार किया गया और सभी परिवारों ने भगवान को भोग अर्पित कर अच्छी वर्षा के लिए सामूहिक प्रार्थना की। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मिलकर भोजन बनाया और धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई। ग्रामीणों का मानना है कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के आयोजन से क्षेत्र में सुख-समृद्धि आती है और पर्याप्त वर्षा होने से खरीफ फसलों को संजीवनी मिलेगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।4
- चेचट क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मुकुंदरा वन क्षेत्र में बनी देश की 4.9 किलोमीटर लंबी आधुनिक टनल से गुरुवार को एक तरफा वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। दरा अंडरपास आरयूबी (RUB) निर्माण कार्य के चलते 23 और 27 जुलाई को दरा नाल से वाहनों को डायवर्ट करके निकाला जा रहा है। यातायात व्यवस्था के तहत मुंबई और मध्य प्रदेश की तरफ से आने वाले वाहनों को सीधे मुकुंदरा टनल के रास्ते कोटा की तरफ निकाला जा रहा है, जिससे वाहन चालकों को बड़ी राहत मिल सके। वहीं कोटा की तरफ से आने वाले वाहनों को अन्य निर्धारित मार्गों से होकर निकाला जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की यह मुकुंदरा टनल वाहनों के गुजरने के लिए 4 दिनों तक चालू रहेगी।2
- संभागीय आयुक्त श्री अनिल कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को शंभूपुरा में निर्माणाधीन कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। कार्यस्थल का निरीक्षण करते हुए संभागीय आयुक्त ने कहा कि निर्माण कार्य के बीच आ रही किसी भी प्रकार की रुकावट को तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए ताकि काम की गति प्रभावित न हो। उन्होंने काम में तेजी लाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि केडीए, जेवीवीएनएल, आरवीपीएल और पीएचईडी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें।1
- झालावाड़ जिले के भवानीमंडी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत आंवलीकला में आयोजित फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने निरीक्षण किया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाकर उनकी समस्याओं का गांव में ही समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह शिविर जनसुनवाई का प्रभावी माध्यम होने के साथ-साथ शासन और आमजन के बीच संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच है, जहाँ पूर्व में प्राप्त लंबित प्रकरणों और नए आवेदनों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन कर विभागवार प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने और सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। शिविर में राजस्व, पंचायतीराज, सामाजिक न्याय, कृषि, जलदाय, विद्युत, चिकित्सा एवं शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने की हिदायत दी गई। इस अवसर पर राजस्व विभाग द्वारा आपसी सहमति से दो पक्षों के मध्य भूमि बंटवारे की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद जिला कलक्टर ने संबंधित खातेदारों को विभाजन पत्र सौंपे। शिविर के दौरान भवानीमंडी की उपखंड अधिकारी श्रद्धा गोमे, तहसीलदार अब्दुल हफीज, विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। जिला कलक्टर ने ग्रामीणों से शिविरों में पहुंचकर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।2
- झालावाड़ के मिनी सचिवालय पहुंचकर जागरूक विद्यार्थियों, नागरिकों और अभिभावकों ने जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर कठोर कानून बनाने, विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को गहरी चिंता में डाला है और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक जैसे अपराधों को रोकने के लिए कठोर कानून बने और मुख्य आरोपियों को आसानी से जमानत न मिलने के प्रावधान किए जाएं। इसके साथ ही दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग और बिना वर्दी या नेम प्लेट के पुलिस कार्रवाई में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ उचित नैतिक एवं संवैधानिक कार्रवाई का अनुरोध किया गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने भविष्य में सचिवालय परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जगह उपलब्ध कराने को लेकर भी अतिरिक्त जिला कलेक्टर से चर्चा की।4
- संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। परिसर के भीतर माहौल तब गर्मा गया जब एक तरफ सत्तापक्ष के लोग चर्चा की मांग वाली तख्तियां लेकर पहुंचे, तो दूसरी तरफ विपक्ष पूरी तरह से इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने से स्थिति में गतिरोध बना हुआ है।1
- कोटा के मोड़क स्थित अमझार गांव में पिछले 5 महीनों से ग्रामीण पीने के पानी के भारी संकट से परेशान हैं। अमझार से ईशवरपुरा सड़क निर्माण के दौरान अमझार नदी पर बन रही उच्च स्तरीय पुलिया के काम के वक्त जेसीबी मशीन ने गांव में जलापूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन तोड़ दी थी। इसके बाद से ही ग्रामीणों के सामने पीने के पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई। ग्रामीणों के विरोध दर्ज कराने पर प्रशासन ने गांव में टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई शुरू कराई थी। हालांकि, एक महीने बाद टैंकर चालक का भुगतान न होने की वजह से टैंकरों से जलापूर्ति भी बंद कर दी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने पीपल्दा में आयोजित शिविर में जलदाय विभाग के सामने अपनी गुहार लगाई, जिस पर अधिकारियों ने गांव में जल्द पानी पहुंचाने का भरोसा दिया था। विभाग द्वारा करीब 20 दिन पहले अमझार गांव में नई पाइपलाइन बिछाने के लिए पाइप भिजवा दिए गए थे, लेकिन 17-18 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। जलदाय विभाग की इस लापरवाही के कारण अमझार के ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं और दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं, लेकिन समस्या का अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं हो सका है।3
- जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शन को बीजेपी के कार्यकर्ता भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।1