कोटा सरस डेयरी बूथ संचालकों ने प्रशासनिक दमन के खिलाफ सांसद ओम बिरला को सौंपा ज्ञापन कोटा सरस डेयरी बूथ विकास समिति की ओर से सरस डेयरी बूथ संचालकों की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा–बूंदी सांसद श्री ओम बिरला को सौंपा गया। ज्ञापन में प्रशासन द्वारा की जा रही कथित दमनकारी नीतियों एवं अनुचित कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग की गई है। समिति ने बताया कि कोटा शहर में संचालित सरस डेयरी बूथ हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन हैं। बूथ संचालक सीमित आय में सरस दूध एवं दुग्ध उत्पादों का विक्रय कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वर्तमान में सरस डेयरी द्वारा दूध पर मात्र 2 रुपये प्रति किलो का लाभ दिया जा रहा है, जबकि किराया, बिजली बिल सहित अन्य खर्च जोड़ने पर प्रति माह 4 से 5 हजार रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ता है। इससे बूथ संचालकों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन होता जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई बूथ संचालक आर्थिक तंगी के कारण कर्ज में डूबते जा रहे हैं। वहीं प्रशासन द्वारा आए दिन अतिक्रमण, अवैध सामग्री विक्रय जैसे आरोप लगाकर कार्रवाई की जाती है, जिससे बूथ संचालकों को मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। चोरी, चकारी एवं आगजनी जैसी घटनाओं का भय भी लगातार बना रहता है। समिति ने सांसद से मांग की कि सरस डेयरी बूथ संचालकों के हित में हस्तक्षेप कर प्रशासनिक उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए, लाभांश में वृद्धि की जाए तथा बूथ संचालकों को भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाए।
कोटा सरस डेयरी बूथ संचालकों ने प्रशासनिक दमन के खिलाफ सांसद ओम बिरला को सौंपा ज्ञापन कोटा सरस डेयरी बूथ विकास समिति की ओर से सरस डेयरी बूथ संचालकों की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा–बूंदी सांसद श्री ओम बिरला को सौंपा गया। ज्ञापन में प्रशासन द्वारा की जा रही कथित दमनकारी नीतियों एवं अनुचित कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग की गई है। समिति ने बताया कि कोटा शहर में संचालित सरस डेयरी बूथ हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन हैं। बूथ संचालक सीमित आय में सरस दूध एवं दुग्ध उत्पादों का विक्रय कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वर्तमान में सरस डेयरी द्वारा दूध पर मात्र 2 रुपये प्रति किलो का लाभ दिया जा रहा है, जबकि किराया, बिजली बिल सहित अन्य खर्च जोड़ने पर प्रति माह 4 से 5 हजार रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ता है। इससे बूथ संचालकों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन होता जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई बूथ संचालक आर्थिक तंगी के कारण कर्ज में डूबते जा रहे हैं। वहीं प्रशासन द्वारा आए दिन अतिक्रमण, अवैध सामग्री विक्रय जैसे आरोप लगाकर कार्रवाई की जाती है, जिससे बूथ संचालकों को मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। चोरी, चकारी एवं आगजनी जैसी घटनाओं का भय भी लगातार बना रहता है। समिति ने सांसद से मांग की कि सरस डेयरी बूथ संचालकों के हित में हस्तक्षेप कर प्रशासनिक उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए, लाभांश में वृद्धि की जाए तथा बूथ संचालकों को भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाए।
- कोटा, राजस्थान बाल संप्रेषण गृह से फरार दो बाल अपचारियों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा, सुपारी लेकर फायरिंग की घटना को देने वाले थे अंजाम कोटा के बाल संप्रेषण गृह से फरार दो बाल अपचारियों को बारां पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार/निरुद्ध किया है। दोनों किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। कोतवाली थाना पुलिस ने शाहबाद रोड स्थित न्यू मोटर मार्केट के पास बंद दुकानों के निकट संदिग्ध अवस्था में घूमते देख दोनों को रोका और तलाशी ली। इस दौरान एक आरोपी के पास से अवैध पिस्टल, देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि पूछताछ में एक आरोपी ने अपना नाम अनंतपुरा थाना क्षेत्र के कंसुआ निवासी वीरेंद्र सिंह रघुवंशी उर्फ बाबू बंडल बताया। उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होने पर उसे गिरफ्तार किया गया, जबकि नाबालिग साथी को निरुद्ध किया गया है। दोनों सुपारी लेकर बारां में किसी पर फायरिंग की योजना बना रहे थे। गौरतलब है कि दोनों 1 फरवरी को राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह से सात अन्य साथियों के साथ फरार हुए थे। दोनों पर लूट, हत्या का प्रयास और पॉक्सो एक्ट सहित करीब 10-10 प्रकरण दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर संप्रेषण गृह भेजा गया।1
- कोटा | शहर के श्रीनाथ पुरम क्षेत्र में आज बच्चों एवं वयस्कों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत हुई। Kota Child Development Centre and Physiotherapy Centre का विधिवत उद्घाटन सम्पन्न हुआ। यह सेंटर विशेष रूप से उन बच्चों के लिए वरदान साबित होगा जो ऑटिज़्म, ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सेंटर में स्पीच डेवलपमेंट में कठिनाई झेल रहे बच्चों के लिए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्पीच थेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं जो बच्चे उम्र के अनुसार बैठने, खड़े होने या चलने जैसी शारीरिक गतिविधियों में पिछड़ जाते हैं, उनके लिए भी विशेष तकनीकों द्वारा उपचार की व्यवस्था की गई है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां बच्चों के साथ-साथ वयस्कों के लिए भी फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। न्यूरोलॉजिकल, मस्कुलोस्केलेटल एवं अन्य शारीरिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों को वैज्ञानिक और आधुनिक उपचार प्रदान किया जाएगा। सेंटर की स्थापना डॉ. निवेदिता यादव एवं लवकुश द्वारा की गई है। डॉ. निवेदिता यादव PT (BPT, MPT - न्यूरोलॉजी) में विशेषज्ञ हैं, जबकि लवकुश एक अनुभवी स्पीच थेरेपिस्ट हैं। केंद्र का उद्घाटन डॉक्टर रोहित कुमार गोरख के करकमलों द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर डॉक्टर रोहित ने कहा कि इस सेंटर का उद्देश्य कोटा और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों एवं वयस्कों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन जी सकें। यह केंद्र निश्चित रूप से कोटा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।1
- Post by Journalist Asif khan KOTA City NEWS1
- मुंबई मेट्रो के निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिरा: 1 की मौत, 3 घायल, घटना दो दिन पहले की...1
- कोटा। सर्व समाज संस्था की ओर से जमीयतुल मंसूरियन धर्मशाला में 11 जोड़ों का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। इस आयोजन में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश से भी जोड़े शामिल हुए। कार्यक्रम में कई जोड़ों का विवाह पूरी तरह निःशुल्क संपन्न कराया गया। संस्था के अध्यक्ष अकरम खान ने बताया कि संस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना है, ताकि किसी पर आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने जानकारी दी कि संस्था द्वारा आगामी 29 मार्च और 12 अप्रैल को भी इसी प्रकार के सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सके।1
- कोटा शहर के कंसुआ इलाके में 8वीं शताब्दी के ऐतिहासिक कर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक पुराने कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई। शुक्र है कि उस वक्त वहां कोई नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। यह जगह उस कुंड के ठीक बगल में है, जहां रोजाना बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं स्नान करने आते हैं और दीवार के पास बैठते हैं। कल ही महाशिवरात्रि पर यहां हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी थी।1
- Post by VKH NEWS1
- Post by Journalist Asif khan KOTA City NEWS1