धौलपुर जिले में खनन कार्य में उपयोग होने वाले सभी प्रकार के वाहनों में 15 जुलाई 2026 तक जीपीएस/वीएलटीडी (GPS/VLTD) डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक डिवाइस न लगवाने वाले वाहनों के विरुद्ध सीज की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में पूर्ण निर्मित सार्वजनिक सेवा वाहनों पर एआईएस-140 मानक के वीएलटीडी डिवाइस लगाना अनिवार्य है, जबकि मालवाहक वाहनों पर यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। उच्चतम न्यायालय के 17 अप्रैल 2026 के एक आदेश के अनुसार, धौलपुर जिले में खनन कार्य में प्रयुक्त होने वाले सभी वाहनों में जीपीएस/वीएलटीडी डिवाइस अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत खनिज परिवहन में उपयोग किए जाने वाले वाहनों पर जीपीएस और आरएफआईडी (RFID) टैग की व्यवस्था भी लागू की गई है। जिला परिवहन अधिकारी ने जिले के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे 15 जुलाई 2026 से पहले अपने खनन कार्य में प्रयुक्त वाहनों में जीपीएस/वीएलटीडी डिवाइस लगवाकर उसे सक्रिय भी करवा लें। उन्होंने चेतावनी दी है कि 15 जुलाई 2026 के बाद बिना जीपीएस/वीएलटीडी डिवाइस संचालित पाए जाने वाले खनन वाहनों के खिलाफ सीज की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित वाहन स्वामी की होगी।
धौलपुर जिले में खनन कार्य में उपयोग होने वाले सभी प्रकार के वाहनों में 15 जुलाई 2026 तक जीपीएस/वीएलटीडी (GPS/VLTD) डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक डिवाइस न लगवाने वाले वाहनों के विरुद्ध सीज की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में पूर्ण निर्मित सार्वजनिक सेवा वाहनों पर एआईएस-140 मानक के वीएलटीडी डिवाइस लगाना अनिवार्य है, जबकि मालवाहक वाहनों पर यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। उच्चतम न्यायालय के 17 अप्रैल 2026 के एक आदेश के अनुसार, धौलपुर जिले में खनन कार्य में प्रयुक्त होने वाले सभी वाहनों में जीपीएस/वीएलटीडी डिवाइस अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत खनिज परिवहन में उपयोग किए जाने वाले वाहनों पर जीपीएस और आरएफआईडी (RFID) टैग की व्यवस्था भी लागू की गई है। जिला परिवहन अधिकारी ने जिले के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे 15 जुलाई 2026 से पहले अपने खनन कार्य में प्रयुक्त वाहनों में जीपीएस/वीएलटीडी डिवाइस लगवाकर उसे सक्रिय भी करवा लें। उन्होंने चेतावनी दी है कि 15 जुलाई 2026 के बाद बिना जीपीएस/वीएलटीडी डिवाइस संचालित पाए जाने वाले खनन वाहनों के खिलाफ सीज की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित वाहन स्वामी की होगी।
- बजरंग दल, धौलपुर प्रखंड ने मंगलवार को गंगा बाई की बगीची में आगामी बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। जिला सह संयोजक नरेश की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करना और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तथा युवाओं को इस यात्रा से जुड़ने के लिए प्रेरित करना था। बैठक में वक्ताओं ने बताया कि बजरंग दल वर्ष 2005 से लगातार बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का संचालन एवं समन्वय कर रहा है। उन्होंने इस यात्रा को केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र बाबा बूढ़ा अमरनाथ धाम के दर्शन करते हैं, जिससे जम्मू-कश्मीर में निवासरत हिंदू समाज को पूरे देश के लोगों का आत्मीय सहयोग और समर्थन मिलता है। यह यात्रा राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश भी समाज तक पहुंचाती है। वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रहित एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी ऐसी यात्राओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, क्योंकि इससे सेवा, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित होती है। बैठक में यात्रा की तैयारियों, पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक व्यवस्थाओं और धौलपुर से अधिकाधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। संगठन पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जोड़ने का आग्रह किया। बैठक के समापन पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा को सफल बनाने और संगठन के सेवा कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर धौलपुर प्रखंड सह संयोजक विजेंद्र माहौर, नवल सिंह, रविंद्र प्रजापति, पंकज बघेला, ऋतिक यादव, हरिकेश बघेला, अमन, रोशन, राजेंद्र, करण, शिवम सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के मामले पर राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को एक बयान जारी करते हुए विधायक बोहरा ने इस घटना को सरकार की “बड़ी नाकामी और टोटल फेलियर” करार दिया और इसकी सीबीआई जांच की मांग की है। विधायक रोहित बोहरा ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया, खासकर यह देखते हुए कि अजमेर की इस जेल में हाई रिस्क कैदियों को रखा जाता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जवाहर सिंह बेढम द्वारा परिवार की मानी गई मांगों को तुरंत लागू किया जाए। बोहरा ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर सवाल उठाए, पूछा कि क्या कोई मंत्री इस्तीफा देने को तैयार है या नहीं, और यह भी कहा कि अब तक किसी जेलर या अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के बावजूद केवल इवेंट मैनेजमेंट और होर्डिंग लगाने में व्यस्त है। विधायक ने यह भी कहा कि सरकार छोटी-छोटी बातों पर चालान काटने पर जोर देती है, लेकिन हत्याओं जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है। इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बोहरा ने कहा कि आम आदमी त्रस्त है और सरकार इस गंभीर त्रासदी पर संज्ञान नहीं ले रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी घटना राजस्थान की जेल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- रूपबास उपखण्ड क्षेत्र के रामनगर गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों बेहद खराब स्थिति का सामना कर रहा है। स्कूल के मुख्य गेट और रास्ते में चारों ओर कीचड़ और गंदा पानी फैला हुआ है, वहीं स्कूल के कई कमरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं और कुछ कमरे पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण स्कूल के बच्चों और स्टाफ दोनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल आना-जाना पड़ता है, जबकि दरार वाले और जर्जर कमरे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन से अपील की है कि वे इस समस्या पर तुरंत ध्यान दें। उनकी मांग है कि स्कूल के रास्ते से कीचड़ और पानी की तत्काल निकासी करवाई जाए और जर्जर कमरों की अविलंब मरम्मत की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।1
- पोरसा नगर में श्री नागाजी सफाई अभियान टीम के सदस्यों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया, जिसमें नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल—श्री नागाजी मंदिर, छोटी जग्गा मंदिर, गिर्राज जी मंदिर और करोली वाली माता मंदिर—शामिल थे। इस अभियान के दौरान मंदिर परिसरों की बारीकी से झाड़ू-पोछा और पानी से धुलाई की गई, जिससे संपूर्ण परिसर स्वच्छ और पवित्र हो गया। टीम का मानना है कि इस तरह की नियमित सफाई से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह टीम लगभग नौ वर्ष पूर्व पोरसा शहर के समाजसेवियों द्वारा गठित की गई थी। तब से लेकर आज तक यह टीम हर महीने दंदरौआ मंदिर, शहर के कई मंदिरों सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाती आ रही है, जो इनकी निरंतर सेवा भावना और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। आज के इस पुनीत कार्य में मुख्य रूप से बबलू दुबे, रामसनेही सिंह तोमर, गंभीर सिंह तोमर, संजय शर्मा, राममोहन कटारे, मुकेश शर्मा, रवि ओझा, अवधेश शर्मा, अनिल शर्मा, नितिन शर्मा, ओमप्रकाश कुशवाहा, अनुज दुबे, गिर्राज सिंह तोमर, धरमेश शर्मा, धर्मेंद्र कुशवाहा और सनी रजक सहित कई समाजसेवियों ने सक्रिय भूमिका निभाकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से इस सफाई अभियान को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है, मन और आत्मा की शुद्धि होती है, तथा स्वच्छ वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। ऐसे कार्य समाज में स्वच्छता और सेवा का संदेश देते हुए दूसरों को भी सामाजिक व धार्मिक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं, साथ ही साफ-सफाई से स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है। श्री नागाजी सफाई अभियान टीम का यह प्रयास यह सिद्ध करता है कि “सेवा ही सच्चा धर्म है।” टीम ने पोरसा के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस तरह के पुण्य कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने धार्मिक स्थलों को स्वच्छ व पवित्र बनाए रखने में सहयोग करें।3
- gaon semara mafi jila Bharatpur tahsil rupvas4
- आज पोरसा नगर में धर्म, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जहाँ श्री नागाजी सफाई अभियान टीम के सदस्यों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान के तहत श्री नागाजी मंदिर, छोटी जग्गा मंदिर, गिर्राज जी मंदिर और करोली वाली माता मंदिर के परिसरों की बारीकी से सफाई की गई, जिसमें झाड़ू-पोछा और पानी से धुलाई कर संपूर्ण स्थल को स्वच्छ और पवित्र बनाया गया। यह नियमित सफाई न केवल वातावरण को शुद्ध करती है, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उल्लेखनीय है कि पोरसा शहर के समाजसेवियों द्वारा लगभग नौ वर्ष पूर्व इस टीम का गठन किया गया था, और तब से लेकर आज तक यह टीम हर महीने दंदरौआ मंदिर, शहर के कई अन्य मंदिरों सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाती आ रही है, जो इनकी सेवा भावना और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। आज के इस पुनीत कार्य में बबलू दुबे, रामसनेही सिंह तोमर, गंभीर सिंह तोमर, संजय शर्मा, राममोहन कटारे, मुकेश शर्मा, रवि ओझा, अवधेश शर्मा, अनिल शर्मा, नितिन शर्मा, ओमप्रकाश कुशवाहा, अनुज दुबे, गिर्राज सिंह तोमर, धरमेश शर्मा, धर्मेंद्र कुशवाहा और सनी रजक सहित कई समाजसेवियों ने भाग लेकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से मंदिर की सफाई से अनेक पुण्य लाभ प्राप्त होते हैं। हिंदू धर्म में मंदिर को भगवान का निवास स्थान माना जाता है, और इसकी सफाई ईश्वर की सीधी सेवा के समान है, जिससे आध्यात्मिक पुण्य मिलता है। निःस्वार्थ सेवा मन और आत्मा को शुद्ध करती है, क्योंकि सफाई करते समय व्यक्ति का ध्यान ईश्वर में लगता है, जिससे मानसिक शांति और संतोष की प्राप्ति होती है। स्वच्छ और सुव्यवस्थित मंदिर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जो श्रद्धालुओं को शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, ऐसे कार्य समाज में स्वच्छता और सेवा का संदेश देकर दूसरों को प्रेरित करते हैं और बीमारियों का खतरा कम करके पूरे समाज को स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं। श्री नागाजी सफाई अभियान टीम का यह निरंतर प्रयास इस बात को सिद्ध करता है कि "सेवा ही सच्चा धर्म है।" इन समाजसेवियों की निस्वार्थ भावना न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करती है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। पोरसा के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस तरह के पुण्य कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने धार्मिक स्थलों को स्वच्छ व पवित्र बनाए रखने में सहयोग करें।1
- यह बात अक्सर कही जाती है कि व्यक्ति की अंत घड़ी पर ही पता चलता है कि कौन उसका सच्चा हमदर्द है। इसी बीच, भरत तिवारी के दोस्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो अपना आक्रोशित रुख स्पष्ट रूप से व्यक्त कर रहे हैं।2
- भरतपुर जिले के रुपबास उप-जिले के घाटोली PHC से इब्राहिमपुर, मिल्समा और मैरथा जैसे गाँवों को जोड़ने वाली सड़क की खराब स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि यह सड़क बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाई गई थी और इसकी गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाया गया है। सड़क की वर्तमान हालत का पूरा विवरण जानने के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई हुई, जो आगरा स्थित ताजमहल परिसर को भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर होने का दावा करने वाले मुकदमे से संबंधित है। यह याचिका इस मुकदमे में सर्वे कमिश्नर नियुक्त करने को लेकर दाखिल की गई थी।1