NEET पेपर लीक मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई शहर में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने गांधी चबूतरे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षाएं कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होना बेहद आवश्यक है। बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से लाखों मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग जाता है, इसलिए सरकार को एक बेहद सख्त व्यवस्था लागू करनी चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई शहर में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने गांधी चबूतरे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर
मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षाएं कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होना बेहद
आवश्यक है। बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से लाखों मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग जाता है, इसलिए सरकार को एक बेहद सख्त व्यवस्था लागू करनी चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा, जिससे कानून व्यवस्था पूरी
तरह सामान्य बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन पकड़े गए शराब तस्करों के पास से करीब तीन दर्जन से अधिक देशी शराब के क्वाटर बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक गाँव में सफाई न होने और गंदगी के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव की नाली टूट चुकी है, जिससे चारों तरफ पानी भर जाता है और लोगों का रास्ता बंद हो जाता है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल यह है कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते और महीने-दो महीने में एकाध बार ही गाँव का रुख करते हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी घोर लापरवाही और अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधान भी गाँव में कुछ नहीं बनवा रहे हैं, जिसके कारण पूरे गाँव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई शहर में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने गांधी चबूतरे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षाएं कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होना बेहद आवश्यक है। बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से लाखों मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग जाता है, इसलिए सरकार को एक बेहद सख्त व्यवस्था लागू करनी चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।4
- जालौन के उरई में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपा है और पत्र लिखकर किसानों के मुद्दों पर हल्ला बोल दिया है। किसान यूनियन ने पीएम नरेंद्र मोदी को भेजे इस पत्र में स्पष्ट कहा है कि वर्तमान में किसान गहरे संकट में हैं और उनके लिए खेती अब पूरी तरह से घाटे का सौदा बन चुकी है। संगठन ने खेती की बढ़ती लागत, एमएसपी (MSP), गन्ना भुगतान और भारत-अमेरिका समझौते को लेकर अपनी गंभीर चिंता जाहिर की है।1
- जालौन जिले के विकासखंड कुठौद अंतर्गत ग्राम बावली में आज अचानक देवी दयाल प्रजापत के मकान के सामने जमीन फट गई है। जमीन करीब 10 फुट चौड़ी, 15 फुट लंबी और 8 से 10 फुट गहरी फटी है, जिसके कारण रास्ते में बना सीसी रोड पूरी तरह से हवा में टंग गया है। इस खतरनाक घटना के बाद से स्थानीय जनता में भारी भय व्याप्त है। पूरे क्षेत्र और गांव से लोग इस जगह को देखने के लिए पहुंच रहे हैं, जिसके चलते वहां का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। ग्रामीणों ने शासन से पुरजोर अनुरोध किया है कि वे इस स्थिति को तुरंत संज्ञान में लेकर आवश्यक व्यवस्था करें, ताकि कोई भी अप्रिय घटना घटित न होने पाए।1
- जालौन के कोंच नगर की पॉश रामकुंड कॉलोनी में जलभराव और सड़कों पर नालियों का गंदा पानी जमा होने की खबर प्रमुखता से सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने कॉलोनी का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान कॉलोनीवासियों ने पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता को बताया कि नालियों की उचित सफाई और जलनिकासी की सुचारू व्यवस्था न होने के कारण बारिश के बाद गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है। बदबू और संक्रामक बीमारियों के खतरे से परेशान स्थानीय लोगों ने वर्षों से चली आ रही इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। इस पर पालिका अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जलभराव वाले स्थानों का तत्काल निरीक्षण कर पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करें और जहां भी नालियां अवरुद्ध हैं, उनकी तत्काल सफाई कराएं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन लगाकर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की बात कही। पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने आश्वासन दिया कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी वार्ड में जलभराव की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों को परेशानी न हो। वहीं, मौके पर मौजूद अधिकारियों ने भी जलनिकासी व्यवस्था को सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू करने की बात कही। दूसरी ओर, कॉलोनी के लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस बार उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि वास्तविक और स्थायी समाधान मिलेगा, जिससे वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या से हमेशा के लिए राहत मिल सके।1
- जालौन के माधौगढ़ थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करने के बजाय समझौता कराने के प्रयास का गंभीर आरोप लगा है। मध्य प्रदेश के भिंड जिला अंतर्गत थाना अमायन के ग्राम पिपरौआ प्राना निवासी रवि खान के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को उनका पुत्र सारोख खान अपनी मोटरसाइकिल (MP30S 6285) से अपनी साली स्नेहा को लेकर शादी समारोह में शामिल होने अपने घर जा रहा था। गोपालपुरा-मिझोना मार्ग पर शाम करीब 4:15 बजे सामने से आ रहे एक लोडर वाहन (UP93CT8819) के चालक ने तेज और लापरवाही से चलाते हुए उनकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे सारोख खान, स्नेहा और सजिया गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आरोपी चालक ने वाहन लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद राहगीरों ने उसे रोक लिया और वाहन को पबंगरा चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चौकी पुलिस मामले में कार्रवाई करने के बजाय लगातार समझौता कराने का प्रयास करती रही। इसके बाद पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) माधौगढ़ से मिलकर घटना की शिकायत की, जिसके बाद आखिरकार मामले में एफआईआर दर्ज की गई।1