मानपुर में सर्व विप्र समाज के तत्वाधान में ऐतिहासिक रूप से मनाया गया भगवान परशुराम जयंती समारोह। *श्री हरि अवतार भगवान परशुराम के अवतरण दिवस पर जय-जय परशुराम के जय घोष से गूंज उठा मानपुर नगर- दिखा आस्था उल्लास और परंपरा का विराट समांगम।* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया) मानपुर नगर ने इस बार भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम के अवतरण महापर्व को जिस भव्यता और भावनात्मक उर्जा के साथ मनाया, उसने पूरे क्षेत्र को भगवामय कर दिया। वसंत ऋतु, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया—वह पावन क्षण, जब परशुराम अवतरित हुए—उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। रविवार को सुबह 11 बजे से मां काली मंदिर, पुरानी बाजार में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। कन्या भोज और ब्राह्मण भोजन के साथ भंडारा देर शाम तक चलता रहा, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ गूंजता रहा, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। शाम 5 बजे मां काली मंदिर और भगवान श्रीराम मंदिर से भगवान परशुराम जी की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। डीजे, शंख, घड़ियाल और पटाखों की गूंज के बीच यह शोभायात्रा जैसे-जैसे नगर की सड़कों पर आगे बढ़ी, हर गली, हर चौक श्रद्धा के रंग में रंगता चला गया। पुरानी बाजार से बस स्टैंड और फिर मध्य नगर का भ्रमण करते हुए यह यात्रा श्री राम-जानकी मंदिर तक पहुंची और पुनः काली मंदिर में समापन हुआ। रथ यात्रा के दौरान जो दृश्य सामने आए, वे केवल उत्सव नहीं बल्कि आस्था की जीवंत तस्वीर थे—गले में रामनामी पट्टी, हाथों में भगवान श्रीराम की तस्वीर और हनुमान ध्वजा, और मुख से गूंजते “जय परशुराम” के उद्घोष… पूरा मानपुर जैसे एक ही भाव में डूबा नजर आया। कार्यक्रम का एक विशेष और भावुक क्षण तब आया, जब मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मानपुर का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को विप्र समाज द्वारा सम्मानित किया गया। भगवान श्रीराम की तस्वीर, श्रीफल, चंदन, आरती, शाल और नगद पुरस्कार के साथ किया गया यह सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश बन गया। इस भव्य आयोजन में क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों और मानपुर नगर से हजारों की संख्या में विप्र समाज के लोग—बच्चे, युवा और बुजुर्ग—शामिल हुए। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालु जब एक साथ थिरकते और जयकारे लगाते नजर आए, तो वह दृश्य किसी आध्यात्मिक उत्सव से कम नहीं था। मां आदि शक्ति काली मंदिर समिति सहित अनेक श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित यह महापर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का भी सशक्त संदेश दे गया। मानपुर ने एक बार फिर साबित किया कि जब आस्था जागती है, तो पूरा नगर एक परिवार बन जाता है—और वही दृश्य इस महापर्व में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। इस अवसर पर तहसीलदार मानपुर पंकज नयन तिवारी, शारदा प्रसाद गौतम,राम किशोर चतुर्वेदी,ओपी द्विवेदी,अमराराम शुक्ला,अंबिका प्यासी,अरुण त्रिपाठी,लखनलाल त्रिपाठी, शिवकुमार मिश्र ,शिवनारायण तिवारी,राम प्रकाश तिवारी, रामप्रकाश गौतम,भगवानदास मिश्रा,अरुण चतुर्वेदी,रामभुवन शुक्ला,विजय गौतम शिक्षक,अशोक त्रिपाठी ,नरेंद्र प्यासी,ओमकार द्विवेदी,कुशलेंद्र तिवारी, विजय गौतम,अनिरुद्ध मिश्रा, दिनाज शुक्ला, अरुण तिवारी ,मनोज गौतम,विकास शुक्ला,बबलू शुक्ला,विनय तिवारी,पुष्पेंद्र द्विवेदी, मनोज त्रिपाठी,सुदीप द्विवेदी,पवन तिवारी,अंकुर तिवारी, शैलेश त्रिपाठी,आदि सैकड़ों की संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे!!
मानपुर में सर्व विप्र समाज के तत्वाधान में ऐतिहासिक रूप से मनाया गया भगवान परशुराम जयंती समारोह। *श्री हरि अवतार भगवान परशुराम के अवतरण दिवस पर जय-जय परशुराम के जय घोष से गूंज उठा मानपुर नगर- दिखा आस्था उल्लास और परंपरा का विराट समांगम।* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया) मानपुर नगर ने इस बार भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम के अवतरण महापर्व को जिस भव्यता और भावनात्मक उर्जा के साथ मनाया, उसने पूरे क्षेत्र को भगवामय कर दिया। वसंत ऋतु, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया—वह पावन क्षण, जब परशुराम अवतरित हुए—उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। रविवार को सुबह 11 बजे से मां काली मंदिर, पुरानी बाजार में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। कन्या भोज और ब्राह्मण भोजन के साथ भंडारा देर
शाम तक चलता रहा, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ गूंजता रहा, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। शाम 5 बजे मां काली मंदिर और भगवान श्रीराम मंदिर से भगवान परशुराम जी की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। डीजे, शंख, घड़ियाल और पटाखों की गूंज के बीच यह शोभायात्रा जैसे-जैसे नगर की सड़कों पर आगे बढ़ी, हर गली, हर चौक श्रद्धा के रंग में रंगता चला गया। पुरानी बाजार से बस स्टैंड और फिर मध्य नगर का भ्रमण करते हुए यह यात्रा श्री राम-जानकी मंदिर तक पहुंची और पुनः काली मंदिर में समापन हुआ। रथ यात्रा के दौरान जो दृश्य सामने आए, वे केवल उत्सव नहीं बल्कि आस्था की जीवंत तस्वीर थे—गले में रामनामी पट्टी, हाथों
में भगवान श्रीराम की तस्वीर और हनुमान ध्वजा, और मुख से गूंजते “जय परशुराम” के उद्घोष… पूरा मानपुर जैसे एक ही भाव में डूबा नजर आया। कार्यक्रम का एक विशेष और भावुक क्षण तब आया, जब मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मानपुर का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को विप्र समाज द्वारा सम्मानित किया गया। भगवान श्रीराम की तस्वीर, श्रीफल, चंदन, आरती, शाल और नगद पुरस्कार के साथ किया गया यह सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश बन गया। इस भव्य आयोजन में क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों और मानपुर नगर से हजारों की संख्या में विप्र समाज के लोग—बच्चे, युवा और बुजुर्ग—शामिल हुए। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालु जब एक साथ थिरकते और जयकारे लगाते नजर आए, तो वह दृश्य किसी आध्यात्मिक उत्सव से कम नहीं
था। मां आदि शक्ति काली मंदिर समिति सहित अनेक श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित यह महापर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का भी सशक्त संदेश दे गया। मानपुर ने एक बार फिर साबित किया कि जब आस्था जागती है, तो पूरा नगर एक परिवार बन जाता है—और वही दृश्य इस महापर्व में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। इस अवसर पर तहसीलदार मानपुर पंकज नयन तिवारी, शारदा प्रसाद गौतम,राम किशोर चतुर्वेदी,ओपी द्विवेदी,अमराराम शुक्ला,अंबिका प्यासी,अरुण त्रिपाठी,लखनलाल त्रिपाठी, शिवकुमार मिश्र ,शिवनारायण तिवारी,राम प्रकाश तिवारी, रामप्रकाश गौतम,भगवानदास मिश्रा,अरुण चतुर्वेदी,रामभुवन शुक्ला,विजय गौतम शिक्षक,अशोक त्रिपाठी ,नरेंद्र प्यासी,ओमकार द्विवेदी,कुशलेंद्र तिवारी, विजय गौतम,अनिरुद्ध मिश्रा, दिनाज शुक्ला, अरुण तिवारी ,मनोज गौतम,विकास शुक्ला,बबलू शुक्ला,विनय तिवारी,पुष्पेंद्र द्विवेदी, मनोज त्रिपाठी,सुदीप द्विवेदी,पवन तिवारी,अंकुर तिवारी, शैलेश त्रिपाठी,आदि सैकड़ों की संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे!!
- *नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 5 में सूने घर में लाखों रुपए की चोरी* नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 5 स्थिति डां अशोक द्विवेदी जी के सूने घर में नगदी सहित लाखों रुपए के सोने चांदी के आभूषण चोरों द्वारा पार कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है जानकारी के मुताबिक श्री द्विवेदी पिछले कुछ समय से घर से बाहर है उनके सूने घर में बीती रात चोरों ने मेन गेट से अंदर जाकर घर का दरवाजा तोड़कर घर में रखा नगद 45 हजार के लगभग एवं बे शकीमती सोने चांदी के आभूषण पार कर लिया गया जिसकी कीमत लगभग लाखों रुपए बताई जा रही है जिसकी शिकायत पीड़ित परिजन द्वारा पुलिस थाने मानपुर में दर्ज करवाई गई है अब देखना होगा कि पुलिस इन्वेस्टीगेशन में क्या इन अज्ञात सातिर चोरों की पतासाजी हो पाती है की नहीं।2
- शहडोल। जिले के ब्यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाना एक ग्रामीण को भारी पड़ गया। सरपंच द्वारा पत्थर लेकर ग्रामीण को दौड़ाने की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है पूछा- क्या गुणवत्ता के मानकों का पालन हो रहा जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खड्डा के इमली टोला से करीब 300 मीटर दांडीटोला पहुंच मार्ग लंबी ग्रेवल पीसी सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। मौके पर सरपंच संतोष कोल खुद काम की निगरानी कर रहे थे, इसी दौरान गांव के ही संदीप पटेल ने निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि निर्माण में मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए सरपंच से पूछा कि क्या सड़क निर्माण में तीन-एक के अनुपात से मसाला डाला जा रहा है और क्या गुणवत्ता के मानकों का पालन हो रहा है। सार्वजनिक धन से बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच वायरल वीडियो में सरपंच न सिर्फ भड़क गए, बल्कि उन्होंने जमीन से एक बड़ा पत्थर उठाया और ग्रामीण को मारने के लिए दौड़ पड़े। सरपंच बार-बार वीडियो बंद करने की धमकी देते रहे और अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आए। ग्रामीण का कसूर सिर्फ इतना था कि वह सार्वजनिक धन से बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच चाहता था, लेकिन जवाब देने के बजाय हिंसा पर उतारू होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण बल्लू पटेल ने आरोप लगाया है कि सड़क पूरी तरह से गुणवत्ताहीन बनाई जा रही है और पूछने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।1
- भक्ति और उत्साह से गूंजा पाली, भगवान परशुराम प्राकट्य उत्सव धूमधाम से संपन्न उमरिया तपस गुप्ता जिले के पाली नगर में भगवान श्री परशुराम जी के पावन प्राकट्य उत्सव को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। माता बिरासिनी मंदिर प्रांगण में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान परशुराम जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ पूजन से हुई, जिसमें भक्तों ने आस्था के साथ भाग लिया। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से माहौल आध्यात्मिक बना रहा। पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उत्सव का मुख्य आकर्षण विशाल और भव्य शोभायात्रा रही, जिसे नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला गया। शोभायात्रा में भगवान परशुराम जी की सुसज्जित झांकी आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज लिए, जयकारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा में युवाओं, महिलाओं और बच्चों की सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। नगरवासियों ने जगह-जगह जलपान और स्वागत की व्यवस्था कर अपनी आस्था और सहयोग का परिचय दिया। अंत में शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम जी के दर्शन कर कार्यक्रम का समापन किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था सराहनीय रही। इस पावन अवसर पर नगर में धार्मिक एकता, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी के मन को भक्ति से भर दिया।4
- “देश में सबसे आगे—MP में 17 महिला कलेक्टर, कई जिलों में SP-कलेक्टर दोनों महिलाएं” भोपाल। Dr Mohan Yadav ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश महिला सशक्तिकरण के मामले में देश में मिसाल बन रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 17 महिला कलेक्टर पदस्थ हैं, जो प्रशासनिक नेतृत्व में महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। इतना ही नहीं, 10 से ज्यादा जिलों में कलेक्टर और SP दोनों पदों पर महिलाएं तैनात हैं, जो देश में एक अनूठा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार महिलाओं को नेतृत्व के अवसर दे रही है, जिससे शासन-प्रशासन में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ी है। “महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, मध्य प्रदेश इस बदलाव का नेतृत्व कर रहा है।” – CM डॉ. मोहन यादव1
- Post by पार्षद सिल्लू रजक1
- शहडोल रविवार को लगभग 4:00 बजे जिला ब्राह्मण समाज के युवा सदस्य अनुपम गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर जयस्तंभ चौक से भव्य रूप से शोभा यात्रा निकाली जाएगी शोभा यात्रा में सैकड़ो की तादाद पर लोग मौजूद रहेंगे इस अवसर पर जय स्तंभ चौक पर विशाल स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया जाएगा आइए जाने क्या कहा युवा सदस्य अनुपम गौतम ने।1
- सतना जिला मेडिकल कॉलेज में 1 माह से बंद पड़ी लिफ्ट सतना के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में पिछले लगभग एक माह से लिफ्ट खराब पड़ी हुई है, जिससे वहां रहने वाले चिकित्सा शिक्षकों और स्टाफ को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर टॉप फ्लोर में रहने वाले लोगों को रोज़ाना आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। जानकारी के मुताबिक, केवल एक ही नहीं बल्कि कैंपस के कई स्थानों की लिफ्टें बंद पड़ी हैं, जिससे समस्या और भी बढ़ गई है।1
- *श्री हरि अवतार भगवान परशुराम के अवतरण दिवस पर जय-जय परशुराम के जय घोष से गूंज उठा मानपुर नगर- दिखा आस्था उल्लास और परंपरा का विराट समांगम।* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया) मानपुर नगर ने इस बार भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम के अवतरण महापर्व को जिस भव्यता और भावनात्मक उर्जा के साथ मनाया, उसने पूरे क्षेत्र को भगवामय कर दिया। वसंत ऋतु, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया—वह पावन क्षण, जब परशुराम अवतरित हुए—उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। रविवार को सुबह 11 बजे से मां काली मंदिर, पुरानी बाजार में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। कन्या भोज और ब्राह्मण भोजन के साथ भंडारा देर शाम तक चलता रहा, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ गूंजता रहा, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। शाम 5 बजे मां काली मंदिर और भगवान श्रीराम मंदिर से भगवान परशुराम जी की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। डीजे, शंख, घड़ियाल और पटाखों की गूंज के बीच यह शोभायात्रा जैसे-जैसे नगर की सड़कों पर आगे बढ़ी, हर गली, हर चौक श्रद्धा के रंग में रंगता चला गया। पुरानी बाजार से बस स्टैंड और फिर मध्य नगर का भ्रमण करते हुए यह यात्रा श्री राम-जानकी मंदिर तक पहुंची और पुनः काली मंदिर में समापन हुआ। रथ यात्रा के दौरान जो दृश्य सामने आए, वे केवल उत्सव नहीं बल्कि आस्था की जीवंत तस्वीर थे—गले में रामनामी पट्टी, हाथों में भगवान श्रीराम की तस्वीर और हनुमान ध्वजा, और मुख से गूंजते “जय परशुराम” के उद्घोष… पूरा मानपुर जैसे एक ही भाव में डूबा नजर आया। कार्यक्रम का एक विशेष और भावुक क्षण तब आया, जब मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मानपुर का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को विप्र समाज द्वारा सम्मानित किया गया। भगवान श्रीराम की तस्वीर, श्रीफल, चंदन, आरती, शाल और नगद पुरस्कार के साथ किया गया यह सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश बन गया। इस भव्य आयोजन में क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों और मानपुर नगर से हजारों की संख्या में विप्र समाज के लोग—बच्चे, युवा और बुजुर्ग—शामिल हुए। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालु जब एक साथ थिरकते और जयकारे लगाते नजर आए, तो वह दृश्य किसी आध्यात्मिक उत्सव से कम नहीं था। मां आदि शक्ति काली मंदिर समिति सहित अनेक श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित यह महापर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का भी सशक्त संदेश दे गया। मानपुर ने एक बार फिर साबित किया कि जब आस्था जागती है, तो पूरा नगर एक परिवार बन जाता है—और वही दृश्य इस महापर्व में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। इस अवसर पर तहसीलदार मानपुर पंकज नयन तिवारी, शारदा प्रसाद गौतम,राम किशोर चतुर्वेदी,ओपी द्विवेदी,अमराराम शुक्ला,अंबिका प्यासी,अरुण त्रिपाठी,लखनलाल त्रिपाठी, शिवकुमार मिश्र ,शिवनारायण तिवारी,राम प्रकाश तिवारी, रामप्रकाश गौतम,भगवानदास मिश्रा,अरुण चतुर्वेदी,रामभुवन शुक्ला,विजय गौतम शिक्षक,अशोक त्रिपाठी ,नरेंद्र प्यासी,ओमकार द्विवेदी,कुशलेंद्र तिवारी, विजय गौतम,अनिरुद्ध मिश्रा, दिनाज शुक्ला, अरुण तिवारी ,मनोज गौतम,विकास शुक्ला,बबलू शुक्ला,विनय तिवारी,पुष्पेंद्र द्विवेदी, मनोज त्रिपाठी,सुदीप द्विवेदी,पवन तिवारी,अंकुर तिवारी, शैलेश त्रिपाठी,आदि सैकड़ों की संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे!!4