बूंदी जिले के लाखेरी में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई। इस रथ यात्रा की शुरुआत चारभुजा मंदिर से हुई, जहाँ भगवान जगन्नाथ के रथ को विशेष रूप से सजाया गया। भगवान को रथ पर विराजित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसके पश्चात रथ को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। यह रथ यात्रा सर्वप्रथम ब्रह्मपुरी होती हुई पुराना बाजार और नया बाजार के रास्ते तोरण की बावड़ी पर पहुंची, जहां सभी भक्तों द्वारा पांच भजन गाए गए और आरती की गई। यहां से आगे बढ़ते हुए रथ यात्रा कुंड के रास्ते बड़ के बालाजी मंदिर पर पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ जी की आरती उतारी गई। इसके बाद यात्रा पुलिस चौकी के रास्ते होते हुए पुनः चारभुजा चौक पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ जी की महाआरती की गई और भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरी यात्रा के दौरान सभी भक्तगण कीर्तन करते हुए और भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान भक्तों द्वारा जगह-जगह पर भगवान की पूजा-अर्चना और आरती की गई। रथ यात्रा का कई जगहों पर स्टॉल लगाकर विशेष स्वागत-सत्कार किया गया। इस यात्रा में सैकड़ों लोग मौजूद रहे और श्रद्धालुओं ने कीर्तन के सुरों पर जमकर नृत्य भी किया।
बूंदी जिले के लाखेरी में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई। इस रथ यात्रा की शुरुआत चारभुजा मंदिर से हुई, जहाँ भगवान जगन्नाथ के रथ को विशेष रूप से सजाया गया। भगवान को रथ पर विराजित कर विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसके पश्चात रथ को नगर
भ्रमण के लिए रवाना किया गया। यह रथ यात्रा सर्वप्रथम ब्रह्मपुरी होती हुई पुराना बाजार और नया बाजार के रास्ते तोरण की बावड़ी पर पहुंची, जहां सभी भक्तों द्वारा पांच भजन गाए गए और आरती की गई। यहां से आगे बढ़ते हुए रथ यात्रा कुंड के रास्ते बड़ के बालाजी मंदिर पर
पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ जी की आरती उतारी गई। इसके बाद यात्रा पुलिस चौकी के रास्ते होते हुए पुनः चारभुजा चौक पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ जी की महाआरती की गई और भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरी यात्रा के दौरान सभी भक्तगण कीर्तन करते हुए और भगवान जगन्नाथ के
जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान भक्तों द्वारा जगह-जगह पर भगवान की पूजा-अर्चना और आरती की गई। रथ यात्रा का कई जगहों पर स्टॉल लगाकर विशेष स्वागत-सत्कार किया गया। इस यात्रा में सैकड़ों लोग मौजूद रहे और श्रद्धालुओं ने कीर्तन के सुरों पर जमकर नृत्य भी किया।
- सवाई माधोपुर में पार्लर से संबंधित खबरों के लिए संपर्क करने की अपील की गई है। इसके लिए लोग कॉन्टैक्ट नंबर या इंस्टाग्राम आईडी (bhartibeautyparlour6376) पर डायरेक्ट मैसेज (DM) कर सकते हैं। इसके साथ ही यहाँ अपना अपॉइंटमेंट भी बुक किया जा सकता है। प्रचार एवं प्रसारण के उद्देश्य से यह वीडियो बनाकर शुरू ऐप पर साझा किया गया है।1
- श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत बनवाड़ा की करिरिया बैरवा बस्ती के ग्रामीणों ने सीसी सड़क निर्माण की मांग को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरपंच और सचिव को सीसी सड़क निर्माण की आवश्यकता से अवगत कराया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क न बनने के कारण ग्रामीणों को विशेष रूप से बरसात के दिनों में आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बस्ती में सीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की है ताकि लोगों को आने-जाने में हो रही दिक्कतों से राहत मिल सके। इस मामले में पंचायत कवरेज के बाद जब जनपद पंचायत सीईओ श्याम सुन्दर भटनागर को अवगत कराया गया, तो उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के लिए जल्द ही सीसी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही सीईओ ने स्पष्ट किया कि अगर इस मामले में 5 दिन के भीतर काम चालू नहीं किया गया, तो वे संबंधित सरपंच और सचिव पर कार्रवाई करेंगे।1
- राजस्थान के मलारना डूंगर उपखंड मुख्यालय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपजिला कलेक्टर संदीप कुमार बेहरड को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संघ की तहसील अध्यक्ष सुनीता देवी गुर्जर के नेतृत्व में आज शुक्रवार को उप जिला कलेक्टर कार्यालय में सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी आवाज बुलंद करने के लिए एकत्रित हुईं। संघ की तहसील अध्यक्ष सुनीता देवी गुर्जर ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कई महत्वपूर्ण मांगें वर्षों से अटकी हुई हैं। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को क्षेत्र और गांवों में 24 घंटे काम करना पड़ रहा है। कोई भी सरकारी काम हो, उसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ही बुलाया जाता है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है। उनसे पूरा काम तो लिया जा रहा है, पर उसका पूरा पैसा भी नहीं दिया जाता। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतनमान और सेवा शर्तें लागू करने, सामाजिक सुरक्षा व पेंशन की व्यवस्था करने और महिला सम्मान सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये पुरानी मांगें पूर्ण नहीं की जाती हैं, तो आगामी 20 जुलाई से पूर्ण रूप से हड़ताल की जाएगी और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी कर दी जाएगी।1
- अरावली की लोकदेवी मां जोगणिया पर आधारित उपन्यास 'मां जोगणियां' का भाग-21 प्रस्तुत है। यह उपन्यास अरावली की प्रसिद्ध लोकदेवी मां जोगणिया पर केंद्रित है।1
- 17 जुलाई को देहरादून में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम भारी रुकावटों के बावजूद बेहद सफल रहा। इस कार्यक्रम में कोटा से भी अधिक संख्या में छात्रों की मौजूदगी दर्ज की गई, जबकि सरकार की तरफ से इस आयोजन को बेपटरी करने की पूरी कोशिश की गई थी। सरकारी रुकावटों का आलम यह था कि जिस परेड ग्राउंड में राहुल गांधी का कार्यक्रम होना तय हुआ था, उसकी अनुमति फीस जमा होने के बावजूद अंतिम समय पर रद्द कर दी गई। इतना ही नहीं, इसके समानांतर ही उसी परेड ग्राउंड में एक मशहूर सिंगर का कार्यक्रम भी रखवा दिया गया, जहां प्रवेश पूरी तरह से मुफ्त रखा गया था। इसके बावजूद परेड ग्राउंड खाली पड़ा रहा और छात्रों व युवाओं की भारी भीड़ राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच गई। इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश जताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि पूरी शिक्षा नीति में बदलाव की बात करने वाले इस गंभीर कार्यक्रम से जुड़ने के बजाय, क्या लोगों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तमाशा करना चाहिए?1
- राजस्थान के सिरोही के आबू रोड में आयोजित माँ अंबाजी की भव्य ध्वजा शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भव्य शोभायात्रा के दौरान माता के भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।1
- राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित बरधा डैम पर आपदा प्रबंधन और जल रेस्क्यू की तैयारियों को परखने के लिए एसडीआरएफ, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर एक संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। जयपुर स्थित कमांडेंट कार्यालय के आदेश की अनुपालना में 18 जुलाई को आयोजित इस अभ्यास में आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का प्रदर्शन किया गया और जल दुर्घटनाओं से निपटने की विभिन्न तकनीकों को परखा गया। इस मॉक ड्रिल का आयोजन डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा के निर्देशन में किया गया। इसमें एसडीआरएफ बी कंपनी की कमांडर एकता हाड़ा, भारतीय सेना की मराठा रेजिमेंट के मेजर राकेश दास और तहसीलदार नीलम राठौर के नेतृत्व में सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। संयुक्त अभ्यास में एसडीआरएफ के 3 अधिकारी व 30 जवान, भारतीय सेना के 3 अधिकारी, 6 जेसीओ व 60 जवान और सिविल डिफेंस के 11 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान पानी में डूब रहे व्यक्ति का त्वरित रेस्क्यू करने, रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय का उपयोग करने, डीप डाइविंग के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाने और बोट पलटने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का कड़ा अभ्यास किया गया। इसके साथ ही, रेस्क्यू के बाद घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, श्वसन मार्ग से पानी निकालने और सीपीआर देने की जीवनरक्षक तकनीकों का भी सफल प्रदर्शन किया गया। समापन पर डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा ने टीमों की समीक्षा करते हुए कहा कि आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया ही लोगों की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।4
- श्योपुर के विजयपुर में बस स्टैंड के पास एक युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया है।1