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अम्बेडकरनगर जिले के नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में स्थित प्रसिद्ध मंदिर तक जाने वाले मार्ग की हालत बदहाल बनी हुई है। इस सड़क पर गड्ढे और जलभराव होने के कारण श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग की इस दयनीय स्थिति को लेकर अब तीखा सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यही नगर पंचायत का असली विकास है?
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अम्बेडकरनगर जिले के नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में स्थित प्रसिद्ध मंदिर तक जाने वाले मार्ग की हालत बदहाल बनी हुई है। इस सड़क पर गड्ढे और जलभराव होने के कारण श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग की इस दयनीय स्थिति को लेकर अब तीखा सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यही नगर पंचायत का असली विकास है?
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- अम्बेडकरनगर जिले के नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में स्थित प्रसिद्ध मंदिर तक जाने वाले मार्ग की हालत बदहाल बनी हुई है। इस सड़क पर गड्ढे और जलभराव होने के कारण श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग की इस दयनीय स्थिति को लेकर अब तीखा सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यही नगर पंचायत का असली विकास है?1
- उत्तर प्रदेश के आयुर्वेद विभाग में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहाँ कर्मियों की असली ड्यूटी कहीं और लगाई गई है, लेकिन उनका अटैचमेंट उनके घर के पास कर दिया गया है। 'तीसरी आँखें' (Teesri Aankhen) के अनुसार, विभाग में ड्यूटी कहीं और होने के बावजूद घर के पास ही अटैचमेंट का यह खेल चल रहा है।1
- संत कबीर नगर के धनघटा अंतर्गत लोहरैया में आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास से पहले, हाल ही में ध्वस्त हुए ऐतिहासिक बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर श्रद्धालुओं की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस ऐतिहासिक मंदिर के धराशायी होने से न केवल संत कबीर नगर, बल्कि गोरखपुर जनपद के भी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है। बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर में श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए जुटते हैं और सामान्य दिनों में भी सैकड़ों लोग प्रतिदिन पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में श्रावण मास शुरू होने से पहले मंदिर का पुनर्निर्माण न होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को भारी निराशा का सामना करना पड़ सकता है। मंदिर संरक्षक समिति के सदस्य जितेंद्र प्रताप राय उर्फ बिट्टू राय ने सरकार से तत्काल आवश्यक बजट उपलब्ध कराकर श्रावण मास प्रारंभ होने से पहले मंदिर के पुनर्निर्माण की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते निर्माण कार्य शुरू नहीं करा पाती है, तो आम जनमानस के सहयोग से मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक और दर्शन से वंचित न होना पड़े। वहीं दूसरी ओर, धनघटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक गणेश चन्द्र चौहान ने मंदिर के गिर जाने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि मंदिर का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्य के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और मंदिर को पहले से भी अधिक भव्य और विशाल बनाया जाएगा। फिलहाल, सभी की निगाहें शासन और प्रशासन पर टिकी हैं कि श्रावण मास से पहले इस प्रमुख आस्था केंद्र का पुनर्निर्माण हो पाता है या नहीं।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अतरौलिया निरीक्षण भवन पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव पर सीधा प्रहार किया है। विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता 'सदन में गूंगे रहते हैं और बाहर चीखते हैं'। कैबिनेट मंत्री ने यहाँ सपा और कांग्रेस गठबंधन को भी जमकर घेरा। इसके साथ ही, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए राजभर ने अपनी चुनावी तैयारियों पर कहा कि 'हम 24 घंटे तैयार रहते हैं'।1
- अंबेडकर नगर जिले के सोशल मीडिया पर 'चमार जी' और 'रंगदारों' के नाम का जमकर दबदबा दिखाया गया है। पोस्ट में खुलेआम दावा किया गया है कि रंगदारों का नाम सुनते ही अन्य सभी बिरादरियां पीछे हट जाती हैं। यूपी 45 (UP 45) क्षेत्र के प्रति बेहद गर्व और दीवानगी जाहिर करते हुए 'जय रंगदार' और 'जय अंबेडकर नगर' के नारे लगाए गए हैं और इस जिले को अपनी जान बताया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के लघु सिंचाई विभाग पर भ्रष्टाचार छिपाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। विभाग की कार्यप्रणाली पर अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यहाँ पर डबल इंजन सरकार के आदेशों की भी अनदेखी की जा रही है।2
- आज जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम के बाद पूरे देश ने मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व और संवेदनशीलता को करीब से देखा है। यह कहना बिल्कुल गलत है कि वह केवल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी होने की वजह से ही सांसद हैं। सच तो यह है कि वह अपने आप में एक परिपूर्ण नेता हैं, जिनके भीतर अद्भुत नेतृत्व क्षमता और इंसान को इंसान बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी गुण यानी संवेदनशीलता कूट-कूट कर भरी है। प्रदर्शन के दौरान जब वहां मौजूद एक युवा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, तब डिंपल यादव ने कमाल की इंसानियत का परिचय दिया। उन्होंने आगे आकर एक मां और बहन की तरह उस बीमार युवा की देखभाल की। जंतर-मंतर से आई तस्वीर उनकी इस गजब की इंसानियत की गवाही दे रही है, जिसके लिए लोग उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं।1