आज शासकीय महाविद्यालय बंडा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने प्रातः काल प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और ध्यान सहित विभिन्न योगाभ्यास किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अश्वनी कुमार दुबे ने किया, जबकि कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनील चक्रवर्ती ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की और उपस्थित लोगों को योगासनों का प्रशिक्षण भी दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुनील चक्रवर्ती ने आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कुलदीप यादव ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में तनाव मुक्त मन और स्वस्थ शरीर के लिए योग को हमारी दैनिक दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय संस्कृति में योग के महत्व को अब विश्व स्तर पर स्वीकार किया जा चुका है और दुनिया के अनेक देशों ने इसे अपनाया है। डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ मन और मस्तिष्क के माध्यम से ही विद्यार्थी जीवन में उत्तम लक्ष्यों की प्राप्ति संभव हो सकती है। इस अवसर पर डॉ. सोहन कुमार यादव, डॉ. संजय सिंह ठाकुर, डॉ. अजब सिंह ठाकुर, डॉ. बाबूलाल अहिरवार, डॉ. मनोज जैन, डॉ. विजय बहादुर चैबे, डॉ. विनीत गुरू, डॉ. एस.सी. अवस्थी, सुखनंदन रायकवार, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, नीलेश पटेल सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. कुलदीप यादव के अनुसार, निरोगी तन और मन के लिए योग अनिवार्य है।
आज शासकीय महाविद्यालय बंडा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने प्रातः काल प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और ध्यान सहित विभिन्न योगाभ्यास किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अश्वनी कुमार दुबे ने किया, जबकि कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनील चक्रवर्ती ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की और उपस्थित लोगों को योगासनों का प्रशिक्षण भी दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुनील चक्रवर्ती ने आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के प्राचार्य
डॉ. कुलदीप यादव ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में तनाव मुक्त मन और स्वस्थ शरीर के लिए योग को हमारी दैनिक दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय संस्कृति में योग के महत्व को अब विश्व स्तर पर स्वीकार किया जा चुका है और दुनिया के अनेक देशों ने इसे अपनाया है। डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ मन और
मस्तिष्क के माध्यम से ही विद्यार्थी जीवन में उत्तम लक्ष्यों की प्राप्ति संभव हो सकती है। इस अवसर पर डॉ. सोहन कुमार यादव, डॉ. संजय सिंह ठाकुर, डॉ. अजब सिंह ठाकुर, डॉ. बाबूलाल अहिरवार, डॉ. मनोज जैन, डॉ. विजय बहादुर चैबे, डॉ. विनीत गुरू, डॉ. एस.सी. अवस्थी, सुखनंदन रायकवार, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, नीलेश पटेल सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. कुलदीप यादव के अनुसार, निरोगी तन और मन के लिए योग अनिवार्य है।
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डॉ. सुमित कुमार रावत और नीमा (NIMA) सागर के संयुक्त तत्वावधान में सागर के तिली रोड स्थित राधारमण एन्क्लेव गार्डन में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ बुढ़ापा (हेल्दी एजिंग) और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) के प्रति जागरूक करना था, जिसमें पोषण और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के महत्व पर भी जोर दिया गया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए 'जीरो सिंगल-यूज़ वेस्ट' की अवधारणा को अपनाया गया। प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए, उपस्थित सभी लोगों को हेल्थ न्यूट्रिशन के रूप में अंकुरित आहार और हर्बल सूप पारंपरिक दोना-पत्तल में परोसा गया। इस पहल की लोगों ने सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया। शिविर में डॉ. दीपक सिंह और कुमारी चंद्रप्रभा जैन ने मुख्य रूप से योग प्रशिक्षण दिया, जिन्होंने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा स्वस्थ जीवनशैली में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. दिनेश पटेरिया द्वारा किए गए उत्कृष्ट हलासन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया और सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 6 वर्षीय प्रतिभाशाली बालिका प्रकृति तिवारी रहीं, जिन्होंने एक से बढ़कर एक कठिन योग मुद्राओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन से पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, और उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, चिकित्सकों एवं योग प्रेमियों ने उनकी प्रतिभा की खुलकर प्रशंसा की। योग दिवस के अवसर पर, समाधान डायग्नोस्टिक के सहयोग से एक निःशुल्क रक्त जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इस शिविर के माध्यम से आधुनिक डायग्नोस्टिक्स का उपयोग करते हुए लोगों को बीमारी होने से पहले ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की महत्ता का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. डी. पी. नीमा, डॉ. प्रवीण खरे, डॉ. राघवेंद्र चौबे, डॉ. संजय जैन, डॉ. अश्विन रेजा, डॉ. राजेश शुक्ला, डॉ. राहुल जैन, डॉ. सौरभ चौरसिया, डॉ. निवेदिता रावत, पंकज तिवारी और प्रकृति प्रेमी महेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया और दैनिक जीवन में योग, संतुलित पोषण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।2
- आज, 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति मनाई जा रही है, जो उत्तरी गोलार्द्ध में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आती है। इस विशेष अवसर पर, आज दोपहर में एक जादुई खगोलीय घटना भी देखने को मिलेगी। ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य आसमान के केंद्र में रहेगा, जिससे मनुष्यों की परछाई अस्थायी रूप से शून्य हो जाएगी। यह अनोखा खगोलीय नजारा साल में केवल एक बार ही अनुभव किया जा सकता है, जो इस दिन को सबसे लंबा और एक अद्भुत खगोलीय अनुभव वाला बनाता है।1
- ललितपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी ललितपुर सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक ललितपुर, तथा जनपद के अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी और कर्मचारीगणों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। 'स्वस्थ तन, शांत मन एवं सशक्त बल' के संकल्प के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सभी उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने जनपदवासियों से अपने दैनिक जीवन में योग को नियमित रूप से अपनाने की अपील की।2
- ललितपुर जिले की मड़ावरा तहसील परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता और तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव ने अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। योग प्रशिक्षक कल्पना प्रजापति और गौतम सिंह के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन और प्राणायाम सत्रों का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से योग करने तथा इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को मजबूत करने में सहायक है। वहीं, तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि निरंतर योगाभ्यास तनाव को कम करता है और कार्यक्षमता में वृद्धि करता है। कार्यक्रम में तहसील के कर्मचारियों सहित अन्य सभी उपस्थित लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और योग के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।2
- झाँसी में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम के दौरान एक दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल तिवारी अचानक मंच पर अपनी कुर्सी छोड़कर नीचे चले गए। इस घटना के बाद से लगातार यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या उन्हें मंच पर उचित स्थान नहीं मिला था, या फिर प्रोटोकॉल अथवा बैठने की व्यवस्था को लेकर कोई नाराज़गी थी। इसके अलावा, कुछ लोग इसके पीछे किसी और वजह होने की भी अटकलें लगा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक बाबूलाल तिवारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में घटना के वास्तविक कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं। सच्चाई क्या है, यह तो संबंधित पक्ष के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन कार्यक्रम के दौरान उनका अचानक मंच छोड़ना लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बन गया है।1
- दमोह की सुभाष कॉलोनी क्षेत्र में बरसात के दौरान होने वाली गंभीर जलभराव की समस्या को देखते हुए विधायक जयंत मलैया ने शनिवार सुबह एक नाले का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नाले के निर्माण कार्य की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित निर्माण कंपनी के अधिकारियों को तत्काल मानसून शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। पिछले दो वर्षों से सुभाष कॉलोनी में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन रही है, जिसका मुख्य कारण नाले के आसपास हुए कथित अवैध अतिक्रमण से उसका संकरा होना बताया गया है। इस कारण पानी की निकासी बाधित होती है और कई स्थानों पर जलभराव हो जाता है। क्षेत्र के निवासियों ने विधायक को इस समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की थी। विधायक मलैया ने जानकारी दी कि क्षेत्र में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था के लिए ₹5 करोड़ 45 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे नाले का स्थायी निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। तात्कालिक राहत के लिए बारिश के मौसम को देखते हुए नाले का अस्थायी चौड़ीकरण भी कराया जा रहा है। विधायक ने अधिकारियों को कार्य की नियमित निगरानी करने और इसकी प्रगति बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से अखिलेश हजारी, मनीष तिवारी, रमाकांत बाजपेई, क्षेत्रीय नागरिक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- शनिवार को ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में एक तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर उल्दना कलां गांव में अचानक 40 फीट ऊंचा एक तेज हवा का बवंडर उठा, जो गोल-गोल घूमते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान घर के बाहर बैठे उमराव लोधी (60), उनकी पत्नी प्रीतम बाई (54) और बहू सविता इसकी चपेट में आ गए। घटना के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत तीनों को उपचार के लिए सीएचसी मड़ावरा पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अभी भी बेहोशी की स्थिति में हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी बबलू सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर के सामने अचानक करीब 40 फीट ऊंचा यह बवंडर तेजी से घूमते हुए देखा था। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं चिकित्सक प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।1