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नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार में बाढ़ का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कोशी बैराज के सभी 56 गेट खोल दिए गए हैं, जिसके बाद पूरे इलाके में बाढ़ को लेकर अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।
The Araria Report
नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार में बाढ़ का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कोशी बैराज के सभी 56 गेट खोल दिए गए हैं, जिसके बाद पूरे इलाके में बाढ़ को लेकर अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।
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- नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार में बाढ़ का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कोशी बैराज के सभी 56 गेट खोल दिए गए हैं, जिसके बाद पूरे इलाके में बाढ़ को लेकर अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।1
- अररिया जिले में नरपतगंज–बड़हरा मुख्य सड़क बदहाल होने के कारण लोगों का आवागमन काफी मुश्किल हो गया है। सड़क की इस खस्ताहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों से इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है।1
- बिहार के अररिया जिले के कुर्साकांटा में खेत पटवन के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खेत में सांप छू जाने से एक युवक की मौत हो गई। वह युवक जल्द ही दरोगा बनने वाला था, लेकिन इस दुखद घटना ने उसकी जान ले ली। भाई के असमय चले जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे और भारी शोक में डूबा हुआ है।1
- अररिया में पुलिस ने एक कंटेनर ट्रक से चोरी हुए लगभग 2 करोड़ रुपये की कीमत के 620 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए इस मुख्य आरोपी के पास से चोरी के मोबाइल बेचने से मिले 6 लाख 97 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ अंतर्गत कास्त खर्रा में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। मूसलाधार बारिश के चलते पूरा कास्त खर्रा क्षेत्र जलमग्न हो गया है, जिसके कारण किसानों की धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। इस जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति के चलते स्थानीय ग्रामीण बेहद परेशान और बेहाल हैं।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित कास्त खर्रा गांव में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के कई घरों, आंगनों और खेतों में पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। जलभराव के कारण जहां लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबने से किसानों के सामने भारी आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह पानी गांव और कृषि भूमि में जमा हो गया है। कई दिनों से जलभराव बने रहने के कारण खेतों में लगी धान की फसल सड़ने लगी है और किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई तो इस वर्ष की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा। जलभराव का असर केवल खेती तक ही सीमित नहीं है। घरों के आसपास लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण मच्छरों का प्रकोप भी काफी बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। इन विकट परिस्थितियों से परेशान होकर ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है ताकि फसलों को बचाया जा सके और बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।1
- अररिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 11 स्थित खड़िया बस्ती ईदगाह चौक से बंसवाड़ी जाने वाली सड़क पर ग्रामीणों ने एक खाली जमीन पर कचरा फेंके जाने का विरोध किया है। यह खाली जमीन डेम्हेली, बंसवारी और झमटा रोड के पास स्थित है, जहां कचरा फेंके जाने के खिलाफ स्थानीय लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया है।1
- बिहार के अररिया में जातिवाद को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद के दौरान रंजन मंडल नामक व्यक्ति ने गाली दी।1