फुलवरिया बाजार की मुख्य सड़क बनी तालाब, हल्की बारिश में जलजमाव से बढ़ी परेशानी; नाला व सड़क निर्माण की उठी मांग। फुलवरिया बाजार की मुख्य सड़क बनी तालाब, हल्की बारिश में जलजमाव से बढ़ी परेशानी; नाला व सड़क निर्माण की उठी मांग। टेढ़ागाछ (किशनगंज)। टेढ़ागाछ प्रखंड के भोरहा पंचायत स्थित फुलवरिया बाजार में हल्की बारिश ने ही सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। फुलवरिया कॉलेज चौक से फुलवरिया बाजार जाने वाली मुख्य सड़क जलमग्न हो गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।स्थानीय दुकानदार बजरंग पैकरा, प्रमोद कुमार, विजय कुमार साह, अविनाश कुमार, शिवम पाठक तथा वार्ड सदस्य गोविंद तिवारी ने बताया कि वर्षों से बाजार में पक्की सड़क और नाला निर्माण की मांग शासन- प्रशासन से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि बारिश के दौरान जलजमाव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फुलवरिया बाजार सीमावर्ती क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। इसके बावजूद सबसे अधिक राजस्व देने वाले इस बाजार की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र नाला निर्माण, सड़क का पुनर्निर्माण तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को वर्षों पुरानी इस समस्या से राहत मिल सके।
फुलवरिया बाजार की मुख्य सड़क बनी तालाब, हल्की बारिश में जलजमाव से बढ़ी परेशानी; नाला व सड़क निर्माण की उठी मांग। फुलवरिया बाजार की मुख्य सड़क बनी तालाब, हल्की बारिश में जलजमाव से बढ़ी परेशानी; नाला व सड़क निर्माण की उठी मांग। टेढ़ागाछ (किशनगंज)। टेढ़ागाछ प्रखंड के भोरहा पंचायत स्थित फुलवरिया बाजार में हल्की बारिश ने ही सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। फुलवरिया कॉलेज चौक से फुलवरिया बाजार जाने वाली मुख्य सड़क जलमग्न हो गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।स्थानीय दुकानदार बजरंग पैकरा, प्रमोद कुमार, विजय कुमार साह, अविनाश कुमार, शिवम पाठक तथा वार्ड सदस्य गोविंद तिवारी ने बताया कि वर्षों से बाजार में पक्की सड़क और नाला निर्माण की मांग शासन- प्रशासन से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि बारिश के दौरान जलजमाव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फुलवरिया बाजार सीमावर्ती क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। इसके बावजूद सबसे अधिक राजस्व देने वाले इस बाजार की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र नाला निर्माण, सड़क का पुनर्निर्माण तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को वर्षों पुरानी इस समस्या से राहत मिल सके।
- फुलवरिया बाजार की मुख्य सड़क बनी तालाब, हल्की बारिश में जलजमाव से बढ़ी परेशानी; नाला व सड़क निर्माण की उठी मांग। फुलवरिया बाजार की मुख्य सड़क बनी तालाब, हल्की बारिश में जलजमाव से बढ़ी परेशानी; नाला व सड़क निर्माण की उठी मांग। टेढ़ागाछ (किशनगंज)। टेढ़ागाछ प्रखंड के भोरहा पंचायत स्थित फुलवरिया बाजार में हल्की बारिश ने ही सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। फुलवरिया कॉलेज चौक से फुलवरिया बाजार जाने वाली मुख्य सड़क जलमग्न हो गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।स्थानीय दुकानदार बजरंग पैकरा, प्रमोद कुमार, विजय कुमार साह, अविनाश कुमार, शिवम पाठक तथा वार्ड सदस्य गोविंद तिवारी ने बताया कि वर्षों से बाजार में पक्की सड़क और नाला निर्माण की मांग शासन- प्रशासन से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि बारिश के दौरान जलजमाव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फुलवरिया बाजार सीमावर्ती क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। इसके बावजूद सबसे अधिक राजस्व देने वाले इस बाजार की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र नाला निर्माण, सड़क का पुनर्निर्माण तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को वर्षों पुरानी इस समस्या से राहत मिल सके।1
- टेढ़ागाछ मुख्यालय में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना… कहीं राहत तो कहीं जलजमाव की चिंता! टेढ़ागाछ मुख्यालय में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना… कहीं राहत तो कहीं जलजमाव की चिंता!1
- बिहार के जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने नई दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में लिया भाग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से देश की राजधानी नई दिल्ली में "जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन" (Just Rights for Children) संस्था द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला "नेशनल कंसल्टेशन ऑन इंश्योरिंग चाइल्ड्स राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रॉस्पेरिटी" का आयोजन किया जा रहा है। 27 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय राष्ट्रीय विमर्श में बिहार की अग्रणी सामाजिक संस्था 'जागरण कल्याण भारती' के अध्यक्ष संजय कुमार ने भाग लिया। उन्होंने बिहार में बाल सुरक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर राज्य का पक्ष मजबूती से रखा।इस परामर्श कार्यक्रम में देश भर के नीति निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठन (CSOs) और बाल अधिकार कार्यकर्ता एक साथ जुटे हैं।प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री लावु श्री कृष्ण देवरायालु और 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' के संस्थापक श्री भुवन रीभू सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यशाला में श्री संजय कुमार ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में बच्चों के संरक्षण, बाल श्रम की रोकथाम और शिक्षा के अधिकार को हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए 'जागरण कल्याण भारती' द्वारा किए जा रहे कार्यों को साझा किया।बाल विवाह और शोषण के खिलाफ ठोस रणनीतिकार्यशाला में देश को 'बाल विवाह मुक्त' बनाने की दिशा में हो रहे कार्यों की समीक्षा की गई। संस्थापकों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में देश भर में 5.5 लाख से अधिक बाल विवाह रोके जा चुके हैं। संजय कुमार ने बताया कि बिहार में जमीनी स्तर पर समुदाय को जागरूक करके ही बच्चों को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल दिया जा सकता है। इसके लिए कानूनी सहायता और तकनीकी उपकरणों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।न्याय तक बच्चों की पहुंच (Access to Justice)संजय कुमार ने कार्यशाला के सत्रों में भाग लेते हुए कहा:"बच्चों की सुरक्षा सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे समाज के भविष्य का आधार है। जब तक हर पीड़ित बच्चे को आसान और संवेदनशील न्याय प्रणाली (Access to Justice) नहीं मिलेगी, तब तक हम पूर्ण विकास की कल्पना नहीं कर सकते। बिहार के जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के अध्यक्ष संजय कुमार ने नई दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में लिया भाग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से देश की राजधानी नई दिल्ली में "जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन" (Just Rights for Children) संस्था द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला "नेशनल कंसल्टेशन ऑन इंश्योरिंग चाइल्ड्स राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रॉस्पेरिटी" का आयोजन किया जा रहा है। 27 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय राष्ट्रीय विमर्श में बिहार की अग्रणी सामाजिक संस्था 'जागरण कल्याण भारती' के अध्यक्ष संजय कुमार ने भाग लिया। उन्होंने बिहार में बाल सुरक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर राज्य का पक्ष मजबूती से रखा।इस परामर्श कार्यक्रम में देश भर के नीति निर्माता, कानूनी विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठन (CSOs) और बाल अधिकार कार्यकर्ता एक साथ जुटे हैं।प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री लावु श्री कृष्ण देवरायालु और 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' के संस्थापक श्री भुवन रीभू सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यशाला में श्री संजय कुमार ने बिहार के ग्रामीण इलाकों में बच्चों के संरक्षण, बाल श्रम की रोकथाम और शिक्षा के अधिकार को हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए 'जागरण कल्याण भारती' द्वारा किए जा रहे कार्यों को साझा किया।बाल विवाह और शोषण के खिलाफ ठोस रणनीतिकार्यशाला में देश को 'बाल विवाह मुक्त' बनाने की दिशा में हो रहे कार्यों की समीक्षा की गई। संस्थापकों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में देश भर में 5.5 लाख से अधिक बाल विवाह रोके जा चुके हैं। संजय कुमार ने बताया कि बिहार में जमीनी स्तर पर समुदाय को जागरूक करके ही बच्चों को एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल दिया जा सकता है। इसके लिए कानूनी सहायता और तकनीकी उपकरणों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।न्याय तक बच्चों की पहुंच (Access to Justice)संजय कुमार ने कार्यशाला के सत्रों में भाग लेते हुए कहा:"बच्चों की सुरक्षा सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे समाज के भविष्य का आधार है। जब तक हर पीड़ित बच्चे को आसान और संवेदनशील न्याय प्रणाली (Access to Justice) नहीं मिलेगी, तब तक हम पूर्ण विकास की कल्पना नहीं कर सकते।1
- जब तक सिस्टम नहीं बदलेगा पेपर लीक नहीं रुकेगा #rahulgandhi #chhatronkigoonj1
- पटना के बांकीपुर में जनसुराज और बीजेपी के समर्थकों में भिड़ंत पटना के बांकीपुर में जनसुराज और बीजेपी के समर्थकों में भिड़ंत1